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View Full Version : Jat kare na dosti, Jat kare na pyaar


razmak
May 29th, 2007, 11:16 AM
जाट करै ना दोस्ती, जाट करै ना प्यार
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।

चुगलखोर और दुतेड़े, दुश्मन इनके खास
चाहे पायां पड़े रहो, कोन्यां आवैं रास
जाट मोहब्बत का भूखा, प्यारा दे सै मार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।

अपनी औरत को भाळै, पीटै बेशक रोझ
पर और कोए कुछ बोल दे, मिटा दे उसका खोज
इसकी नफरत और प्रेम का पावै कोन्या पार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।

मुंह की अपनी काढ दे, जै कोए आवै मदद करण
मरौड़ कसूती सै धिखे, जिब्बै दे दे जान
जी मैं आवै वो-ए करैगा, कोन्यां मानै हार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।

ऊपर तैं जणूं पाथर हो, भीतर जणूं गुलाब
एक मिनट में साळा कह दे, चाहे साहमी हो नवाब !
इसकी माया न्यारी सै, यो लाम्बी करै उडार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।

भेल्ली दे दे, ना दे गंडा, इसका इसा मिजान
रूस ग्या तै रूस ग्या, कोन्यां जा मुंह-काण
भगवानां नै मान ली, कई बै इस तैं हार
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।

yatinder19
May 29th, 2007, 12:05 PM
Kasoota ND sauda bhaai

netrapalsingh
May 29th, 2007, 01:29 PM
जाट करै ना दोस्ती, जाट करै ना प्यार
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।

चुगलखोर और दुतेड़े, दुश्मन इनके खास
चाहे पायां पड़े रहो, कोन्यां आवैं रास
जाट मोहब्बत का भूखा, प्यारा दे सै मार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।

अपनी औरत को भाळै, पीटै बेशक रोझ
पर और कोए कुछ बोल दे, मिटा दे उसका खोज
इसकी नफरत और प्रेम का पावै कोन्या पार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।

मुंह की अपनी काढ दे, जै कोए आवै मदद करण
मरौड़ कसूती सै धिखे, जिब्बै दे दे जान
जी मैं आवै वो-ए करैगा, कोन्यां मानै हार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।

ऊपर तैं जणूं पाथर हो, भीतर जणूं गुलाब
एक मिनट में साळा कह दे, चाहे साहमी हो नवाब !
इसकी माया न्यारी सै, यो लाम्बी करै उडार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।

भेल्ली दे दे, ना दे गंडा, इसका इसा मिजान
रूस ग्या तै रूस ग्या, कोन्यां जा मुंह-काण
भगवानां नै मान ली, कई बै इस तैं हार
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।

wah bhai rajat gande or bheli kee bat bhoot sahi kahi
bhoot acha likha hai bahi

netra.....

dndeswal
May 29th, 2007, 01:55 PM
.
http://www.jatland.com/forums/showthread.php?t=14539&highlight=chugalkhor (http://www.jatland.com/forums/showthread.php?t=14539&highlight=chugalkhor)

http://www.jatland.com/forums/showthread.php?t=19484 (http://www.jatland.com/forums/showthread.php?t=19484)

No comments ! All of you are free to pass comments on my bad habit of keeping good memory, leading to finding out such old links. With due apologies from new member - I have no intention to dishearten him.
.

shivamchaudhary
June 5th, 2007, 12:00 PM
bahoot badiya likha..
par bhai ye.."patni ko marne " waali baat nahi honi chahiye thi..
kuch aur burayi likh dete ..ye bahoot rare hai jaato me.