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View Full Version : ulte naam...


bharti
September 29th, 2007, 10:15 PM
Not sure if this has been posted here earlier...


सागर साल मैं एक बार नहा सै, नाफे कै देख्या टोटा,
दरिया पानी का मरै तसाया, माडू टुनटुन तै मोटा /
हवा सिंह मरै गरमी मैं, धर्मपाल पाप मैं लोटया /
कुलदीप नै कुल मिटा दिया, धर्मवीर काम करै खोटा /
यो नंदकिशोर भाई इस दुनिया मैं कंस बनके आ गया /
उल्टे नाम सुन सुन कै मैं बहोत घणा दुःख पा गया

सज्जन सिंह बदमाश आदमी होता है बरबाद कहीँ,
होशियार सिंह कई इशे मिले भाई सौ तक गिनती याद नहीं /
इंद्र को घरवाली मारै सुनता कोई फरियाद नहीं /
रतन लाल राख बराबर, बनती अच्छी खाद नहीं /
यो जगत सिंह इसा जगत मैं कौन्या सौ कै जाग्या /
उल्टे नाम सुन सुन कै मैं बहोत घणा दुःख पा गया /

लखी करोडी भीख माँगते, धनी ठोकर खाता /
जगदीश, सतीश नाम धरे जो तोह्या भी ना पाता /
दुनिया के सारे ज्ञानी मरगे, इनको कोई भी ना समझाता /
इसे इसे क्यों नाम धरे, मेरे नहीं समझ मैं आता /
यो बाल किशन कै नाम इस्सा, भाई कोण धर्निया आग्या /
उल्टे नाम सुन सुन कै मैं बहोत घणा दुःख पा गया /

सूरज भान नाम धराया, दिखै कोना दिन मैं /
पैदल चालन की हिम्मत कौन्या, भीम सिंह के तन मैं /
हल्या जाता ज़रा नहीं, बलवान नाच रहा मन मैं /
यो रणधीर सिंह डरे गीदड़ तै , के करै लड़ाई रण मैं /
भूप सिंह फिरे भीख माँगता, भिक्षा लौटे धन मैं /
यो दानीराम भाई इस दुनिया मैं चोरी करके खा गया /
उल्टे नाम सुन सुन कै मैं बहोत घणा दुःख पा गया /

जो सीधी नहीं खड़ी हो सकती, नाम रेखा रानी /
बीस साल की बेबी बाला, आवै कब जवानी /
एक पैसा तक पास नहीं, पावै नाम खजानी /
संतोष शान्ति कै सबर नहीं, ये ठावैं चीज बिराणी /
सरस्वती ना अक्षर जाणै, कहाँ तक कहूं कहानी /
एक बुढिया का नाम छोटी बहोत बुरा लाग्या /
उल्टे नाम सुन सुन कै मैं बहोत घणा दुःख पा गया /

कोए मेवा और चमेली, कित आके बाग़ लगाया /
कोए केला, संतरा और नारंगी, चाहे नहीं कदे हो खाया /
दोनों आन्खां नै आंधी होरी, नाम रौशनी धराया /
धन्नो और असर्फी धोरै, पावै नहीं किराया /
हुकुम कौर नाम धरा कै, मानै हुकुम पराया /
आशा हो गई निराश कतई भाई, पाप दया कै छा गया /
उल्टे नाम सुन सुन कै मैं बहोत घणा दुःख पा गया /

एक सुमन नाम तै राजी होरी, असली बीज पटेरा का /
शकुंतला गई भूल दुष्यंत को, कुसुम सै घर ढेरआं का /
सूक्ष्म माडी कत्त्ठी होकर, करै मुक़ाबला शेरां का /
प्यासे की ना प्यास बुझै, सरोज नाम उन झेरा का /
रौशनी की भाई शकल इस्सी, जणू सांड मारने आ गया /
उल्टे नाम सुन सुन कै मैं बहोत घणा दुःख पा गया /

एक छल कपट से भरी हुई, नाम बतावे रीटा /
अपना असली कर्म छोड़कर, भ्रष्टाचार फैलावै सीता /
गंगा कृष्णा नहाती कौन, एक नाम सुना था गीता /
कोय लवली मीनाक्षी कहता, नाम गजब का नीता /
आजकल के नए लड़के नाम धरते नाम संगीता /
मैं सुन सुन नाम अनिता, बहुत घणा सरमा गया /
उल्टे नाम सुन सुन कै मैं बहोत घणा दुःख पा गया /

राम प्यारी नाम धरा, नही बाप की प्यारी /
अक्षर तक वा नहीं जानती, कहते उसे हुशारी /
गिन्दोरी और मिश्री भाई हुई नमक से खारी /
केशर कस्तूरी नाम धरा कै, गलती कर दी भारी /
फ़िर भटकती राज दुलारी, राज कौन सा था गया /
उल्टे नाम सुन सुन कै मैं बहोत घणा दुःख पा गया /


PS: कृपया कोई भी इसे व्यक्तिगत रूप से ना ले /

deepakchoudhry
September 29th, 2007, 10:45 PM
Wonderful :D

Deepak tale undhera bhi Jod dena tha..lol

VPannu
September 30th, 2007, 08:19 PM
सज्जन सिंह बदमाश आदमी होता है बरबाद कहीँ,
होशियार सिंह कई इशे मिले भाई सौ तक गिनती याद नहीं /

hahahahahaha good one. ye ghanne sahi the.:D

pahalji
October 1st, 2007, 03:26 PM
Wa Bharti ji apne to pura pitar hi khol ke rakh diya.
Or aaj kal ke jamane me ye sach hi jo aapne explain kiya hai.

Really its worth to read.

Thanks for sharing such a good stuff.

Kep it up.

Pahal

satpaldalal
October 1st, 2007, 09:14 PM
Every Line is meaning full. Very Good. Very Classical.

SAme classic thing in one of Jat Mehar Singh's Raagini
"Ishaq Bin Aashiq". There every line has 2-3 comments. Very nice one. Available in haryanavimusic.com, sung by Ranbir Badwasniya.

devdahiya
October 2nd, 2007, 02:57 PM
Satpal bhai jhuuth bolta katti nahin sarmawei
Debi singh bhai matta baithhya khuubb chadhhawa khhawei
Nirmal Singh bhai kai saal mein badd JOHADD mei nhawei
Kishan lal bhai chhodd BANSSURRI bottal munh ke laawei



Yashpal ki pitt rhi matti,reh-2 dhhakke khawei
Sardarra bhai lhukkta handdei..khatt talle ow pawei
Dhhanne bhai dukhkhi huya dhhikhe JHOTTA-BAGGI bahwei
Santosh bichari bichalli handdei,ukka kardda mann lalchawei



Girdhhari bhai bann gya rawan,Sattey jhhuuthh bhakawei
Neelam tassle thha rhi dekho,Raj bharrotte lyawei
Deepak baithhya ghor andhherre,Radha disco jawei
Partap Singh pitt-ta handdei,Geeta ILU-ILU gawei.



Vivek Singh ke sabbar nahin se,aadda yo batllawei
Rahul dekho banya KHAPAKKA,banddari roz nachawei
Poonam dekho hui panwassi,Ullte suwe lawei
Vikas Singh bi padd ke so gya,tedhha yo batlawei



Dev kadde na mandir jawei,Bharti supper khawei
Ranbir handdei lhukta dekho,Dayanand logg stawei
Kis-2 ka mein jikar karrun,ya duniya ultti gawei
Baat merri ka na bura maniyo.....kadde kham-khaan phashya pawei.

dndeswal
October 2nd, 2007, 03:58 PM
.
'सीमा' आपणी सीम तोड़ कै उल्टी बात सुणावै
नाम 'सुनीता' धर राख्या पर बुलावे तैं भी ना आवै
'दिव्या' नाम बेशक धरया सै, पर उल्टे गाणे गावै
भारत की भाषा छोड़ 'भारती' अंग्रेजी में बतळावै
'रेखा' चालै चाल बेढ़ंगी, 'श्वेता' सारे रंग दिखावै
'प्रगति' हो-गी फेल दुबारा, 'शान्ति' दंगे करवावै

'दीपक' तळै अंधेरा छा रहया, 'चौधरी' गोबर ठावै
'अभिमन्यु' तै पड़या खाट में, 'जीत' हारता जावै
'विजय' कितै दीखता कोनी, 'रूपी' रूप नै छिपावै
'नवीन' करै सै बात पुरानी, 'विवेक' निरे गड़ंग ढ़हावै
'विनोद' तैं हांसी उटती कोनी, गुस्सैल 'कूल' कहावै
'राज' की कित्तै ना चालती, घर-आळी पै रौब जमावै .....

(कोई बुरा मत मानियो).....

.

poonam
October 3rd, 2007, 02:49 AM
Interesting compilation...:)