View Full Version : taau ki chalaakki!
mhundpuriamann
December 25th, 2007, 07:18 PM
ताऊ बैठा हरियाणा रोड्वेस् की बस मै सफ़र करे था. रोहतक ते जावे था भिवानी. कलनौर आते ही टी.टी आ गया टिकट चेक करण. ताऊ धोरे जा के बोल्या , ला ताऊ टिकट दिखा. ताऊ ने अपणा झोला खोल्या , लत्ता के बीच मै ते एक प्लास्टिक् की थैली काढी, ऊस्के माह् ताऊ ने रोटी बान्ध रखी थी. रोटी के बीच ताऊ ने धर राख्या धडी पक्का चूर्मा. ताऊ ने धीरे धीरे चूर्मे मे हाथ घुमा के टिकट काढि अर टी.टी कान्नी बढा दी. टी.टी ने टिकट का हाल देख्ह्य, कती ए चीकणी पडी थी. छो मे आ के बोल्या , अह रे ताऊ यो भी किम्मे धरण की जगह सै? सारी टिकट भुन्डी ढाल चिकणी कर दी, इस्मे के देखू मै? ताऊ लाहप्सी सा मुह बना के बोल्या , के करू बेटा बुड्डा आदमी सू , टिकट् कद्दे खू न जा, इसे खातिर घ्हणी सम्भाल् के धर रखी थी. टी.टी बोल्या, चूर्मे ते सेफ जगह् कौणी थी? न्यू कह् के टी. टी आगे चला गया. ऊसी ताऊ धोरे एक दूसरा ताऊ भी बैठ्या था, वा न्यू बोल्या अह रे बावली बूच, चूर्मा भी कोई टिकट धरण् कि जगह् से ? तू भी बुढापे मै कती बावला हो गया. ताऊ शैड् देनी सी बोल्या, इसा बावला भी ना सू, २ साल ते इसी टिकट पे सफ़र कर रहया सू.
hoodarajesh
January 1st, 2008, 03:11 PM
bahut badia maan bhai .tau se koi jeet ke gaya h kade
sandydalal
January 2nd, 2008, 04:31 PM
Wah Maan sahab. tau katti chala tha
ताऊ बैठा हरियाणा रोड्वेस् की बस मै सफ़र करे था. रोहतक ते जावे था भिवानी. कलनौर आते ही टी.टी आ गया टिकट चेक करण. ताऊ धोरे जा के बोल्या , ला ताऊ टिकट दिखा. ताऊ ने अपणा झोला खोल्या , लत्ता के बीच मै ते एक प्लास्टिक् की थैली काढी, ऊस्के माह् ताऊ ने रोटी बान्ध रखी थी. रोटी के बीच ताऊ ने धर राख्या धडी पक्का चूर्मा. ताऊ ने धीरे धीरे चूर्मे मे हाथ घुमा के टिकट काढि अर टी.टी कान्नी बढा दी. टी.टी ने टिकट का हाल देख्ह्य, कती ए चीकणी पडी थी. छो मे आ के बोल्या , अह रे ताऊ यो भी किम्मे धरण की जगह सै? सारी टिकट भुन्डी ढाल चिकणी कर दी, इस्मे के देखू मै? ताऊ लाहप्सी सा मुह बना के बोल्या , के करू बेटा बुड्डा आदमी सू , टिकट् कद्दे खू न जा, इसे खातिर घ्हणी सम्भाल् के धर रखी थी. टी.टी बोल्या, चूर्मे ते सेफ जगह् कौणी थी? न्यू कह् के टी. टी आगे चला गया. ऊसी ताऊ धोरे एक दूसरा ताऊ भी बैठ्या था, वा न्यू बोल्या अह रे बावली बूच, चूर्मा भी कोई टिकट धरण् कि जगह् से ? तू भी बुढापे मै कती बावला हो गया. ताऊ शैड् देनी सी बोल्या, इसा बावला भी ना सू, २ साल ते इसी टिकट पे सफ़र कर रहया सू.
rameshlakra
January 2nd, 2008, 05:56 PM
Hhklp..............