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View Full Version : poem on DJM


malikraj007
June 2nd, 2008, 02:44 PM
:rock:rock

Waah.. S.GOYAT Jee Aapki Sahi Samaj Me Aayi,
Jo Apane DJM Ki Meeting Karvayi,
JYOTI Jee Ne Be Khoob Bhumika Nibhayi,

Dev Jee Ne Kya Achi Achi Baatein Batai,
Phir Sabki Intro Ki Baari Aayi,
Shuru Kiya Intro, To Sunita Jee Ne,
Jaat Bhasha Me Intro Ki Kari Guhai,

Shuru Hua Jab Intro, VENY Jee Ne Kari Khichayi,
Par Jab Khud Ki Bari Aai, To Jaat Bhasha To Dur,
Hindi Me Bolne Ki Baat Be Na Yaad Aayi,
Dev G Ne Himat Bandhayi, Jayse Bhi Ho Intro Do Bhai,


Baad Me Phir Translate Kar Sab Baat Batayi.
Bharti Jee Pouch Bethi Kapil Se Height ,
Kapil Jee Ne 9.5" Batayi,
Khade Hue Dev Jee. Bole Feeta Lao Bhai,
Ya Meri Baat Samaj Mein Na Aayi,


Koyal Baby Ki Awaj Sabko Bhayi,
Gana Suna Baby Ka ,Sabne Taali Bajaayi,
Koyal Aur Priyanshi Baby Thi Sweet,
Dhanyvad JYOTI & BHARTI G Jo Aap Unhe Bhi Sath Layi,


Khana Kha Sabne Li Ek Dusre Se Vidaayi,
Jaate Jaate AMIT Ne JYOTI Jee Ki Banayi,
RUM BABA BOL Khilayi,
Mujhe To Jaate Hi Neend Aayi,
Subah Uthte Hi Ye Kavita Banayi,

Waah Goyat Jee Aapki Sahi Baat Samaj Mein Aayi,
Jo Aapne Djm Karwayi


Raj Malik

devdahiya
June 2nd, 2008, 04:01 PM
BEAUTIFUL ....Simply creative and wonderful RAJ....Keep it up!Bless!

dndeswal
June 2nd, 2008, 09:28 PM
.
राज मलिक की कविता पढ़कर मेरे कवि हृदय ने ली अंगड़ाई ।
भाई, ज्योति जी का सब करो शुक्रिया सारे लोग-लुगाई ।
उसकी पहल, मेहनत-हिम्मत और लगन देखो आज रंग लाई ।
मुझे खुशी हुई संजीत से मिलकर, उसके चुटकुलों की याद आई ।
स्मृति, सीमा, अनू, सुनीता की मुस्कान भी मन को भाई ।
कोयल की मधुर मीठी आवाज सबके कानों को पड़ी सुनाई ।

दूर की ही दोस्ती थी पहले, कई भाईयों की न देखी थी परछाई ।
इस मीटिंग में जाकर चेहरे भी देखे और आवाज भी दी सुनाई ।
चहल जी की 'पर्सनेलिटी', हुड्डा जी की सेहत का क्या राज है भाई ?
नवीन, खुशी, देव, दर्शना के हुए दर्शन, दिल में ठंडक आई ।
विनय सिवाच की मिक्स हिन्दी-अंग्रेजी में थी काफी गहराई ।
छोटूराम से लेकर आज तक की सच्चाई देव जी ने बताई ।

भारती ने भी रोल किया मास्टरनी का, सबकी 'Intro' करवाई ।
मैने कहा मैडम, इन नए लड़कों के धागों की मत किया करो छंटाई ।
ये मेरे चेले हैं, हौंसला दो इनको - यही हैं भविष्य की परछाई ।
नहीं तो मैं एक लिखूंगा धागा - और करूंगा आपकी टांग-खिंचाई !
सुनील काद्याण थे मेरे कायल - कि मैंने काद्याण खाप (http://www.jatland.com/forums/showthread.php?t=18506&page=3) पर की थी लिखाई ।
रवि, आवेश, अमित, सतेन्द्र, संजीत ने भी महफिल खूब थी सजाई ।

शैलेन्द्र भाई साहब के आते ही सभा में अलग सी रौनक छाई ।
फोटो सेशन हुआ सबका, खाया-पीया, स्वाद से जीभ लपलपाई ।
जीत, मुकेश, रवि और 'राक्का' खिसक लिए, फिर शक्ल न दिखाई ।
शाम को इन्होंने की होगी गुड़गामें में पार्टी, पर पूरी बात न बताई ।
मैं गया सबसे बाद में - ज्योति ने फिर कुछ पेश की थी मिठाई ।
धन्यवाद किया उनका - अगली DJM की यहीं की प्लान बनाई !!

(Jyoti ji, hope you are reading this Hindi post, despite fonts problems in your computer).

.

devdahiya
June 2nd, 2008, 09:52 PM
.
राज मलिक की कविता पढ़कर मेरे कवि हृदय ने ली अंगड़ाई ।
भाई, ज्योति जी का सब करो शुक्रिया सारे लोग-लुगाई ।
उसकी पहल, मेहनत-हिम्मत और लगन देखो आज रंग लाई ।
मुझे खुशी हुई संजीत से मिलकर, उसके चुटकुलों की याद आई ।
स्मृति, सीमा, अनू, सुनीता की मुस्कान भी मन को भाई ।
कोयल की मधुर मीठी आवाज सबके कानों को पड़ी सुनाई ।

दूर की ही दोस्ती थी पहले, कई भाईयों की न देखी थी परछाई ।
इस मीटिंग में जाकर चेहरे भी देखे और आवाज भी दी सुनाई ।
चहल जी की 'पर्सनेलिटी', हुड्डा जी की सेहत का क्या राज है भाई ?
नवीन, खुशी, देव, दर्शना के हुए दर्शन, दिल में ठंडक आई ।
विनय सिवाच की मिक्स हिन्दी-अंग्रेजी में थी काफी गहराई ।
छोटूराम से लेकर आज तक की सच्चाई देव जी ने बताई ।

भारती ने भी रोल किया मास्टरनी का, सबकी 'Intro' करवाई ।
मैने कहा मैडम, इन नए लड़कों के धागों की मत किया करो छंटाई ।
ये मेरे चेले हैं, हौंसला दो इनको - यही हैं भविष्य की परछाई ।
नहीं तो मैं एक लिखूंगा धागा - और करूंगा आपकी टांग-खिंचाई !
सुनील काद्याण थे मेरे कायल - कि मैंने काद्याण खाप (http://www.jatland.com/forums/showthread.php?t=18506&page=3) पर की थी लिखाई ।
रवि, आवेश, अमित, सतेन्द्र, संजीत ने भी महफिल खूब थी सजाई ।

शैलेन्द्र भाई साहब के आते ही सभा में अलग सी रौनक छाई ।
फोटो सेशन हुआ सबका, खाया-पीया, स्वाद से जीभ लपलपाई ।
जीत, मुकेश, रवि और 'राक्का' खिसक लिए, फिर शक्ल न दिखाई ।
शाम को इन्होंने की होगी गुड़गामें में पार्टी, पर पूरी बात न बताई ।
मैं गया सबसे बाद में - ज्योति ने फिर कुछ पेश की थी मिठाई ।
धन्यवाद किया उनका - अगली DJM की यहीं की प्लान बनाई !!

(Jyoti ji, hope you are reading this Hindi post, despite fonts problems in your computer).

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Ohh gaad diya lathh....Kya baat hei DND ji....tuhadda jawaab hi nahin...Great job done..Keep it up!

malikraj007
June 3rd, 2008, 11:37 AM
dayanand Deswal jee..!!!:rock:rock

aati uttam...lath gaad diya kati...bahut khoob...!!

:):) keep it upppppp..!!! :):)