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View Full Version : Shayri (Part 1)



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ranbirsheoran
September 30th, 2011, 07:16 PM
doorion ka ahsas b hoga,
nagdikion ka dar b hoga,
dastoor s is zindgi ka mere dosto,
jeetkar harna b hoga,
har kar jeetna b hoga,

ravinderjeet
September 30th, 2011, 07:19 PM
दिल पेहला जेहा ना रेहा
एह कठोर हो गया
वेखे दुनिया दे रंग ..
दुनिया दे रंग थोडा होर हो गेया

ravinderjeet
October 1st, 2011, 05:50 PM
तेरी तसवीरां नु तक-तक
कद गुजरगा बखत
मेरी रूह ने भी कोणी बेरा
रात भर सुपने में भी तू
खुली अन्ख्याँ जागने में भी तू
के चानणा ? के अन्धेरा ?

arvindsinghrot
October 4th, 2011, 02:09 PM
तेरे वादे पे ऐतबार न करते तो क्या करते !
आरज़ू -ए -दिल को बेकरार न करते तो क्या करते !!
उसने देखा ही ऐसी मासूमियत से जाते जाते !
ता उम्र उसका इंतज़ार न करते तो क्या करते !!

ravinderjeet
October 4th, 2011, 09:21 PM
किह की तू धी बणी
किह ने लड़ाए लाड
कित बसाए तन्ने चमन
कित जा के खिंडे हाड

Rajkamal
October 5th, 2011, 11:01 AM
Darpok hai wo log jo pyar nahi karte hosla chahiye barbad hone ke liye.

vijaykajla1
October 5th, 2011, 02:57 PM
raakh beshak hoon magar mujh mein haraarat hai abhi,
jisko jalne ki tamannaa ho hawaa de mujhko.

MANOHAR SAAGAR PAALAMPURI

rakeshsehrawat
October 7th, 2011, 10:34 AM
Copied From Net

तू कहता है किसी को भी तेरा पता नही है,
तुझे ढूँढने की हद तक कोई ढूँढता नही है,


तुझे वीराने के वीरान किसी कोने में ढूंढे,
तू पाने से न मिले तोह खोने में ढूंढे,
तू बुलाने से ना सुने,तू बिन बुलाए ना आए ,
तू होके भी न किसी का ,तोह ना होने में ढूंढे ,
तू पाने से ना मिले तो खोने में ढूंढे,
दुनिया डूबी है हँसी कहकहों में,
तुझे खुशी में नही आँचल भिगूने में ढूंढे,
तू आसमा का नूर नही ज़र्रा नही ज़मीन का ,
दोनों के दरमियाँ हवा के पिरोने में ढूंढे,
तू पाने में न मिले तोह खोने में ढूंढे,
तेरी मोजूदगी का एहसास इनसे होता है ,
तेरे पते है ये सब तू लापता नही है,
तुझे ढूँढने की हद तल कोई ढूँढता नही है.........

तेरी चुप पे भी शक होता है,
तेरी नज़रों पे ऐतबार नही,
तेरी हर शय में प्यार दिखता है,
तेरे जेहन -ओ -दिल में प्यार नही,
तेरा सब इंतज़ार करते हैं,
तुझे किसी का इंतज़ार नही,
तू नशे में समझदार लगता है,
तू आए होश में तो होशियार नही,
तुझपे कोई अपना हक जताए क्यूँकर
तुझे तोह ख़ुद पे इख्तियार नही,
मैं क्या तुझे तोह ख़ुद से भी वास्ता नही है,
तुझे ढूँढने की हद तक कोई ढूँढता नही है.


तू फरेब है,फरेब खाता है ,और फरेब पीता है,
जाने जी के तू मरता है, के मर के जीता है
ना इमान न तुझमे कोई शरम बाकी,
तू किसी का नही सबको बस भरम बाकी,
जो भी पहुँचा है तुझ तक ना मिला तुझ से ,
हमेशा रह गया तुझसे वह दो कदम बाकी,
तू इन दोनों से अलग ही कहीं पे बैठा है,
तुझे छोड़ के या खुशी है,या गम बाकी,
सबने ढूँढा तुझे मंजिलों पे मगर ,
तेरा तोरास्तों पे भी कोई निशाँ नही है,
तुझे ढूँढने की हद तक कोई ढूँढता नही है..............


तू मासूम नही है मगर दिखता है नादान ,
तू हैवान नही ,खुदा नही ,न ही है इंसान ,
तेरी बातें बड़ी लगती हैं पर इतनी बड़ी नही,
की किसी बेजुबान को दे दे अपनी कोई जुबान ,
तुझे बेइन्तीहाँ जानना काफ़ी नही था,
तू निकला बेइन्तीहाँ के आगे भी इन्तीहाँ ,
तू ठंडी सी आग है,या तड़पता कोई इरादा ,
तू आधा पानी है,और पत्थर है आधा,
तू गर्द में ही साफ साफ दिखता है,
जो चमक के दिखे तू वो आइना नही है ,
तुझे ढूँढने की हद तक कोई ढूँढता नही है,


झूठे है तेरे सारे वादे,झूठे हैं सब इरादे,
झूटी हैं सब दुआएं,झूटी हैं फरियादें,
झूठा है तेरा आज ,झूठा है तेरा कल भी,
झूटी है तेरी हर बात ,झूटी है तेरी यादें,
तू शोख है जो हर लम्हा रंग बदलता है,
क्या हुआ जो तेरे रंग है सादे,
तू कौन है,कहाँ से आया है,
गर ये तुझको है मालूम तो तू ही बता दे,
तुझे पता है तुझे ख़ुद का भी नही पता ,
है कौन सा वह रंग जो तुझमे घुला नही है,
तुझे ढूँढने की हद तक कोई ढूँढता नही है..


तू नशा है ,आग है.तड़प है,पर प्यार नही,
तेरा हर लम्हा फुरसत है और तू बेकार नही,
तू नज़रों से खेलता है,नज़रों का बीमार नही,
तू ख़ुद में उलझा है औरों का गरिफ्तार नही,
तेरे होंठो पे नशा ,आंखों में गज़ब की महक,
फिर भी वह आग तेरे सीने में बेदार नही,
तू छु जाए तो रह जाए जुदा सा एहसास,
और एह्सांस से तुझे कोई सरोकार नही,
कोई हसरत न ऐसी जिसकी तुझे हसरत न हो,.
कोई हसरत न ऐसी तेरी जो बेजार नही,
छाया अक्सर उजाले में गहरी दिखती है,
तू दिख जाए किसी को ऐसा साया नही है,
तुझे धुन्धने की हद तक कोई धुन्दता नही है...............


सिसकियों को दबा लेता है तू,
हर लम्हा गुनगुना लेता है तू,
परायों को अपना बना के ,
खूब अपनों की पनाह लेता है तू,
तू एक नकाब ओढ़कर जीता है,
हंस के लबों को सजा लेता है,
तेरी आवाज़ तेरे अंदर ही मर जाती है,
जाने किस तरह उसे बुला लेता है तू,
तू वो तन्हाई जो महफिलों में रहती है,
तेरे सरूर में अब कोई झूमता नही है,
तुझे ढूँढने की हद तक कोई ढूँढता नही है..............



देने को तुने सब को क्या का दिया
मुश्किलें मजबूरियां मर मर के जीना दिया,
किसी को ज़िंदगी दी,मौत दी किसी को
कहीं ज़मीं दी तो कहीं आसमान दिया,
सिन्दूरी सुबह दी कहीं रात का आँचल ओधा दिया,
यानी के कदम कदम पे तुने बस जानेजां दिया,
तेरी पनाह में कितने बेआसरा पड़े हैं
फिर भी कहीं पे तेरा कोई आसरा नही है,
तुझे ढूँढने की हद तक कोई ढूँढता नही है..............


तू जब भी मिलता है हंस के मिलता है,
हाथ मिलाता है,और साथ ही ले जाता है,
महसूस करता है महसूस कराता है,
फिर अपनी और से हर एक रिश्ता निभाता है,
दुनिया के चेहरे पे नही आंखों में सच होता है,
तू तो आंखों से भी झूठा ही नज़र आता है,
ज़िंदगी मौत का फर्क नही दिखता है तुझे,
तभी तो मार्के यूं ज़िंदगी बिताता है ,
तू एक मजबूर सा कुदरत का उलझा ख़याल है,
तू बेहया ढोंगी है और शायर कहलाता है,
तुझे ढूँढ ले किसी में इतना नशा नही है,
तुझे ढूँढने की हद तक कोई ढूँढता नही है...........

तुझे इश्क फिर से कभी हुआ ही नही,
हाँ एक बार तुने इश्क किया है ज़रूर,
किसी नशे का असर न हो तुझ पे,
कोई इअसा ज़हर तुने पिया है ज़रूर,
एक ज़िंदगी में इतना तजुर्बा नही मिलता,
तुने ज़िंदगी को पहले भी जिया है ज़रूर,
जिस्म चीर के शायद रूह को टोला है,
ये इम्तिहान भी तुने दिया है ज़रूर,
तू लाइलाज है तेरी कोई दवा नही है,
तुझे ढूँढने की हद तक कोई ढूँढता नही है.................


रिश्तों की उलझनों में तू अब नही है,
तुझे सिखा सकूं ऐसा कोई सबब नही है,
तू जहाँ आंखों में आयतें पढता था,
उस जहाँ का सुना है कोई मजहब नही है,
तू दिन में भी चाँदनी को ढूँढा करता है,
तेरे जेहन में आख़िर चाँद कब नही है,
तुन बेमतलब,बेमक्साद नही जीना अच्छा ,
थोडी उम्मीद रख ज़िंदगी बस शब नही है,
तू न वक्त न बेवक्त ,ना सदियाँ ,ना लम्हा,
तुझे बाँध ले ऐसा कोई दायरा नही है
तुझे ढूँढने को हद तक कोई ढूँढता नही है.........


मेरे कहने से क्या हो जायेगा,
क्या बयान आसमा हो पायेगा,
सोचती हूँ की क्यों लिखूं तुमको,
ये मर्ज़ बाद में सताएगा,
तुम च;ऐ जाओगे ये लफ्ज़ लेकर,
सुनी किस्मत पे रोना आएगा,
ज़िंदगी यूं जिया नही करते,
मेरे बाद कौन ये समझायेगा,
हाथ पत्थर हैं ,आंखों में लहू आया है,
तुझे और लिख सकूं अब होंसला नही है,
तुझे ढूँढने की हद तक कोई ढूँढता नही है........
तू कहता है किसी को तेरा पता नही है,
तुझे ढूँढने की हद तक कोई ढूँढता नही है...

nainsunil007
October 7th, 2011, 11:43 AM
राकेश भाई बहुत खूबसूरत कविता है
मजा आ गया पढ के
पर ये नही पता लगा किस के बारे में कविता लिखी गई है

sudeshlakra
October 7th, 2011, 11:34 PM
ग़ालिब गर जोर है बाजुओं में तो मस्जिद हिला के देख,
नहीं तो साथ बैठ, दो घूँट पी, और मस्जिद को हिलता देख

ravinderjeet
October 8th, 2011, 12:26 AM
उसने मुझे जीना सिखाया ,
रोना और हंसना सीखाया ,
उसके बिना केसे जिया जाए ,
ये कभी नहीं बताया |

ravinderjeet
October 9th, 2011, 01:34 PM
तुने चाहा था ,जाना मुझ से पहले
तुने चाहा वो ,मिला मुझ से पहले
तुने किया वो ,ना पूछा मुझ से पहले
तुने मुझे मारा , मुझ से पहले

rana1
October 9th, 2011, 02:23 PM
तुने चाहा था ,जाना मुझ से पहले
तुने चाहा वो ,मिला मुझ से पहले
तुने किया वो ,ना पूछा मुझ से पहले
तुने मुझे मारा , मुझ से पहले

Wah Janab Waah .........Tune Mujhe Mara Mujhe Se Pahleee ....Wah kya Baat H Kya Khub Kahi ....Maar Hi Dalooo Geee ....................

ravinderjeet
October 9th, 2011, 02:52 PM
उमर ना ढूंढ़ हाथों की लकीरों में
देवता ना ढूंढ़ फक्कड़ फकीरों में
सुख ना ढूंढ़ जर के जखीरों में
ढूंढ़नी हे तो ढूंढ़ ले तड़प तन्हाईओं की
बेबस अनसुनी अनकही चीत्कारों में

ravinderjeet
October 9th, 2011, 05:22 PM
सूखे पत्ते ,सुखी डाली
सुख गए दुनिया के चमन
सुख गई चेहरे की आब
बिन रूह का रह गया बदन

upendersingh
October 10th, 2011, 05:11 PM
तुने चाहा था ,जाना मुझ से पहले
तुने चाहा वो ,मिला मुझ से पहले
तुने किया वो ,ना पूछा मुझ से पहले
तुने मुझे मारा , मुझ से पहले

Wah Janab Waah .........Tune Mujhe Mara Mujhe Se Pahleee ....Wah kya Baat H Kya Khub Kahi ....Maar Hi Dalooo Geee

ravinderjeet
October 10th, 2011, 06:26 PM
उसने जाने से पहले ,
आह भरी होगी |
मन में ही सही ,
पर रो पड़ी होगी |

upendersingh
October 16th, 2011, 03:12 AM
नहीं पिलाना तो मत पिला तू जाम हमें,
पर तेरी आंखें क्यूं वीरानी नजर आती है...
बेरुखी हमसे तेरी बेसबब नहीं लगती साकी,
ये अदावत तो कोई पुरानी नजर आती है...

ravinderjeet
October 18th, 2011, 07:35 PM
मक्के जाएँ गल मुकदी नि
भावें सौ-सौ जुम्मे पढ़ आवें


गंगा जाएँ गल मुकदी नि
भावें सौ-सौ गोते खावें


गया जाएँ गल मुकदी नि
भावें सौ-सौ पंड पढ़ावें



बुल्लेशाह गल तेयों मुकदी
जददों "में " नु दिलों गवावें

ravinderjeet
October 20th, 2011, 06:56 PM
बहुत सुनी थी हमने कहानी
एक था राजा एक थी रानी
शुरू होते ही ख़तम कहानी
बर्फ की नाव ,बालू का पानी
बस इतनी सी हे जिंदगानी

ravinderjeet
October 21st, 2011, 08:06 PM
C/p

अगर ख़िलाफ़ हैं, होने दो जान थोड़ी है
ये सब धुआँ है, कोई आसमान थोड़ी है ?

लगेगी आग तो आएँगे घर कई ज़द में
यहाँ पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है ?

मैं जानता हूँ के दुश्मन भी कम नहीं, लेकिन
हमारी तरहा हथेली पे जान थोड़ी है ?

जो आज साहिबे मसनद हैं कल नहीं होंगे
किराएदार हैं, ज़ाती मकान थोड़ी है ?

सभी का ख़ून है शामिल, यहाँ की मिट्टी में
किसी के बाप का हिन्दोस्तान थोड़ी है ??

ravinderjeet
October 21st, 2011, 08:08 PM
C/p

वो दोस्त जो होकर के मुझसे बदगुमान सा बैठा है,
कैसे उसे बाताऊं कि वो बनके मेरी जान सा बैठा है..

तुम इल्ज़ाम धर गए, बिना कुछ सोचे विचारे जिसपे,
बे-गरज तो पहले ही था, अब बे-ईमान सा बैठा है...

सब कुछ हासिल में था, एक तुझको न पाकर मगर,
बैठा है विशेष जैसे कि खोकरके दो जहान सा बैठा है..

जिसकी गाढ़ी कमाई से कभी घर में चिराग रौशन थे,
वो बूढा मकान के कोने में पुराने सामान सा बैठा है..

उसे भी लूटा होगा जरुर उसके ही सपूतों (?) ने विशेष,
हताश होकर, एक शख्स जो हिन्दुस्तान सा बैठा है...

JSRana
October 21st, 2011, 08:13 PM
C/p

जिसकी गाढ़ी कमाई से कभी घर में चिराग रौशन थे,
वो बूढा मकान के कोने में पुराने सामान सा बैठा है..

उसे भी लूटा होगा जरुर उसके ही सपूतों (?) ने विशेष,
हताश होकर, एक शख्स जो हिन्दुस्तान सा बैठा है...

भई बहूत ही बढ़िया रविंदर जीत जी | काबिले तारीफ |

vijaykajla1
October 21st, 2011, 08:35 PM
Sade rang fikke paige,hor kise de rang ch rang hogi..

Hun hora de breaslet fit aage,sadi wang tere tang hogi..

Hora naal ja ke pive coka cola,sadi vaari kehndi khang hogi..

Hora naal hogi eni frank kudiye,sadi vaari madam nu sang hogi..

Tenu mil geya hun GADDI wala, BULLET te kehndi thand hogi..

vijaykajla1
October 22nd, 2011, 05:26 PM
अगर वो जहर देता तो सबकी निगाहों में आ जाता,
तो ऐसा किया कि उसने मुझे वक़्त पर दवा न दी..... !!

vijaykajla1
October 24th, 2011, 08:00 PM
Parh parh ilm qitaban da.. tu naan rakh lya qazi
hath wich phar ke talwaran.. tu naan rakh lya ghazi
makke madine tu phir ayan.. tu naan rakh lya hajji
we bulya tu ki haasil kita.. je yaar na rakhya razi

nainsunil007
October 25th, 2011, 04:14 PM
A very nice line said by a boy to his girlfriend
Tere Bina Main Ye Duniya Chhod To Du,
Pr Uska Dil Kaise Dukha Du Jo Roz Darwaze Pr Khadi Kehti Hai
“Beta Ghar Jaldi Aa Jana”… (Maa)

ravinderjeet
October 25th, 2011, 09:21 PM
मेरी तो बसी थी उसमे सारी दुनिया
एक झटका और उजाड़ हो गया
जो था सुन्दर सोम्य चितवन
नंगा काला पहाड़ हो गया

ravinderjeet
October 25th, 2011, 09:35 PM
जो में समझा उस्से
मेरे लिए किताब थी वो
मेरे जिन्दगी भर के सवालों का
एक मुस्त जबाब थी वो
जो में ना खतम करना चाहता था
ऐसा सुन्दर खवाब थी वो

vijaykajla1
October 26th, 2011, 12:58 AM
Teri Kadar Dassiye Tan Ki Dassiye,
Tu Palkan Naal Kiti Chaa Warga,
Sade Dil Wich Tera Hi Wasa Ae,
Tu Murshad Tu Buleh Shah Warga,
Shabad Na Sujde Tenu Sajda Karn Lai,
Tu Aunde Jande Saah Warga....

ravinderjeet
October 30th, 2011, 04:51 PM
दिल की हालत भी बड़ी अजीब हे

वो चले गए पर अब भी करीब हे
कोई छोड़ जाता हे तन्हाइयों में
कोई छूट जाता हे ,ये केसा नसीब हे

ravinderjeet
October 30th, 2011, 08:53 PM
माट्टी पे
माट्टी तें
माट्टी लिख्या
इस्सा म्हारा प्यार था |
पांणी पे
पांणी तें
पांणी लिख्या
क्षणं भंगुर म्हारा जीवन संसार था |
हवा पे
हवा तें
हवा लिख्या
इस्सी तरल संवेदनाओं का सार था |
-----------रवि "अतृप्त "

dahiyarocks
October 30th, 2011, 08:57 PM
शहर में लॉग रहया मेलॉ,
लोगाँ का कट्ठा होरया रेला
मैं अर छोरा दोनूँ मिलकै
पहुँचगे उड़ै ले कै झोलॉ
छोरा बोल्या, बाबू मिजी ल्यूँगा
खावण ख़ातर चीजी ल्यूँगा
खूब खाया, फेर ध्यान घुमाया
एक आदमी गुड्डे बेचता पाया
छोरे नैं सिपाही का गुड्डा ठाया
दुकानदार भी था घणा हुमाया
बोल्या, यू चाबी का खिलौणा सै
खूब मजे का उसका बिछौणा सै
चाबी भरते ही बूट कै बूट मारैगा
इसा ज़ोर का सैलूट मारैगा
डण्डा घुमावैगा, लाग्या तो रूवावैगा
इसा खिलौणा और किते ना पावैगा
पीसे दे दो, पचास रुपये में आवैगा
मैं बोल्या, तू हामनैं के बहकावैगा
इन खिलौणां पै इतना क्यूँ इतरावै सै
पचास रुपये मैं तो असली का पुलिसिया आवै सै
सुण कै दुकानदार के तेवर चढ़गे
हाम दोनूं भी ऑगे बढ़गे
फेर छोरे नै एक पोस्टर नज़र आया
उसनै झट एक सवाल फरमाया
न्यूँ बोल्या, बाबू यू कुणसा हीरो सै
पोस्टर की कलर-स्कीम तो ज़ीरो सै==>

==> कुणसी फिल्म में आया

पिछाण ना पाऊँ, कै चालै से

म्हारे देश के हीरो तो मूछ मुण्डे सैं

यू तो मूच्छाँ ऑला हीरो सै

मैं बोल्या, बेटे यू असली हीरो सै

तेरा सलमान, शाहरूख इसके आगै ज़ीरो सै

इसनैं अंग्रेजाँ की ज़्यान का कट करया था

बम फोड़ कै असली का स्टंट भरया था

घर-बार, माँ-बाप नै भूला था

हंसते-हंसते फांसी पै झूला था

हीरोइन इसकी मौत थी

गुलामी इसकी सौत थी

जिसके दम पै अंग्रेज़ इस देश तैं बाहर सै

सच बताऊँ मेरे लाडले, यू भगत सिंह सरदार सै

छोरा बोल्या, समझग्या मैं, पर बात मैं कुछ रोल सै

क्यूँ बहकावै सै बाबू, यू तो बाबी दयोल सै

मैं आसमान कॉनी लख़ाया

भगतसिंह बादलाँ मैं नज़र आया

मैं रो पड़ा; बोल्या, सरदार म्हारै मैं खोट सै

आज फांसी के फन्दे तैं भी कसूती या चोट सै

आज दिन में पहली बार अपणे-आप में शर्माया

गलती मेरी सै; मन्नै, नई पीढ़ी ताँय तेरा बलिदान ना बताया

ज्यायें तैं तो आज या रोलँ सै

कि म्हारे हीरो भगत-सुखदेव नहीं,
बल्कि शाहरूख और दयोल सै


asli hero by jagbir rathi

Moar
October 31st, 2011, 02:10 AM
एक शायर साहब ने क्या खूब लिखा है: "उम्मीद की किरण के सिवाय, कुछ नहीं यहाँ. इस घर में रौशनी का ... बस यही इंतज़ाम है."

preetikhatri
November 1st, 2011, 10:52 PM
Hum tere gam me tadap tadap k mar jayege

mar gye to fir tera naam lagayenge

fir rishwat deke uppar wale se
tumko b uppar bulayenge

jab tum uppar aa gye to
sath baith k KURKURE Khayenge
:p :p :p

ravinderjeet
November 2nd, 2011, 12:15 PM
Hum tere gam me tadap tadap k mar jayege

mar gye to fir tera naam lagayenge

fir rishwat deke uppar wale se
tumko b uppar bulayenge

jab tum uppar aa gye to
sath baith k KURKURE Khayenge
:p :p :p


खतरनाक इरादे !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

dahiyarocks
November 2nd, 2011, 01:17 PM
खतरनाक इरादे !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

sing kti tyar se e ke..............

nainsunil007
November 4th, 2011, 05:20 PM
हर आदमी च होन्दा एक नेक इंसान, हर आदमी च ईक बदमाश होन्दा ए
हर आदमी च होन्दा एक फकर फकीर, हर आदमी दे अन्दर अय्याश होन्दा ए
होण जिदां दे हालात बंदा ओदां ही हो जांदा
कदे चुपडी भी सुट्टे... कदे सुखियां भी खांदा

vijaykajla1
November 4th, 2011, 07:07 PM
हर आदमी च होन्दा एक नेक इंसान, हर आदमी च ईक बदमाश होन्दा ए
हर आदमी च होन्दा एक फकर फकीर, हर आदमी दे अन्दर अय्याश होन्दा ए
होण जिदां दे हालात बंदा ओदां ही हो जांदा
कदे चुपडी भी सुट्टे... कदे सुखियां भी खांदाबहुत बढ़िया लिखा है भाई ! हालात पर gippy grewal का गाना याद आ गया , चेप रहा हूँ !
kade ute kadi thale
kadi poori balle balle-2
haaye
kade ta sambale saambe jande note na-2
kade khakho hole na kamiya rehndiya
sadha nai halat rehnde marre bande de
sadha naio bandeya charriya rehndiya-2

haaye watta ute hunde c jo ghaa khoot de
phanch gaye walyat hun gala hor ne
pind de vachaale kothiya shatt lahiya kothiya
kachiya tandoliya toh dhaa te mor ne
haaye
kise nu doh wele ve na roti jurr di
kahiya mohre makahn malaiya rehndiya
sadha nai halat rehnde marre bande de
sadha naio bandeya charriya rehndiya-2

oh dekho jehra betha wheel chair te
kade huna bappu kodi kodi kehlda
akhan vich heni jehde ajj jot be
firda c meleya ch kade melda
haye
huna nahi jawani ch taap chareya-2
ajj jehde bhoje ch dawaia rehndiya
sadha nai halat rehnde marre bande de
sadha naio bandeya charriya rehndiya-2

mangi ne dawani ne c koi dinda maan nu
aaj sekh daulat ch mauja maanda
neeli shat vale diya kheda sariya
kaun jagdev nu c hunda jaan da

haaye
lang de c yaar jehre paasa watt ke -2
hun ghare mehfila jamiya rehndiya
sadha nai halat rehnde marre bande de
sadha naio bandeya charriya rehndiya-2

vijaykajla1
November 5th, 2011, 12:02 AM
shaayad wo koi harf-e-wafaa dhoondh rahaa thaa,
chehron ko bade gaur se padhtaa thaa jo ik shakhs.

MOHSIN NAQVI

vijaykajla1
November 5th, 2011, 12:07 AM
dar-asl sabse aage jo dangaayeeon mein thaa,
tafteesh jab huyee to tamaashaayeeon mein thaa.

hamlaa huaa thaa jin pe wohi hathkadi mein the,
muzrim to haakimon ke shanaasaayeeon mein thaa.

us din kisi ameer ke ghar mein thaa koi jashn,
be-rabt ek shor saa shahnaayeeon mein thaa.

hairaan hoon! mere qatl ki saajish mein thaa shareek,
wo shakhs jo kabhi mere shaidaayeeon mein thaa.

shohrat ki intehaa mein bhi aayaa na thaa kabhi,
SAAGAR !wo lutf jo meri ruswaayeeon mein thaa.

MANOHAR SAAGAR PAALAMPURI

ravinderjeet
November 8th, 2011, 08:06 PM
"नहीं कहा जो कभी, खामखाँ समझती है ,
जो चाहता हूँ मैं कहना कहाँ समझती है
आखँ को आखँ , ज़बाँ को जबाँ समझती है ...."

vijaykajla1
November 8th, 2011, 08:56 PM
"नहीं कहा जो कभी, खामखाँ समझती है ,
जो चाहता हूँ मैं कहना कहाँ समझती है
आखँ को आखँ , ज़बाँ को जबाँ समझती है ...."वाह वाह !!!! बहुत उम्दा लिखा है भाई साब !

ravinderjeet
November 13th, 2011, 08:13 PM
हाथ पकड़ कर रोक लेते उहनें ,
अगर मौत पर मेरा कोई जोर होता ,
ना रोते उनके लिए हम पागलों की तरह ,
अगर हमारी जिन्दगी में उनके सिवाय कोई और होता |

ravinderjeet
November 15th, 2011, 05:35 PM
कभी वीरानों में भी थी मस्तियाँ
जब तेरे हाथों ने हाथ था थामा
अब इतनी भीड़ में भी हैं तनहा
जाने के बाद जाना जान-ए-जाना

ravinderjeet
November 15th, 2011, 05:49 PM
आसुओं के साथ याद भी चली आई
या याद आसुओं को संग ले आई
ये तो हवा और बादल जेसा हे
दोनों की एक दूजे में ह समाई

kuldeeppunia25
November 19th, 2011, 10:47 PM
किसी ने आपसे कहा आपकी आंखे बहुत प्यारी ह ,,
हद मे रहना , खुश ना होना ,ये कतल होने की तयारी ह ,,,

deep,,,,

nkumars83
November 20th, 2011, 12:19 AM
कोई आँखों ही आँखों में बात करता है,
कोई आँखों ही आँखों में मुलाकात करता है!!
बड़ा मुश्किल हो जाता है जवाब देना,
जब कोई खामोश रहकर सवाल करता है!!

preetikhatri
November 20th, 2011, 09:58 AM
Pyar ki baazi hum jeet k haar gye yaaro


main uska DEVDAS tha
or vo meri paro

vo pas se gujar gye or najar b na milayi
.
.
.
.
.
Q ki


mere paas cycle thi
.
.
.
.
or uske pas Pajero
:) :)

vijaykajla1
November 21st, 2011, 02:51 AM
mere wajood kaa rishtaa hi aasmaan se hai,
na jaane kyun unhe shikwaa meri udaan se hai.

mujhe ye gam nahin sheeshaa hoon hashr kyaa hogaa,
meri to jung-e-anaa hi kisi chattaan se hai.

sabhi ne ki hai shikaayat to zulm ki mujh par,
magar ye saari shikaayat dabi zabaan se hai.

main jaantaa thaa sazaa to mujhe hi milni thi,
mujhe to sirf shikaayat tere bayaan se hai.

bhare gharon ko jalaa kar yun jhoomne waalon,
tumhaaraa rishtaa bhi aakhir kisi makaan se hai.

humein zamaanaa ye kaisi jagah pe le aayaa,
zameen se hai koi rishtaa na aasmaan se hai.

AZEEZ AAZAAD

nkumars83
November 21st, 2011, 09:25 AM
इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है,
निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है.
तेरे बिना जिंदगी में कमी तो नहीं,
फिर भी तेरे बिना जिंदगी उदास रहती है.

nainsunil007
November 23rd, 2011, 05:40 PM
सुन कर तमाम रात मेरी दास्तान - ए - गम
सुबह वो मुस्करा कर बोले - बहुत बोलते हो तुम

preetikhatri
November 25th, 2011, 09:05 AM
bujurgo ne farmaya hai k ladkiyo k chakkar me na padna


KYUNKI
.
.
.
YE AATI HAI HEER KI TARAH HAI.
.
.
LAGTI HAI KHEER KI TARAH
.
.
.
OR CHUBHTI HAI TEER KI TARAH
.
.
.
.
bas itna hi nhi

jab jati hai
to

halat kar deti hai fakeer ki tarah

htomar
November 25th, 2011, 02:53 PM
Khul kar dil se milo to saza dete hai log
Sache jazbaat bhi thukra dete hai log
Dekh nahi sakte 2 insano ka milna
Baithe hue 2 parindo ko bhi uda dete hai log

preetikhatri
November 30th, 2011, 10:58 AM
BOY : Kisi doctor ki dawa se illaj mumkin na tha ae dost
ISHQ KA ROG THA
MUMMY KI CHAPPAL SE HI AARAM AAYA





moral : A CHAPPAL EVERY DAY KEEPS THE GIRLS AWAY.
hahahhahhaha

skarmveer
November 30th, 2011, 12:57 PM
निगाहों से क़त्ल कर डालो , न हो तकलीफ दोनों को !
तुम्हे खंजर उठाने की............... हमे गर्दन झुकने की!!

निष्कर्ष :-शर्मदार ते नुए हे मर जा है और बेशर्म का किम्मे नहीं हो सकदा

nkumars83
November 30th, 2011, 02:24 PM
मेरा बस चले तो तेरी यादें खरीद लूं!
अपने जीने के वास्ते तेरी बातें खरीद लू!!
कर सके जो हर वक़्त दीदार तेरा!
सब कुछ लुटाकर वो ऑंखें खरीद लूं !!

skarmveer
November 30th, 2011, 03:08 PM
बीकाओ हो नहीं सकती, है जो चीजे प्यार के काबिल
कुछ हमारी किस्मत से परे है कुछ हमारी फितरत में नहीं है

vijaykajla1
December 6th, 2011, 02:31 AM
Jannat ki sair kar raha tha kay rat ho gayi "IQBAL"

Subha ko jab ankh khuli to sir MAA ki aghosh mai tha

ravinderjeet
December 6th, 2011, 07:15 PM
मंजिल तो मेरी यही थी ,
बस जिन्दगी गुजर गई यहाँ आते-आते |
क्या मिला मुझे इस दुनिया से ,
अपनों ने ही फूंक दिया जाते-जाते |

ravinderjeet
December 6th, 2011, 07:20 PM
जिंदगी के लम्बे वक्त से ,
कुछ लम्हे गिरे और टूट गए |
तुम्हे मन भर देख भी न पाया ,
और तुम हमसे सदा के लिए रूठ गए |

ravinderjeet
December 6th, 2011, 07:23 PM
जिंदगी में हैं हजारों गम ,
भूल जाने के लिए |
इक तुम्हारा गम हे ,
जो काबिल नहीं भूलाने के लिए |

ravinderjeet
December 6th, 2011, 07:25 PM
जब आग लगी थी बादल में ,
और अंगारे बरसे थे |
हम भी सुने हुए इस दुनिया के ,
किसी चमत्कार की खातिर तरसे थे |

nainsunil007
December 7th, 2011, 05:00 PM
अजीब कशमकश थी की जान किसको दें
वो भी आ बैठे थे ओर मौत भी

JSRana
December 7th, 2011, 05:04 PM
अजीब कशमकश थी की जान किसको दें
वो भी आ बैठे थे ओर मौत भी

बहुत बढ़िया भाई सुनील " वो भी आ बैठे थे और मौत भी ":applause:

nainsunil007
December 7th, 2011, 05:27 PM
बहुत बढ़िया भाई सुनील " वो भी आ बैठे थे और मौत भी ":applause:
dhanyvaad rana sahab

nainsunil007
December 7th, 2011, 05:28 PM
महफिल लगी थी यारों की, हमे भी बुलावा आया था
कैसे ना जाते, उनकी कसम देके बुलाया था
फिर अक्शर अक्शर जोड के हमने दिल का दर्द सुनाया था -
जब आँसु उनकी याद में ना ना करते निकल गए
जो समझे वो खामोश रहे, बाकि वाह वाह करते निकल गए

vijaykajla1
December 7th, 2011, 08:02 PM
घरों पे नाम थे नामों के साथ ओहदे थे
बहुत तलाश किया कोई आदमी न मिला।

nainsunil007
December 7th, 2011, 08:18 PM
दुख मे वो आज किनारा कर गयी
हस्ती हूई जिंदगी को बेसहारा कर गयी
रोका करती थी हमे पीने से जो
आज जाने लगी तो खुद ही
बोतल की तरफ इशारा कर गयी

catomar
December 8th, 2011, 11:49 AM
Mere DARD ko mere ANSOOAUN ke sath na tolna yaaro,
Meine to woh zakham bhi khaye hain jo kisi aur ke the.

catomar
December 8th, 2011, 11:56 AM
Sirf humko he dard na tha judaai ka
kabhi to wo bhi roya hoga akele tanhai main

vijaykajla1
December 8th, 2011, 03:19 PM
EK Ye Khwahish Hai Ki Koi Zakham Na DeKhe Iss DiL Ke..

Aur Ek Ye Hasrat Hai Ki Kaash Koi To Inhe Dekhne Wala Hota..

vijaykajla1
December 8th, 2011, 03:21 PM
unke aa jaane se aa jati hai chere pe ronak,
or wo smjhte hai k bimar ka hal achha hai...

htomar
December 9th, 2011, 01:01 PM
जिस्म पर मिट्टी मलेंगे पाक हो जाएँगे हम
ऐ ज़मीं इक दिन तेरी ख़ूराक हो जाएँगे हम

ऐ ग़रीबी देख रस्ते में हमें मत छोड़ना
ऐ अमीरी दूर रह नापाक हो जाएँगे हम

ravinderjeet
December 11th, 2011, 01:39 PM
जिसको तलाशते रहे उसको पता ही नहीं था

हमारी चाहत को उसने समझा ही नहीं था

हम पूछते ही रह गए की उनको हमसे प्यार था

और वो ये कह कर चले गए की उनको पता ही नहीं था

ravinderjeet
December 11th, 2011, 01:52 PM
तिनका -2 तूफान में बिखरते चले गए

तन्हाई की गहराईओं में उतारते चले गए .
उड़ते थे जिनके सहारे आसमानों में हम
एक -एक करके सब बिछड़ते चले गए.

urmiladuhan
December 11th, 2011, 01:56 PM
जिसको तलाशते रहे उसको पता ही नहीं था

हमारी चाहत को उसने समझा ही नहीं था

हम पूछते ही रह गए की उनको हमसे प्यार था

और वो ये कह कर चले गए की उनको पता ही नहीं था


everything here is about rejection and past! it is rare to see upbeat shayree, I think.

vijaykajla1
December 11th, 2011, 02:31 PM
kisi ko na paanay say zindagi khatam nahi hoti ''faraz''
lekin kisi ko paa kar kho deny se kuch baki nahi rehta ...

vijaykajla1
December 11th, 2011, 06:26 PM
Vo Khafa Hai Mujse Is Liye K Hum Oron Ko Dekh K Muskurate hai,
Mager Uneh Kya Pata K Hameh Oron Me Bhi "Vohi" Nazer Aateh Hai...

vijaykajla1
December 11th, 2011, 09:46 PM
Tum rishta torney Ka Kahin Zikar Na Karna Faraz ....!
Main Logon Se Kehdonga K usey Fursat Nahi Milti....

vijaykajla1
December 11th, 2011, 09:47 PM
Dunya ka bhi ajeeb dastoor hy Faraz...
Bewafayi karo toh rotay hain...Wafa karo toh rulatay hain..

htomar
December 12th, 2011, 12:27 PM
इरादा छोड़ दिया उसने हदों से जुड़ जाने का
ज़माना है ज़माने की निगाहों में न आने का
कहाँ की दोस्ती किन दोस्तों की बात करते हो
दुश्मन नहीं मिलता कोई अब तो ठिकाने का
निगाहों में कोई भी दूसरा चेहरा नहीं आया
भरोसा ही कुछ ऐसा था तुम्हारे लौट आने का
ये मैं ही था बचा के खुद को ले आया किनारे तक
समंदर ने बहोत मौका दिया था डूब जाने का

ravinderjeet
December 12th, 2011, 01:21 PM
रिश्तों की डोरी कमज़ोर होती है ,

आँखों की बातें दिल की चोर होती हैं ,
किसी ने जब भी पूछा दोस्त का मतलब ,
हमारी ऊँगली आपकी और होती है …

ravinderjeet
December 12th, 2011, 09:54 PM
घर अधूरा खाट बिना..
तराजू अधूरा बाट बिना..
राजा अधूरा ठाठ बिना..
देश अधूरा जाट बिना

nkumars83
December 12th, 2011, 11:28 PM
एक पल मे सदियों का मज़ा हम से पूछिए,,
दो दिन की जिन्दंगी का मज़ा हम से पूछिए!!
ना भूले हैं उन्हें हम मुद्दतो से,,
किस्तों मे खुदखुशी का मज़ा हम से पूछिए!!

htomar
December 13th, 2011, 12:46 PM
न आज लुत्फ़ कर इतना कि कल गुज़र न सके
वह रात जो कि तेरे गेसुओं की रात नहीं
यह आरजू भी बड़ी चीज़ है मगर हमदम
विसाले यार फकत आरजू की बात नहीं

nainsunil007
December 13th, 2011, 03:35 PM
है शोक - ए - सफ़र ऐसा के एक उमर से हमने
मंजिल भी ना पाई पर रास्ता भी ना बदला

htomar
December 14th, 2011, 12:37 PM
चाक अरमानों को, दिल को पारा-पारा कर दिया
फिर यकीं की झील के पानी को ख़ारा कर दिया
कँपकँपाती शाम ने, कल माँग ली चादर मेरी
और जाते-जाते, जाड़े को इशारा कर दिया

vijaykajla1
December 15th, 2011, 01:02 PM
ik ishq kaa Gham aafat aur us pe ye dil aafat
yaa Gam naa diyaa hotaa yaa dil na diyaa hotaa

naakaam-e-tamannaa dil is soch mein rahataa hai
yuuN hotaa to kyaa hotaa yuuN hotaa to kyaa hotaa

santoshbenaam
December 15th, 2011, 02:05 PM
Bhai room pe ja k bhi khali baithna hai aur office me bhi sham k baad itna kaam ni hota, is se acha aade e baithe raho.
jab bore hon lagu to 1-2 ys shyari chap du hoon......:)


bahut acha hai bhai






santosh benaam

rakeshsehrawat
December 15th, 2011, 02:46 PM
रिश्तों की डोरी कमज़ोर होती है ,

आँखों की बातें दिल की चोर होती हैं ,
किसी ने जब भी पूछा दोस्त का मतलब ,
हमारी ऊँगली आपकी और होती है …


Bhai Sahab katti kalje ki talli mein jake lagya


mere wo din yaad aage jab naye naye jawan hon lage the.




ise ise sher Sheela bypass se purane bus adde chalan aali tethan mein chipe paya karte Mamta Kulkarni ki fotu gel.:triumphant:

ravinderjeet
December 15th, 2011, 03:26 PM
Bhai Sahab katti kalje ki talli mein jake lagya


mere wo din yaad aage jab naye naye jawan hon lage the.




ise ise sher Sheela bypass se purane bus adde chalan aali tethan mein chipe paya karte Mamta Kulkarni ki fotu gel.:triumphant:
हा हा हा ,इबके गाम में गया जब मन्ने तेथन में-ए लिखा देखा था यु , अर लिख के ने लाया था , अक राकेश क भोत पसंद आवेगा ,अर उह के बचपन की याद दुवावेगा ,ज्यां तें-ए लिख मार्या |

rakeshsehrawat
December 15th, 2011, 03:30 PM
हा हा हा ,इबके गाम में गया जब मन्ने तेथन में-ए लिखा देखा था यु , अर लिख के ने लाया था , अक राकेश क भोत पसंद आवेगा ,अर उह के बचपन की याद दुवावेगा ,ज्यां तें-ए लिख मार्या |

Ek Manne bhi padhya tha

Specially aapki khater
हमें तो अपनों ने लूटा,
गैरों में कहाँ दम था.
मेरी हड्डी वहाँ टूटी,
जहाँ हॉस्पिटल बन्द था.
मुझे जिस एम्बुलेन्स में डाला,
उसका पेट्रोल ख़त्म था.
मुझे रिक्शे में इसलिए बैठाया,
क्योंकि उसका किराया कम था.
मुझे डॉक्टरों ने उठाया,
नर्सों में कहाँ दम था.
मुझे जिस बेड पर लेटाया,
उसके नीचे बम था.
मुझे तो बम से उड़ाया,
गोली में कहाँ दम था.
और मुझे सड़क में दफनाया,
क्योंकि कब्रिस्तान में फंक्शन था
नैनो मे बसे है ज़रा याद रखना,
अगर काम पड़े तो याद करना,
मुझे तो आदत है आपको याद करने की,
अगर हिचकी आए तो माफ़ करना.......
ये दुनिया वाले भी बड़े अजीब होते है
कभी दूर तो कभी क़रीब होते है
दर्द ना बताओ तो हमे कायर कहते है
और दर्द बताओ तो हमे शायर कहते है

Bisky
December 15th, 2011, 03:45 PM
Ek Manne bhi padhya tha

Specially aapki khater
हमें तो अपनों ने लूटा,
गैरों में कहाँ दम था.
मेरी हड्डी वहाँ टूटी,
जहाँ हॉस्पिटल बन्द था.
मुझे जिस एम्बुलेन्स में डाला,
उसका पेट्रोल ख़त्म था.
मुझे रिक्शे में इसलिए बैठाया,
क्योंकि उसका किराया कम था.
मुझे डॉक्टरों ने उठाया,
नर्सों में कहाँ दम था.
मुझे जिस बेड पर लेटाया,
उसके नीचे बम था.
मुझे तो बम से उड़ाया,
गोली में कहाँ दम था.
और मुझे सड़क में दफनाया,
क्योंकि कब्रिस्तान में फंक्शन था
नैनो मे बसे है ज़रा याद रखना,
अगर काम पड़े तो याद करना,
मुझे तो आदत है आपको याद करने की,
अगर हिचकी आए तो माफ़ करना.......
ये दुनिया वाले भी बड़े अजीब होते है
कभी दूर तो कभी क़रीब होते है
दर्द ना बताओ तो हमे कायर कहते है
और दर्द बताओ तो हमे शायर कहते है



सहरावत भाई साहब! यो तो रेल पै लिख्या होया पढ़ा है जणू। तेथन पर तो कोन्या आवै। बाकी सै कसूत।
Thanx.

ravinderjeet
December 15th, 2011, 06:36 PM
Ek Manne bhi padhya tha

Specially aapki khater
हमें तो अपनों ने लूटा,
गैरों में कहाँ दम था.
मेरी हड्डी वहाँ टूटी,
जहाँ हॉस्पिटल बन्द था.
मुझे जिस एम्बुलेन्स में डाला,


हा हा हा हा हा आज साबत दिन ये -ए कठे करदा हांडे था केरा | भोत बढ़िया |

vijaykajla1
December 17th, 2011, 10:03 PM
बात ऊँची थी मगर बात ज़रा कम आकीं,
उस ने जज़्बात कि औकात ज़रा कम आकीं,
वो फ़रिश्ता मुझे कह कर ज़लील करता रहा,
मैं हूँ इंसान मेरी जात ज़रा कम आकीं ...

Dr. Kumar Vishwas

nainsunil007
December 21st, 2011, 11:48 AM
एक शमशान के बाहर लिखा था -

मंजिल तो तेरी यही थी, बस...
जिंदगी गुजर गयी तेरी आते आते...
क्या मिला तुझे इस दुनिया से... ?
अपनो ने ही जला दिया तुझे जाते जाते...

vijaykajla1
December 21st, 2011, 08:11 PM
महबूब को चाँद कहते हो कभी खुदा बताते हो
बुढे माँ - बाप के बारे में तेरा क्या ख्याल हैं.
तेरे गिरते हुए कदमो को जिन्होंने चलना सिखाया था
आज वो गिर रहे हैं तो तेरा क्या ख्याल हैं.
कभी माँ की लोरी सुनकर ही तुझे नींद आती थी
रात को माँ खांस रही हैं तेरा क्या ख्याल हैं.
निगाहे- नाज़ की तारीफ तो कभी हुस्न को सजदे
टूटे हुए बाप के चश्मे पर तेरा क्या ख्याल हैं.
किसी अन्जान के लिए पल में मरने कीकसमे
तुझे जन्म देने वालों के लिए तेरा क्या ख्याल हैं .

nainsunil007
December 22nd, 2011, 12:13 AM
महबूब को चाँद कहते हो कभी खुदा बताते हो
बुढे माँ - बाप के बारे में तेरा क्या ख्याल हैं.
तेरे गिरते हुए कदमो को जिन्होंने चलना सिखाया था
आज वो गिर रहे हैं तो तेरा क्या ख्याल हैं.
कभी माँ की लोरी सुनकर ही तुझे नींद आती थी
रात को माँ खांस रही हैं तेरा क्या ख्याल हैं.
निगाहे- नाज़ की तारीफ तो कभी हुस्न को सजदे
टूटे हुए बाप के चश्मे पर तेरा क्या ख्याल हैं.
किसी अन्जान के लिए पल में मरने कीकसमे
तुझे जन्म देने वालों के लिए तेरा क्या ख्याल हैं .

kajla saare shera ka tood kaadha diya
excellentttttttttttt................

vijaykajla1
December 22nd, 2011, 12:56 AM
kajla saare shera ka tood kaadha diya
excellentttttttttttt................

धन्यवाद भाई !!:)

nainsunil007
December 23rd, 2011, 04:15 PM
मैने तो यूंहि देखा था दिदार ए शौक की खातिर
तुम दिल मे उतर जाओगे सोचा ना था

vijaykajla1
December 23rd, 2011, 06:44 PM
Mil kr karty thy mazak jin k sath

Aj un doston se milne ko Dil trasta hy

Hr pal Muskraty thy jo chehry

Aj unhe dekhny ko Dil trsta hy

Nafrat thi jis class room se

Aj usi clas me bethny ko Dil trsta hy

Zindgi k sub se Haseen wo pal

Aj W0hi zindgi phr se jeene ko Dil krta hy..!

JSRana
December 23rd, 2011, 07:11 PM
बढ़िया भाई विजय मज्जा आया पढ़ कै |

vijaykajla1
December 23rd, 2011, 07:18 PM
बढ़िया भाई विजय मज्जा आया पढ़ कै |

धन्यवाद राणा साहब !!!

vijaykajla1
December 24th, 2011, 07:23 PM
मैँ तो फूलों वाली रजाई लेकर सो रहा था...''ग़ालिब''

कम्बख्त कोई रात में फूलों को पानी दे गया.......

htomar
December 26th, 2011, 03:47 PM
ज़माने में सभी को तो सभी हासिल नहीं मिलता
नदी की हर लहर को तो सदा साहिल नहीं मिलता
ये दिलवालों की दुनिया है अजब है दास्ताँ इसकी
कोई दिल से नहीं मिलता किसी से दिल नहीं मिलता

htomar
December 26th, 2011, 03:56 PM
भरे घर में तेरी आहट कहीं मिलती नहीं माँ
तेरे हाथों की नरमाहट कहीं मिलती नहीं माँ
मैं तन पे लादे फिरता हूँ दुशाले रेशमी फिर भी
तेरी गोदी-सी गरमाहट कहीं मिलती नहीं माँ

htomar
December 26th, 2011, 03:57 PM
हमेशा अपने लहू से ज़मीन सींचते थे
कि पतझरों में भी बनकर बहार आए हैं
दिए से शहर जलाते हैं आजकल कुछ लोग
बुज़ुर्गों ने तो दिए से दिए जलाए हैं

vijaykajla1
December 26th, 2011, 10:13 PM
Mere Sabr Ki Inteha Kya Pochte Ho "FARAZ"
Woh Mujhse Lipat Kar Roye Kisi Or Kay Liye...

vijaykajla1
December 26th, 2011, 11:02 PM
Naseeb Ache Na Hon To Khubsurati Ka Koi Faida Nahi

Dilon Ke Shehansha Aksar Faqeer Hotey Hain

Malikpriya
December 27th, 2011, 12:24 PM
Hasse Thi,
Hasaawe Thi,
Kade Baala Ne Lahrawe Thi,
Dekh Ke Sharmaawe Thi,
Kime Soch Ke Muskuraawe Thi,
... Aaj Bera Patya Uska......

Baawli Thi Sushri, Manne Bi Baawla Banaawe Thi .............;)

kuldeeppunia25
December 27th, 2011, 01:53 PM
Hasse Thi,
Hasaawe Thi,
Kade Baala Ne Lahrawe Thi,
Dekh Ke Sharmaawe Thi,
Kime Soch Ke Muskuraawe Thi,
... Aaj Bera Patya Uska......

Baawli Thi Sushri, Manne Bi Baawla Banaawe Thi .............;)


hahahaha madi bani ya to,,,,,baki kitne k din pache bera patya ,,,,,,,hahahhhaahaa:very_drunk:

htomar
December 27th, 2011, 02:59 PM
दौड़ में सभी हैं अर्थ की यहाँ पे व्यर्थ
जाने नाज़ुक से प्रेम की निशानी कहाँ जाएगी
नौजवान देश के हुए हैं आज बदगुमान
जाने कल ख़ून की रवानी कहाँ जाएगी
भेद सभी उम्र के मिटा दिए हैं कामना ने
रिश्तों की सोचिए कहानी कहाँ जाएगी
वासना की गोद में बुढ़ापा झूमने लगा तो
संस्कार ढूंढने जवानी कहाँ जाएगी

vksirohi
December 27th, 2011, 03:05 PM
शराब के शोकीन लोगों के लिए :-

कफन में रख दो शराब, कब्र में पीया करेंगे
खुदा भी आएगा कभी, तो पैक भर-भर के दिया करेंगे..:very_drunk:

vksirohi
December 27th, 2011, 03:33 PM
वक़्त है झोंका हवा का और हम पीले पत्ते,
कौन जाने अगले लम्हे तुम कहाँ और हम कहाँ ...!!
हमने भी सदके लुटाये थे जी जान से उन पर ..
क्या मालूम था ऐ दोस्त, गमे तन्हाई का यही आगाज़ होता है...
मत कर ख़ाक के पुतले पे ग़रूर-ओ-बेन्याजी इतनी …
खुद को खुदी में झाँक कर देख तुझ में रखा क्या है !

जो फुरसत मिले तो चाँद से मेरे दर्द की कहानी पूछ लेना
एक वोही तो है हमराज़ मेरा, तेरे सो जाने के बाद.
हम से बेवफाई की इन्तहा क्या पूछते हो ???
वो हम से प्यार सीखती रही किसी और के लिए
हर वक़्त का हसना तुझे बर्बाद न कर दे ,,
तन्हाई के लम्हों में कभी रो भी लिया कर

दिल तो करता है ज़िन्दगी को किसी कातिल के हवाले कर दू
जुदाई में ये रोज़ रोज़ का मरना मुझे अच्छा नहीं लगता …
मेरी यादों से बच निकले तो वादा है मेरा तुझसे,
मैं खुद दुनिया से कह दूंगा कमी मेरी वफ़ा में थी.
उस के हाथ पर अपना नाम देखा तो मैं बहुत खुश हुआ,
वो बड़े मासूम से लहजे में बोली तेरे हम नाम और भी हैं ..!!!

जाने किस ग़म को छुपाने की तमन्ना है उसे ..
आज हर बात पे हँसते हुए देखा उसको …!
तुम्हारे बाद बाकी तो सब ठीक है लकिन ,
जहाँ दिल था कभी .. पहले ….वहां अब दर्द रहता है ..:very_drunk::sorrow:

vijaykajla1
December 27th, 2011, 05:32 PM
Yu bar bar dheeraj ka imtihaan mat le e khuda...
K aankho me aansu k alawa khoon b khola krta h...

jaatdesi
December 28th, 2011, 01:15 PM
Teri Tasveer Meri Aankhon Mein Basi Kyun Hai,
Jidhar Dekhu'n, Bas Udhar Tu Hi Tu Kyun Hai,

Teri Yaado'n Se Wabasta Meri Taqdeer Hai Lekin,
Tujhey Na Paa Ker Meri Taqdeer Rothi Kyun Hai,

MujhKo Hai Khabar Aasaan Nahi Tujhko Haasil Kerna,
Phir Bhi Yeh Intezaar, Yeh Be-Qaraari Kyun Hai,

Barso'n Guzar Gaye Meri Tanhaaii Mein Lekin,
Meri Baho'n Ko Aaj Bhi Tera Intezaar Kyun Hai,

Teri Chahat Ki Qasam, Khoon Ke Aansuoon Roya Hun,
Ab Nahi Hai Kuch Baaqi Phir Yeh Jaan Baaqi Kyun Hai,

Khatam Hua Mera Yeh Affssana, Par Ek Baat Bata Do;
Anjam Tha Maloom Mujhko, Phir Ye Mohabbat Kyn Ha

jaatdesi
December 28th, 2011, 01:27 PM
Un Key Sitamm Ka Tha Asar,
Ke Muskurana Bhool Gaye,
Sab Kuch Bhulaa Diya Dil Sey,
Par Unhe Bhulana Bhool Gaye

jaatdesi
December 28th, 2011, 03:49 PM
https://fbcdn-sphotos-a.akamaihd.net/hphotos-ak-ash4/s320x320/383828_224917720917343_100001973491626_495772_1674 529635_n.jpg

vijaykajla1
December 28th, 2011, 05:20 PM
Hum Se Pochni ho to Sitaron ki Bat Pocho FARAZ .....

Khawabon ki bat woh karte hen k jinko neend aati ho!!!

vijaykajla1
December 29th, 2011, 12:39 PM
तुम हो कि मुद्दतों में भ़ी मेरे न हो सके,
मैं हूँ कि एक बात में दीवाना हो गया .....!!!!!

vijaykajla1
December 29th, 2011, 03:49 PM
WO Baat Baat Pe Deta Tha Mujhe Parindon Ki Misaal
Saaf Saaf Nahi Kehta Ke Mera Shehar Chor De

jaatdesi
December 30th, 2011, 09:12 PM
Rishtay Torr Deti Hai Gf..
Insaan Ko Tanha Kar Deti Hai Gf
Na Anay Dena Dil K Kareeb Kabhi Isko
Kyu K Dil Se Dharkan Ko Juda Kar Deti Hai Gf

Gf Bolay To Galatfehmi
Ye
Jo Abhi Aap Ko Huwi

Bisky
December 30th, 2011, 09:46 PM
"मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे
तू देख कि क्या रंग है तेरा मेरे आगे"

vijaykajla1
December 31st, 2011, 05:51 PM
Fir ek shaam dhalne ko aayi..
Fir ek naya pal aayega...
Kuch thahar gyi zindgi,
kuch chal padi duniya,
N jane ye naya saal kya rang layega.....

vijaykajla1
December 31st, 2011, 08:16 PM
Rooth jane ki ada hum ko bhi ati hai "Faraz ",
Kaash hota koi hum ko bhi manane wala.....

vijaykajla1
January 2nd, 2012, 09:04 PM
shaam hote hi bhujha deta hun sare diye
mera dil hi kafi hai teri yaad mein jalne k liye..

vijaykajla1
January 2nd, 2012, 09:05 PM
Yehi soch kar uski har baat ko such mana hai "Faraz"
Ki inte khoobsurat lab jhuth kaise bolenge....???

vijaykajla1
January 3rd, 2012, 08:35 PM
Royega is qadar meri laash se lipat kar
agar is baat ka pata hota ,to kab ke mar gaye hote

htomar
January 3rd, 2012, 09:09 PM
gajab dha rahe ho Faraj sahab aajkal..


Yehi soch kar uski har baat ko such mana hai "Faraz"
Ki inte khoobsurat lab jhuth kaise bolenge....???

vijaykajla1
January 3rd, 2012, 09:14 PM
gajab dha rahe ho Faraj sahab aajkal..

भाई, फ़राज़ है ही लाजवाब !!!

thukrela
January 3rd, 2012, 11:19 PM
क्या मनाऊँ मैं जश्न नए साल का साहिल,
तारीख ही बदली है-हालात तो नहीं बदले ||

karan
January 4th, 2012, 02:19 AM
Arrey Molad
kati ey rog kaat diya.....Awesome

Hasse Thi,
Hasaawe Thi,
Kade Baala Ne Lahrawe Thi,
Dekh Ke Sharmaawe Thi,
Kime Soch Ke Muskuraawe Thi,
... Aaj Bera Patya Uska......

Baawli Thi Sushri, Manne Bi Baawla Banaawe Thi .............;)

karan
January 4th, 2012, 03:04 AM
भेई छोरी के चाला से, मरे पाछे बी ना बक्से या ते :victorious:


Hum tere gam me tadap tadap k mar jayege

mar gye to fir tera naam lagayenge

fir rishwat deke uppar wale se
tumko b uppar bulayenge

jab tum uppar aa gye to
sath baith k KURKURE Khayenge
:p :p :p

ritu
January 4th, 2012, 03:12 AM
hahaha....gud one.happy new yr priya.
Hasse Thi,
Hasaawe Thi,
Kade Baala Ne Lahrawe Thi,
Dekh Ke Sharmaawe Thi,
Kime Soch Ke Muskuraawe Thi,
... Aaj Bera Patya Uska......

Baawli Thi Sushri, Manne Bi Baawla Banaawe Thi .............;)

karan
January 4th, 2012, 03:23 AM
तेरे ताहीं किसे छोरे ने कह दी या बात........;)

Socha tha is kadar unko bhool jaayenge
dekhkar bhi andekha kar jaayenge,
jab saamne aaya unka chehra
socha is baar dekh lein
agli baar to bhool he jaayenge.!!!

karan
January 4th, 2012, 04:01 AM
अरे भाई कुलदीप
यो के था, शेर था के गादड़ था.

अपनी हार मैं कितना सुकून था
उस शख्स ने जब गले लगाया जीतने के बाद




वो अपने फायदे की खातिर फिर आ मिले थे हम से ,
हम नादाँ समझे , हमारी दुआओं में असर बहुत ह




मैं ने पुछा क्यों तोड़ दिया तुमने वादा अपना .....
वोह मुस्कुरा के बोले , बस निभाया न गया हम से !!



भोत कम होवे स ज़माने में लोग इसे ,
चाहत की जिनन पिछान होवे स ,
सोच लेना किसी पे मर मिटने ते पहले ,
क्यूंकि लुटान खात्तर एक ए जान होवे स ...!!!

karan
January 4th, 2012, 04:06 AM
renu
That is called protecting your assets and money from some gold digger.......... :applause:

I think true love to dil se hi hota hai...jo dimag se hota hai vo pyar nhi..shyad kuch aur hi hota hai...

nainsunil007
January 7th, 2012, 02:41 PM
उलझे हुए हैं पलकों मे शबनम के चाँद कतरे
बिछडा था कोई रात को ख्वाबों के सफर में

urmiladuhan
January 11th, 2012, 12:50 AM
[QUOTE=nainsunil007;293275]

अर्ज़ किया है : मत ढूँढो मुझे दुनिया की तनहाई में, मत ढूँढो मुझे दुनिया की तनहाई में,
क्यूँकी बाहर ठण्ड बहुत है मै तू हूँ अपनी रजाई में!!!!

(SMS message)

naveenprakash
January 11th, 2012, 02:03 AM
Yeh exam ke rishte bhi ajeeb hote hai,
Sab apne apne naseeb hote hai,
Rahte hai jo nigaho se duur,
wahi question compulsary hote hai.

Bisky
January 14th, 2012, 09:35 AM
"चाप सुनकर जो हटा दी थी, उठा ला साकी
शेख साहब हैं, मैं समझा था मुसलमान है कोई"

vijaykajla1
January 14th, 2012, 10:19 AM
Unke piche ghumte ghumte is mukam par ja pohunchey
Ki hamne apne hone ka ehsas bhi kho diya

vijaykajla1
January 14th, 2012, 10:40 AM
गुनाहगारों पर देख कर तेरी रहमत का सिला,
बेगुनाह भी चिल्ला उठे हम भी गुनाहगार है ......

vijaykajla1
January 14th, 2012, 10:50 AM
सारी रात इसी कसम -कश में गुजर गयी जालिम ..

गौर फरमाइयेगा .....

सारी रात इसी कसम -कश में गुजर गयी जालिम ..

की रजाई की लम्बाई किधर है और चौड़ाई किधर ........

rajpaldular
January 14th, 2012, 11:46 AM
एक ही गलती हम सारी उम्र करते रहे;

धूल चेहरे पे थी; और हम आइना साफ़ करते रहे!

thukrela
January 15th, 2012, 02:20 AM
क्या बात है विजय भाई सारे के सारे शेर ज़बरदस्त है. . ..लगता है कतल कर के ही मानोगे!!


सुभान अल्लाह .. अल्हम दुलिल्लाह, बोहोत उम्दा !

ritu
January 15th, 2012, 08:29 AM
ab se maanga karege duwa hijjre(judai)yaar ki
aakhir to dushmani hai duwa ko asar ke saath

ritu
January 15th, 2012, 08:30 AM
gam to iska hai ki vo ahhde wafa tutt gya
bewafa koi bhi ho tum na sahi hum hi sahi

nainsunil007
January 19th, 2012, 11:54 AM
बचपन की वो अमिरी ना जाने कहाँ खो गई
जब बारिश के पानी में हमारे भी जहाज तैरा करते थे

Bisky
January 19th, 2012, 09:28 PM
"मुफ्त की पीते थे मय, और सोचते थे
रंग लाएगी हमारी ये फाकामस्ती, एक दिन"

nainsunil007
January 24th, 2012, 02:23 PM
अगर होता है इत्तेफाक तो यूं क्यों नही होता
वो चले उस राह पर जो मुझ पर खत्म हो

ravinderjeet
January 24th, 2012, 02:43 PM
दिवाली के दिए जलें हजारों |
में तो जलूं तेरी मजारों |

Bisky
January 24th, 2012, 03:49 PM
दिवाली के दिए जलें हजारों |
में तो जलूं तेरी मजारों |

Ultimate! Sir Ji
Thanx.

nainsunil007
January 24th, 2012, 06:13 PM
कैसे भूला दूं उसको मैं कि
मौत इंसानो को आती है, यादों को नही

nainsunil007
January 24th, 2012, 06:18 PM
डूबी है मेरी उंगलियां खुद अपने ही लहू में
ये टूटे हुए काँच पे भरोसे की सजा है

ravinderjeet
January 28th, 2012, 06:44 PM
मुझे आज भी उसके प्यार की सिद्दत रोने नहीं देती |
वो कहती थी ,मर जायेंगे तेरे आंसुओं के गिरने से पहले |

ravinderjeet
January 28th, 2012, 06:50 PM
बिखर रही हे मेरी ज़ात ,उसे कहना
.कभी मिले तो ये बात उसे कहना

.वोह साथ थी तो ज़माना था हमसफ़र मेरा
.मगर अब कोई नहीं मेरे साथ उसे कहना .

ravinderpannu
January 28th, 2012, 07:08 PM
तरस गयी हैं आँखें दीदार ऐ यार को,,
और वो हैं के हमें भूले बैठे हैं....!!!

htomar
January 31st, 2012, 12:26 PM
हर चीज़ का खोना भी बड़ी दौलत है
बेफ़िकरी से सोना भी बड़ी दौलत है
इफ़लास ने सख़्त-मौत आसाँ कर दी
दौलत का न होना भी बड़ी दौलत है

reenu
February 3rd, 2012, 07:06 PM
Dedicate few lines to a Legendary Revolutionary Man, Pandit Chandra Shekhar "Aazad" :-
Jo bhi likhana kissa – e – aabaad likhna,
Dil kee Qalam se naya inqilaab likhana.
Dekh na paaye beshak hum aazadi magar
Par thi iss dil k ye tammanna betaab likhana
Kar diya hai aagaz, jo pahuche anzaam tak
To iss shahaadat pe kuch sawaab likhana
Joo chad gaye shulee par watan ki khatir
Nazmo mein zara unka bhi hisaab likhana
Par jab bhi likhana aye watan – e – hind
Mujhko ek parinda “Aazaad” likhana..!!

Yajat
February 3rd, 2012, 07:13 PM
lamhon की एक किताब है ज़िंदगी
सांस और khayalon का hishab है ज़िंदगी
कुछ jarurat पुरी कुछ ख्वाहिश adhuri
बस inhi swaalon का जवाब है ज़िंदगी: एमएस

एक चिंगारी भी angare से कम नहीं होती
shadgi भी श्रृंगार से kam नहीं होती
ये अपनी - अपनी सोच का Fark है
वार्ना दोस्ती भी किसी प्यार से kam नहीं होती

जब तक हम जिया करेंगे
आप को याद किया करेंगे
अगर हम बाजार के भी क्या होगा गये
चोरी - चोरी yamraj के मोबाइल से
massege किया करेंगे

ये भी एक दुआ है खुदा से
किसी का दिल न dukhe मेरी वजह से
ऐ खुदा कर डे कुछ इनायत मुझ पे
की khushiyan milain सबको मेरी वजह से

हम हवा नहीं खो जाएंगे
हम वक्त नहीं जो गुजर जाएंगे
हम मौसम नहीं जो बदल जाएंगे
वो आँसू हैं जो करने के लिए हम
खुशी और गम दोनों वक्त नज़र aayenge

aapkee यादों की महक सराय hawaon मुझे है
fijaon मुझे है में कुछ अपनापन सा
khusiyan chume apke कदम hardam
यही सपना मेरी nigahon मा है

हर कोई तुमसा खास नहीं होता
खास होता है वो कभी पास नहीं होता
यकीन ना चाँद को हाय देखो के लिए आये
jiske dur होते हुए भी duri का ahshas नहीं होता

Yajat
February 5th, 2012, 08:36 PM
खुदा ने poochha दोस्ती क्या है?

मैने kaanto पे चल के बता दिया

usne poochha कितना प्यार करोगे दोस्त को?

मैने पूरा आसमान दिखा दिया

usne poochha कैसे rakhoge दोस्त को?
मैने धीरे से फूलों को शहला दिया

usne poochha किसी की नज़र lag गयी तेi?

मैने palkon में उसको छुपा लिया

usne poochha जान से प्यारा दोस्त kishe kahte हो?

मैने धीरे से आपका नाम बता दिया ..................

ravinderjeet
February 9th, 2012, 11:45 AM
कोई लाख दूर रहे कितना भी,
पर अपना ही रहे क्या कम है।

प्यार करे ना करे गम नहीं,
बस याद करता रहे क्या कम है।

ravinderjeet
February 9th, 2012, 05:39 PM
जब तू गई ,तेरे जाने की पहले कोई खबर ना थी |
और जब वो आएगी तो भी कोई खबर ना देगा ||
तेरी याद के सिवाय ना आई और मेरे पास कोई |
और जब वो आएगी तो मेरा आखिरी सफ़र होगा ||

ravinderjeet
February 10th, 2012, 02:46 PM
कभी हम पे वो जान दिया करते थे ,


जो हम कहते थे वो मान लिया करते थे ,


आज पास से अनजान बन कर गुज़र गए .


जो दूर से ही पहचान लिया करते थे ||

ravinderjeet
February 10th, 2012, 02:50 PM
उसकी बातो को याद करके बार -बार रोये ,


खुदा के दर पे फ़रियाद करके रोये ,


. उसकी खुसी के लिए हमने छोड़ दिया उसको ,


फिर उसकी कमी का एह्सश करके रोये ||

ravinderjeet
February 10th, 2012, 03:23 PM
"जाटो" की आह से पानी मे भी अंगारे दहक जाते हैं
हमसे मिलकर मुर्दों के भी दिल धड़क जाते हैं ..
गुस्ताख़ी मत करना हमसे दिल लगाने की सभी ;
हम "जाटो" की नज़रों से टकराकर मय के प्याले चटक जाते है …

Malikpriya
February 10th, 2012, 03:28 PM
"जाटो" की आह से पानी मे भी अंगारे दहक जाते हैं
हमसे मिलकर मुर्दों के भी दिल धड़क जाते हैं ..
गुस्ताख़ी मत करना हमसे दिल लगाने की सभी ;
हम "जाटो" की नज़रों से टकराकर मय के प्याले चटक जाते है …

sab waham hai sir jee...!!

ravinderjeet
February 10th, 2012, 03:37 PM
sab waham hai sir jee...!!

राजी ते हो ल्यां .के किम्मे खर्चा आवे स |

Malikpriya
February 10th, 2012, 03:39 PM
राजी ते हो ल्यां .के किम्मे खर्चा आवे स |
haan ya b sahi hai nyu te kime e soch lo.....!!

vijaykajla1
February 11th, 2012, 10:57 PM
शेर-ओ-शायरी वाय एन इंजिनियरिँग स्टूडेन्ट -

रोज रोते हुए कहती है जवानी मुझसे
एक डिग्री की खातिर मुझे बरबाद न कर..

vijaykajla1
February 12th, 2012, 12:43 PM
udte parindon ko kabhi qaid nahi kiya jata faraz
jo apne hote hain wo khud hi laut aate hain.

raka
February 12th, 2012, 02:05 PM
दो-एक लाइना की तुक बंदी माहरी भी सुन ल्यो :)

मेरा यार इसा महान ,
जितना करू उतना कम स उसका गुणगान ,
कोई कहे उसने छोटूराम तो कोई कहे छोटूखान ,
ना था उसका कोई धर्म ना कोई मजहब ,
उसकी थी सदा एक बिसात ,
के सबसे ऊँची हो मेरी जात .........






http://www.jatland.com/forums/image/gif;base64,R0lGODlhAQABAIAAAP///////yH5BAEKAAEALAAAAAABAAEAAAICTAEAOw==

vijaykajla1
February 12th, 2012, 08:24 PM
" Aiven russ ke na satho mukh mor sajna
sada tere to begair kehra hor sajna
othe hundi ae umeed jithe jor sajna
tainu meri nahi par mainu teri lorh sajnaa"

vijaykajla1
February 12th, 2012, 08:27 PM
Kitni Be-Kaif Si Reh Jaati Hai Dil Ki Basti

Jab Chup Chap Chhor Jaate Hain Toot Kar Chahney Waale

vijaykajla1
February 13th, 2012, 05:19 PM
Bechainiyan simat kar sare Jahan ki..
Jab kuch na ban saka to Mera DIL bana diya

vijaykajla1
February 13th, 2012, 10:27 PM
Jad Yaar Howe Baahan Ch Ta Khuda Nu Kon Puchda
Khuda Di Aawe Yaad Jad Yaar Russda

nainsunil007
February 15th, 2012, 06:26 PM
Valantine Special

आजकल की लडकियों को देखते हूए गालिब ने अर्ज किया है -
चेहरा तेरा खास नही, हड्डियों पे तेरे मांस नही
Propose तुझे क्या खाक करुं, तेरी तो 14 Feb तक जीने की आस नही

jaatdesi
February 15th, 2012, 09:20 PM
https://fbcdn-sphotos-a.akamaihd.net/hphotos-ak-ash4/s320x320/396993_10150674328075977_750115976_11450292_212617 4354_n.jpg

ravinderjeet
February 15th, 2012, 09:36 PM
हमने कब माँगा था उस से अपनी वफाओं का सिला |
वो दर्द देती चली गई ,और मोहब्बत बढती गई ||

ravinderjeet
February 16th, 2012, 03:28 PM
http://a1.sphotos.ak.fbcdn.net/hphotos-ak-ash4/188601_179101928802875_100001092079973_412500_3699 941_n.jpg

Bisky
February 16th, 2012, 10:36 PM
"तुम्हें मस्जिद, मुझे मयखाना
वाइजा अपनी-2 किस्मत है"

navdeepkhatkar
February 17th, 2012, 09:30 AM
ये मेरा इशक था की दीवानगी की इन्तहा...
तेरे करीब से गुजर गए , तेरे ही ख्यालों में ...

vijaykajla1
February 17th, 2012, 03:31 PM
lagta hai khuda ka bulawa aane wala hai hame..
Aaj kal mere sar ki jhuti kasam kha rahe hain wo

nainsunil007
February 17th, 2012, 03:56 PM
सूखे पत्ते की तरह बिखरे हैं हम तो
किसी ने समे्टा तो भी सिर्फ जलाने के लिए

vijaykajla1
February 17th, 2012, 04:15 PM
Dard se dosti ho gayi hai doston,

Zindagi bedard ho gayi hai doston,

Kya hua jo jal gaya aashiyana humara,

Magar door tak roshni ho gayi hai doston..

ravinderjeet
February 17th, 2012, 04:17 PM
सूखे पत्ते की तरह बिखरे हैं हम तो
किसी ने समे्टा तो भी सिर्फ जलाने के लिए


भोत-भोत बढ़िया सुलील |

सूखे पत्ते की तरह .............

vijaykajla1
February 17th, 2012, 06:35 PM
Alfaz To Buhat Hain Meri Muhabbat Bayaan Karney K Leye
Jo Meri Khamoshi Nhi Samjhta Wo Mery Alfaz Kia Samjhy Ga...!

Moar
February 17th, 2012, 10:06 PM
एक शायर ने क्या खूब लिखा हैं...

"ये कौन सा शहर हैं दोस्तों, ये कौन सा दयार हैं"

Moar
February 17th, 2012, 10:11 PM
Jo Meri Khamoshi Nhi Samjhta Wo Mery Alfaz Kia Samjhy Ga...!

लट्ठ गड़ गया जनाब !

vijaykajla1
February 18th, 2012, 10:16 AM
Etne Anmol the k koe Khareed na saka Hume Ghalib,

Hairaan hon k Tere Hathon Bika to Bika Kaise...??

deependra
February 18th, 2012, 11:07 AM
Etne Anmol the k koe Khareed na saka Hume Ghalib,

Hairaan hon k Tere Hathon Bika to Bika Kaise...??

bhai tere sher bahut badhiya hain, par inhe hindi me likha kar, maja aa jaga...

vijaykajla1
February 18th, 2012, 11:11 AM
bhai tere sher bahut badhiya hain, par inhe hindi me likha kar, maja aa jaga...

भाई आगे से हिंदी में लिखूंगा !!

deependra
February 18th, 2012, 11:13 AM
भाई आगे से हिंदी में लिखूंगा !!
Thanks bro.

ravinderjeet
February 18th, 2012, 11:38 AM
भाई आगे से हिंदी में लिखूंगा !!


और पीछे से ...............

vijaykajla1
February 18th, 2012, 11:56 AM
और पीछे से ...............

हहहहाहहाहाहहाहहहह!!!!!!!!!! :topsy_turvy:

:singing::stupid:

ravinderjeet
February 18th, 2012, 02:35 PM
तुम्ही पे मरता है ये दिल,अदावत क्यों नहीं करता ?
कई जन्मों से बंदी है,बगावत क्यों नहीं करता ?
कभी तुमसे थी जो,वो ही शिकायत है ज़माने से,
मेरी तारीफ़ करता है, मोहब्बत क्यों नहीं करता ....

vijaykajla1
February 18th, 2012, 03:51 PM
उस वक्त इन्तजार का आलम न पूछिए
जब कह रहा हो कोई बस आ रहा हूँ मैं !!

rajneeshantil
February 18th, 2012, 10:29 PM
" सुर्ख मैदान में खरी( khari) कश्ती को देखकर लगता है
यक़ीनन यहाँ पे सैलाब आया होगा"

vijaykajla1
February 19th, 2012, 06:21 PM
बस एक बार निकाल दो इस इश्क से ए खुदा

फिर जब तक जीयेंगे कोई खता न करेंगे!!!

raka
February 19th, 2012, 10:34 PM
बस एक बार निकाल दो इस इश्क से ए खुदा

फिर जब तक जीयेंगे कोई खता न करेंगे!!!
पा लिया मैं इश्क दा चौला , जेड़ा कदी मैला ना होवे
मिल्या सानु हुस्न हकीकी , जेड़ा कदी फनाह ना होवे
मिल्या वो महबूब प्यारा , जेड़ा कदी जुदा ना होवे
आदम इश्क नमाज मैं निति , जेड़ी कदी क़ज़ा ना होवे

vijaykajla1
February 20th, 2012, 11:39 AM
पा लिया मैं इश्क दा चौला , जेड़ा कदी मैला ना होवे
मिल्या सानु हुस्न हकीकी , जेड़ा कदी फनाह ना होवे
मिल्या वो महबूब प्यारा , जेड़ा कदी जुदा ना होवे
आदम इश्क नमाज मैं निति , जेड़ी कदी क़ज़ा ना होवे

Kaliyan Ishq Kaman okha
Kisay nu Yar Bnana Okha
Pyar Pyar Tay har koi Bollay
Kar k Pyar nibhana okha
Har koi Dhukhan Tay HAss Lenda
kisay Da Dard wadana okha
Gallan Nall naye Rutbay millday
Jogi Bhesa wadana okha
Koi Kisay Di gall naye sunda
lokan nu Samjhana okha

vijaykajla1
February 20th, 2012, 11:44 AM
तुम लौट के आने का तकल्लुफ मत करना ,
हम एक मोहब्बत को दो बार नहीं करते !!

vijaykajla1
February 20th, 2012, 05:40 PM
अक्सर वही लोग उठाते है सूरज पर उंगलियां,

एक जुगनू जैसी भी जिनकी औकात नहीं होती !

nadark10
February 20th, 2012, 10:36 PM
Tha koi jo mere dil ko zakham de gaya,,, था कोई जो मेरे दिल को ज़ख़्म दे गया,,,
Zindgi bhar jeene ki kasam de gaya,,, जिंदगी भर जीने की कसम दे गया,,,
Lakhon phoolon main se ek phool chuna tha maine,,, लाखों फूलों मैं से एक फूल चुना था मैंने,,,
Jo kanton se bhi gahra jakham de gaya,,, जो काँटों से भी गहरा ज़ख़्म दे गया,,,

vijaykajla1
February 21st, 2012, 04:59 PM
शर्मिंदा हूँ आज भी इन फूलों से
जिन को तेरे लिए टहनी से जुदा किया !!
और वो मेरी ही किताबों में सूख गए
तेरा इन्तेज़ार करते करते !!

vijaykajla1
February 22nd, 2012, 01:30 AM
के कुछ शख्सियत और भी है ज़माने में
तो इम्तिहान मुझी से क्यु मुखातिब हो ए खुदा !!

navdeepkhatkar
February 22nd, 2012, 09:55 AM
Shikwe Toh Bahut Hai, Magar Shikayat Nahi Kar Sakta...!
Mere Honthon Ko Ijaazat Nahi Tere Khilaf Bolne Ki...

navdeepkhatkar
February 22nd, 2012, 10:10 AM
Maine kafir k ehsaason mein hai dekha…
Hai khuda vahan bhi… sirf jataata nhi..!!!

Moar
February 22nd, 2012, 11:17 AM
'ग़ुलाम अली साहब - आवारगी ' से कुछ पंक्तियाँ पेश हैं:

"ये दिल ये पागल दिल मेरा, क्यों बुझ गया आवारगी

कल शब मुझे बेशक्ल की आवाज़ ने चौंका दिया
मैंने कहा तू कौन है, उसने कहा आवारगी

कल रात तन्हा चाँद को देखा था मैंने खुआब में
मोहसिन, मुझे रास आएगी शायद सदा आवारगी"

ravinderjeet
February 22nd, 2012, 07:44 PM
खुसरो दरिया प्रेम का सो उलटी वाकी धार ..
जो उबरे सो डूब गए ,जो डूबे सो पार ...

अमीर खुसरो ...

htomar
February 22nd, 2012, 08:10 PM
Maine kafir k ehsaason mein hai dekha…
Hai khuda vahan bhi… sirf jataata nhi..!!!

1.
बैठ कर पीने दे मस्जिद मे या
वो जगह बता दे जहा खुदा नहीं

2.
पी काफिर के घर जाकर
वहा खुदा नहीं

1.
मैंने काफ़िर के एहसासों में है देखा
है खुदा वहां भी सिर्फ जताता नही

nadark10
February 22nd, 2012, 08:41 PM
Dil main tammanao ko dabana seekh liya,,, दिल मैं तम्मनाओं को दबाना सीख लिया,,,
Gam ko aankhon main chhupana seekh liya,,, गम को आँखों मैं छुपाना सीख लिया,,,
Mere chehre se koi baat zahir na ho,,, मेरे चहरे से कोई बात ज़ाहिर न हो,,,
Isliye Daba ke honton ko muskrana seekh liya... इसीलिए दबा के होठों को मुस्कुराना सीख लिया...

nadark10
February 22nd, 2012, 09:15 PM
Yun Kabhi Tabaahi Ka Jashan Mana Lete Hain,,, यूँ कभी तबाही का जश्न मना लेते हैं,,,
Apni Palkon Pe Sitaron Ko Saja Lete Hain,,, अपनी पलकों पे सितारों को सजा लेते हैं,,,
Tum To Apne The Zara Haath Badhaya Hota,,, तुम तो अपने थे ज़रा हाथ बढाया होता,,,
Gair Bhi Doobne Wale Ko Bacha Lete Hain… गैर भी डूबने वाले को बचा लेते हैं...

vijaykajla1
February 22nd, 2012, 09:21 PM
"बेक़रारी सी बेक़रारी है ,
वस्ल हैं और फिराक तारी है
जो गुज़ारी न जा सकी हम से
हम ने वो ज़िन्दगी गुज़ारी है
बिन तुम्हारे कभी नहीं आई
क्या मेरी नीँद भी तुम्हारी है ?
उस से कहियो की दिल की गालियों में
रात-दिन तेरी इंतजारी है "

nadark10
February 22nd, 2012, 11:14 PM
Badla jo waqt aapki mohabbat badal gai,,, बदला जो वक़्त आपकी मोहब्बत बदल गई,,,
Suraj dhala to saaye ki soorat badal gai,,, सूरज ढला तो साए की सूरत बदल गई,,,
Ek umar tak ham aapki zaroorat bane rahe,,, एक उम्र तक हम आपकी जरूरत बने रहे,,,
Fir yun hua ki aapki zaaroorat badal gai,,, फिर यूँ हुआ की आपकी जरूरत बदल गई,,,

ravinderjeet
February 23rd, 2012, 11:47 AM
यूँ न खेंच अपनी तरफ मुझे बे-बस कर के....
के खुद से भी बिछड जाऊ और तू भी न मिले !!!

ravinderjeet
February 23rd, 2012, 11:51 AM
किससे मैं उम्मीद करूँ ,
समझेगा मेरी कौन बात !

कौन चाहता है मुझ पर मुस्कान खिले ,
किसको धुन है नींद चैन की सोऊँ मैं ?
है कद्र किसे जज़्बात , मेरे अहसासों की ,
कौन मुझे गलबाँही दे जब रोऊँ मैं ?

ravinderjeet
February 23rd, 2012, 11:54 AM
वो कहा गया क रौनक -ए -दर -ओ -दीवार गए मोहसिन ,
एक शख्स ले गया मेरी दुनिया समेट केर |

ravinderjeet
February 23rd, 2012, 11:54 AM
नुक्ताचीं है, ग़म-ए-दिल उसको सुनाये ना बने,
क्या बने बात, जहाँ बात बनाए ना बने

ravinderjeet
February 23rd, 2012, 11:58 AM
और कुछ देर न गुज़ारे , शब् -ए -फुरक़त से कहो,
दिल भी कम दुखता है , वो याद भी कम आते हैं |

ravinderjeet
February 23rd, 2012, 12:05 PM
किस किस की मिसाल दूँ तुझ को ,
हर सितम बे मिसाल करते हो |

vijaykajla1
February 23rd, 2012, 03:35 PM
वो कहते है भुला दो पुरानी बातों को

कैसे समझाऊँ उन्हें की वो पुरानी बातों से तो जिंदा है हम

Saharan1628
February 23rd, 2012, 03:50 PM
********************************************
Kati ek jhalak mai hi chhori maar gyi tu Jaat ne
Issi bholi bhaali surat teri tu thwaawegi uski Khaat ne
Ranjha ban ke ne jogi ho gya bhul gya saare Thaath ne
Halwe kheer ka shokeen eeb baitha reh se Dilli Haat mai
Stadium mai daud maaran aala reh se tere didaar ki Baat mai
Kyun se tu itni andy,kyan te maar gyi tu dhaakad Jaat ne
*********************************************

vijaykajla1
February 23rd, 2012, 04:49 PM
मुझ आशिक-ए-नामुराद की किस्मत का हो खानाखराब,
माशूक पहलू-ए-गैर में है और मेरे पहलू में है शराब.

nadark10
February 23rd, 2012, 07:32 PM
​Chahat Ka Naqaab Odhkar Aaye Qaatil Hamare,,,चाहत का नकाब ओढ़ कर आये कातिल हमारे,,,
Majhdhaar Mein Hi Doob Gaye Sahil Hamare,,, मझधार मैं ही डूब गए साहिल हमारे,,,
Na Rulane Ki Kasam Denewale Hi Chod Gaye,,, न रुलाने की कसम देनेवाले ही छोड़ गए,,,
Aansuon Ke Samundar Aankhon Mein Hamare... आंसुओं के समंदर आँखों मैं हमारे,,,

vijay
February 23rd, 2012, 08:07 PM
​Chahat Ka Naqaab Odhkar Aaye Qaatil Hamare,,,चाहत का नकाब ओढ़ कर आये कातिल हमारे,,,
Majhdhaar Mein Hi Doob Gaye Sahil Hamare,,, मझधार मैं ही डूब गए साहिल हमारे,,,
Na Rulane Ki Kasam Denewale Hi Chod Gaye,,, न रुलाने की कसम देनेवाले ही छोड़ गए,,,
Aansuon Ke Samundar Aankhon Mein Hamare... आंसुओं के समंदर आँखों मैं हमारे,,,



अगर चाहने से जहां मे खुशियां मिलती
खुदा से मांगने से अगर दुनियां मिलती
क्यूं भटकता इस तरह दीवानो की तरह
तेरे मकान से मेरी सब गलियां मिलती

Moar
February 24th, 2012, 09:29 AM
वो कहते है भुला दो पुरानी बातों को

कैसे समझाऊँ उन्हें की वो पुरानी बातों से तो जिंदा है हम

:very_drunk:

छा गया भाई, छा गया.. लम्बर पुरे ले गया जम्मा...

कसुत्ता ए शायर स कोए, जो इस्सी टेड्डी बात लिख गया !

htomar
February 24th, 2012, 12:17 PM
हार गूँथने बैठी थी जिंदगी
फूल ना मिले तो काँटे पिरो लिए

vijaykajla1
February 24th, 2012, 01:15 PM
तू दिल पे बोझ लेके मुलाक़ात को न आ,
मिलना है इस तरह तो बिछड़ना क़ुबूल है.

vijaykajla1
February 24th, 2012, 01:19 PM
शिद्दत ए दर्द से शर्मिंदा नहीं है मेरी वफ़ा

दोस्त गहरे हैं तो ज़ख्म भी गहरे होंगे !!!

nadark10
February 24th, 2012, 03:43 PM
Dil ne jo chaha vo kabhi bhi na paaya,,, दिल ने जो चाहा वो कभी भी न पाया,,,,
Jhoothi muskaan main hamne har gam ko chipaaya,,, झूठी मुस्कान मैं हमने हर गम को छिपाया,,,,
Har insaan takdeer ko aajmaata hai,,, हर इंसान तकदीर को आजमाता है,,,
Ek ham hain jise har baar takdeer ne aajmaaa,,, एक हम हैं जिसे हर बार तकदीर ने आजमाया,,,

VirJ
February 24th, 2012, 03:50 PM
Why all shayar write sad peotry? Its good though !

nadark10
February 24th, 2012, 04:05 PM
Mil bhi jaate hain to katra ke nikal jaate hain,,, मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं,,,
Haaye mausam ki trah log badal jaate hain,,, हाय मौसम की तरह लोग बदल जाते हैं,,,
Wo kabhi apni jafaa par nahin hue sharminda,,, वो कभी अपनी जफा पर नहीं हुए शर्मिंदा,,,
Ham samjhte rahe patthar bhi pighal jaate hain,,,हम समझते रहे पत्थर भी पिघल जाते हैं,,,
Umar bhar jinki wafaon pe bharosa kariye,,, उम्र भर जिनकी वफाओं पे भरोसा करिये ,,,,
Waqt padne par wahi log badal jaate hain,,, वक्त पड़ने पर वही लोग बदल जाते हैं,,,

Bisky
February 24th, 2012, 05:19 PM
"नकाब जो उठा दी, तो हद भी लगा दी
उठे हर निगाह, लेकिन कोई बाम तक ना पहुंचे "


बाम - Peak, शीर्ष, चोटी

ravinderjeet
February 24th, 2012, 06:01 PM
Why all shayar write sad peotry? Its good though !


मौका प्यार का जिन्दगी में ,
हर एक को मिला ,
किसी को थी शिकायत ,
किसी को शिकवा ,
किसी को गिला ,
कुछ संभले ,कुछ दिल की सदा बन गए |


किसी का तीर निशाने से चुका,
कोई गया था ठगा ,
किसी को मिली तन्हाई ,
जो चूक गए वो शायर बन गए |

--------रवि "अतृप्त "

nainsunil007
February 24th, 2012, 06:30 PM
सामने हो मंजिल तो रास्ते मत मोडना
जो भी मन में हो वो सपना मत तोडना
कदम कदम पे मिलेंगी मुशकिल आपको
बस सितारे चुनने के लिए कभी जमीं मत छोडना

vijay
February 24th, 2012, 08:48 PM
शिद्दत ए दर्द से शर्मिंदा नहीं है मेरी वफ़ा

दोस्त गहरे हैं तो ज़ख्म भी गहरे होंगे !!!


चाहत का फ़ूल फ़िर से खिला नहीं
तुमसा कोई दुसरा अभी मिला नहीं
दोस्तों ने ही हर कसर पूरी कर दी
इसलिये दुश्मनों से कोई गिला नहीं

vijay
February 24th, 2012, 08:51 PM
Why all shayar write sad peotry? Its good though !

There is each and every shade of life in the poetry people write.
But most popular shade is the one which most of the people likes to read :)

vijay
February 24th, 2012, 08:54 PM
Mil bhi jaate hain to katra ke nikal jaate hain,,, मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं,,,
Haaye mausam ki trah log badal jaate hain,,, हाय मौसम की तरह लोग बदल जाते हैं,,,
Wo kabhi apni jafaa par nahin hue sharminda,,, वो कभी अपनी जफा पर नहीं हुए शर्मिंदा,,,
Ham samjhte rahe patthar bhi pighal jaate hain,,,हम समझते रहे पत्थर भी पिघल जाते हैं,,,
Umar bhar jinki wafaon pe bharosa kariye,,, उम्र भर जिनकी वफाओं पे भरोसा करिये ,,,,
Waqt padne par wahi log badal jaate hain,,, वक्त पड़ने पर वही लोग बदल जाते हैं,,,



मिलना बिछडना किस्मत की बात है
अब कौन जाने किसके क्या हालात है

वक्त का मौसम सब के लिये एक नहीं
वहां धूप ओर यहां काली घनी रात है

क्यूं उसके सिवा कोई चेहरा नहीं भाता
वर्ना दिल लगाने को पूरी कायनात है

जाने कहां तन्हा बैठा होगा वो दीवाना
किसी हसीं के घर आई आज बारात है

वफ़ा का मतलब किससे पूछे विजय
हर इंसान के अपने अपने खयालात हैं

nadark10
February 24th, 2012, 10:44 PM
Nafratain laakh mili koi mohabbat na mili,,, नफरतें लाख मिली कोई मोहब्बत न मिली,,,
Zindgi beet gai par raahat na mili,,, जिंदगी बीत गई पर राहत न मिली,,,
Teri mahfil main har shakhs ko hansta dekha,,, तेरी महफ़िल मैं हर शख्स को हँसते देखा,,,,
Ek main tha jise hansne ki ijaazat na mili.... एक मैं था जिसे हँसने की इजाजत न मिली,,,

Bisky
February 25th, 2012, 10:48 AM
"खुशशक्ल भी है वो, ये अलग बात है, मगर
हमको ज़हीन लोग हमेशा अज़ीज़ थे"

ज़हीन - Intelligent, समझदार

vijaykajla1
February 25th, 2012, 07:21 PM
"महफ़िल,मुकाम,रास्ते और गम उदास हैं
खुद में जो जब्त हैं सभी मौसम उदास हैं
किस-किस से पूछियेगा बेहल सवाल ये
सब ही उदास हैं या फ़क़त हम उदास हैं..... "

vijaykajla1
February 25th, 2012, 07:24 PM
मुझे मोहब्बत है अपने हाथ की सब उँगलियों से

ना जाने किस उंगली को पकड़ के 'माँ ' ने मुझे चलना सिखाया होगा !!

nadark10
February 25th, 2012, 07:39 PM
Ek raat hui barsat bahut,ham roye saari raat bahut,,,
Har gam tha zamane ka lekin,ham tanha the us raat bahut,,,
Phir ankh se ek sawan barsa,jab sahar hui khayal aaya,,,
Wo baadal kitna tanha tha,jo barsaa saari raat bahut,,,

vijaykajla1
February 25th, 2012, 07:41 PM
यह बेवफा जिंदगी भी तुम्हारे नाम करते है

सुना है खूब बनती है बेवफा की बेवफा के साथ !!!

htomar
February 25th, 2012, 07:52 PM
शीशे से सीखा है मैने मोहब्बत का हुनर
तोड़ने वाले का अक्स भी दिल मे बसा लेता है

htomar
February 25th, 2012, 07:54 PM
रोज़ आती है मेरी कब्र पर अपने हमसफ़र के साथ
कौन कहता है कि दफनाने के बाद जलाया नहीं जाता

htomar
February 25th, 2012, 07:57 PM
मंज़िल भी नही,ठिकाना भी नही,

वापिस मुझे घर जाना भी नही,

मैने ही सिखाया था उन्हे तीर चलाना,

अब मेरे सिवा उनका कोई निशाना भी नहीं