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ViewsधमाळFrom Jatland Wiki
चेतो करल्यो रै, साथीड़ा सगळा एको करल्यो रै, चेतो करल्यो रै । जाट कमायो खावै आपको, दूजां नै नहीं भावै रै, मूंडा मीठी बात, पीठ पर छुरी चलावै रै । चेतो करल्यो रै ..... ।।1।। एका बिना अब पार पड़ै ना, आज टेम आ आई रै, ओरां कानी देखो, कैंयां शोर मचाई रै । चेतो करल्यो रै ..... ।।2।। धरती मां को लाल जाट, बो अन्नदाता कहलावै रै, जय जवान जय किसान को परचम पहरावै रै । चेतो करल्यो रै ..... ।।3।। जाळ रच रह्या जकानैं, मिलके सबक सिखायो रै, सांचै-मांचै राम राचै, "पदम" रो कह्यो रै । चेतो करल्यो रै ..... ।।4।। संदर्भपदम सिंह बिजारणिया यह भी देखेंBack to Rajasthani Folk Lore |