Nain

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Nain (नैन)[1][2]/ Nayan (नयन)[3] Nen (नेण) Nain (नैण)[4] Binain (बिनैन) is gotra of Jats found in Punjab, Haryana, Delhi, Rajasthan,[5] Uttar Pradesh, Madhya Pradesh in India and in Pakistan.

Contents

Origin

Nain Pal

Nain Pal has 52 villages in Jind, Narwana and Sangrur in Punjab. Ch. Shamsher Singh Surjewala, Ch. Tek Chandra and Ch. Bhale Ram are from this Khap. [6]

History

We find mention of this clan in Iran in ancient times. Lake Urmia (Persian: دریاچه ارومیه) is a salt lake in northwestern Iran between the provinces of East Azarbaijan and West Azarbaijan, west of the southern portion of the similarly shaped Caspian Sea. Lake Urmia has 102 islands. Nahan is one of the islands.It indicates the population of Nain people inhabiting this island.

Bhim Singh Dahiya has identified that Central Asian Name - Noyan is the same as the existing Indian Jat clan 'Nayan'/Nain.[7]

Garcha, Sirhe, Nain, Chandarh, Dhande, Kandhole and Khosa Jatts are close kins who are thought to come from Turkistan (Scythian empire) in early history.

Villages founded by Nain clan

Sub divisions of Tunwar

Bhim Singh Dahiya[8] provides us list of Jat clans who were supporters of the Tunwar when they gained political ascendancy. The Nain clan supported the ascendant clan Tunwar and became part of a political confederacy.[9]

नैन गोत्र का इतिहास

नैन अत्यंत प्राचीन गोत्र है. कई शताब्दी ईशा पूर्व जाटों के छः वंश शिवी, सुरावी, किम्ब्री, हेमेंद्री, कलिबैन हरिवर्ष (यूरोप) गए थे उनमें नैन भी थे. हेमेंद्री गोत्र की ही एक शाखा नैन थे. नैन ही डेनमार्क व इंग्लैंड में नॉर्मन, नरगर कहलाये. 326 ई.पू. सिकंदर के भारत आक्रमण के समय उनके साथ उनकी प्रेमिका/पत्नी महारानी ताया भी थी. सिकंदर ने पोरस के साथ हुए समझोते को तोड़ा और पोरस को विध्वंश कर जाट युवतियों को बंदी बनाया तो सिकंदर को सबक सिखाने तक्षिला विश्वविद्यालय के चार स्नातकों ने सिकंदर की महारानी ताया का अपहरण किया था. इनमें देवका नैन भी एक था. [10] [11]


ठाकुर देशराज के अनुसार 'नेन' शाखा अनंगपाल तोमर के एक वंशज नैनसी के नाम पर चली. कालांतर में ये लोग डूंगरगढ़ तथा रतनगढ़ तहसील में आकर आबाद हुए. इनमें श्रीपाल नामक व्यक्ति का जन्म संवत 1398 (1341) में हुआ, जिनके 12 लड़के हुए, जिनमें राजू ने लद्धोसर, दूला ने बछरारा , कालू ने मालपुर, हुक्मा ने केऊ, लल्ला ने बीन्झासर और चुहड़ ने चुरू आबाद किया. [12] नैन गोत्र जाट यहाँ के प्राचीन निवासी हैं. [13]

जाट इतिहासकार भले राम बेनीवाल ने अपनी पुस्तक 'जाट योद्धाओं का इतिहास' में इस गोत्र का विस्तार से वर्णन किया है. उनके अनुसार यह चंद्रवंशी गोत्र है. यह जाटों के प्राचीनतम गोत्रों में से एक है. भले राम जी, ठाकुर देशराज के तंवर गोत्र से उत्पति के प्रमाण से सहमत नहीं हैं. नैन गोत्र इससे पहले भी अस्तित्व में था. राजस्थान में भिरणी गाँव जिला हनुमानगढ़ और बालेवास जिला हनुमानगढ़, राजस्थान में प्रचलित कहानी सच प्रतीत होती है. शमशेर सिंह पुत्र बलदेव सिंह अपनी ३३ पीढियों का खुलासा करते हैं जो सभी राजा अनंगपाल तोमर से जाकर मिलती हैं. राजा अनंगपाल के कोई लड़का नहीं था. जिस समय उनकी आयु ९० वर्ष थी उस समय ईरान देश के निष्कासित राजा क़यामत खां अपनी बेगम व जवान पुत्री शाहबानो के साथ अनंगपाल के दरबार में आया, वह जाट कौम का था और उसके परिवार ने ८ वीं सदी में इस्लाम ग्रहण किया था. क़यामत खां की जवान बेटी को हिन्दू बनाकर उसका नाम बदल कर सुमन देवी रखा और उससे शादी की थी तब उससे एक लड़का पैदा हुआ था. राजा के कुल पुरोहितों ने राजा को सलाह दी कि यह बच्चा राज्य के लिए अहितकर है. इस कारण राजा ने आया को हुक्म दिया कि उस बालक की हत्या कर दे लेकिन उस आया के मन में रहम आ गया तथा उस अबोध बालक को 'गौर' (गोबर आदि फैंकने का स्थान) में फेंक दिया. जब एक कुम्हार व कुम्हारी गौर में पहुंचे तो उन्होंने उस बालक को उठा लिया तथा गौर में मिलने के कारण इनका नाम गौर सिंह रखा जो बाद में मोहम्मद गौरी के नाम से प्रसिद्ध हुआ. वह दिल्ली के राजा अनंगपाल क इकलोता पुत्र था तथा उसका गोत्र नैन था. इस गोत्र के बारे में जो वंशावली जाट इतिहास एवं समकालीन सन्दर्भ के लेखक प्रताप सिंह शास्त्री ने दी है वह शमशेर सिंह गाँव धमतान साहब जिला जींद, हरियाणा द्वारा दी गयी से मेल खाती है. [14]

आज नैनों के ५२ गाँव नरवाना क्षेत्र, पूरे हरयाणा, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश में पाए जाते हैं.

भास्कर न्यूज[15] त्न श्रीडूंगरगढ़/बिग्गा: गौवंश की रक्षा में डाकुओं से लड़ते हुए शहीद होने वाले लोक देवता वीर बिग्गाजीवीर सायरजी के मेले एवं जागरण आयोजित किए जाते हैं। जाखड़ वंश के कुल देव वीर बिग्गाजी के धड़ देवली धाम बिग्गा व शीश देवली धाम रीड़ी में व नैण वंश के कुल देव सायरजी झुझार की शहादत स्थल बींझासर गांव में जागरण होता है वहां बने मंदिरों में दूर दूर से लोग आते हैं ।

नैन गोत्र की वंशावली

राजा आनंदपाल के दो लड़के थे. बड़े का नाम अनंगपाल तथा छोटे का नाम नैनपाल था. बड़ा बेटा होने के कारण अनंगपाल को दिल्ली की गद्दी मिली थी. छोटा बेटा नैनपाल राजकाज के अन्य काम देखता था. वह बड़ा सीधासादा तथा शील स्वभाव का था. कुछ लोगों का मानना है कि नैनपाल से नैन गोत्र शुरू हुआ. [16]

शमशेर सिंह गाँव धमतान साहिब, जिला जींद की वंशावली इस प्रकार है: 1. आनंदपाल → 2. नैनपाल (अनंगपाल का छोटा भाई)→ 3. थरेय → 4. थरेया → 5. थेथपाल → 6. जोजपाल → 7. चीडिया → 8. बाछल → 9. बीरम → 10. बीना → 11. रतुराम → 12. मोखाराम → 13. सोखाराम → 14. भाना राम → 15. उदय सिंह → 16. पहराज → 17. सिन्हमल → 18. खांडेराव → 19. जैलोसिंह → 20. बालक दास → 21. रामचंद्र → 22. आंकल → 23. राजेराम → 24. लालदास → 25. मान सिंह → 26. केसरिया → 27. बख्तावर → 28. बाजा → 29. फतन → 30. कलिया राम → 31. बल देव सिंह → 32. शमशेर सिंह → 33. सुमेर सिंह

Distribution in Gujarat

Villages in Banas Kantha district

Rampura, Yavarpura,

Distribution in Punjab

Villages in Patiala district


Nain population is 1,050 in Patiala district. [17]

Villages in Amritsar district

Bhindi Nain,

Villages in Firozpur district

Kular Firozpur,

Distribution in Haryana

Central Haryana has 52+12 villages of Nain gotra in and around Jind and Hisar District.

Villages in Bhiwani district

Nain found in Dhani Mithi in Bhiwani.

Villages in Faridabad district

Saran

Villages in Karnal district

Mandhan,

Villages in Sonipat district

Kami, Bhadana, Rolad Latifpur, Naina Tatarpur, Bhadi,

Villages in Hisar district

Parbhuwala(प्रभुवाला), Litani, Hasangarh, Mattarsham, Asraun, Pabra, Khedar, Bugana, Sarsod, Kherar, Kanari, Kharian, Balawas

Villages in Kurukshetra District

Naina, Beholi, Sirsma, Ishargarh, Mukarpur, Nandukhera,

Villages in Rohtak district

Ajaib, Sisroli,

Villages in Sirsa district

Kaluana, Sultanpuria, Kharia, Ganga, Dhottar,

Villages in Fatehabad district

Baijalpur, Balianwala, Chindar, Dhanger, Gorakhpur, Kamalwala, Kanhari,

Villages in Jind district

Dhamtan Sahib, Loan, Kalwa (कालवा), Khardwal, Sacha Khera, Danoda Kalan, Danoda Khurd, Amargarh, Bagru Kalan, Ghogharian (घोघड़ियां), Barodi, Lohchab, Dharodi,

Villages in Rewari district

Nayagaon - Ghudkawas,

Distribution in Uttar Pradesh

Villages in Bulandshahar district

Valipur,

Villages in Bagpat district

Sarurpur Kalan, Basi, Gadhdi, Ladhwadi, Niraujpur Gurjar, Baghu,

Villages in Ghaziabad district

Dabana,

Villages in Muzaffarnagar district

Saunta, Soha,

Villages in Saharanpur district

Amarpur Nain, Nainkhera, Nainpur Saiyyad, Nainsob Must., Nanauta (NP), Nain Kheri (Nakur), Nainsob,

Distribution in Delhi

In delhi Nain gotra is in 2 villages namely Jatkhod and Punjabkhod.

Distribution in Rajasthan

Villages in Barmer district

Balotra, Bhojasar Kundawa, Barmer, Sindhari, Dharasar,

Villages in Bikaner district

Gigasar,

Villages in Churu district

Bhaini (Bhadra), Dhana Bhakhran, Gusainsar, Jodi, Kharatwas, Kilipura, Padampur, Rajpura Churu, Ranasar Beekan, Sahwa, Satyun, Sirsali Churu, Tidiyasar (350),

Locations in Jaipur city

Himmat Nagar, Mansarowar Colony,

Villages in Jaipur district

Jetiawas, Renwal (1),

Villages in Sikar district

Kachhwa, Laxmangarh, Rampura Srimadhopur, Udas,

Villages in Jhunjhunu district

Dhamora, Kant, Sangasi, Bisau,

Villages in Nagaur district

Dabriya, Kalwa, Mandookara,

Villages in Jodhpur district

Bisalpur, Jetiya Bas, Nandara Kalan,

Villages in Sri Ganganagar district

Ghamudwali, Deenjhdayala,

Villages in Hanumangarh district

Bhadi Hanumangarh, Bhirani, Bhakaranwali, Dingarh, Lilanwali, Nagrana, Pacca Saharana, Ramgarh, Ratanpura Saliwala, Sangaria,

Villages in Tonk district

Nen jats live in villages: Ajmeri (30), Aranya Kankad (2), Balapura Lawa (12), Balapura Tonk (3), Dechwas (6),

Villages in Karauli district

Nainiya Ki Guwari,

Distribution in Madhya Pradesh

Bhopal, Manpur Indore, Jabalpur, Mandsaur,

Villages in Mandsaur district

Mandsaur, Badari, Thauri,

Villages in Nimach district

Bagpipalya,

Villages in Ratlam district

Villages in Ratlam district with population of Nain (नैन) gotra are:

Malakheda 1, Rughnathgarh 1, Salakhedi 1, Sikhedi 1,

Villages in Ratlam district with population of Nen (नेण) gotra are:

Piploda 4, Salakhedi 3,

Villages in Dewas district

Sagonya,

Villages in Morena district

Bamor,

Villages in Gwalior district

Gwalior,

Distribution in Pakistan

Nain - The Nain are a Mulla Jat clan. They were found in Patiala, Bhatinda and Hissar. Like other Mulla Jats, they moved to Pakistan after partition. They are now found mainly in Multan, Sahiwal and Okara districts.

Notable persons from this gotra

  • सायरजी झुझार - नैण वंश के कुल देव सायरजी झुझार की शहादत स्थल बींझासर गांव
  • Amrit Nath Ji (1852-1916) - Son of Shri Chet Ramji, Gotra: Nain, Village:Bisau, District:Jhunjhunu, Rajasthan, Sect:Naked, Nath
  • Bhagirath Singh Nain - Hindi author from Jetiawas, Jodhpur
  • Sepoy Bajrang Lal Nain - Martyr of Kargil War
  • Harish Chandra Nain - Freedom fighter[18]
  • Ch. Shri Bhagwan Nain, Near Adarsh Cinema, Purani Abadi, Ganganagar, Ph:0154-2472662, Life Time Member Trustee Gramotthan Vidyapeeth Sangaria.
  • Dr. Rajev I. Nain - Surgeon in Northern Virginia.
  • Ms Navraj Nain - IAS 1982 batch[19]
  • Magha Ram Nain - Social worker & Ex-President,Banar College, Pali from1975 - 1977.
  • Pankaj Nain - IPS, 2007 Batch Village Khardwal (Narwana) Distt.-Jind, Haryana
  • Sh. Azad Singh Nain (Teacher, Haryana State Best Teacher Awardee 2008) Village Ajaib, Distt Rohtak Haryana
  • Sh. Amit Nain (Mech. Engg. Pune) Village Ajaib, Dist. Rohtak, Haryana

Gallery of Nain people

Reference

  1. B S Dahiya:Jats the Ancient Rulers (A clan study), p.241, s.n.154
  2. Jat History Dalip Singh Ahlawat/Parishisht-I, s.n. न-15
  3. O.S.Tugania:Jat Samuday ke Pramukh Adhar Bindu,p.46,s.n. 1379
  4. O.S.Tugania:Jat Samuday ke Pramukh Adhar Bindu,p.47,s.n. 1424
  5. Jat History Thakur Deshraj/Chapter IX,p.695
  6. Dr Ompal Singh Tugania: Jat Samuday ke Pramukh Adhar Bindu,p.18
  7. Jats the Ancient Rulers (A clan study)/The Jats, p.60
  8. Jats the Ancient Rulers (A clan study)/Appendices/Appendix I,p.316-17
  9. A glossary of the Tribes and Castes of the Punjab and North-West Frontier Province By H.A. Rose Vol II/J,p.375
  10. भगवती चरण वर्मा:, फारस घटी की लडाई 556 ई.पू. एवं खून के छीटे
  11. भले राम बेनीवाल : 'जाट योद्धाओं का इतिहास', 2008, पृ.717 .
  12. ठाकुर देशराज, बिकानेरीय जागृति के अग्रदूत चौधरी हरिश्चंद्र नैन, पेज 335-337
  13. Dr Pema Ram, The Jats Vol. 3, ed. Dr Vir Singh,Originals, Delhi, 2007 p. 206
  14. भले राम बेनीवाल : जाट योद्धाओं का इतिहास, २००८, पृ.७१६ .
  15. भास्कर न्यूज 08/10/11
  16. भले राम बेनीवाल : जाट योद्धाओं का इतिहास, २००८, पृ.७१७ .
  17. History and study of the Jats. B.S Dhillon. p.126
  18. Mahendra Singh Arya et al: Adhunik Jat Itihas, p. 312
  19. Mahendra Singh Arya et al: Adhunik Jat Itihas, p. 337

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