Dausa Jat Mahasabha

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दौसा जाट महासभा वर्तमान अध्यक्ष परिचय

दौसा जाट महासभा के वर्तमान अध्यक्ष चौधरी कंवरपाल सिंह जी है चौधरी साहब सदा से जाति हितेषी रहे है चौधरी कंवरपाल सिंह तोमर का जन्म 15 दिसम्बर को श्रीमान छज्जू जाट और होशियारी देवी के घर पर हुआ । इनका निवास स्थान बसवा तहसील में बांदीकुई जागीर ग्रामीणमें है चौधरी साहब सदा से जाट समाज के प्रति जागरूक रहे है चौधरी साहब नरुखंड की जाट 84 में भी पटेल के रूप मे भी शक्रिये है इन्होने समाज के विकास में अतुलनीय योगदान दिया है . राजस्थान जाट महासभा के अध्यक्ष श्री राजाराम मील जी के आदेशानुसार गठित जाट महासभा दौसा की कार्यकारणी निम्न है

प्रदेश अध्यक्ष का परिचय

राजस्थान जाट माह सभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री राजाराम मील जी एक बहुत बड़े समाजसेवी और जाट समाज हितेषी है। राजाराम जी ने जितना त्याग बलिदान जाट समाज के लिए दिया उतना शायद किसी और ने दिया हो। ऐसे समाजसेवी को भगवान् लंबी आयु प्रदान करे ।

दौसा कार्यकारणी की सूचि प्रदेशाध्यक्ष राजाराम मील के आदेशानुसार

पद का नाम पदाधिकारी का नाम सम्बंधित क्षेत्र निवास स्थान
अध्यक्ष श्री चौधरी कंवरपालसिंह सम्पूर्ण क्षेत्र बांदीकुई जागीर और पण्डितपुरा
संरक्षक श्री महेंद्र सिंह सम्पूर्ण क्षेत्र दौसा
संरक्षक श्रीघनश्याम देशवाल सम्पूर्ण क्षेत्र शीशवाड़ा
सयोजक श्री अमरसिंह सम्पूर्ण बांदीकुई
वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री चौधरी छोटूसिंह गैना सम्पूर्ण मरियाडा
कोषाध्यक्ष श्रीराजेन्द्र सिंह राठी सम्पूर्ण जिला दौसा
उपाध्यक्ष श्री रामजीलाल देशवाल सम्पूर्ण जिला शीशवाड़ा
उपाध्यक्ष श्री रामप्रसाद देशवाल सम्पूर्ण जिला समसपुर
उपाध्यक्ष श्री डॉ तेजसिंह ऐडा सम्पूर्ण रोत हड़िया
उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्र पूनिया सम्पूर्ण जिला मरियाडा
उपाध्यक्ष श्री हरिसिंह सम्पूर्ण जिला मरियाडा
महासचिव श्री नेमसिंह कुंतल सम्पूर्ण जिला कौशल नगर
सचिव श्री प्रेमसिंह देशवाल सम्पूर्ण जिला शीशवाड़ा
संगठन मंत्री श्री अमीरचंद सम्पूर्ण जिला बांदीकुई
संगठन मंत्री श्री राजेन्द्रसिंह ठाकन सम्पूर्ण पण्डितपुरा
संगठन मंत्री श्री देवेन्द्र सिंह देशवाल सम्पूर्ण महुवा
संगठन मंत्री श्री संग्राम सिंह देशवाल सम्पूर्ण पण्डितपुरा
संगठन मंत्री श्री चिम्मन लाल गैना सम्पूर्ण मरियाडा
संगठन मंत्री श्री सुरेश सारण सम्पूर्ण जिला पण्डितपुरा
संगठन मंत्री श्री भीमसिंह देशवाल सम्पूर्ण शीश वाड़ा
प्रचार मंत्री श्री नरेश सिंह चोपड़ा सम्पूर्ण जिला आनंदपुरा
प्रचार मंत्री श्री बोदन सिंह सम्पूर्ण दौसा
प्रचार मंत्री श्री बाबूलाल रणवां सम्पूर्ण जिला पण्डितपुरा
वरिष्ठ सलाहकार श्रीअमरसिंह सम्पूर्ण बांदीकुई
वरिष्ठ सलाहकार श्री मंगतूराम ठाकन सम्पूर्ण पण्
वरिष्ठ सलाहकार श्री लालाराम जाट सम्पूर्ण महुवा
ब्लॉक (तहसील) अध्यक्ष श्री चौधरी विनय सिंह सिरोही दौसा दौसा
ब्लॉक (तहसील) अध्यक्ष श्री कल्याण सहाय जड़ावता बसवा (बांदीकुई) पण्डितपुरा
ब्लाक (तहसील) अध्यक्ष श्री राधेश्याम देशवाल महुवा महुवा
ब्लाक (तहसील) अध्यक्ष श्री प्रदीप चौधरी तहसील सिकराय मरियाडा
परामर्श समिति
सुजानसिंह देसवाल केशवसिंह दिगम्बरसिंह देशवाल ओमप्रकाश देशवाल तयारसिंह देशवाल ऊनवीर सिंह शेरसिंह विजेंद्र गैना बिरिसिंह डागुर मोहनसिंह गिर्राज सिंह पपू सिंह

युवा जाट महासभा

पद का नाम पदाधिकारी का नाम सम्बंधित क्षेत्र निवास स्थान
अध्यक्ष श्री पिंटू सहारण सम्पूर्ण क्षेत्र पण्डितपुरा
संरक्षक श्री सम्पूर्ण क्षेत्र
सयोजक श्री सम्पूर्ण
वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीसुरेन्द्र जाट सम्पूर्ण पण्डितपुरा
कोषाध्यक्ष श्री सम्पूर्ण जिला दौसा
उपाध्यक्ष श्री जीतेन्द्र सिंह देशवाल सम्पूर्ण जिला समसपुर
उपाध्यक्ष श्री गोपालसिंह देशवाल सम्पूर्ण जिला शीशवाड़ा
उपाध्यक्ष श्री विकास चौधरी सम्पूर्ण मरियाडा
उपाध्यक्ष श्रीहेमंत सिंह सम्पूर्ण जिला मरियाडा
उपाध्यक्ष श्री सम्पूर्ण जिला
उपाध्यक्ष श्री विजयसिंह फौजदार सम्पूर्ण
महासचिव श्री यदुवीर सिंह देशवाल सम्पूर्ण जिला समसपुर
सचिव श्री शक्तिसिंह भाम्भू सम्पूर्ण जिला आनंदपुरा
संगठन मंत्री श्री मेघराज सिंह कुंतल सम्पूर्ण जिला बांदीकुई
संगठन मंत्री श्री सूबेसिंह ठाकन सम्पूर्ण पण्डितपुरा
संगठन मंत्री श्री ओमी देशवाल सम्पूर्ण शीशवाड़ा
संगठन मंत्री श्री सम्पूर्ण
संगठन मंत्री श्री सम्पूर्ण
संगठन मंत्री श्री हरेन्द्र सिंह देशवाल सम्पूर्ण जिला समसपुर
प्रचार मंत्री श्री सम्पूर्ण जिला आनंदपुरा
प्रचार मंत्री श्री सम्पूर्ण जिला
प्रचार मंत्री श्री धर्मेन्द्र रणवां सम्पूर्ण जिला पण्डितपुरा
वरिष्ठ सलाहकार श्री सम्पूर्ण पण्डितपुरा
वरिष्ठ सलाहकार श्री सम्पूर्ण
वरिष्ठ सलाहकार श्री सम्पूर्ण
ब्लॉक (तहसील) अध्यक्ष श्री विश्राम ठाकन बांदीकुई पण्डितपुरा
ब्लाक (तहसील) अध्यक्ष श्री महेंद्र सिंह गैना सिकराय मरियाडा
ब्लाक अध्यक्ष श्री थानसिंह देशवाल महुवा शीशवाड़ा
ब्लाक अध्यक्ष श्रीचरणसिंह बम्बोरिया दौसा महेशरा कला

दौसा जाट महासभा परिचय

दौसा जाट महासभा का गठन दौसा जिले की स्थापना होने से पहले ही गया था| तब दौसा का क्षेत्र जयपुर जिले के अधीन आता था दौसा जिले की स्थापना 10 अप्रैल 1991 हुआ । जयपुर की बस्सी , चाकसू तहसील के जाट दौसा जाट महासभा के अधीन ही आते है बस्सी और चाकसू का संसदीय क्षेत्र भी दौसा ही लगता है। दौसा जाट महासभा में बस्सी के जटवाड़ा गाव का महत्व है यह ही अधिकांश जाट महासभा हुई है दौसा लोकसभा के अंदर दौसा तहसील , बसवा तहसील ,लालसोट तहसील ,सिकराय तहसील , महुवा तहसील , बस्सी तहसील , चाकसू तहसीलआती है

बस्सी तहसील और दौसा शहर से 10 काम दूर जाटों के 5 जटवाडा, मदनपुरा बस्सी, गोठड़ा बस्सी, टहटडा बस्सी, , गढ़ोली बस्सी गावो के समूह को पांचू गाँव बोला जाता है केशू की ढाणी ,बाबूपुरा नाम की ढाणी भी इन्ही पाँचू गावो में आती है

इसी तरह बांदीकुई के पास के कुछ जाट गाव आनन्दपुर , चक आनन्दपुरा, जागीर, हरनाथपुर, पंडितपुरा/पंतपुर,नरुखण्डी चौरासी बोले जाते है नरुखण्ड और चौरासी जाटोकी एक प्राचीन पंचायत है जिसमें नरुखण्ड के अंदर अलवर की लछमनगढ़ तहसील ,और दौसा जिले के 210 गाव आते है । और चौरासी में 54 गाँव आते है

महुवा के कुछ जाट गाव खानपुर, कोण्डला, समसपुर, सीसवाडा, को जगरोटिया जाट बोला जाता है क्युकी यह प्राचीन जगरोटी खाप के अन्दर आते थे|

Daulat Pura (दौलतपुरा ), Magarakha (मगरखा),Reengas Pura(रींगसपुरा),यह तीनो गाँव दौसा जिले में है पर यह चारो तरफ से अलवर जिले की कठूमर तहसील के गाँवो से घिरे हुए है


चाकसू में जाटों के गावो को पच्चीसी भी बोला जाता है क्यों की कोथून के पास 25 जाटों के गावो का समहू है अमकेशपुरा ,बाजड़ोली ,सवाईमाधोसिंहपुरा,बडली ,कोथून,बिलासपुरा ,तिगरिया, स्वामी का बास,तितरिया,देवकिशनपुर ,गरुड़वास,तामडया ,गोवर्धनपुरा पदमपुरा,तजपुरा ,टूटोली ,जगरामपुरा, कादेड़ा, श्रीकिशनपुरा, यारलीपुरा ,करेड़ा खुर्द,कीरतपुरा,कोटखावदा,कुम्हारिया बास ,सदारामपुरा ,सदारामपुरा,लदाणा ,रामपुरा बासलक्ष्मीपुरा,काठावाला,अलीवास,मूण्ड्या खुर्द, मारखया, नैनवा,दीपूपुरा,श्रीबृजपुरा

जाट समाज के द्वारा आयोजित कार्यक्रम

14 सितम्बर 2008 का इतिहासिक कार्यक्रम- चौधरी कंवरपाल सिंह की अध्यक्षता में जाट प्रतिभा सम्मान महासम्मेलन किशन पटेल की ढाणी गाँव जटवाडा बस्सी जयपुर ग्रामीण में 14 सितम्बर 2008 के दिन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजाराम मील अध्यक्ष अखिल जाट महासभा राजस्थान के दुवारा की गई मील साहब कट्टर जाट हितेषी है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तत्कालीन उद्योग मंत्री दिगम्बर सिंह दुवारा की गई। मुख्य वक्ता रामपाल जाट तत्कालीन बीजेपी महामंत्री, विशिष्ट अतिथि हेमाराम चौधरी तत्कालीन नेता विपक्ष ,रिछपाल मिर्धा विधायक ,रामविलास चौधरी टोंक जिला प्रमुख टोंक थे ब्लाक अध्यक्ष झुतालाल जी जगदीश गोरा पालावाला थे

दौसा जाट महासभा के अधीन गावो की सूची

दौसा लोकसभा के जाट बाहुल्य गाव नीचे दिए गए है।


जटवाडा, मदनपुरा बस्सी, गोठड़ा बस्सी, टहटडा बस्सी, केशुपुरा, गढ़ोली बस्सी , बस्सी,केशू की ढाणी ,बाबूपुरा अचलपुर , चतरपुर बस्सी , दामोदरपुरा बस्सी , गीला की नांगल बस्सी, हाथीपुरा बस्सी, खिजरिया तिवाड़ीवाला ,खिजूरिया जाटान बस्सी , पालावाला जाटान , पीलीया, सांभारिया, मनोहरपुरा,

अगावली, आनन्दपुर , चक आनन्दपुरा, जागीर, हरनाथपुर,खूँट जाटौली, पंडितपुरा/पंतपुर, जाटों की ढाणी, मरीयाड, रायपुर , सांवास , गीजगढ़ , ढण्ड, दौलतपुरा, हंडिया, खानपुर, कोण्डला,मगरखा,रींगसपुरा, रशीदपुर,रोंत/रोन्त , समसपुर, सीसवाडा, आलूदा, धरणवास ,महेश्वरा लखनपुर,अमकेशपुरा ,बाजड़ोली ,सवाईमाधोसिंहपुरा,बडली ,कोथून,बिलासपुरा ,तिगरिया, स्वामी का बास,तितरिया,देवकिशनपुर ,गरुड़वास,तामडया ,गोवर्धनपुरा पदमपुरा,तजपुरा ,टूटोली ,जगरामपुरा, कादेड़ा, श्रीकिशनपुरा, यारलीपुरा ,करेड़ा खुर्द,कीरतपुरा,कोटखावदा,कुम्हारिया बास ,सदारामपुरा ,सदारामपुरा,लदाणा ,रामपुरा बासलक्ष्मीपुरा,काठावाला,अलीवास,मूण्ड्या खुर्द, मारखया, नैनवा,दीपूपुरा,श्रीबृजपुरा

इतिहास

दौसा जिले के बसवा तहसील में बांदीकुई उपखण्ड के आसपास जाटों के बहुत से गाँव थे । जाट राजा चूड़ामणि के समय में हुए युद्ध काल में का पलायन भरतपुर मथुरा की तरफ हुआ । और बाद में मारवाड़ से आये जाटों के बहुत से गाँव यह आबाद हुए आज से ५० साल के समय के दौरान यह से बहुत से जाट गाव अलवर जिले के लछमणगढ़ जाकर बस गए उनके गाव कनवाङा ,कफनवाड़ा हिंगोटा , लादिया , चौलाई का बास जैसे बहुत से गाव पण्डितपुरा और ऊके आसपास के गावो से जाकर आबाद हुए उनको यह गए 40 साल से भी कम समय हुआ है

प्राचीन मुग़ल काल में दौसा के बांदीकुई और महवा क्षेत्र जाट बाहुल्य था । जाट भरतपुर के जाटों की शक्ति बढ़ने लगी और उनको जाटों की मदत मिलने लगी तब भारत के जाट बाहुल्य क्षेत्र को जटवाड़ा बोला जाता था उस समय जटवाड़ा का लाभ उठा भरतपुर और मथुरा ,हाथरस के जाटों ने अपनी ताकत बढ़ा कर अपना राज्य स्थापित कर लिया । इससे मुगलो को चिन्ता सताने लगी उन्होंने अमर (जयपुर ) नरेश बिशनसिंह को जाटों के दमन करने को भेजा यह घटना सन् 1690 ई के आसपास की है

आमेर राजा बिशन सिंह के शासन काल में बसवा में मथुरा और उसके निकटवृति प्रदेश के जाटों तथा आमेर रियासत के मध्य भीषण युद्ध लड़ा गया, जिसकी साक्षी अनेक छतरियां और चबूतरे हैं. जयपुर महाराजा प्रताप सिंह के शासनकाल में उनके विद्रोही सामंत अलवर राज्य के संस्थापक राव प्रतापसिंह नरुका ने अपना राज्य क्रम में बसवा तथा आस-पास के गाँवों में लूट-पाट की थी. इस पर सवाई प्रताप सिंह स्वयं अपनी सेना के साथ उन्हें सबक सीखाने बसवा आये.[1] कसबे के मध्य में एक किला (धूलकोट) जीर्ण-शीर्ण अवस्था में खड़ा है जिसे एक लघु भूमि कहा जा सकता है. किले के भवनों में भोमिया जी का स्थान, तहखाना और सैनिकों के आवास प्रमुख हैं.[2]


राजपूतो को उनके राज्य गुरुओ ने यह सलाह दी की भारतवर्ष में जटवाड़ा की दो सीमा है एक भरतपुर ,मथुरा ,हाथरस ,आगरा पलवल ,बागपत सोनीपत , होते हुए पंजाब और बलूचिस्तान तक है इस से राजस्थान की आमेर रियासत भिवानी , गुड़गांव होते हुए मिली हुई है और यदि आप ने भरतपुर और जयपुर के बीच के क्षेत्र सिकंदर ,महुवा ,बांदीकुई , दौसा से जाटों की आबादी नहीं हटाई तो वो दिन दूर नहीं जब यह लोग इनकी मदत से आमेर को भी जीत लेंगे इसके बाद में बिशन सिंह ने इस क्षेत्र से जाटों का पलायन शुरू कर दिया जो जाट यह बचे उन्हें सिर्फ इस शर्त पर रहने दिया की वो भरतपुर के जाटों में रिश्ते नहीं करेंगे । बांदीकुई और महवा के कुछ गाव जागीर समसपुर ,शीशवडा,कोंडला ,खानपुर , रोत ,हड़िया ,पण्डितपुरा को छोड़ कर और कोई गाव आज से कुछ साल पहले तक भरतपुर में रिश्तेदारी नहीं करते थे । पर आजकल रिश्ते हो रहे है ।

बांदीकुई क्षेत्र से भारी संख्या में जाट लोग बदायूं जिले की सहसवान तहसील में जाकर बस गए उनके गोत्र बाजडोलिया ,थालोड़ ,नेटड ,निठारवाल ,चीमा , हरी ,गोलडा है अभी कुछ 2012 में वहाँ से एक जाट दल बांदीकुई अपने पैतृक गाव देखने आया था तब इस बात का पता चला बाद में उन गावो में माली और गुर्जर दूसरी जातियाँ आ बसी बहुत से गावो के नाम आज भी उन जाटों के गोत्र के नाम पर है जैसे गोलाडा , निठारवालो का बास ,सोमरा का बास ,तूरवाड़ा ,चीमापुरा ,जटवाड़ा कुछ दूसरी जातियों के गाँवों का यहां उदहारण देना चाहूंगा- जैसे बिशनपुरा गाव के माली अंग्रेज़ो के काल में दिल्ली से आकर बसे उनको दिल्ली वाले आज भी बोलते है नेंदेरा और पंचमुखी गाव तो आज से सिर्फ ४५ साल पहले तक जाटों के थे यहाँ के जाट लछमनगढ़ में जा बसे नारायणपुरा के पोसवाल गुर्जर जमरामगढ़ से सिर्फ २ पीढ़ीपहले ही आये है । इशी प्रकार आशापुरा के गुर्जर रेलवे में नौकरी करते थे और वो इस गाव में बस गए उनकी के साथ कुछ उत्तर प्रदेश के जाट भी 3 पीढ़ी से यह बसे हुए है इशी प्रकार बाढ़ बगीची के डोई गुर्जर भी भरतपुर के ताज़पुर गाव से यह आये है । खेड़ी- खेड़ा गाव के मीणा थाना ग़ाज़ी से यहॉँ आकर बसे है ।

JAT VILLAGE IN DAUSA DISTRICT

बसवा तहसील

Agawali(अगावली ),

Anandpura Baswa(आनन्दपुरा),

Chak Anandpura (चक आनन्दपुरा),

Jageer (जागीर),

Harnathpura Bandikui(हरनाथपुरा) ,

Khoont Jatoli(खूँट जाटौली ) ,

Panditpura (पंडितपुरा/पंतपुरा),

सिकराय तहसील

Jat Ki Dhani(जाटों की ढाणी),

Mariyada(मरीयाड),

Raipura Goojar(रायपुरा),

Sanwas सांवास Geejgarh गीजगढ़

महुआ तहसील

Dhand Dausa (ढण्ड ),

Daulat Pura (दौलतपुरा ),

Handiya (हंडिया),

Khanpur(खानपुर),

Kondla (कोण्डला ),

Magarakha (मगरखा),

Raseedpur (रशीदपुर),

Reengas Pura(रींगसपुरा),

Ront (रोंत/रोन्त) ,

Samaspur Dausa|(समसपुर),

Sheeswara(सीसवाडा)

दौसा तहसील

Alooda (आलूदा),

Dharanwas (धरणवास) ,

Mahsara Kalan (महेश्वरा)

लालसोट तहसील

Lakhanpur(लखनपुर )

External links

References

  1. Dr. Raghavendra Singh Manohar:Rajasthan Ke Prachin Nagar Aur Kasbe, 2010,p. 25
  2. Dr. Raghavendra Singh Manohar:Rajasthan Ke Prachin Nagar Aur Kasbe, 2010,p. 26

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