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ViewsHumorous Jokes in Harayanavi/ड्राइवर, कंडक्टर तथा रेल, बस आदि का सफरFrom Jatland Wiki
हरयाणा रोडवेज के कंडक्टरएक बै मुख्यमंत्री को शिकायत मिली कि हरयाणा रोडवेज के कंडक्टर बहुत बदतमीजी से बोलते हैं । उसने फौरन आदेश दिया कि हर एक कंडक्टर हरेक बात से पहले "कृपया" लगायेगा । एक बै एक बस में कई मौलड़ चढ़ लिये और खिड़की पर लटक लिये । थोड़ी हाण पाच्छै कंडक्टर आया अर बोल्या - कृपा करकै आगे-नै मर ल्यो !! बटेऊ का टिकट ? एक बै दो तेज से बूढ़े हरयाणा रोडवेज की बस में बैठ लिये । कंडक्टर आया एक धोरै, अर बोल्या - "हां ताऊ, टिकट?" बूढ़ा पईसे बचावण के चक्कर में था, बोल्या - "ओ मेरे यार कंडक्टर, न्यूँ सोच लिये अक गाम की छोरी फेट-गी थी" । कंडक्टर भी शरीफ था, मान-ग्या बेचारा । फिर कंडक्टर नै दूसरा ताऊ टोक लिया - "ताऊ, टिकट" । दूसरा ताऊ पहले वाले का भी उस्ताद लिकड़ा, बोल्या - "ओ मेरे यार कंडक्टर, छोडै ना, न्यूँ सोच लिये अक छोरी गैल बटेऊ भी था" !! बस का बोर्ड
पर बस कै आगै प्लेट लगा राखी थी लुधियाना की । एक गाभरू, चश्मे आळा छोरा कंडक्टर तैं बोल्या - बस कहां जायेगी ? कंडक्टर बोल्या - दिल्ली...दिल्ली ! उस छोरे कै तसल्ली ना हुई, अर उसनै कंडक्टर तैं फेर बूझया अक बस कित जावैगी । कंडक्टर बोल्या - दिल्ली...दिल्ली ! छोरा बोल्या - इस पै बोर्ड (प्लेट) तै लुधियाना का लाग रहया सै ! कंडक्टर कै छो ऊठ-ग्या अर बोल्या - "अरै, तन्नै इस बोर्ड पै बैठ कै जाणा सै अक बस में"? "एक सवारी और आवैगी"
कंडक्टर उसनै बिचाळे में बैठी देख कै बोल्या - थोड़ी सी परे नै हो ले, हाड़ै एक सवारी और बैठैगी !!
खूंटीएक बै एक ताई घणा सारा सामान ले कै हरयाणा रोडवेज की बस में चढ़-गी । वा एक बाळक नै भी गोदी ले रही थी । बस में घणी भीड़ थी, अर उसनै सीट ना मिल्ली । बस में ताई धोरै एक सूधा सा कालिज का छोरा खड़ा था, ताई उस तैं बोली - बेटा, यो मेरा झोळा पकड़ ले । छोरे नै पकड़ लिया । थोड़ी हाण पाच्छै ताई नै दो-तीन और झोळे उस छोरे ताहीं पकड़ा दिये । अर फेर वो बाळक भी आपणी गोदी तैं उतार कै उस छोरे ताहीं पकड़ा दिया । ताई नै फेर सीट भी मिल-गी । ताई उस छोरे तैं बोली - "आं रे बेटा, तू तै बहुत आच्छया बेटा सै, तेरा के नाम सै ?" छोरा बोल्या - "मेरा नाम सै खूंटी, कुछ और भी टांगणा हो तै टांग दे" !!
बस का होर्नएक बै रोडवेज की बस सड़क पर कै जावै थी। ड्राइवर नै देख्या एक बुढ़िया एक बालक ने गोद लियाँ भाजी आवै सै । ड्राइवर ने सोची कि बुढ़िया कितै जाती होगी……? ड्राइवर ने बस रोक ली…..बुढ़िया आई……ड्राइवर ने पूछया ताई कित जावैगी…..? ताई न्यू बोली…….रै ड्राइवर.... मैं कितै ना जाती………एक बै यो आपनी बस का होर्न बजा दे…..यो बालक रोवे सै…….यो रोवण तै थम जावैगा !! तन्नै देखण आळे आ रहये सैंएक काळा-भसंड गाड्डे लुहार (भूभळिया) अर उसकी लुहारी बस में सफर करैं थे । बस में भीड़ थी, वे दोनूं न्यारे-न्यारे बैठ-गे । रास्ते में कई टिकट-चैकर बस में चढ़-गे । एक चैकर ताहीं लुहारी नै दोनूं टिकट दिखा दी । टिकट चैकर बोल्या - दूसरी सवारी कुण-सी सै, उसकी शकल दिखा ।
"तेरे ताहीं एक छोरा ए देख आऊं"एक जाट का छोरा बस में जावै था । छोरा शरारती था, अर बस में खड़ी एक छोरी नै छेड़ण लाग रहया था । उस बस में एक बुढ़िया भी बैठी थी अर सारा नजारा देखण लाग रही थी । बुढ़िया नै छोरे की हरकतां पै घणा छो आया, अर छोरे नै सबक सिखावण ताहीं बोली - रै ताऊ, कित जावैगा ? छोरे नै देख्या अर सोचण लाग्या अक या साठ साल की बुढिया मन्नैं "ताऊ" क्यूं कहै सै ? पर बुढ़िया की उम्र देख कै वो चुप रहया । थोड़ी हाण रुक कै बुढ़िया फिर बोली - "ताऊ, कित जावैगा"? छोरा फिर चुप रहया । ईब तै सारी बस आळे भी मजे लेण लाग्गे । बुढ़िया फिर बोली - "रै ताऊ, न्यूं तै बता अक तू कित जावैगा"? ईब छोरे पै रहया ना गया, अर वो फट बोल्या - "जाऊं तै था मैं कितै और, पर ईब न्यूं सोचूं सूं अक तेरे ताहीं एक छोरा ए देख आऊं" !!
पाछे नै लटक ले !!फत्तू सवारी ढोवण खातिर नया-नया टैंपू ल्याया था । उसनै दिन-रात टैंपू ए टैंपू दीखण लाग-गे । एक रात वो सोता-सोता बोलण लाग-ग्या : आ ज्याओ भाई आ ज्याओ, टैंपू चाल्लै सै, तावळे आ-ज्याओ । फेर या-ए बात वो जोर-जोर तैं बोलण लाग-ग्या, तै या बात सुण कै उसकी बहू बोली: "के बात हो-गी जी, आज न्यूं क्यूकर बोलो सो?" फत्तू नींद मैं बोल्या : कित जावैगी बेबे ? या सारी बात फत्तू का बाबू भी सुणन लाग रहया था, वो बोल्या : अरै मेरा सुसरा, के बोलै सै बहू नै ? फत्तू नींद में-ऐं बोल्या: "ताऊ, तू तै पाछे नै लटक ले" !! . Dndeswal 12:48, 7 June 2008 (EDT)
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