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Thread: Tips for use of Hindi on your computer

  1. #41
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    where in Russia all science is taught in Russian only.
    Last edited by psgahlaut; October 5th, 2007 at 12:45 PM.

  2. #42

    URLs in Hindi !

    .
    इंटरनेट डोमेन को रजिस्टर करने वाली कंपनी ICANN एक नई शुरुआत करने जा रही है - अब रजिस्ट्रेशन हिन्दी और दूसरी भाषाओं में भी हो सकेगा - यानी URL भी रोमन के सिवाय दूसरी भाषाओं में भी स्वीकार्य होगा । पढ़िये आज की यह रिपोर्ट ।

    http://timesofindia.indiatimes.com/Roman_alphabet_to_lose_hold_on_net/articleshow/2453996.cms

    Roman alphabet to lose hold on net
    13 Oct 2007, 0003 hrs IST, AFP

    NEW YORK: The Roman alphabet will lose some of its dominance of the Internet beginning Monday when the organization overseeing website addresses starts testing 11 new languages for domain names.

    In a long-awaited break from its devotion to the Roman alphabet, ICANN — the Internet Corporation for Assigned Names and Numbers — announced on Thursday that it will test registering website domain names in Arabic, Persian, Russian, Hindi, Greek, Korean, Hebrew, Japanese, Tamil, and both simplified and traditional Chinese. “This will be one of the biggest changes to the Internet since it was created,” said ICAAN president and chief executive Paul Twomey.

    People creating web addresses with non-Roman lettering will be routed to a wiki page and required to use “.test” instead of commonly used domain name endings such as .com or .net. The results of the test will determine whether ICANN sanctions using languages written in alphabets other than English for complete domain names. Presently, website creators can use other language characters before the dots in website addresses, but endings must be in English characters such as .com or .net.
    .
    Last edited by dndeswal; October 13th, 2007 at 11:56 AM.
    तमसो मा ज्योतिर्गमय

  3. #43

    Search Engines

    .
    Search Engine' एक ऐसी तकनीक है जिससे इंटरनेट पर जानकारी को खोजा जा सकता है, चाहे वह किसी भी भाषा में हो । सर्च इंजिन में एक वाक्य या कुछ शब्द लिखने होते हैं जिनको कि खोजा जाए । आजकल google का सर्च काफी लोकप्रिय है ।

    अब सवाल यह उठता है कि क्या हिन्दी में भी सर्च की जा सकती है । जबाब है - हां, बिल्कुल इसी तरह जैसे कि लैटिन अक्षरों में ! शर्त यही है कि आपको जो भी खोजना या 'सर्च' करना है, उसे हिन्दी में ही लिखकर 'google search' बटन को दबाना है । ऐसा करो कि जाटलैंड की कोई भी पोस्ट खोलो जो हिन्दी में है । उसके एक वाक्य को अपने mouse से highlight करके कापी करके गूगल के बाक्स में डालो और सर्च करो । आपको जाटलैंड के URL का option मिल जायेगा ।

    प्रश्न - क्या कम्प्यूटर भाषा को समझता है ?

    उत्तर - बिल्कुल नहीं - कोई भी मशीन भाषा को नहीं समझती । कम्प्यूटर एक विशेष नम्बर या कोड को पहचानता है, जिसे आम तौर पर 'binary code' कहते हैं । छोटी सी सूचना को bit कहा जाता है और आठ bit को मिलाकर एक byte बनता है । कंप्यूटर प्रोग्राम एक सूचना को data में परिवर्तित करता है जो कि दुबारा एक 'सूचना' में बदलता है । यदि हम 'A' टाइप करते हैं तो CPU में एक आठ bit का byte बनता है : 01000001 और चित्रपट (monitor) पर 'A' दिखाई पड़ता है । हिन्दी या किसी दूसरी भाषायें भी इसी तरह के कोड से बनाई जाती हैं जिन्हें कम्प्यूटर समझता है । इसलिये कंप्यूटर हमारी भाषा को नहीं समझता, केवल कुछ कोड हैं जिनके द्वारा अक्षर स्क्रीन पर नजर आते हैं ।

    प्रश्न - क्या कभी भविष्य में ऐसा हो सकता है कि एक कंप्यूटर भी हमारी भाषा को ऐसे ही समझने लगे जैसे आदमी का दिमाग होता है ?

    उत्तर - डा. अब्दुल कलाम का कहना तो यही है कि ऐसा कभी नहीं हो सकता । कारण ? मनुष्य का दिमाग लाखों-करोड़ों साल की प्रक्रिया से प्रकृति द्वारा बनाया गया है जिससे कोई भी कंप्यूटर आगे नहीं निकल सकता क्योंकि यह तो सिर्फ हमारे ही द्वारा बनाई गई एक मशीन है ।

    प्रश्न - तो फिर 'voice recognition' सिस्टम में क्यों एक कंप्यूटर हमारी भाषा को पहचानता है - जैसा हम बोलते हैं, वैसे ही यह टाइप करता है ?

    उत्तर - फिर वही बात लागू होती है - यह सिर्फ एक आवाज (sound) को पहचानता है, भाषा को नहीं । एक प्रोग्राम द्वारा यह आवाज को पहचानकर, कुछ code द्वारा लिखे हुए अक्षर स्क्रीन पर ले आता है, इससे ज्यादा कुछ नहीं । और लिखे हुए अक्षर भाषा नहीं होते । भाषा बहुत गहरी होती है - जो लोग पढ़-लिख नहीं सकते वे भी भाषा को समझते और बोलते हैं । इसलिये कंप्यूटर और भाषा का कोई संबन्ध नहीं !

    है न अजीब पर सच ! इसीलिये सर्च इंजिन से किसी भी भाषा में लिखे हुए पेज इंटरनेट पर खोजे जा सकते हैं - हिन्दी में भी !!
    .
    तमसो मा ज्योतिर्गमय

  4. #44

    The necessity for a standard Devnagri keyboard

    .
    एक और हिन्दी का आन-लाइन "टूल" मिला :

    http://www.raftaar.com/usersuggetion.aspx


    निम्न वेबसाइट अच्छा लगा - इसमें कुछ हिन्दी साहित्य भी उपलब्ध है:

    http://mobilelibrary.cdacnoida.com/indexHindi.html

    एक समस्या जरूर है - वह है हिन्दी का एक मानकीकृत (standardised) की-बोर्ड । रोमन के माध्यम से हिन्दी में टाइप जरूर हो रहा है, जैसा कि ऊपर वाली कई पोस्ट में दर्शाया गया है । अंगरेज़ी का एक मानक की-बोर्ड है । भारतीय भाषाओं में यह अराजकता के स्तर पर है । फ़ॉन्ट की मानकीकरण के साथ-साथ हिंदी सहित अन्य भारतीय भाषाओं के की-बोर्ड का भी मानकीकरण किया जा सकता है । इस संदर्भ में यह कहना अप्रासंगिक नहीं होगा - 1999 में करुणानिधि सरकार ने तमिल भाषा के की-बोर्ड का मानकीकरण किया था । हिंदी के लिए ऐसा कर गुजरना असंभव नही होगा । आखिर इससे पहले टाइपराइटर के की-बोर्ड का मानकीकरण तो हो ही चुका है । आखिर कंप्यूटर उसी का तो विस्तार है । अखिल भारतीय स्तर पर ऐसा हो सका तो भारत में आई टी का फैलाव कई गुना बढ़ सकता है । ज़्यादातर लोग इसलिए रोमन का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि या तो उनके मोबाइल और कम्प्यूटरों में देवनागरी में लिखने की सुविधा नहीं है या फिर उन्हें इसके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है । रोमन में ई-मेल वगैरह लिखने वाले लोग खुद रोमन में पढ़ने की अपेक्षा देवनागरी में लिखा पढ़ने में ज़्यादा सहज हैं । इसका मतलब यह है कि रोमन का इस्तेमाल मजबूरी के कारण ज़्यादा होता है, बजाय कि अपनी पसंद से करने के

    जो जागरूक हैं वे इंटरनेट से लाभान्वित हो रहे हैं और इस काम को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं । लेकिन बावजूद इसके अभी हिन्दी जगत में कंप्यूटर को लेकर इंटरनेट को लेकर और कुल मिलाकर तकनीक को लेकर ही, एक असमंजस का, संशय, सन्देह का और एक हद तक अस्वीकार का भाव विद्यमान है । ऐसे लोगों को लगता है कि तकनीक उनकी सृजनशीलता को नष्ट कर देगी । वे इससे दूरी बनाये रखने में और यह कहने में कि मुझे न तो कंप्यूटर आता है और न ही मैं इसे सीखना चाहता हूं, गर्व महसूस करते हैं । वैसे, माइक्रोसाफ्ट ने काफी पहले से कंप्यूटर का हिन्दीकरण कर रखा है । वर्ड, एक्सपी सब कुछ हिन्दी मे सुलभ है । सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल पर हिन्दी में खोज की जा सकती है, हिन्दी में ई मेल भेजी और प्राप्त की जा सकती है और हिन्दी लिखने-पढ़ने में अनेक साफ्टवेयर्स की मदद ली जा सकती है । फिर भी, कंप्यूटर और इंटरनेट अभी हमारी आदत में शुमार नहीं हुए हैं अगर हम इनका प्रयोग करते भी हैं तो अंग्रेजी की मार्फत, जबकि हिन्दी के माध्यम से भी किया जा सकता है

    हिंदी में स्कैनिंग की त्रुटिरहित तकनीक ''ओ सी आर'' विकसित कर ली जाए तो इंटरनेट पर हिंदी में उपलब्ध अथाह सामग्री और भविष्य में लिखे जाने वाले वाङमय को लाने की गति तेज हो सकती है । ओ सी आर वह तकनीक है जिसमें प्रकाशित साहित्य स्कैनर से अपने आप कंप्यूटर पर टाइप होने लगता है यानी कि टेक्स्ट में तब्दील हो जाता है । इसी तरह से त्रुटिरहित फ़ॉन्ट परिवर्तकों को जनव्यापी बनाया जाना समय की माँग है । इंटरनेट के हिंदी युजर्स बढ़े, इसके लिए आवश्यक है कि हिंदी का मानक की-बोर्ड भी देश में लागू हो ।
    .
    Last edited by dndeswal; January 27th, 2008 at 11:16 AM.
    तमसो मा ज्योतिर्गमय

  5. #45
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    How to Write in Hindi on Jatland

    जाट लैंड पर अब आप हिन्दी में आसानी से लिख सकते है. इसके लिए गूगल का यह यू आर एल खोलें

    http://www.google.com/transliterate/indic/

    यह ओन लाइन काम करता है. आपको जो जाट लैंड पर लिखना है वह हिन्दी को गूगल के इस विंडो में रोमन में टाईप करें. प्रत्येक शब्द के बाद जब स्पेस देंगे तो गूगल इसको ट्रांस्लिटरेट करके हिन्दी में बदल देता है. कुछ शब्द अगर सही नहीं बने हैं तो आप उस शब्द पर कर्सर रखें तो आपको कई वैकल्पिक शब्द दिखेंगे. सही शब्द का चुनाव करें. फ़िर भी सही नहीं हुआ है तो चिंता न करें. जाट लैंड विकी का विंडो खोलें. उसके नीचे हिन्दी की अक्षरावाली दे रखी है. उससे शब्द को इन्सर्ट कर सही कर सकते हैं. यह काफी तेज गति से काम करता है. अब अंगरेजी से डरने की आवश्यकता नहीं है.
    __________________
    Laxman Burdak

  6. The Following User Says Thank You to lrburdak For This Useful Post:

    sunillore (June 25th, 2012)

  7. #46
    बर्ड़क जी
    इस लींक के लीये बहुत-२ धन्यवाद !इस का पर्योग बहुत ही सरल है
    मैंने आज पहली बार आपकी पोस्ट पड़ने के बाद दो पोस्ट हींदी मैं लिखी हैं
    हालांकी, इसमे थोड़े सुधार की जरुरत है
    फीर भी जीन लोगो ने इसे तैयार किया है वे सब बधाई के पात्र हैं

    पुन: धन्यवाद

    सत्यपाल देशवाल

  8. #47
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    देशवालजी धन्यवाद, मैं आपकी पोस्ट को दुबारा लिख रहा हूँ. बिना किसी सुधार के. बस ध्यान रखें कि छोटी बड़ी मात्रा का सही प्रयोग करें. उस शब्द को एक बार क्लिक कर के देख लें. गूगल सुधार भी देता है.

    "इस लिंक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद . इसका प्रयोग बहुत ही सरल है.
    मैनें आज पहली बार आपकी पोस्ट पढ़ने के बाद दो पोस्ट हिन्दी में लिखी हैं.
    हालांकि, इसमें थोड़े सुधार की जरुरत है.
    फ़िर भी जिन लोगों ने इसे तैयार किया है वे सब बधाई के पत्र हैं. "
    Laxman Burdak

  9. #48

    Windows Interface in Hindi

    .
    While surfing through Microsoft India site, I came across the following link:

    http://www.microsoft.com/india/windowsxp/skins.aspx

    Windows interface in Hindi can be downloaded from this link. But beware, I am not advising this – even with English interface, there is no problem in using Hindi. Microsoft will check for “Genuine Microsoft Windows’ and most users in India use pirated copies which are cheap. Nevertheless, installing Hindi Interface Pack is not necessary.

    .
    तमसो मा ज्योतिर्गमय

  10. #49

    Lightbulb here comes the best solution

    Dear Burdak And Deswal Uncle

    Namaskaar


    Well i didn't find google's translinguistic site that much useful, it doesn't work well with scientific hindi words?

    http://www.google.com/transliterate/indic

    coz it doesn't gives you perfect results...

    The one here i would recommend, the best i found is: the one developed by IIT

    http://www.iit.edu/~laksvij/language/hindi.html

    this gives you compelete flexibilility, moreover you can translate your text in Punjabi, marathi, tamil, bangla and lots of other regional languages as well...

    Before using this you have to first downlaod MANGAL FONT..


    I have one more problem:
    I have recieved a soft copy of Technical Installation Mannual by my Japenese counterparts, they have translated it into Hindi using some tool, which has made the entire document a bit of tough sanskrit kind of hindi words...the font is KRUTI DEV...

    Now i have found all the tools, which works on MANGAL font only..

    though i have used mangal font inbetween Kruti dev font, but that looks a bit ODD...which finally my boss has approved, but still the font sizes are a bit different.

    How can i synchronise both??

    I request all JL techies to come up with some solution....

  11. #50
    Quote Originally Posted by ssgoyat View Post
    Dear Burdak And Deswal Uncle

    Namaskaar


    Well i didn't find google's translinguistic site that much useful, it doesn't work well with scientific hindi words?

    http://www.google.com/transliterate/indic

    coz it doesn't gives you perfect results...

    The one here i would recommend, the best i found is: the one developed by IIT

    http://www.iit.edu/~laksvij/language/hindi.html

    this gives you compelete flexibilility, moreover you can translate your text in Punjabi, marathi, tamil, bangla and lots of other regional languages as well...

    Before using this you have to first downlaod MANGAL FONT..


    I have one more problem:
    I have recieved a soft copy of Technical Installation Mannual by my Japenese counterparts, they have translated it into Hindi using some tool, which has made the entire document a bit of tough sanskrit kind of hindi words...the font is KRUTI DEV...

    Now i have found all the tools, which works on MANGAL font only..

    though i have used mangal font inbetween Kruti dev font, but that looks a bit ODD...which finally my boss has approved, but still the font sizes are a bit different.

    How can i synchronise both??

    I request all JL techies to come up with some solution....
    First, please read my post No. 37 about "Unicode".

    The google tool is an on-line tool whereas "BarahaPad" is based on "Mangal" (Devnagri) and other such fonts based on "Unicode".

    The problem arises becaue "Kruti Dev" is a "True Type" font which is not always web-compatible. The "Unicode" fonts can be read on the web even without these being present in "fonts" folder of the computer. If you mix two types of fonts in the same page (for Devnagri), there is bound to be a problem at some stage or other.
    .
    तमसो मा ज्योतिर्गमय

  12. #51

    One more search engine in Hindi

    .
    इंटरनेट पर गूगल जैसी लोकप्रिय सर्च इंजन के मुकाबले के लिए एक सर्च इंजन हाल में ही शुरू हुआ है, जरा आजमा कर देखें :

    http://www.raftar.in/HindiI.aspx

    इसमें हिन्दी की-बोर्ड भी है जिसके द्वारा हिन्दी में टाइप किया जा सकता है, सो यह एक और आन-लाइन टूल जैसा है ।

    UNICODE सिस्टम के आने के बाद फांट डाउनलोड आदि से मुक्ति मिल जायेगी - यह मैं ऊपर एक पोस्ट में लिख चुका हूं । यूनिकोड तकनीक का सबसे अधिक लाभ गैर-अंग्रेजी लिपि वाली भाषाओं को मिला है । आज हम यूनिकोड का उपयोग करके किसी भी भाषा में लिखे गए टेक्स्ट को दुनिया के किसी भी कंप्यूटर पर बिना कोई फॉण्ट इंस्टॉल किए देख सकते हैं । बस उस कंप्यूटर को यूनिकोड-संगत होना चाहिए । यूनिकोड-संगत कंप्यूटर दुनिया की हर भाषा से पहले ही परिचित होते हैं तथा इन्हें दर्शाने के लिए आवश्यक सेटिंग इसमें पहले से विद्यमान रहती है ।

    इन भाषाओं में सभी प्रमुख भारतीय भाषाऍँ भी शामिल हैं । विंडोज एक्सपी, विंडोज विस्टा, मैक एक्स 10, रेड हैट लिनक्स आदि यूनिकोड-संगत ऑपरेटिंग सिस्टमों के कुछ उदाहरण हैं । विंडोज ने अपने 2000 संस्करण में पहली बार यूनिकोड सपोर्ट दिया था। इसका हाल ही में लॉन्च विस्टा संस्करण भारतीय भाषाओं के लिए भी पहली बार सपोर्ट लेकर आ रहा है । ऑपरेटिंग सिस्टम के अलावा उपयोग किए जा रहे सॉफ्टवेयर का यूनिकोड-संगत होना भी आवश्यक है।

    कंप्यूटर में डेटा इनपुट करने से लेकर इंटरनेट तक यूनिकोड तेजी से लोकिप्रय हो रहा है । आप कंप्यूटर पर यूनिकोड टेक्स्ट देखने और पढ़ने के अलावा उपयुक्त Input method editor का उपयोग करके यूनिकोड टेक्स्ट लिख भी सकते हैं । इसकी मदद से एक ही फाइल में फॉण्ट सेट किए बिना विभिन्न भाषाओं का टेक्स्ट लिखना भी संभव है ।

    आजकल तो विभिन्न typeface वाले यूनिकोड फॉण्ट भी उपलब्ध हैं, जो आपके टेक्स्ट को सुंदरता प्रदान करते हैं। माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, स्टार ऑफिस तथा ओपन ऑफिस जैसे सुइट आजकल यूनिकोड-संगत हो गए हैं तथा आपको प्रतिदिन का हर कार्य यूनिकोड में निपटाने की सुविधा देते हैं । इनमें न सिर्फ आप अपनी भाषा में कार्य कर सकते हैं, बल्कि फाइल का नाम, mail-merge, हेडर-फुटर, कमेंट्स, सॉटिग, वर्तनी जाँच आदि भी अपनी भाषा में कर सकते हैं। ये सारी सुविधाऍँ अब तक केवल अंग्रेजी में ही उपलब्ध थीं ।

    इसके अलावा इंटरनेट पर भी भाषाई वेबसाइटों में यूनिकोड अपनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। नई भाषाई साइटें यूनिकोड में ही आ रही हैं तथा पुरानी साइटों में conversion का कार्य तेजी से चल रहा है इन वेबसाइटों को दुनिया में कहीं भी बिना कोई विशेष फॉण्ट डाउनलोड किए देखा जा सकता है। गूगल, याहू, एमएसएन, बीबीसी तो भारतीय भाषाओं में अपनी यूनिकोड आधारित वेबसाइटें लेकर आ भी चुके हैं ।

    यूनिकोड में वेबसाइट बनाने का एक अन्य लाभ यह भी है कि गूगल तथा याहू जैसे सर्च इंजिनों द्वारा इन्हें खोजा जा सकता है, चाहे वह टेक्स्ट किसी भी भाषा का क्यों न हो । केवल उस भाषा में खोज टेक्स्ट लिखिए तथा इच्छित परिणाम आपके सामने होंगे । वेबसाइटों को अपना व्यवसाय तथा visibility बढ़ाने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । True type font में बनने वाली भाषाई साइटों को यह सुविधा उपलब्ध नहीं है ।

    आवश्यकताऍँ आजकल बाजार में मिलने वाले अधिकांश ऑपरेटिंग सिस्टम तथा सॉफ्टवेयर यूनिकोड-संगत होते हैं। इन्हें यूनिकोड के साथ तुरंत उपयोग किया जा सकता है । यूनिकोड का लाभ वे लोग नहीं उठा पाऍँगे, जो पुराने कंप्यूटर सिस्टम जैसे 486, विंडोज-98 आदि का उपयोग कर रहे हैं । इस तकनीक का उपयोग करने के लिए उन्हें अपने हार्डवेयर अपग्रेड करवाने होंगे। यूनिकोड के साथ उपयोग करने के लिए कंप्यूटर को कम से कम P-4, 2 गीगाहर्ट्ज होना चाहिए तथा उसमें 40 जीबी हार्ड डिस्क व 256 MB RAM होना आवश्यक है ।

    माइक्रोसॉफ्ट तो अपने अधिकांश सॉफ्टवेयरों को यूनिकोड-संगत बना चुका है लेकिन कई प्रचलित सॉफ्टवेयर जैसे Adobe आदि के कई सॉफ्टवेयर में यूनिकोड सपोर्ट आना बाकी है ।
    .
    तमसो मा ज्योतिर्गमय

  13. #52

    More facts about UNICODE

    .
    Indian language UNICODE support in Windows operating systems


    UNICODE is the encoding chosen by operating systems for supporting various other non-English languages on computers. Though UNICODE standard supports all the languages of the world, the operating systems such as Windows, Linux may not have implemented all the languages yet. The support for Indian languages was not available until Windows 2000 was released.

    Baraha allows you to convert the Indian language text into UNICODE format in various manners as follows.

    • You can copy the text in UNICODE format using Edit | Copy Special command.

    • You can type UNICODE text directly into any applications that support UNICODE using Baraha Direct.

    • You can save the Baraha documents as UNICODE text files using the File | Export command.

    • You can save the Baraha documents as HTML files which use UTF-8 encoding using File | Export command.

    In Windows XP and Windows 2000, you should first enable the Indian languages before you can use Indian language UNICODE. You can enable the Indian language support using Control Panel --> Regional Options applet. If you are using an operating system that does not support the Indian language UNICODE, then you will not see UNICODE text properly. Instead you will see 'square box' or 'question mark' characters.

    Devanagari

    • UNICODE for Devanagari script is supported only in Windows 2000 and and later operating systems.

    • Windows 2000/Windows XP uses an Open Type font "Mangal" to display Devanagari UNICODE text.

    More tips :

    1) Internet Explorer 5.0 problem

    If you are using Internet Explorer 5.0 & above, for browsing the HTML documents created using Baraha fonts, Some times you may not be able to see the Indian language text properly. In such situations right click on the IE 5.0 window and select Encoding | User Defined menu command.

    2) MS Word problem while using Baraha Direct

    When you are typing Devnagri words in the MS-Word application using Baraha Direct sometimes you may get improper output. This is due to the AutoCorrect and AutoFormat options in the MS Word. These options automatically change the characters as you type to correct the words. These options are useful only while editing English documents. You must disable AutoCorrect and AutoFormat options while editing Indian language documents. Click Tools | AutoCorrect menu command in MS Word to go to AutoCorrect options and disable all the AutoCorrect and AutoFormat options. You may have the similar problems in other programs also such as PageMaker, WordPerfect e.t.c. try to disable that feature.

    3) Windows 98 Wordpad.exe problem

    If you use the Wordpad.exe program that comes with Windows 98/Windows 2000 operating systems, then the Indian language characters may break and does not appear properly. The Wordpad.exe that comes with Windows 95 does not have this problem.

    4) Using smooth edges for screen fonts

    If you use the smooth edges for the screen fonts option then for some font sizes the some characters disappear. It is also observed that on Windows 98 systems, using smooth edges for screen fonts sometimes corrupts the Baraha fonts. In such cases you may want to disable the smooth edges for screen fonts. This option is available in the Miscellaneous tab in the Page Setup (File --> Page Setup) dialog box.

    5) Truncation of letters during printing in Baraha, MS Word... e.tc. when Italics font style is used.

    In Baraha, MS Word and other applications, sometimes during printing, the last character of the word gets truncated if it uses Italics font style. This happens only if the Italics property ends immediately after the last character in the word. You can overcome this problem if you add a space with the Italics style after the last character of the word. See the example below.

    <i>jIvanayAtre<-i>
    In the above example, the last character of the word may get truncated.

    <i>jIvanayAtre <-i>
    In the above example, we have included a space with the Italics property. So, the the last character of the word will not get truncated.

    The above technique works in MS Word and other applications also.

    6) Sometimes while editing using Baraha Direct, some Indian language characters do not come properly.

    This may happen if you are running any processor intensive application in the background when using "Baraha Direct".

    For use and download of free BARAHA software, see the earlier posts in this thread.

    .
    Last edited by dndeswal; September 2nd, 2008 at 04:41 PM.
    तमसो मा ज्योतिर्गमय

  14. #53
    Quote Originally Posted by dndeswal View Post
    .
    Indian language UNICODE support in Windows operating systems

    UNICODE is the encoding chosen by operating systems for supporting various other non-English languages on computers. Though UNICODE standard supports all the languages of the world, the operating systems such as Windows, Linux may not have implemented all the languages yet. The support for Indian languages was not available until Windows 2000 was released.

    Baraha allows you to convert the Indian language text into UNICODE format in various manners as follows.

    • You can copy the text in UNICODE format using Edit | Copy Special command.

    • You can type UNICODE text directly into any applications that support UNICODE using Baraha Direct.

    • You can save the Baraha documents as UNICODE text files using the File | Export command.

    • You can save the Baraha documents as HTML files which use UTF-8 encoding using File | Export command.

    In Windows XP and Windows 2000, you should first enable the Indian languages before you can use Indian language UNICODE. You can enable the Indian language support using Control Panel --> Regional Options applet. If you are using an operating system that does not support the Indian language UNICODE, then you will not see UNICODE text properly. Instead you will see 'square box' or 'question mark' characters.

    Devanagari

    • UNICODE for Devanagari script is supported only in Windows 2000 and and later operating systems.

    • Windows 2000/Windows XP uses an Open Type font "Mangal" to display Devanagari UNICODE text.

    More tips :

    1) Internet Explorer 5.0 problem

    If you are using Internet Explorer 5.0 & above, for browsing the HTML documents created using Baraha fonts, Some times you may not be able to see the Indian language text properly. In such situations right click on the IE 5.0 window and select Encoding | User Defined menu command.

    2) MS Word problem while using Baraha Direct

    When you are typing Devnagri words in the MS-Word application using Baraha Direct sometimes you may get improper output. This is due to the AutoCorrect and AutoFormat options in the MS Word. These options automatically change the characters as you type to correct the words. These options are useful only while editing English documents. You must disable AutoCorrect and AutoFormat options while editing Indian language documents. Click Tools | AutoCorrect menu command in MS Word to go to AutoCorrect options and disable all the AutoCorrect and AutoFormat options. You may have the similar problems in other programs also such as PageMaker, WordPerfect e.t.c. try to disable that feature.

    3) Windows 98 Wordpad.exe problem

    If you use the Wordpad.exe program that comes with Windows 98/Windows 2000 operating systems, then the Indian language characters may break and does not appear properly. The Wordpad.exe that comes with Windows 95 does not have this problem.

    4) Using smooth edges for screen fonts

    If you use the smooth edges for the screen fonts option then for some font sizes the some characters disappear. It is also observed that on Windows 98 systems, using smooth edges for screen fonts sometimes corrupts the Baraha fonts. In such cases you may want to disable the smooth edges for screen fonts. This option is available in the Miscellaneous tab in the Page Setup (File --> Page Setup) dialog box.

    5) Truncation of letters during printing in Baraha, MS Word... e.tc. when Italics font style is used.

    In Baraha, MS Word and other applications, sometimes during printing, the last character of the word gets truncated if it uses Italics font style. This happens only if the Italics property ends immediately after the last character in the word. You can overcome this problem if you add a space with the Italics style after the last character of the word. See the example below.

    <i>jIvanayAtre<-i>
    In the above example, the last character of the word may get truncated.

    <i>jIvanayAtre <-i>
    In the above example, we have included a space with the Italics property. So, the the last character of the word will not get truncated.

    The above technique works in MS Word and other applications also.

    6) Sometimes while editing using Baraha Direct, some Indian language characters do not come properly.

    This may happen if you are running any processor intensive application in the background when using "Baraha Direct".

    For use and download of free BARAHA software, see the earlier posts in this thread.

    .
    guruji, tulsidas jatland ke, itni mehnat me to aap indus valley ki script bhi decipher kar lenge, saari jatyann ki sse bhai bail per bail chhape pade syen un ki seal per

  15. #54
    Quote Originally Posted by snandal1 View Post
    guruji, tulsidas jatland ke, itni mehnat me to aap indus valley ki script bhi decipher kar lenge, saari jatyann ki sse bhai bail per bail chhape pade syen un ki seal per
    हां गुरुजी, अब भारत सरकार भी सारे कंप्यूटरों पर unicode फोंट लदवाने जा रही है - चलो, देर आये, दुरुस्त आये । एक सरकारी आदेश देखिये :

    http://www.rajbhasha.nic.in/om-unicodeeng.pdf


    इस में भी एक लिंक दिया हुआ है जिससे आप हिन्दी टूल डाउनलोड कर सकते हैं ।

    .
    तमसो मा ज्योतिर्गमय

  16. #55
    Quote Originally Posted by sumeetmalik View Post
    ये लो गूगल की नई गूगली ! अगर पसंद न आए तो पूरे पैसे वापस!

    http://www.google.com/transliterate/indic
    गूगल की गूगली को यहाँ पे सभी पोस्ट्स के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
    जैसे मेरे ब्लॉग पे है.

    I'd be happy to help if the jatland site owners are interested in the idea.

  17. #56
    I tried but i didnt succeed........
    Jai Hind

  18. #57
    Quote Originally Posted by monidahiya View Post
    i tried but i didnt succeed........
    मोनिका, सुमीत ने जो लिंक दी है वो बिल्कुल काम करती है इस पर कीबोर्ड से टाइप करना है कॉपी पेस्ट नही चलेगा ये पोस्ट मैंने इसी लिंक से लिखी है
    The never-ending task : Self Improvement

  19. #58

    UNICODE on mobile phones

    .

    आजकल मोबाइल फोन काफी इस्तेमाल में है और इस पर इंटरनेट सुविधा भी है । अपने कई जाटलैंडर भी मोबाइल पर ही पोस्ट पढ़ते हैं पर हिन्दी वाली पोस्ट पढ़ नहीं पाते । हो सकता है मेरी यह पोस्ट भी वे न पढ़ पायें ।

    इसका भी कोई जुगाड़ जरूर होगा । शायद ब्राउजर में Regional Setting को सैट करना पड़ता है । एक blogger ने लिखा है कि जो मोबाइल फोन हिन्दी भाषा को सपोर्ट नहीं करते उनको बायकाट करें । मोबाइल सैट खरीदते समय दुकानदार से पूछें कि सेट हिन्दी को सपोर्ट करता है या नहीं । हम जागरूक रहेंगे तो उत्पादक हमारे पीछे पीछे घूमेंगे ।

    मोबाइल फोन पर surfing का मेरा अनुभव ज्यादा नहीं है । आपको इसका कुछ पता हो तो यहां पर लिखें । वैसे एक बेबसाइट है - http://www.skyfire.com/

    .
    तमसो मा ज्योतिर्गमय

  20. #59
    DND Ji...mere mobile mein Hindi dekhayi to deti hai....par kuch shrink si hoti hai....samjhney ke liye deemag lagana paddta hai
    Quote Originally Posted by dndeswal View Post
    .

    आजकल मोबाइल फोन काफी इस्तेमाल में है और इस पर इंटरनेट सुविधा भी है । अपने कई जाटलैंडर भी मोबाइल पर ही पोस्ट पढ़ते हैं पर हिन्दी वाली पोस्ट पढ़ नहीं पाते । हो सकता है मेरी यह पोस्ट भी वे न पढ़ पायें ।

    इसका भी कोई जुगाड़ जरूर होगा । शायद ब्राउजर में Regional Setting को सैट करना पड़ता है । एक blogger ने लिखा है कि जो मोबाइल फोन हिन्दी भाषा को सपोर्ट नहीं करते उनको बायकाट करें । मोबाइल सैट खरीदते समय दुकानदार से पूछें कि सेट हिन्दी को सपोर्ट करता है या नहीं । हम जागरूक रहेंगे तो उत्पादक हमारे पीछे पीछे घूमेंगे ।

    मोबाइल फोन पर surfing का मेरा अनुभव ज्यादा नहीं है । आपको इसका कुछ पता हो तो यहां पर लिखें । वैसे एक बेबसाइट है - http://www.skyfire.com/

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    I AM WHAT I AM....JAT.... 16X2=8

  21. #60
    Quote Originally Posted by dndeswal View Post
    हां गुरुजी, अब भारत सरकार भी सारे कंप्यूटरों पर unicode फोंट लदवाने जा रही है - चलो, देर आये, दुरुस्त आये । एक सरकारी आदेश देखिये :

    http://www.rajbhasha.nic.in/om-unicodeeng.pdf


    इस में भी एक लिंक दिया हुआ है जिससे आप हिन्दी टूल डाउनलोड कर सकते हैं ।

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    deswal sir pdf file mein jo link diya hai font download karne ka woh link expire show kar raha hai......

    Sarkari kaam se isste eeb bera paata......log laage rehenge link kholan mein
    VIRENDER SINGH RATHEE


    me_rathee@yahoo.co.in



    "Success is never ending. Failure is never final"

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