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Thread: Mere priya bhajan

  1. #1

    Mere priya bhajan

    सब ने राम राम ।
    जाटलैंड पर सब ने अपनी पसंद के हिन्दी गाने, अंग्रेज़ी गाने, पंजाबी गाने और ग़ज़ल के लिए धागा शुरू किया है । अच्छा लगा आप सबकी पसंद देख के और कई गीत ग़ज़ल जो मैंने पहले नही सुने थे वो यहाँ देखने के बाद सुने और मुझे भी पसंद आए । इसके लिए मैं आप सबका आभारी हूँ । मैंने भी इन धागों में अपनी पसंद लिखी है यद्यपि मेरी पसंद के अधिकांश गीत आप लोगों ने पहले ही लिख दिए थे ।
    मैं कुछ दिन से भजन सुन रहा हूँ अब वो चाहे चलचित्रों से हों या वैसे ही किसी का संग्रह हो । वैसे मैं शुरू से ही भजन सुनने का आदी रहा हूँ । मगर कुछ समय से नही सुने थे । आजकल अधिकतर मैं भजन ही सुनता हूँ । इसलिए सोचा क्यूँ नही एक धागा भजनों पर भी शुरू किया जाए । अगर आप भी भजन सुनते हैं और उनको यहाँ बांटना चाहते हैं तो आपका स्वागत है । मुझे अत्यन्त प्रसन्नता होगी आपकी पसंद जान के ।
    यहाँ पर मैं एक बात कहना चाहूँगा की मैं हिंदू धर्म में विश्वास करता हूँ और जाट होने से पहले मैं स्वयं को हिंदू समझता हूँ । हो सकता है आप में से कुछ या अधिकांश लोग इस बात से सहमत न हों परन्तु मैंने हमेशा अपनी प्राथमिकतायें रखी हैं । उदाहरण के लिए सर्वप्रथम मनुष्य- भारतीय- हिंदू- जाट- राजस्थानी- सीकर निवासी- मेरा गाँव- मेरा परिवार । उदाहरण के लिए अगर मुझे मनुष्य और जानवर में से एक चुनना हो तो मैं मनुष्य को चुनुँगा, अगर एक भारतीय और विदेशी में से एक चुनना हो तो भारतीय को चुनुँगा और ऐसे ही आगे भी । और इससे उल्टा भी उतनाही सही है जैसे अगर मुझे मेरे परिवार और किसी अन्य परिवार में से एक चुनना हो तो मैं अपना परिवार चुनुँगा, ऐसे ही अगर मुझे अपने गाँव और दूसरे गाँव में से चुनना हो तो मैं अपना गाँव चुनुँगा ।
    सबके अपने अपने विचार होते हैं और सभी उनको अभिव्यक्त करने का बराबर का अधिकार रखते हैं और मुझे अपनी सोच और प्राथमिकताओं पर कोई वाद विवाद नही करना है । आशा है आप मेरी बात को समझेंगे ।

    एक भजन लिख रहा हूँ शुरुआत के लिए और आशा करता हूँ की आप लोग इसमे जोड़ते जायेंगे:-


    मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम,
    मुझे अपनी शरण में ले लो राम ।
    मुझे अपनी......

    लोचन मन में जगह न हो तो,
    जुगल चरण में ले लो राम ।
    मुझे अपनी...

    जीवन दे के जाल बिछाया,
    रच के माया नाच नचाया ।
    चिंता मेरी तभी मिटेगी,
    जब चिंतन में ले लो राम ले लो राम ।
    मुझे अपनी....

    तुमने लाखों पापी तारे,
    मेरी बारी बाजी हारे, बाजी हारे ।
    मेरे पास न पुण्य की पूँजी,
    पद पूजन में ले लो राम ले लो राम ।
    मुझे अपनी.......

    राम हे ! राम राम हे ! राम ।

    घर घर अटकूँ दर दर भटकूँ,
    कहाँ कहाँ अपना सर पटकूं ।
    इस जीवन में मिलो न तुम तो राम हे ! राम
    इस जीवन में मिलो न तुम तो,
    मुझे मरण में ले लो राम ले लो राम ।
    मुझे अपनी.......


    --वर्तनी सम्बन्धी कोई अशुद्धियाँ रह गई हों तो उनके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूँ ।
    जाट महान
    ----------
    बेगानों में वफ़ा की तलाश ना कर साहिल,
    तेरे तो अपने भी अक्सर बेवफा निकलते हैं l

  2. The Following User Says Thank You to sjakhars For This Useful Post:

    SALURAM (October 4th, 2017)

  3. #2
    Quote Originally Posted by jakhar77 View Post
    सब ने राम राम ।
    जाटलैंड पर सब ने अपनी पसंद के हिन्दी गाने, अंग्रेज़ी गाने, पंजाबी गाने और ग़ज़ल के लिए धागा शुरू किया है । अच्छा लगा आप सबकी पसंद देख के और कई गीत ग़ज़ल जो मैंने पहले नही सुने थे वो यहाँ देखने के बाद सुने और मुझे भी पसंद आए । इसके लिए मैं आप सबका आभारी हूँ । मैंने भी इन धागों में अपनी पसंद लिखी है यद्यपि मेरी पसंद के अधिकांश गीत आप लोगों ने पहले ही लिख दिए थे ।
    मैं कुछ दिन से भजन सुन रहा हूँ अब वो चाहे चलचित्रों से हों या वैसे ही किसी का संग्रह हो । वैसे मैं शुरू से ही भजन सुनने का आदी रहा हूँ । मगर कुछ समय से नही सुने थे । आजकल अधिकतर मैं भजन ही सुनता हूँ । इसलिए सोचा क्यूँ नही एक धागा भजनों पर भी शुरू किया जाए । अगर आप भी भजन सुनते हैं और उनको यहाँ बांटना चाहते हैं तो आपका स्वागत है । मुझे अत्यन्त प्रसन्नता होगी आपकी पसंद जान के ।
    यहाँ पर मैं एक बात कहना चाहूँगा की मैं हिंदू धर्म में विश्वास करता हूँ और जाट होने से पहले मैं स्वयं को हिंदू समझता हूँ । हो सकता है आप में से कुछ या अधिकांश लोग इस बात से सहमत न हों परन्तु मैंने हमेशा अपनी प्राथमिकतायें रखी हैं । उदाहरण के लिए सर्वप्रथम मनुष्य- भारतीय- हिंदू- जाट- राजस्थानी- सीकर निवासी- मेरा गाँव- मेरा परिवार । उदाहरण के लिए अगर मुझे मनुष्य और जानवर में से एक चुनना हो तो मैं मनुष्य को चुनुँगा, अगर एक भारतीय और विदेशी में से एक चुनना हो तो भारतीय को चुनुँगा और ऐसे ही आगे भी । और इससे उल्टा भी उतनाही सही है जैसे अगर मुझे मेरे परिवार और किसी अन्य परिवार में से एक चुनना हो तो मैं अपना परिवार चुनुँगा, ऐसे ही अगर मुझे अपने गाँव और दूसरे गाँव में से चुनना हो तो मैं अपना गाँव चुनुँगा ।
    सबके अपने अपने विचार होते हैं और सभी उनको अभिव्यक्त करने का बराबर का अधिकार रखते हैं और मुझे अपनी सोच और प्राथमिकताओं पर कोई वाद विवाद नही करना है । आशा है आप मेरी बात को समझेंगे ।

    एक भजन लिख रहा हूँ शुरुआत के लिए और आशा करता हूँ की आप लोग इसमे जोड़ते जायेंगे:-

    मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम,
    मुझे अपनी शरण में ले लो राम ।
    मुझे अपनी......

    लोचन मन में जगह न हो तो,
    जुगल चरण में ले लो राम ।
    मुझे अपनी...

    जीवन दे के जाल बिछाया,
    रच के माया नाच नचाया ।
    चिंता मेरी तभी मिटेगी,
    जब चिंतन में ले लो राम ले लो राम ।
    मुझे अपनी....

    तुमने लाखों पापी तारे,
    मेरी बारी बाजी हारे, बाजी हारे ।
    मेरे पास न पुण्य की पूँजी,
    पद पूजन में ले लो राम ले लो राम ।
    मुझे अपनी.......

    राम हे ! राम राम हे ! राम ।

    घर घर अटकूँ दर दर भटकूँ,
    कहाँ कहाँ अपना सर पटकूं ।
    इस जीवन में मिलो न तुम तो राम हे ! राम
    इस जीवन में मिलो न तुम तो,
    मुझे मरण में ले लो राम ले लो राम ।
    मुझे अपनी.......

    --वर्तनी सम्बन्धी कोई अशुद्धियाँ रह गई हों तो उनके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूँ ।
    Mr Jakhar, Thanks a lot for starting an auspicious thread. Well, let me also share one of favourite bhajan with you all. I heard the same on Janmasthmi (Ram Mandir, Jaipur). Trust me it made the entire area so cool and calm....I dont remember the entire bhajan....What I remember is the initial wordings..if heard, then please let me know the entire bhajan....Wordings were, "yadi ram ka naam hai daya nidhi to daya to kareinge kabhi na kabhi....."

  4. #3

    'Hey Ram' prayer...

    Meko ye waali bhot hi zyaada acchi aur bhot hi zyaada strong prayer lagti hai...

    Hey Ram, Hey Ram,
    Jag Mein Sacho Tero Naam,

    Hey Ram, Hey Ram

    Tu Hi Mata, Tu Hi Pita Hai,
    Tu Hi To Hai Radha Ka Shyam,

    Hey Ram, Hey Ram

    Tu Antaryami, Sab Ka Swami,
    Tere Charno Mein Charo Dhaam,

    Hey Ram, Hey Ram

    Tu Hi Bigade, Tu Hi Saware,
    Is Jaag Ke Sare Kaam,

    Hey Ram, Hey Ram

    Tu Hi Jag Data Vishv Vidhata,
    Tu Hi Subah, Tu Hi Shyaam

    Hey Ram, Hey Ram

    Hey Ram, Hey Ram
    Hey Ram, Hey Ram

    Watch here... http://www.youtube.com/watch?v=v0s0anVD104



  5. #4
    Quote Originally Posted by sumitsehrawat View Post
    Meko ye waali bhot hi zyaada acchi aur bhot hi zyaada strong prayer lagti hai...

    Hey Ram, Hey Ram,
    Jag Mein Sacho Tero Naam,
    Hey Ram, Hey Ram

    Tu Hi Mata, Tu Hi Pita Hai,
    Tu Hi To Hai Radha Ka Shyam,
    Hey Ram, Hey Ram

    Tu Antaryami, Sab Ka Swami,
    Tere Charno Mein Charo Dhaam,
    Hey Ram, Hey Ram

    Tu Hi Bigade, Tu Hi Saware,
    Is Jaag Ke Sare Kaam,
    Hey Ram, Hey Ram

    Tu Hi Jag Data Vishv Vidhata,
    Tu Hi Subah, Tu Hi Shyaam

    Hey Ram, Hey Ram

    Hey Ram, Hey Ram
    Hey Ram, Hey Ram

    Watch here... http://www.youtube.com/watch?v=v0s0anVD104
    Hey, If i am not mistaken thn bhajan is from jagjit Singh's album "HEY RAM" right??? awesome music....

  6. #5

    Shaym teri Bansi Pukarey Radha Naam.

    Sita Ram Jee Aapney mouj ker dee,

    'Shayam teri bansee pukarey Radha nam,
    log karey meera ko yeunhe badnam'

    Sanvery kee bansee ko bajney say kaam,
    Radha ka bhee shayam vo to meera ka bhee shyam.
    WORD IMPOSSIBLE SAYS I M POSSIBLE.

    Apologising dosent mean that U are wrong & the other is right.....It only means that U value the relationship much more than ur ego.

  7. #6

    Piladey or saake Ram naam kee masti,

    Piladey o saake Ram naam ke masti,
    Ram Namm kee masti piladey Hari Naam kee masti,
    Piladey o saake Ram Naam kee masti.

    Sir tujh ko najrana dedun eak hee boond piladey
    eak hee boond piladey saake eakhee boond piladey

    Rang ke koi shart nahi hai koi bhee rang piladey
    Chahey Namh Sivay om Namh Sivay, Chahey Sita Ram-Sita Ram,
    Chahey Radhey Shayam-Radhey Shayma, Chahey Jai mata de-2 ,
    Chaey narayan-naryan-narayan sriman narayan-narayan

    Peeney waley daam na puchhey mahngee ho ya sasti
    Peeladey o saake Ram Naam ke masti.

    .................................................. ..................
    WORD IMPOSSIBLE SAYS I M POSSIBLE.

    Apologising dosent mean that U are wrong & the other is right.....It only means that U value the relationship much more than ur ego.

  8. #7

    I like the most is "Sunder Kaand" Hanumaan Charitra.

    Seva or Samaerpan kee murti hai Hanumaan Jee,
    Shakti or Gayan ka Bhandar hai Hanumaan Jee,

    Pawan tanay Bal Pawan samana'
    Budhi, Vivek Vigayan Nidhana,,
    Kavan so kaaj kathin jag maahee,
    Jo nahi hoi tat tum chaahe,
    Ram Kaaj Lagi tab aavtara,
    Suntahi bhayo Parvatakara,,
    WORD IMPOSSIBLE SAYS I M POSSIBLE.

    Apologising dosent mean that U are wrong & the other is right.....It only means that U value the relationship much more than ur ego.

  9. #8
    Email Verification Pending
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    sundar kand by anuradha paudwal .....




    link :
    http://www.esnips.com/doc/64e351d7-c...adha%20Paudwal



    my favorite lines :

    pawan putra le parvat bhari pawan roop ho dhaaye
    nandigram se upar jaate najar bharat ko aaye
    yeh hai koi nishachar jaata khyaal bharat ko aaya
    teer maar kar pawan putra ko parvat sahit giraaya
    raam raam keh utre prithvi par thi hosh bhulaayi
    raam raam sun duad bharat ne leena kanth lagaayi
    seeta haran aur yudh bhoomi ki saari katha sunaayi
    moorchit pada hai lachman jiski khaatir booti aayi
    itna sun kar bharat ro pade dete raam duhaai
    kehne lage sewa ke badle diya hai vighna banayi
    dheeraj dharkar aansoo poocnche bole man samjhaai
    meri bhi seva bajrangi leke diyo lagai
    pawan putra bajrangi mere teer par chad jaao
    mujh abhaage ki bhi seva raam charan mein lagao ....

  10. #9
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    Help

    Can anybody help me find this one ?

    It is telecasted on Sanskar channel , Ramayan Maka 108.. sung by Sarita joshi ,


    it starts like this ;


    raghupati raghav raja raam , patit paawan seeta ram
    jai ragunandan jai ghanshyaam patiti pawan seeta ram


    bheed padi jab bhakt pukaarein
    door karo prabhu dukh hamare
    dashrath ke ghar janmein raam
    patiti paawan seeta ram ...


    and there are similarly 108 mankas .....


    please if anyone can help me buy the video of this ....its priceless for me!

    if u can remember , here is the singer sarita joshi's some other video ..

    http://www.youtube.com/watch?v=mx0i2Xlqhfo

  11. #10

    Its really great

    I like Sunder Kang Sung By Shri Ajay Yagnik Jee, A World Famous great SunderKaan Gayak.

    Thanks for the link of Anradha Paudhwal'S Sunder Kand.

    Quote Originally Posted by anilsinghd View Post
    sundar kand by anuradha paudwal .....




    link :
    http://www.esnips.com/doc/64e351d7-c...adha%20Paudwal



    my favorite lines :

    pawan putra le parvat bhari pawan roop ho dhaaye
    nandigram se upar jaate najar bharat ko aaye
    yeh hai koi nishachar jaata khyaal bharat ko aaya
    teer maar kar pawan putra ko parvat sahit giraaya
    raam raam keh utre prithvi par thi hosh bhulaayi
    raam raam sun duad bharat ne leena kanth lagaayi
    seeta haran aur yudh bhoomi ki saari katha sunaayi
    moorchit pada hai lachman jiski khaatir booti aayi
    itna sun kar bharat ro pade dete raam duhaai
    kehne lage sewa ke badle diya hai vighna banayi
    dheeraj dharkar aansoo poocnche bole man samjhaai
    meri bhi seva bajrangi leke diyo lagai
    pawan putra bajrangi mere teer par chad jaao
    mujh abhaage ki bhi seva raam charan mein lagao ....
    WORD IMPOSSIBLE SAYS I M POSSIBLE.

    Apologising dosent mean that U are wrong & the other is right.....It only means that U value the relationship much more than ur ego.

  12. #11

    One more...

    Thank you all for liking the idea and sharing your favorite "bhajans".
    I am adding one more here. I hope that you will like this:-

    मन रे तू काहे न धीर धरे,
    वो निर्मोही मोह न जाने,
    जिनका मोह करे,
    मन रे तू काहे न धीर धरे ।

    इस जीवन की चढ़ती ढलती धुप को किसने बाँधा,
    रंग पे किसने पहरे डाले रूप को किसने बाँधा ।
    काहे ये जतन करे,
    मन रे तू काहे ना धीर धरे ।

    उतना ही उपकार समझ कोई जितना साथ निभा दे,
    जनम मरण का मेल है सपना ये सपना बिसरा दे ।
    कोई न संग मरे,
    मन रे तू काहे न धीर धरे ।

    वो निर्मोही मोह न जाने,
    जिनका मोह करे,
    मन रे तू काहे न धीर धरे ।
    जाट महान
    ----------
    बेगानों में वफ़ा की तलाश ना कर साहिल,
    तेरे तो अपने भी अक्सर बेवफा निकलते हैं l

  13. The Following User Says Thank You to sjakhars For This Useful Post:

    SALURAM (October 4th, 2017)

  14. #12
    Dont know if these are bhajans...

    1) Humko man ki shakti dena man vijay karein ... doosro ki jae se pahele khud ko jai karein ...

    2) Itni shakti humein de na data man ka vishvas kamjor ho na .... Movie ankush

    3) Aae malik tere bande hum ... aise hon humare karam ... Do ankhein barah hath

    4) Yashomati maaiya se boley nandlala (Haryanvi mein gaane mein bahut maja aata hai isko .... Yashomati Maa te Bolya Nandlala .... Ya Radha kyun bhoori mein kyun Kallla )

  15. #13

    Its good, I also heard in one of our programme.

    I will let you know. I got one CD of the recording of some Bhajan and Manka 108 sung by Smt. Srita Joshi.
    Quote Originally Posted by anilsinghd View Post
    Can anybody help me find this one ?

    It is telecasted on Sanskar channel , Ramayan Maka 108.. sung by Sarita joshi ,


    it starts like this ;


    raghupati raghav raja raam , patit paawan seeta ram
    jai ragunandan jai ghanshyaam patiti pawan seeta ram


    bheed padi jab bhakt pukaarein
    door karo prabhu dukh hamare
    dashrath ke ghar janmein raam
    patiti paawan seeta ram ...


    and there are similarly 108 mankas .....


    please if anyone can help me buy the video of this ....its priceless for me!

    if u can remember , here is the singer sarita joshi's some other video ..

    http://www.youtube.com/watch?v=mx0i2Xlqhfo
    WORD IMPOSSIBLE SAYS I M POSSIBLE.

    Apologising dosent mean that U are wrong & the other is right.....It only means that U value the relationship much more than ur ego.

  16. #14
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    You would like it for sure Karmveer ji ....

    hanuman amritvaani by anuradha paudwal ...


    http://www.esnips.com/doc/6e6fd586-4...uradha-Paudwal




    shraddha aur vishwaas mein pooja ka aadhaar
    kare yadi nar paatki ho jaaye beda paar
    shakti ko bajrang hai , bhakti ko hanumaan
    kasht mitaane ke liye saankat mochan jaan
    sankat mochan kehte hi sab sankat mit jaaye
    chaman abhaage jeev hain jo na shraddha laaye ..



    bajrang idhar bhi dhyaan karo
    darshan dekar kalyaan karo
    sharnaagat ki rakh laaj prabhu
    sab devan ke sartaaj prabhu
    mere bhi sanwaro kaaj prabhu
    sankat mochan maharaj prabhu
    mere dukh ki pehchaan karo
    bajrang idhar bhi dhyaan karo



    mujhko ek teri aas rahe
    dil hardam tere paas rahe
    tere charno ka daas rahe
    aur tujh pe atal vishwaas rahe
    itni hi daya dayawan karo
    bajrang idhar bhi dhyaan karo



    apni aukaat mein reh kar ke
    santo ki sangat beh kar ke
    har kasht ko sir pe seh kar ke
    aur raam raam hi keh kar ke
    jeevan mera gujraan karo
    bajrang idhar bhi dhyaan karo


    main nirbhay hokar gun gaaon
    gun gaakar ujjwal yash paaon
    na kasht kisi ko pahunchaaon
    har dard ka daaru ban jaaon
    nirbal man ko balwan karo
    bajrang idhar bhi dhyaan karo


    man laga bhalaai mein hi rahe
    tan seva paraayi mein hi rahe
    tan nek kamaai mein hi rahe
    aur jabaan sachaai mein hi rahe
    bas yeh hi var vardaan karo
    bajrang idhar bhi dhyaan karo


    na jang mein janm ko rolun main
    abhimaan ke vachan na bolun main
    dukh kisi ke paas na kholun main
    mushkil mein bhi na dolun main
    shakti de shaktimaan karo
    bajrang idhar bhi dhyaan karo


    na raag rahe na dvesh rahe
    na koi mujhe kalesh rahe
    tera hi dhyaan hamesh rahe
    aur yaad yahi updesh rahe
    man ram naam nit gaan karo
    bajrang idhar bhi dhyaan karo


    sankat mochan sankat se chuda
    hanuman meri himmat ko badha
    bajrang mera tan bajar bana
    aa pawan putra mam aas pujaa
    raksha meri bhagwan karo
    bajrang idhar bhi dhyaan karo

  17. #15
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    Quote Originally Posted by skarmveer View Post
    I will let you know. I got one CD of the recording of some Bhajan and Manka 108 sung by Smt. Srita Joshi.

    If you can get me manka 108 Cd of sarita joshi , it would be so very great for me ... many many thanks in advance ....



  18. #16
    Here is a very soul soothing bhajan which i like very much...

    Mangal bhawan amangal haari

    Mangal bhawan amangal haari
    Dravahu sudashrath achar bihari
    Ram siya ram siya ram jai jai ram...

    Hoi hai wahi jo ram rachi rakha
    Ko kare taraf badhaye sakha

    Dheeraj dharam mitr aru naari
    Aapad kal parakhiye chaari

    Jehi ke jehi par satya sanehu
    So tehi mile na kachhu sandehu

    Jaaki rahi bhawana jaisi
    Raghu murti dekhi tin taisi

    Raghukul reet sada chali aayi
    Praan jaye par vachan na jaye

    Ram siya ram siya ram jai jai ram...

    Hari anant hari katha ananta
    Kahahi sunahi bahu vidhi sab santa
    Ram siya ram siya ram jai jai ram...

    http://in.youtube.com/watch?v=v6p5782xxcc
    In the midst of winter, I finally learned that there was in me an invincible summer.

  19. The Following User Says Thank You to poonamchaudhary For This Useful Post:

    SALURAM (October 4th, 2017)

  20. #17
    Great Thread... Thanks Jakhar ji

    Agar dhyaan se sune aur samjhe toh jyadatar saare hi bhajan fav ban jaate hai .. fir bhi i love to mention a few.
    Although I don remember the whole lyrics par jo bhi aata hai yaha likh deta hoon

    hooo jiii reeeeeeeeeee
    Ramchander Ji keh gaye siya se Aisa kalyug aayega
    Hans Chugega dana tunka, kauva moti khaayega

    Arreeeeeee
    Ramchander Ji keh gaye siya se Aisa kalyug aayega
    Hans Chugega dana tunka, kauva moti khaayega
    Baat baat par maat pita ko beta aankh dikhaayega

  21. The Following User Says Thank You to dkumars For This Useful Post:

    SALURAM (October 4th, 2017)

  22. #18
    Full Lyrics

    jaya he raamachandra keh gaye siyaase aaisa kaljuga aayega
    hansa chugega daana dunka kauvva moti khaayega

    siyaane puchhaa, kalajugamein dharam karamko koi nahi maanegaa?
    to prabhu bole: dharam bhi hoga, karam bhi hoga parantu sharam nahi hogi
    baat baat par maata pitaako ladka aankh dikhaayega

    raaja aur praja dono inmein hogi nisadin kheenchaataani
    kadam kadam par karenge dono apni apni mann maani
    jiske haath mein hogi laathi bhainsa vahi le jaayega

    suno siya kaljugmein kaala dhan aur kaale mann honge
    chora uchakke nagar setha aur prabhu bhakta nirdhan honge
    jo hoga lobhi aur bhogi vo jogi kehlaayega

    mandir soona soona hoga bhari rahengi madhushaala
    pitaake sang sang bhari sabhaamein naachegi gharki baala
    kaisa kanyaadaan bidaahi kanyaaka dhan khaayega

    moorakh ki preet buri jueki jeeta buri bure sang baitha baitha bhaage
    hi bhaage kaajal ki kothari mein kaise hi jatana karo
    kaajal ka daag bhaai laage hi laage

    kitna jati ho koi kitna sati ho koi kaamani ke sang kaam jaage hi jaage
    suno kahe gopeeraama jiska hai raamadhaama uska to phanda gale laage hi laage

  23. The Following User Says Thank You to dkumars For This Useful Post:

    SALURAM (October 4th, 2017)

  24. #19
    ॐ सांई राम~~~

    जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
    मिल जाये तरुवर की छाया,
    ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है
    मैं जब से शरण तेरी आया, मेरे सांई राम~~~

    भटक हुआ मेरा मन था अकेला,
    मिल ना रहा था सहारा,
    लहरों से लङती हुई नाव को,
    जैसे मिल ना रहा हो किनारा,
    मिल ना रहा हो किनारा...
    उस लङखङाती हुई नाव को जो
    किसी ने किनार दिखाया,
    ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
    मैं जब से शरण तेरी आया, मेरे सांई राम~~~

    जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
    मिल जाये तरुवर की छाया,
    ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है
    मैं जब से शरण तेरी आया, मेरे सांई राम~~~

    जय सांई राम~~~

  25. The Following 2 Users Say Thank You to dkumars For This Useful Post:

    neel6318 (October 5th, 2017), SALURAM (October 4th, 2017)

  26. #20

    One more from my side.....

    All the "bhajans' you have mentioned are gem of the piece. Thank you all for sharing you favorites.
    Another one from my side. Its from movie "Neel Kamal".

    हे रोम रोम में बसने वाले राम
    हे रोम रोम में बसने वाले राम
    जगत के स्वामी हे अंतर्यामी
    मैं तुझसे क्या मांगूं, मैं तुझसे क्या मांगूं
    हे रोम रोम में........

    आस का बंधन तोड़ चुकी हूँ
    तुझ पर सब कुछ छोड़ चुकी हूँ
    नाथ मेरे मैं क्यूँ कुछ सोचूं
    तू जो दे तेरा काम
    जगत के स्वामी हे अंतर्यामी
    मैं तुझसे क्या मांगूं
    हे रोम रोम में....

    तेरे चरण की धूल जो पाये
    वो कंकर हीरा हो जाए
    भाग मेरे जो मैंने पाया
    इन चरणों में धाम
    जगत के स्वामी हे अंतर्यामी
    मैं तुझसे क्या मांगूं
    हे रोम रोम में......

    भेद कोई क्या पहचाने
    जो तुझसा हो वो तुझे जाने
    तेरे किए को हम क्या देवें
    भले बुरे का नाम
    जगत के स्वामी हे अंतर्यामी
    मैं तुझसे से क्या मांगूं
    हे रोम रोम में.........



    I request all the posters to post "bhajans" in a good composed write up. Please do not do "raandh kaatna" to say in exact words. Thank you all again.
    जाट महान
    ----------
    बेगानों में वफ़ा की तलाश ना कर साहिल,
    तेरे तो अपने भी अक्सर बेवफा निकलते हैं l

  27. The Following User Says Thank You to sjakhars For This Useful Post:

    SALURAM (October 4th, 2017)

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