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Thread: Buddhist Heritage unearthed at Jat inhabitant areas in Indian sub-continent

  1. #1

    Buddhist Heritage unearthed at Jat inhabitant areas in Indian sub-continent

    As the Title of the Thread itself suggests, this Thread has been initiated to provide a brief overview of the " Buddhist Heritage " unearthed so far ( and still being unearthed by Archaeological authorities ) at Jat inhabitant areas in Indian sub-continent.

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    jaisingh318 (September 30th, 2012), op1955 (September 30th, 2012), ravinderjeet (October 1st, 2012), rekhasmriti (September 30th, 2012), satyenderdeswal (October 1st, 2012)

  3. #2

    ...सब कुछ है ऐतिहासिक महत्व संजोने को ( 1 of 9 )

    News Article from पंजाब केसरी, हरियाणा (अखब़ार) - चंडीगढ़ (www.punjabkesari.com). मंगलवार - 21 फ़रवरी, 2012 with the title " देख-रेख के अभाव में कहीं खो न दे अस्तित्व ...सब कुछ है ऐतिहासिक महत्व संजोने को " :

    पर्यटन की दृष्टि से भी है अलग महत्व

    ' खुदाई में सामने आया बौद्ध विहार ' :

    यमुनानगर , 20 फ़रवरी (त्यागी) : इंसानी गतिविधियों से दूर आदिबद्री स्थल एक ऐसा स्थल है जहां वह सब कुछ है जो किसी एतिहासिक महत्व को सहेजने के लिए चाहिए | एस स्थान का अपना अलग ही महत्व है | पर्यटन की दृष्टि से भी यह स्थान अपना अलग ही महत्व रखता है | अब, यह स्थान प्रदेश सरकार द्वारा संचालित श्राइन बोर्ड के अंतर्गत आता है | श्राइन बोर्ड द्वारा ही अब इस स्थान के विकास का बीड़ा उठाया गया है | यह स्थान व्यवसायिक दृष्टि से भी अति महत्वपूर्ण साइट है |

    यहां बौद्ध विहार और स्तूप की उपस्थिति दर्ज करवाने के लिए किसी साक्ष्य की ज़रूरत नहीं है | यहां तो हर जगह पर ऐसे साक्ष्य हैं जो खुद ब खुद यहां पर बौद्ध धर्म की उपस्थिति का सहज ही अहसास करवा देते हैं | सरस्वती नदी के मुहाने के एकदम ठीक सामने पहाड़ की तलहटी में सोमनदी के किनारे बौद्ध स्तूप और विहार आज भी मौजूद हैं |

    यमुनानगर से लगभग 40 किलोमीटर दूर उत्तर पूर्व दिशा में शिवालिक पर्वत की श्रृंखला की तलहटी में ये विहार मौजूद है | यहां का प्राचीन श्री आदिबद्री नारायण मंदिर लगभग 5 हज़ार वर्ष से पुराना हैं | ऐसी मान्यता है कि आज भी यहां देवी-देवता रात के समय विचरण करते हैं |


    ( . . . . to be continued . . . . )
    Last edited by Moar; September 30th, 2012 at 12:19 PM.

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  5. #3

    ...सब कुछ है ऐतिहासिक महत्व संजोने को ( 2 of 9 )

    ' अचानक ही सामने आए विहार ' :

    ऐसा नहीं था कि यहां बौद्ध धर्म के साक्ष्य के खोज हो रही थी | यहां तो सरस्वती नदी के उदगम स्थल की खोज चल रही थी |

    इसके लिए आर्कोलोजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया की और से यहां डा. संजय कुमार मंजू की अगुवाई में काम चल रहा था | 2000 में की गई खुदाई के दौरान ही अचानक विहार का विस्तृत ढांचा सामने आ गया | जिसे देखकर एक बार तो सभी चौंक गए | इतना बड़ा विहार और वह भी यहां | इस विहार के निचे बौद्ध स्तूप भी था |

    ऐसा ए. एस. आई. का मानना है | हैरानी की बात तो यह है कि यहां का स्तूप शारिरीक स्तूप है क्योंकि इसमें से एक इंसानी हड्डी भी नहीं मिली है | इसमें 13 दांत का एक सैट तथा हड्डी के टुकड़े भी मिले थे जो संभवतः किसी बौद्ध भिक्षु के रहे होंगे |


    ( . . . . to be continued . . . . )

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  7. #4

    ...सब कुछ है ऐतिहासिक महत्व संजोने को ( 3 of 9 )

    ' 1500 से 1800 वर्ष पूर्व का हो सकता है स्तूप ':

    ए. एस. आई. के अनुसार यह स्तूप 1500 से 1800 वर्ष पुराना है | यहाँ मिला बौद्ध विहार आयाताकार रूप में मिला है जिसमें प्रवेश के लिए पूर्व में 3 व पश्चिम में एक दरवाज़ा बना हुआ है | विहार में प्रवेश के लिए बनी सीढ़ियां सीधे एक बड़े कमरे की ओर जाती हैं जिसकी दीवार के बीच में बने एक और भगवान बुद्ध की सुन्दर मूर्ती प्रतिष्ठित है | यह इस बात का संकेत है कि यह मुख्य पूजा कक्ष रहा होगा | इस विहार में छोटे कक्ष भी बने हैं जो की मैडीटेशन के रहे होंगे | यहाँ से टेराकोटा की मानव मूर्तियाँ व स्फिटिक के मनकों की माला भी खुदाई में मिली है | यहाँ से मिले बर्तनों का सम्बन्ध गुप्त काल से माना गया है |


    ( . . . . to be continued . . . . )

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  9. #5

    ...सब कुछ है ऐतिहासिक महत्व संजोने को ( 4 of 9 )

    ' इसलिए बन सकता है सारनाथ ' :

    दि बुद्धिस्ट फोरम के अध्यक्ष सिद्धार्थ गौरी बताते हैं कि इस क्षेत्र में बहुत से ऐसे स्थान है जहां बौद्ध स्तूप व बौद्ध से सम्बन्धित सामग्री ए. एस. आई. को मिली है |

    उन्होंने बताया कि डा. संजय कुमार मंजू ने उन्हें बताया कि यह पूरा क्षेत्र एक किलोमीटर का है | इसमें कई और छोटे स्तूप उपस्थित हैं | हालांकि उनकी खुदाई नहीं करवाई गई है | जगह-जगह आदिबद्री में बौद्ध धर्म से जुड़े साक्ष्य मिल रहे हैं | डा. संजय कुमार मंजू ने बताया कि यहाँ चीनी यात्री युआन च्वांग भी आए थे जिन्होंने अपने आत्र वर्णन में बताया था कि यहाँ पर एक समय में एक से दो हज़ार की संख्या में बौद्ध भिक्षु आवागमन करते थे |


    ( . . . . to be continued . . . . )
    Last edited by Moar; October 1st, 2012 at 03:19 PM.

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  11. #6

    ...सब कुछ है ऐतिहासिक महत्व संजोने को ( 5 of 9 )

    ' अभी तक इंसानी हस्तक्षेप नहीं ' :

    प्रदेश में संभवतः यह पहला क्षेत्र है जहाँ अभी तक इंसानी हस्तक्षेप नहीं है | इसे आसानी से विकसित किया जा सकता है | यहाँ सब कुछ सामने है | बस सँवारने के लिए थोड़े से प्रयास की ज़रूरत है | दि बुद्धिस्ट फोरम के अनुसार हालांकि ए. एस. आई. ने इसे अपने अन्डर तो लिया लेकिन इस ओर अधिक ध्यान नहीं दिया जा रहा है | वर्तमान में तो हाल यह है कि यहाँ मवेशी चरते हैं | इतना ही नहीं यहाँ लोग जानकारी के अभाव में दीवार व अन्य चीज़ों को नुक्सान पहुंचाते रहे हैं |



    ( . . . . to be continued . . . . )

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  13. #7

    ...सब कुछ है ऐतिहासिक महत्व संजोने को ( 6 of 9 )

    Click image for larger version. 

Name:	Bauddha Stupa (Haryana).jpg 
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ID:	15509


    अब खस्ता हाल में पहुंचा विहार व विहार में लगी बौद्ध की मूर्ति |



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    lrburdak (October 3rd, 2012), op1955 (October 1st, 2012), ravinderjeet (October 1st, 2012)

  15. #8
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    यह खोज जाट बाहुल्य क्षेत्र में है. यदि इसकी गहन खोज जाट के तत्समय उपस्थिति और फैलाव के परिपेक्ष्य में की जावे तो हम जाट इतिहास की खोज को आगे बढ़ा सकते है. जाट और बौध धर्म पर हमें ध्यान केन्द्रित करना चाहिए.
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  17. #9
    Ancient Buddhist Statue Made of Meteorite, New Study Reveals

    ScienceDaily (Sep. 26, 2012) — An ancient Buddhist statue which was first recovered by a Nazi expedition in 1938 has been analyzed by a team of scientists led by Dr. Elmar Buchner from the Institute of Planetology, University of Stuttgart. The probably 1,000-year-old statue, called the "Iron Man," weighs 10 kilograms, portrays the Buddhist god Vaisravana and is believed to originate from the pre-Buddhist Bon culture of the 11th Century. Geochemical analyses by the German-Austrian research team revealed that the priceless statue was carved from an ataxite, a very rare class of iron meteorites.
    The statue, known as the Iron Man, weighs 10kg and is believed to represent a stylistic hybrid between the Buddhist and pre-Buddhist Bon culture that portrays the god Vaisravana, the Buddhist King of the North, also known as Jambhala in Tibet.

    http://www.sciencedaily.com/releases...0926104255.htm





    Quote Originally Posted by Moar View Post
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  19. #10

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    Quote Originally Posted by lrburdak View Post
    यह खोज जाट बाहुल्य क्षेत्र में है. यदि इसकी गहन खोज जाट के तत्समय उपस्थिति और फैलाव के परिपेक्ष्य में की जावे तो हम जाट इतिहास की खोज को आगे बढ़ा सकते है. जाट और बौध धर्म पर हमें ध्यान केन्द्रित करना चाहिए.
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  20. #11

    ...सब कुछ है ऐतिहासिक महत्व संजोने को ( 7 of 9 )

    " यू. पी. ( उत्तर प्रदेश ) में वाराणसी में स्थित सारनाथ के डियर पार्क जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद पहला उपदेश दिया था | यहाँ उन्होंने धर्म परिवर्तन चक्र चलाया था | यहाँ की हालत उससे लगभग मिलती है क्योंकि यहाँ का क्षेत्रफल भी एक किलोमीटर बनता है जो सारनाथ स्तूप और विहार है | सारनाथ में भी कमोवेश ऐसा ही है | इतना ही नहीं सारनाथ भी पवित्र नदी गंगा के किनारे स्थित है | आदिबद्री जहां सरस्वती के उदगम स्थल के सामने है | वहीं सोमनदी के किनारे पर नदी इस क्षेत्र की पवित्र नदियों में मानी जाती है | इतना ही नहीं यहाँ पर एक जगह कई सारे स्तूप व विहार हैं | "


    - सिद्धार्थ गौरी, अध्यक्ष, दि बुद्धिस्ट फोरम


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    Last edited by Moar; October 3rd, 2012 at 02:05 PM.

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  22. #12

    ...सब कुछ है ऐतिहासिक महत्व संजोने को ( 8 of 9 )

    " जिला प्रशासन की ओर से तमाम प्रयास उन स्थानों को विकसित करने के लिए किए जा रहे है जो हमारे इतिहास से जुड़े हुए हैं | आदिबद्री क्षेत्र का विकास भी श्राइन बोर्ड द्वारा किया जा रहा है | हर उस क्षेत्र का विकास होना चाहिए जिससे हमारा इतिहास जुड़ा हुआ है | जिला प्रशासन इन स्थानों को लेकर गंभीर है | "


    - अशोक सांगवान, जिला उपायुक्त. यमुना नगर


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  24. #13

    ...सब कुछ है ऐतिहासिक महत्व संजोने को ( 9 of 9 )

    " पुरातत्व विभाग द्वारा इस क्षेत्र में जो खुदाई की गई थी उस खुदाई के दौरान बौद्ध विहार सामने आए थे | पुरातत्व विभाग के पास अभी इस स्थान के लिए कोई योजना नहीं है | इसके अतिरिक्त कई अन्य स्थानों को पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित घोषित किया गया है | आदिबद्री क्षेत्र में श्राइन बोर्ड द्वारा विकास कार्य करवाए जा रहे हैं | "


    - रणबीर सिंह, तकनीकी अधिकारी, पुरातत्व विभाग चंडीगढ़
    Last edited by Moar; October 3rd, 2012 at 02:17 PM.

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  26. #14
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    An NGO At Yamunanagar known as The Buddhist Forum has undertaken to identify and list the Buddhist sites in India. The Buddhist Forum has also took up the task of establishing an Asoka Edicts Park at Topra Kalan near here. The land has been acquired for the purpose by the district administration and the project has been sent to the Central Government for their approval.

    Hope this will increase the cultural activities and tourism in the region.
    History is best when created, better when re-constructed and worst when invented.

  27. #15
    Quote Originally Posted by Moar View Post
    As the Title of the Thread itself suggests, this Thread has been initiated to provide a brief overview of the " Buddhist Heritage " unearthed so far ( and still being unearthed by Archaeological authorities ) at Jat inhabitant areas in Indian sub-continent.

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    There was a massive presence of Buddhism in Afghanistan at one point of time in history. I guess, it might have also been present in present day Pakistan at some point of time in history, although, i do not have any knowledge about that. All these areas were dwelt by Jats in past and present.

  28. #16
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    Quote Originally Posted by maddhan1979 View Post
    There was a massive presence of Buddhism in Afghanistan at one point of time in history. I guess, it might have also been present in present day Pakistan at some point of time in history, although, i do not have any knowledge about that. All these areas were dwelt by Jats in past and present.
    What is significance of this generalised statement if we have no source/data to support the same.
    History is best when created, better when re-constructed and worst when invented.

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