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Thread: I was a hindu!!!!

  1. #1

    Angry I was a hindu!!!!

    मुझे लग रहा है की ये फोरम मेरे मतलब का नहीं है, सबसे बड़ी बात तो ये की ये जाटों को धरम के नाम पर डिवाइड करता है, मई जब हिंदू था तो मुझे ये बकवास बढ़िया लगती थी, पर अब मुझे नई लगता की मुझे यहाँ अब रुकना चाहिए, क्योकि मई भगत सिंह, सर छोटूराम का अनुयायी हु , और उनकी बातों को अपने जीवन में उतारने में विश्वास करता हु , हमारे पूर्वज धोती कुरता पहनते थे जरुरी नहीं की मई भी धोती कुरता पहनू ,, हमारे पूर्वजो ने जो किया आज वो इतिहास ह , आज हम जो कर रहे ह वो कल इतिहास होगा , हमे कल को सुधारना ह, इसमें इतिहास हमारी मदद करता ह, जो गलती हमारे पूर्वजो ने की , जरुरी नहीं की हम दोहराये , हो सकता ह हमरे पूर्वजो ने कुछ गलत किया हो, जरुरी नहीं की हम भी करे,,
    अरे भाई हमे भी तो सोचने का मौका दो,भगत सिंह अगर आपकी वेबसाइट पर होता तो तुम क्या कहते,? शायद यही की तुम नास्तिक हो, तुम्हारे पूर्वज हिन्दू थे, तुम भी हिन्दू बनो, , पर आज दुनिया में भगत सिंह के करोडो पढ़ने वाले ह, उसकी सोच की दुनिया कायल ह, करतार सिंह सरभा को क्यों भूल जाते हो वो भी तो फांशी पर चढ़ गया था १९ साल की उम्र में, क्या वो भी धरम के लिए चढ़ा था?? नहीं, धरम से उसको कोई लेना देना नहीं था, क्योकि धरम का न तो नैतिकता से सम्बद्ध ह, न संस्कृति से, और कौम से तो बिलकुल भी नहीं , पर यहाँ इस फोरम पर रूढ़िवादी कट्टरपंथी सोच के लोग ज्यादा ह , कुछ तो मॉडरेटर ह, मुझे ये भी पता ह की मेरी पोस्ट जरूर डिलीट की जाएगी, पर फिर भी सोचा की एक लास्ट मैसेज छोड़ना चाहिए , ताकि मेरी इस बात पर भी कुछ विचार हो, एक सुझाव जाट इतिहासकारो को भी देना चाहूंगा की , इतिहास को ज्यादा से ज्यादा साइंटिफिक बनाने की कोशिश करे.
    धन्यवाद

  2. The Following 8 Users Say Thank You to abhisheklakda For This Useful Post:

    amitbudhwar (June 4th, 2016), DevArbikshe (June 23rd, 2018), login4vinay (February 2nd, 2015), prashantacmet (January 30th, 2015), rajpaldular (June 24th, 2018), rskankara (January 31st, 2015), singhvp (January 30th, 2015), spdeshwal (January 30th, 2015)

  3. #2
    please tell me how i delete my jatland.com account?? if modarator see this post then i request that please delete my account. not block, please ban, because i am not hindu, i am jat, an atheist.....

  4. #3
    हा हा हा, कुछ लोगों ने नाम हिंदुओं वाला रखा हुआ है, विवाह भी हिंदू पद्धति से कर लिया होगा, बच्चों को ईद तो कभी नहीं मनाने दी होगी, लेकिन हिंदुओं के त्योहार अवश्य मनाने दिए गए होंगे, उनके नाम भी हिंदुओं वाले रख दिए होंगे, जब उन्होंने पूछा होगा कि दूसरे उनका धर्म पूछेंगे तो क्या बताना है तो उन्हें यह भी कह दिया होगा कि 'हिंदू' बताना है, नौकरी के लिए फॉर्म भरते हुए भी धर्म 'हिंदू' लिख दिया होगा और दूसरे भी इन्हें इनके नाम एवं रीति-रिवाजों से हिंदू समझ रहे हैं, इसके बावजूद दावा यह कि हम तो हिंदू हैं ही नहीं...
    बढ़िया है...

  5. The Following 4 Users Say Thank You to upendersingh For This Useful Post:

    AbhikRana (January 30th, 2015), cooljat (January 30th, 2015), virendra204 (March 1st, 2015), ygulia (January 30th, 2015)

  6. #4
    Quote Originally Posted by abhisheklakda View Post
    मई भगत सिंह, सर छोटूराम का अनुयायी हु , और उनकी बातों को अपने जीवन में उतारने में विश्वास करता हु ,


    अभिषेक लाकड़ा से मेरा कोई निजी वैर नहीं है, लेकिन इसके बावजूद मैं यह जरूर कहना चाहूंगा कि ऐसे लोग सर छोटूराम और शहीद भगत सिंह जैसे महापुरुषों के नाम पर गलत सोच को बढ़ावा दे रहे हैं। माना कि भगत सिंह ने यह कहा कि वे नास्तिक हैं, लेकिन उन्होंने खुद को कट्टर जाट/जट्ट भी कब दर्शाया? छोटू राम ने कब कहा कि वे हिंदू नहीं हैं और उन्हें केवल जाट होने पर गर्व है? वे तो गरीब-बेसहाराओं, सबके थे। अभिषेक लाकड़ा को तो केवल जाट होने का गुमान है।

  7. The Following 5 Users Say Thank You to upendersingh For This Useful Post:

    AbhikRana (January 30th, 2015), ayushkadyan (January 30th, 2015), cooljat (January 30th, 2015), rkumar (January 30th, 2015), virendra204 (March 1st, 2015)

  8. #5
    Quote Originally Posted by abhisheklakda View Post
    please tell me how i delete my jatland.com account?? if modarator see this post then i request that please delete my account. not block, please ban, because i am not hindu, i am jat, an atheist.....
    Oho...
    It seems you're going through self identity crisis. Take a break from your routine work then you'll be able to recall that you've always been a hindu who practice the Jat customs..let all the members know if it works..
    Last edited by ayushkadyan; January 30th, 2015 at 04:20 AM.
    I have a fine sense of the ridiculous, but no sense of humor.

  9. The Following 2 Users Say Thank You to ayushkadyan For This Useful Post:

    AbhikRana (January 30th, 2015), rkumar (January 30th, 2015)

  10. #6
    Quote Originally Posted by abhisheklakda View Post
    मुझे लग रहा है की ये फोरम मेरे मतलब का नहीं है, सबसे बड़ी बात तो ये की ये जाटों को धरम के नाम पर डिवाइड करता है, मई जब हिंदू था तो मुझे ये बकवास बढ़िया लगती थी, पर अब मुझे नई लगता की मुझे यहाँ अब रुकना चाहिए, क्योकि मई भगत सिंह, सर छोटूराम का अनुयायी हु , और उनकी बातों को अपने जीवन में उतारने में विश्वास करता हु , हमारे पूर्वज धोती कुरता पहनते थे जरुरी नहीं की मई भी धोती कुरता पहनू ,, हमारे पूर्वजो ने जो किया आज वो इतिहास ह , आज हम जो कर रहे ह वो कल इतिहास होगा , हमे कल को सुधारना ह, इसमें इतिहास हमारी मदद करता ह, जो गलती हमारे पूर्वजो ने की , जरुरी नहीं की हम दोहराये , हो सकता ह हमरे पूर्वजो ने कुछ गलत किया हो, जरुरी नहीं की हम भी करे,,
    अरे भाई हमे भी तो सोचने का मौका दो,भगत सिंह अगर आपकी वेबसाइट पर होता तो तुम क्या कहते,? शायद यही की तुम नास्तिक हो, तुम्हारे पूर्वज हिन्दू थे, तुम भी हिन्दू बनो, , पर आज दुनिया में भगत सिंह के करोडो पढ़ने वाले ह, उसकी सोच की दुनिया कायल ह, करतार सिंह सरभा को क्यों भूल जाते हो वो भी तो फांशी पर चढ़ गया था १९ साल की उम्र में, क्या वो भी धरम के लिए चढ़ा था?? नहीं, धरम से उसको कोई लेना देना नहीं था, क्योकि धरम का न तो नैतिकता से सम्बद्ध ह, न संस्कृति से, और कौम से तो बिलकुल भी नहीं , पर यहाँ इस फोरम पर रूढ़िवादी कट्टरपंथी सोच के लोग ज्यादा ह , कुछ तो मॉडरेटर ह, मुझे ये भी पता ह की मेरी पोस्ट जरूर डिलीट की जाएगी, पर फिर भी सोचा की एक लास्ट मैसेज छोड़ना चाहिए , ताकि मेरी इस बात पर भी कुछ विचार हो, एक सुझाव जाट इतिहासकारो को भी देना चाहूंगा की , इतिहास को ज्यादा से ज्यादा साइंटिफिक बनाने की कोशिश करे.
    धन्यवाद
    Why not carry forward your thoughts one more step forward ? Why call yourself a Jat ? Why not just a human being ? Why divide humanity into religious groups and castes ? Just be what God created you and all of us.

    RK^2
    There are many paths leading to God, politics is certainly not one of them...

  11. The Following 7 Users Say Thank You to rkumar For This Useful Post:

    AbhikRana (January 30th, 2015), ayushkadyan (January 30th, 2015), prashantacmet (January 30th, 2015), Prikshit (January 30th, 2015), rskankara (January 31st, 2015), satyeshwar (February 5th, 2015), spdeshwal (January 30th, 2015)

  12. #7
    Quote Originally Posted by abhisheklakda View Post
    please tell me how i delete my jatland.com account?? If modarator see this post then i request that please delete my account. Not block, please ban, because i am not hindu, i am jat, an atheist.....
    माननीय अभिषेक लाकड़ा जी,
    आपके मार्मिक शब्दों को पढ़कर हृदय भर उठा। इतिहास साक्षी है जिस प्रकार देश के स्वतंत्रता संग्राम में शहीद शिरोमणि भगत सिंह का नाम सर्वोपरि है उसी प्रकार जाटलैंड के इतिहास में जाटो की रणभेरी बजाने के लिए आप सदैव इसके सदस्यों के प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। आप का नाम अनंत काल के लिए स्वर्णाक्षरो में अंकित हो चुका है।
    आपका वैचारिक बलिदान असंख्य सदस्यों का मार्गदर्शक बनेगा।
    वीर तुम बढे चलो धीर तुम बढे चलो...
    हमें आप जैसे जाटों की ही आवश्यकता है जो ना हिन्दू है ना मुस्लिम या सिख!! बस जाट है..क्या बात है जी..दिल खुश कर दित्ता..ओए जियो गुरु..तुसी छ गए..
    अब तो जाग जाओ..सुबह हो गयी मामू..:p
    Last edited by ayushkadyan; January 30th, 2015 at 11:53 AM.
    I have a fine sense of the ridiculous, but no sense of humor.

  13. The Following 2 Users Say Thank You to ayushkadyan For This Useful Post:

    AbhikRana (January 30th, 2015), virendra204 (March 1st, 2015)

  14. #8
    Bhai abhishek...maidaan chhod ke bhaagne ki koi jaroorat nahi hai... yeh tilakdhari jat to bulbule hai.....daro mat..........loomb-tugana ke kuch jaat tilakdhario ke ghulam bane baithe hai......inki pindi sujhao pehlam koone main tai lathora kaahad ke
    Last edited by prashantacmet; January 30th, 2015 at 12:28 PM.
    Become more and more innocent, less knowledgeable and more childlike. Take life as fun - because that's precisely what it is!

  15. The Following 4 Users Say Thank You to prashantacmet For This Useful Post:

    abhisheklakda (January 30th, 2015), amitbudhwar (January 30th, 2015), krishdel (February 8th, 2015), spdeshwal (January 30th, 2015)

  16. #9
    Quote Originally Posted by rkumar View Post
    Why not carry forward your thoughts one more step forward ? Why call yourself a Jat ? Why not just a human being ? Why divide humanity into religious groups and castes ? Just be what God created you and all of us.

    RK^2
    Probably human being first and then caste and creed! I think if you are not a good human being then no matter what you are, there will no point in calling yourself a proud JAT, Rajput etc.

  17. The Following 2 Users Say Thank You to amitbudhwar For This Useful Post:

    abhisheklakda (January 30th, 2015), rskankara (January 31st, 2015)

  18. #10
    Quote Originally Posted by prashantacmet View Post
    Bhai abhishek...maidaan chhod ke bhaagne ki koi jaroorat nahi hai... yeh tilakdhari jat to bulbule hai.....daro mat..........loomb-tugana ke kuch jaat tilakdhario ke ghulam bane baithe hai......inki pindi sujhao pehlam koone main tai lathora kaahad ke
    bhaisahab kiya karein. ye pande type log har dharam mei maujood hain. khair apne desh mei mahool hi aisa hai. Kharbooje ko dekhkar Kharbooja rang badalta hai. Jaise sangat hogi waise vichar honge, vagra vagra.

    Khair samay lagega mahol badlne mei. itne hum log to yahi kar sakte hai ki apne aaas pass ke bhai behno ko in pando ke chakkar mei na padne de.

    balki unhe ek sahi raasta dikhayein, ek practical rasta. samaj jitna practical aur pragmatic hoga utni hi tarakki hogi.

  19. The Following 2 Users Say Thank You to amitbudhwar For This Useful Post:

    abhisheklakda (January 30th, 2015), DevArbikshe (June 23rd, 2018)

  20. #11
    Quote Originally Posted by abhisheklakda View Post
    please tell me how i delete my jatland.com account?? if modarator see this post then i request that please delete my account. not block, please ban, because i am not hindu, i am jat, an atheist.....
    Brother Live your life. Believe in yourself. Being a good human being must be first thing than anything else. Its your decision to become what you want to become. Don't go by what others say here or anywhere. Do what you like to do, what your heart says and what your brain says.

  21. The Following User Says Thank You to amitbudhwar For This Useful Post:

    abhisheklakda (January 30th, 2015)

  22. #12
    Wiki Moderator
    Points: 42,274, Level: 90
    Level completed: 42%, Points required for next Level: 526
    Overall activity: 80.0%
    Achievements:
    Social Created Album pictures Veteran Referral First Class 25000 Experience Points
    Awards:
    Community Award Master poster
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    Quote Originally Posted by abhisheklakda View Post
    मुझे लग रहा है की ये फोरम मेरे मतलब का नहीं है, सबसे बड़ी बात तो ये की ये जाटों को धरम के नाम पर डिवाइड करता है, मई जब हिंदू था तो मुझे ये बकवास बढ़िया लगती थी, पर अब मुझे नई लगता की मुझे यहाँ अब रुकना चाहिए, क्योकि मई भगत सिंह, सर छोटूराम का अनुयायी हु , और उनकी बातों को अपने जीवन में उतारने में विश्वास करता हु , हमारे पूर्वज धोती कुरता पहनते थे जरुरी नहीं की मई भी धोती कुरता पहनू ,, हमारे पूर्वजो ने जो किया आज वो इतिहास ह , आज हम जो कर रहे ह वो कल इतिहास होगा , हमे कल को सुधारना ह, इसमें इतिहास हमारी मदद करता ह, जो गलती हमारे पूर्वजो ने की , जरुरी नहीं की हम दोहराये , हो सकता ह हमरे पूर्वजो ने कुछ गलत किया हो, जरुरी नहीं की हम भी करे,,
    अरे भाई हमे भी तो सोचने का मौका दो,भगत सिंह अगर आपकी वेबसाइट पर होता तो तुम क्या कहते,? शायद यही की तुम नास्तिक हो, तुम्हारे पूर्वज हिन्दू थे, तुम भी हिन्दू बनो, , पर आज दुनिया में भगत सिंह के करोडो पढ़ने वाले ह, उसकी सोच की दुनिया कायल ह, करतार सिंह सरभा को क्यों भूल जाते हो वो भी तो फांशी पर चढ़ गया था १९ साल की उम्र में, क्या वो भी धरम के लिए चढ़ा था?? नहीं, धरम से उसको कोई लेना देना नहीं था, क्योकि धरम का न तो नैतिकता से सम्बद्ध ह, न संस्कृति से, और कौम से तो बिलकुल भी नहीं , पर यहाँ इस फोरम पर रूढ़िवादी कट्टरपंथी सोच के लोग ज्यादा ह , कुछ तो मॉडरेटर ह, मुझे ये भी पता ह की मेरी पोस्ट जरूर डिलीट की जाएगी, पर फिर भी सोचा की एक लास्ट मैसेज छोड़ना चाहिए , ताकि मेरी इस बात पर भी कुछ विचार हो, एक सुझाव जाट इतिहासकारो को भी देना चाहूंगा की , इतिहास को ज्यादा से ज्यादा साइंटिफिक बनाने की कोशिश करे.
    धन्यवाद
    You seem to be in a hurry to do something concrete without knowing what to do; and also seem to think that everything has gone astray.

    Kindly read good literature, keep company with people who think positive and maintain your cool of mind and you will see the things will automatically start to unfold on their own in true form. Devote yourself in some constructive work rather than wasting energy in finding faults with others.

    God bless you.
    History is best when created, better when re-constructed and worst when invented.

  23. The Following 5 Users Say Thank You to DrRajpalSingh For This Useful Post:

    abhisheklakda (January 30th, 2015), ayushkadyan (January 30th, 2015), DevArbikshe (June 23rd, 2018), rskankara (January 31st, 2015), virendra204 (March 1st, 2015)

  24. #13
    Wiki Moderator
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    Quote Originally Posted by abhisheklakda View Post
    .................. एक सुझाव जाट इतिहासकारो को भी देना चाहूंगा की , इतिहास को ज्यादा से ज्यादा साइंटिफिक बनाने की कोशिश करे.
    धन्यवाद
    Come and utilize your energy and knowledge towards reconstruction of Jat History of your dreams:

    Kindly come forward to contribute in the History sub section where discussion on how to make history more based on sources of history is being discussed. You may contribute in the forum in the form of your comments on the issues being taken up for discussion, suggest links to make it more relevant, share any information in your possession on any aspect of Jat history in particular and on General history in general.

    Other members are also requested to come forward to enrich discussion on history forum by the constructive contribution.

    In History section, irrelevant comments to distract the attention of the participants from the theme of the topics being taken up for discussion may kindly be avoided please.
    History is best when created, better when re-constructed and worst when invented.

  25. The Following User Says Thank You to DrRajpalSingh For This Useful Post:

    abhisheklakda (January 30th, 2015)

  26. #14
    why call yourself a jat? why not just human being?

    first thing is that jat is not a caste, jat is a human race, human are creater of caste like religion not the race, so race has no relation with d religion. and your second question is baseless, now you can ask why only human being why not animal?? so i have no answer of this.

  27. The Following 2 Users Say Thank You to abhisheklakda For This Useful Post:

    DevArbikshe (June 23rd, 2018), prashantacmet (January 30th, 2015)

  28. #15
    Quote Originally Posted by abhisheklakda View Post
    मुझे लग रहा है की ये फोरम मेरे मतलब का नहीं है, सबसे बड़ी बात तो ये की ये जाटों को धरम के नाम पर डिवाइड करता है, मई जब हिंदू था तो मुझे ये बकवास बढ़िया लगती थी, पर अब मुझे नई लगता की मुझे यहाँ अब रुकना चाहिए, क्योकि मई भगत सिंह, सर छोटूराम का अनुयायी हु , और उनकी बातों को अपने जीवन में उतारने में विश्वास करता हु , हमारे पूर्वज धोती कुरता पहनते थे जरुरी नहीं की मई भी धोती कुरता पहनू ,, हमारे पूर्वजो ने जो किया आज वो इतिहास ह , आज हम जो कर रहे ह वो कल इतिहास होगा , हमे कल को सुधारना ह, इसमें इतिहास हमारी मदद करता ह, जो गलती हमारे पूर्वजो ने की , जरुरी नहीं की हम दोहराये , हो सकता ह हमरे पूर्वजो ने कुछ गलत किया हो, जरुरी नहीं की हम भी करे,,
    अरे भाई हमे भी तो सोचने का मौका दो,भगत सिंह अगर आपकी वेबसाइट पर होता तो तुम क्या कहते,? शायद यही की तुम नास्तिक हो, तुम्हारे पूर्वज हिन्दू थे, तुम भी हिन्दू बनो, , पर आज दुनिया में भगत सिंह के करोडो पढ़ने वाले ह, उसकी सोच की दुनिया कायल ह, करतार सिंह सरभा को क्यों भूल जाते हो वो भी तो फांशी पर चढ़ गया था १९ साल की उम्र में, क्या वो भी धरम के लिए चढ़ा था?? नहीं, धरम से उसको कोई लेना देना नहीं था, क्योकि धरम का न तो नैतिकता से सम्बद्ध ह, न संस्कृति से, और कौम से तो बिलकुल भी नहीं , पर यहाँ इस फोरम पर रूढ़िवादी कट्टरपंथी सोच के लोग ज्यादा ह , कुछ तो मॉडरेटर ह, मुझे ये भी पता ह की मेरी पोस्ट जरूर डिलीट की जाएगी, पर फिर भी सोचा की एक लास्ट मैसेज छोड़ना चाहिए , ताकि मेरी इस बात पर भी कुछ विचार हो, एक सुझाव जाट इतिहासकारो को भी देना चाहूंगा की , इतिहास को ज्यादा से ज्यादा साइंटिफिक बनाने की कोशिश करे.
    धन्यवाद
    You were Hindu, but now liberated. Why Angry ?

    You don't like Hinduism so you left it. It's a matter of rejoice, pleasure & joy not anger.

  29. The Following 4 Users Say Thank You to RathiJi For This Useful Post:

    AbhikRana (January 30th, 2015), ayushkadyan (January 31st, 2015), prashantacmet (January 30th, 2015), upendersingh (January 31st, 2015)

  30. #16
    I would request moderators to kindly oblige the request of our brother Abhishek to ban him from JL.

    He is so fed up with being on JL. He does not like to read some of the posts which are not to his liking (ideology) and somehow he is forced to read them. It seems he is not able to control himself and is tempted to read the posts which do not match his ideology.

    I am happy for our brother Abhishek in his renouncing Hindu faith as I believe it is a very tough and life changing decision for him. Now in his religion column he will not fill Hinduism, he will never ever follow any Hindu rituals either for himself or his family. In fact, he might even change his name as it sounds that of a Hindu.

    Good Job our brother Abhishek. You have gone a step further than even Gandhi ji who despite all the noble work done by him and his respect for all religions was proud to be a Hindu. I only hope that you do not go beyond that and embrace Islam because it has become fashionable these days for all the people disgruntled with their faith or situation to head straight for Syria/Iraq to join ISIS. Even if that thought has crossed your mind, my good wishes to you brother. So what if you join ISIS, you would always be our Jat brother!!!!!

    Quote Originally Posted by abhisheklakda View Post
    मुझे लग रहा है की ये फोरम मेरे मतलब का नहीं है, सबसे बड़ी बात तो ये की ये जाटों को धरम के नाम पर डिवाइड करता है, मई जब हिंदू था तो मुझे ये बकवास बढ़िया लगती थी, पर अब मुझे नई लगता की मुझे यहाँ अब रुकना चाहिए, क्योकि मई भगत सिंह, सर छोटूराम का अनुयायी हु , और उनकी बातों को अपने जीवन में उतारने में विश्वास करता हु , हमारे पूर्वज धोती कुरता पहनते थे जरुरी नहीं की मई भी धोती कुरता पहनू ,, हमारे पूर्वजो ने जो किया आज वो इतिहास ह , आज हम जो कर रहे ह वो कल इतिहास होगा , हमे कल को सुधारना ह, इसमें इतिहास हमारी मदद करता ह, जो गलती हमारे पूर्वजो ने की , जरुरी नहीं की हम दोहराये , हो सकता ह हमरे पूर्वजो ने कुछ गलत किया हो, जरुरी नहीं की हम भी करे,,
    अरे भाई हमे भी तो सोचने का मौका दो,भगत सिंह अगर आपकी वेबसाइट पर होता तो तुम क्या कहते,? शायद यही की तुम नास्तिक हो, तुम्हारे पूर्वज हिन्दू थे, तुम भी हिन्दू बनो, , पर आज दुनिया में भगत सिंह के करोडो पढ़ने वाले ह, उसकी सोच की दुनिया कायल ह, करतार सिंह सरभा को क्यों भूल जाते हो वो भी तो फांशी पर चढ़ गया था १९ साल की उम्र में, क्या वो भी धरम के लिए चढ़ा था?? नहीं, धरम से उसको कोई लेना देना नहीं था, क्योकि धरम का न तो नैतिकता से सम्बद्ध ह, न संस्कृति से, और कौम से तो बिलकुल भी नहीं , पर यहाँ इस फोरम पर रूढ़िवादी कट्टरपंथी सोच के लोग ज्यादा ह , कुछ तो मॉडरेटर ह, मुझे ये भी पता ह की मेरी पोस्ट जरूर डिलीट की जाएगी, पर फिर भी सोचा की एक लास्ट मैसेज छोड़ना चाहिए , ताकि मेरी इस बात पर भी कुछ विचार हो, एक सुझाव जाट इतिहासकारो को भी देना चाहूंगा की , इतिहास को ज्यादा से ज्यादा साइंटिफिक बनाने की कोशिश करे.
    धन्यवाद

  31. The Following User Says Thank You to AbhikRana For This Useful Post:

    virendra204 (March 1st, 2015)

  32. #17
    I only hope that you do not go beyond that and embrace Islam because it has become fashionable these days for all the people disgruntled with their faith or situation to head straight for Syria/Iraq to join ISIS. Even if that thought has crossed your mind, my good wishes to you brother. So what if you join ISIS, you would always be our Jat brother!!!!!



    hahahahahahahahah.............
    bhai aap meri baat ko smjhe nahi, sayad aapko pata nahi, islamic countries me atheist/humanist/ non believer ko death penalty milti h, hamare yaha secular jyada h, total vote ka 70% hindu extrimist ke against tha hindu wave me bhi, agar ye bhi hindu nation hota to yaha bhi death penalty milti, all religion are same,,

  33. The Following User Says Thank You to abhisheklakda For This Useful Post:

    DevArbikshe (June 23rd, 2018)

  34. #18
    Abhishek bhai, kuchh samay pehle tak toh Nepal ek Hindu rashtra tha. Wahan toh hazaron Hinduon ko death penalty mili hogi Hindu dharm chhodne pe????? Bilkul sahi kaha.

    Mein aapki baat se bilkul sehmat hoon - all religions are the same!!!!! Jaise aapne Hindu dharm chhoda shayad utni hee asaani se aap Islam chhodte. Sahi kaha bhai.

    Aur agar all religions are the same phir toh neeche likha ek ek shabd bhi sahi hoga:

    1. Mahmood Ghori aur Ghaznavi Hindu hee toh the. Unhone Muslimon ke kayi mandir loote aur tode jaise ki Somnath mandir.
    2. Hinduon ne hazaar saalon se zyada talwar se Muslimon ko Hindu banaya.
    3. Hinduon ne Musalmaan bhaiyon pe jiziya (religion tax) lagaya.
    4. Hinduon ne Kaashi, Ayodhya aur sainkdo jagahon pe musalmaanon ke mandir tode aur apni masjiden banwayi.
    5. Hinduon ne Musalmaano ki ladkiyon jabardasti uthwaya aur apni harem mein daasi banaa ke rakha.

    Hazaron saalon se Hinduon ne Muslimon pe zulm kiye hain. Aaj bhi kar rahe hain. Hizbul Mujahideen, Jaishe Muhammed, LeT, etc. yeh saari Hindu terrorist organizations hain jo ki Musalmaan bhaiyon ko target kar rahi hain. In fact ISIS bhi ek Hindu terrorist sanstha hae jo ki apne dharm granth ke hisaab se yaziddion aur Christians ko sabhya bana rahe hain. Aur jo sabhya nahi banta usse seedha bhagwan ke darshan karwaate hain.

    Quote Originally Posted by abhisheklakda View Post
    I only hope that you do not go beyond that and embrace Islam because it has become fashionable these days for all the people disgruntled with their faith or situation to head straight for Syria/Iraq to join ISIS. Even if that thought has crossed your mind, my good wishes to you brother. So what if you join ISIS, you would always be our Jat brother!!!!!



    hahahahahahahahah.............
    bhai aap meri baat ko smjhe nahi, sayad aapko pata nahi, islamic countries me atheist/humanist/ non believer ko death penalty milti h, hamare yaha secular jyada h, total vote ka 70% hindu extrimist ke against tha hindu wave me bhi, agar ye bhi hindu nation hota to yaha bhi death penalty milti, all religion are same,,

  35. #19
    भाई हिन्दू धरम के आतंक के बारे में पता करना है तो दलितों , अछूतों से पूछो, हजारों सालों से झेलते आये है बेचारे इस धरम का आतंक, चचनामा पढ़ लो, इस धर्म के आतंक के बारे में पता चल जायेगा, जमीन में दबाई गयी बौद्ध मूर्तियों को देख लो, जले हुए बौद्ध वट देख लो,,

  36. The Following User Says Thank You to abhisheklakda For This Useful Post:

    DevArbikshe (June 23rd, 2018)

  37. #20
    Bhai, jaise ki meine dusre thread mein likha hae the beauty of Hinduism lies in the fact that it is in a constant state of catharsis/reforms. In today's times, it is the most liberal of all the religions - you will be a Hindu whether you visit a temple or not, whether you pray seven times a day or not etc.

    The Dalits that you talk about today occupy all the high positions - be it the Civil services (IAS/IPS) or Judiciary (Judges) and people from all other castes including Jats bow in front of them.

    Kisne jalaayi baudh dharm ki murtiyan???? I hope aap Afghanistan mein Bamiyan ki murtiyon ki baat toh nahi kar rahe? Shayad apko pata ho Aap hee ki tarah ek mahaan Samrat Ashoka jo ki Hindu hua karta tha ne Baudh dharm ko anuyaayion dwaara duniya ke kone kone mein bheja.


    Aur waise bhi aap kyon tension lete ho - Aap ne toh iss kharab dharm ko tyaag hee diya hae.

    Quote Originally Posted by abhisheklakda View Post
    भाई हिन्दू धरम के आतंक के बारे में पता करना है तो दलितों , अछूतों से पूछो, हजारों सालों से झेलते आये है बेचारे इस धरम का आतंक, चचनामा पढ़ लो, इस धर्म के आतंक के बारे में पता चल जायेगा, जमीन में दबाई गयी बौद्ध मूर्तियों को देख लो, जले हुए बौद्ध वट देख लो,,

  38. The Following 2 Users Say Thank You to AbhikRana For This Useful Post:

    ayushkadyan (January 31st, 2015), upendersingh (January 31st, 2015)

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