Bhaniyana

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Location of Bhaniyana is on Pokaran-barmer road in District Jaisalmer

Bhaniyana (भणियाणा) is a Jat village, mainly of Godara gotra, in Pokaran tehsil of Jaisalmer district of Rajasthan.

Founder

Bhaniyana was founded after Pandava Bhima.

Location

It is situated at a distance of 110 km from Jaisalmer on Pokran-Barmer road.

History

It has distinction of being the biggest village with Jat population in Jaisalmer district. It was founded after Pandava Bhima. Myth is that the biggest pond in the district situated near Devi mata temple was built by Bhima. Its population is 774.[1]

जैसलमेर जिले का गांव भणियाणा, जहां पर हमेशा ही शूरवीर एवं स्वाभिमानी जाटों ने जन्म लिया। 50-60 के दशक में यहां स्वतंत्रता सेनानी खरताराम जाखड़ ने डकैत दलों को खत्म करने के लिये भागीरथ काम किया।

उनसे पहले लगभग 300 साल पहले इसी भणियाणा में सेंसाजी सारण हुये। वह और उनके बेटे भू स्वाभिमान के लिये जाने जाते है। सेंसाजी बहुत ही स्वाभिमानी व्यक्तित्व के धनी थे। वहां के नरावत जागीरदारों का हमेशा अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिये सामना किया। उन्होंने कभी हार नहीं मानी। जब वह स्वाभिमान का पुलिंदा मरणासन्न हुआ तो उसकी सांस अटक गयी। उनके बेटों ने पूछा कि आपके मन में क्या रह गयी है जिसके कारण आपकी मुक्ति नहीं हो रही है। तब सेंसाजी ने कहा कि मेरी मृत्यु के बाद मेरी छतरी बनाना। चारों बेटों ने राजी-राजी हां कर दी। सेंसाजी का स्वर्गवास हो गया/ बाहरवें के बाद सेंसाजी के बेटों ने वचनानुसार उनके अंतिम संस्कार स्थल पर छतरी बनानी प्रारमभ की। इससे जागीरदार चिढ गये और कहा कि जाट यदि छतरी बनायेंगे तो हम क्या बनायेंगे? जितनी छतरी सेंसाजी के बेटे बनाते, वे जागीरदार तोड़ देते। सेंसाजी के चारों बेटों ने अब तय किया कि किसी भी कीमत पर छतरी तो बनाकर ही रहेंगे। अगले दिन जब वे छतरी बनाने के लिये गये तो जागीरदारों ने मना किया, कहासुनी बढ गयी और आखिर वो हुआ जो होना ही था। सारण जाटों ने अपनी वीरता दिखायी और छतरी का निर्माण करवाया। खंडहर अवस्था में वह छतरी आज भी भणियाणा के तालाब की पाल पर स्थित है। आवश्यकता है उस छतरी के पुनरोद्धार की। सेंसाजी के वंशज बाड़मेर, जोधपुर, नागौर मालवा और अन्य स्थानों पर फल-फूल रहे हैं। लेखक - जोगाराम सारण श्री किसान शोध संस्थान लायब्रेरी गरल बाड़मेर

Jat Gotras


Bhaniyana has habitation of 1500 families out of which 1000 families are of Jats. The biggest gotra is that of Godara.[2]

Notable persons

  • Kharta Ram Jakhar - Over 80 years of age, of this village, has been the Sarpanch of the village since Independence. He is a freedom fighter and a devoted social worker that has contributed maximum for the wealth of the village. Looking to his devotion and social services he was awarded ‘Jat Sri’ title in the Pushkar Jat Sammelan.[3]
  • रणवीरसिंह गोदारा, भणियाणा, जैसलमेर. Ph 03019-230014, Mob 9414205501
  • श्रीमती डौलीदेवी गोदारा, भणियाणा, जैसलमेर, बी.सी.सी.बी. अध्यक्ष, धर्मपत्नी रणवीरसिंह गोदारा
  • सेंसाजी सारण - स्वतंत्रता सेनानी

References

  1. Jat Samaj, Agra, March 2005, p. 9
  2. Jat Samaj, Agra, March 2005, p. 9
  3. Jat Samaj, Agra, March 2005, p. 9

External links


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