Bisalwas

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Location of Loharu in Bhiwani District

Bisalwas (बिसलवास) village is in tahsil Loharu, District Bhiwani of Haryana.

Location

It is located on Loharu-Charkhi Dadri Road at a distance of about 8 kms from Loharu.

Jat gotras

History

लुहारु किसान आंदोलन के बाद आर्यसमाज का प्रचार

ठाकुर देशराज[1] ने लिखा है ....लुहारु किसान आंदोलन समाप्त हो गया उसके बाद स्वामी स्वतंत्रतानंद जी के कर्मठ शिष्य स्वामी कर्मानंद जी के नेतृत्व में यहां आर्य समाज का प्रचार हुआ। आरंभ में यहां जो आर्यसमाज स्थापित हुआ उसमें सिर्फ म. गंगानंदजी सत्यार्थी, ठाकुर भगवतसिंह जी, श्री किशोरी लाल जी, म. मनीराम जी, चौधरी गंगासहाय जी, चौधरी हुक्मीराम जी, चौधरी रणसिंह जी, ठाकुर रतन सिंह जी और म. नाथूराम जी थे। 29-30 मार्च सन 1941 को आर्य समाज का प्रथम उत्सव जिसमें नवाब के आदमियों ने जुलूस पर लाठियां बरसाई उसमें स्वामी स्वतंत्रतानंद जी भी जख्मी हुए थे।

स्वामी कर्मानंद जी ने कई पाठशालाये लुहरु राज्य में खोली उनमें हरियाबास, विलासबास, दमकोरा, सेहर, चहड़ खुर्द, गोकुलपुरा, बारबास की पाठशालाएं अपने-साथ त्याग और शौर्य का इतिहास रखती हैं।

Notable persons

  • नंबरदार कुरडाराम - आपने अपने गांव विसलबास में पाठशाला कायम कराई और लोहारू के तहसीलदार की धमकियों की परवाह नहीं की। [2]
  • Bujja Ram Bisalwas (Khichar), from village Bisalwas, Bhiwani, Haryana, was a freedom fighter. He was popularly known as Bujja Bhagat.

External Links

References


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