Bisna Ram Ranwa

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Author:Laxman Burdak, IFS (R), Jaipur

Bisna Ram Ranwa (चौधरी विसनाराम रणवा), from Sotwara, Nawalgarh, Jhunjhunu, Rajasthan, was a Freedom fighter and hero of Shekhawati farmers movement.[1]

जाट जन सेवक

ठाकुर देशराज[2] ने लिखा है ....चौधरी विसनाराम जी - [पृ.420]: शेखावाटी के सोटवारा ग्राम में रणवा गोत्र के जाटों में चौधरी गुमानाराम जी के घर संवत 1961 (1904 ई.) में आपका जन्म हुआ था। आपके दो पुत्र और हैं। चौधरी पेमाराम और अर्जुन सिंह उनके नाम हैं।


[पृ.421]: झुंझुनू जाट महोत्सव के बाद ही आप अपनी प्यारी जाति के कार्यों में चिपट गए। जब संवत 1991 में किसान आंदोलन आरंभ हुआ तो उसमें भी आप ने दिल खोलकर काम किया और इस प्रकार के बहादुर लोगों को को जो पुरष्कर उस समय जयपुर सरकार की ओर से दिया जा रहा था वह आपको भी मिला था। अर्थात आप को जेल भेज दिया गया।

उसके बाद से आप राष्ट्रीय प्रवृति से अपने इलाके के लोगों की सेवा कर रहे हैं। प्रभाव से आप शांत व्यक्ति हैं। किसी महत्वकांक्षा से प्रेरित होकर आप सार्वजनिक क्षेत्र में प्रविष्ट नहीं हुए। यही कारण है कि अपने साथियों की तरह आप अधिक चमक नहीं पाए। आपके दो पुत्र बंशीधर सिंह और दिलीप सिंह आपके भाई अर्जुन सिंह जी के पुत्र हनुमान सिंह हैं।

जीवन परिचय

किसानों पर आफत बेगुनाहों की गिरफ्तारी

ठाकुर देशराज[3] ने लिखा है ....जयपुर 24 जनवरी 1935: झुंझुनू का तारीख 19 का समाचार है कि जाट किसान पंचायत के सहकारी मंत्री विशनाराम जी सोटवारा गिरफ्तार हो गए। उनके साथ तीन आदमी और पकड़े गए हैं। इस गिरफ्तारी से किसानों और उनके नेताओं में बड़ी सनसनी फैल गई है। इसका एक कारण यह भी है कि वह उस हालत में पकड़े गए जबकि अपने गांव का लगान निजामत में जमा कराने गए थे।


[पृ.364]: निजामत में जमा करने गए थे। चौधरी बिसनाराम जी और उनके 3 साथी गिरफ्तार कर हवालात में भेज दिए गए। ले जाते समय बड़े प्रसन्न थे। उनकी तलाशी लेने पर एक अर्जी जो कि उन्होंने निजामत में माल जमा कराने के लिए लिखाई थी मिली है। यह लोग चार पांच दिन पूर्व इस बात की दरख्वास्त देगए थे कि ठिकाने वाले हमसे ज्यादा लगान व लाग मांगते हैं, इसलिए निजामत उन्हें दिलाए। इसीलिए ये लोग नाजिम के पास दोबारा निश्चित तारीख पर रकम लेकर झुंझुनू आए थे। किंतु जब ये अदालत के अहाते में घुसे थे कि ठिकाने के आदमियों के इशारे से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सोटवारा वालों के ₹800 के करीब लगान मध्य बाद में अदालत में जमा हो गए। अभी तक एक दर्जन से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। अभी बहुत गिरफ्तारियों की संभावना है। शीघ्र ही पंचायत के प्रधान व मंत्री के भी पकड़े जाने की अफवाह है। (लोकमान्य 28 जनवरी 1935)

किसान सभा का अनुमोदन

15 जून 1946 को झुंझुनू में किसान कार्यकर्ताओं की एक बैठक चौधरी घासी राम ने बुलाई. शेखावाटी के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने इसमें भाग लिया. अध्यक्षता विद्याधर कुलहरी ने की. इसमें यह उभर कर आया कि भविष्य में समाजवादी विचारधारा को अपनाया जाये. जिन व्यक्तियों ने किसान सभा का अनुमोदन किया उनमें बिसना राम सोटवारा भी सम्मिलित थे. (राजेन्द्र कसवा, p. 201-03).

सन्दर्भ

  1. Thakur Deshraj:Jat Jan Sewak, 1949, p.420-421
  2. Thakur Deshraj:Jat Jan Sewak, 1949, p.420-421
  3. Thakur Deshraj:Jat Jan Sewak, 1949, p.363-64

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