Deeghal

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For village Dhigal in Jhunjhunu district see - Dhigal Jhunjhunu

Location of Dighal in Jhajjar district

Deeghal or Dighal (डीघल) is a large village in Beri tahsil in Jhajjar district. It is about 20 Kilometres from Rohtak city, on Rohtak-Jhajjar Road. Now it falls in Jhajjar district. I is a prominent village of Ahlawat Khap.[1] It has a medium sized hospital which is attached to PGI, Rohtak.

Founder

Digha Urf Peru Ahlawat

Location

History

जब अहलावत वंश का दक्षिण में शासन दुर्बल हो गया तथा समाप्त हो गया, तब अहलावत वहां से चलकर उत्तरी भारत की ओर आ गये और जहां-तहां फैल गये। विक्रमादित्य षष्ठ के वंशज बाँसलदेव1 अहलावत के साथ इसी वंश की एक टोली (समूह) दक्षिण से चलकर बीकानेर राज्य की प्राचीन भूमि ददरहेड़ा2 में आकर बस गई। इसी अहलावत वंश के एक राजा गजसिंह की मृत्यु होने पर उसकी विधवा रानी अपने दो बालक बेटों जिनके नाम जून और माड़े थे, को साथ लेकर बांसलदेव के पास पहुंच गई और अपने देवर बांसलदेव के साथ विवाह कर लिया3 परन्तु उससे कोई बच्चा न हुआ। बीकानेर पर राठौर राज्य स्थापित होने से पहले ही इन अहलावत जाटों का यह संघ वहां से चलकर हरयाणा प्रान्त के भिवानी जिले के गांव कालाबड़ाला में कुछ दिन रहा। फिर वहां से चलकर रोहतक जिले में आकर बस गये। सबसे पहले यहां पर शेरिया गांव बसाया। चौ० डीघा उपनाम पेरू अहलावत ने कुछ दिन शेरिया में रहने के बाद डीघल गांव बसाया। डीघल गांव से लगा हुआ गांगटान गांव है जो डीघल का पांचवां पाना भी कह दिया जाता है। डीघल में से निकलकर ग्राम लकड़िया, धान्दलान और भम्बेवा बसे। अहलावत जाटों का सबसे बड़ा गांव डीघल है जो शुरू से ही अहलावत खाप का प्रधान गांव रहता आया है।[2]

Jat Gotras

Ahlawat

Notable persons

See also

External Links

Dighal at Wikipedia

References

  1. Jat History Dalip Singh Ahlawat/Chapter III,p.206
  2. Jat History Dalip Singh Ahlawat/Chapter III,p.206

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