Gehli Narnaul

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Gehli (गहली) is a village in Narnaul tehsil in Mahendergarh district of Haryana.

Jat gotras

The main gotra of Jats is Badsra/Badesra, Jakhar, Gulia and one odd family of other Gotras.Large number of Jats from this village have settled in Jaipur, Delhi, Gurgaon and few settled in USA.

History

A School was established in 1957 by the efforts of Sub Maj and Hon. Capt. Sheonarain Ram who collected money from every house of the village. The generation of its first educated persons have improved the economic condition of the people.

गहली के बडसरा सरदार

ठाकुर देशराज[1] ने लिखा है ....[पृ.548]: लगभग 600 वर्ष का अरसा हुआ जब बडसरा गोत्र के जाटों ने पटियाला की दक्षिणी हद पर गहली नाम का एक गांव मारवाड़ के ख्याला ग्राम से आए हुए लोगों ने आवाद किया। उस समय यहां नवाब झज्जर का शासन था। गदर के बाद यह इलाका पटियाला को मिल गया। गहली बसाने वालों में कई पीढ़ी के बाद चौधरी मनसुखराम जी हुये। उनके छोटे भाई रामलाल, जयमल सिंह थे। चौधरी मनसुखराम जी के जीसुखराम जी हुए। जिनके चौधरी हीरासिंह, कन्हैयालाल और भगवान सिंह जी हुए। चौधरी हीरासिंह जी के अमरसिंह जी और सज्जन सिंह दो लड़के हैं। अमर सिंह जैलदार हैं। उनका जन्म संवत 1972 विक्रमी (1915 ई.) का है। तालीम उन्होंने स्कूल में मिडिल तक ही पाई। किंतु वह काफी होशियार आदमी है। इस समय (1948) तक उनके एक लड़का भूपेंद्रसिंह हैं।

चौधरी कन्हैयालाल जी के चौधरी ओंकारसिंह और लालचंदजी दो पुत्र हुए। जिनमें ओंकारसिंह जी एमटी में सूबेदार हैं और लालचंद जी घर का काम संभालते हैं। चौधरी भगवानसिंह के चार पुत्र हैं जिनमें हरिसिंह जी फौज में हवलदार मेजर हैं। और उनसे छोटे सुभाषचंद्र और कपूरसिंह हैं। यह भी दोनों फौज में है। इनसे छोटे रघुवीरसिंह पढ़ते हैं।

आप लोग काफी जमीदार हैं। आस-पास के इलाके के लोगों और सरकार में आपकी काफी इज्जत है। चौधरी भगवानसिंह जी एक सुयोग्य वकील है।

शेखावाटी की जागृति से लेकर सत्याग्रह के समय तक


[पृ.549]: आपके परिवार ने काफी मदद की थी और शेखावाटी के तमाम बड़े घरानों में आपकी रिश्तेदारियां हैं।

गहली के जाट सरदार जयमल सिंह और रामलाल सिंह थे। जिनमें जयमल सिंह के जाबरसिंह और उनके चंद्रसिंह और प्रताप सिंह हैं। चौधरी रामलाल जी के चेतराम और रतिराम नाम के दो लड़के हुए। जिनमें चेतराम जी के शिवनारायण, रामस्वरूप, गज्जूसिंह और गणपतसिंह हुए। रतिराम जी के तीन लड़के चुन्नीलाल, छब्बूसिंह और जय नारायण सिंह है। आप भी सभी कौम परस्त और पड़ोसी इलाकों की जाट प्रगतियों में भाग लेने वाले प्रभावशाली आदमी हैं।

Population

Its population is approximately 2000.

Notable person

Gallery

External Links

References

  1. Thakur Deshraj:Jat Jan Sewak, 1949, p.548-549

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