Gurana Hisar

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Note - Please click → Gurana for details of similarly named villages at other places.


Gurana (गुराना) is a large village in Hansi tahsil of Hisar district in Haryana. It was main village of Varik Khap.[1]

Founder

Ghanghas King Jatu's son Harpal founded Gurana. [2]

History

H.A. Rose[3] writes that Jatu (जाटू), said to be a Tunwar clan who once held almost the whole of Hissar, and are still most numerous in that District and the neighbouring portions of Rohtak and Jind. ....Jatu's sons, Sidh and Harpal, founded Rajli and Gurana villages, and on the overthrow of the Chauhan Rai Pithaura by the Muhammadans the Jatus extended their power over Agroha, Hansi, Hissar and Bhiwani....In 1857 the people at once revived all their ancient titles, but the descendants of Harpal, a son of Jatu, remained loyal, the descendants of Sadh, another of Jatu's sons, having rebelled.

इतिहास

जयपुर रियासत के शेखावाटी भाग में गूगौर और बागौर नाम के दो गाँव थे। इनके स्वामी जयपरतनामी चौहान थे। जयपरतनामी के 4 पुत्र हुये 1. जाटू, 2. सतरोल, 3. राघू, और 4. जरावता. जाटू का विवाह सिरसा नगर के सरोहा गोत्री ठाकुर की पुत्री के साथ हुआ। जाटू के दो पुत्र हुये पाड़ और हरपाल। पाड़ ने राजली ग्राम बसाया जो अब जिला हिसार में पड़ता है। [p.11] राजली सारा जाटों का गाँव है जिसके स्वामी भी जाट हैं। हरपाल ने गुराणा गाँव बसाया जो राजली के पास ही है। यह ग्राम भी जाटों का है। [4]


पंडित अमीचन्द्र शर्मा[5] ने लिखा है - गुराइण गोत्र : जिला हिसार (अब भिवानी) में बामला गुराइण गोत्री जाटों का एक गाँव है। यहाँ तूर वंश में एक अति विख्यात जाटू नाम का राजा था। जाटू राजा के बड़े पुत्र का नाम पाड़ था। उसका पुत्र गोरा प्रसिद्ध हुआ। गोरा का पुत्र कालू, कालू का पूत्र सधीव, सधीव का पुत्र धेरपाल हुआ। बामला के गोरा की संतान गुराइण गोत्री जाट हैं। गुराइन गोत्री जाटों के ओर भी कई ग्राम हैं। गोरा की संतान में से कोई राजली ग्राम से चलकर बौन्द ग्राम में आ गया। बौन्द रियासत जींद में है। बौन्द में ठीक नहीं जमा तो वह कलिंगा ग्राम जिला रोहतक आ गया। यहाँ के ठाकुर ने उसको बसने के लिए थोड़ी जमीन दे दी। ठाकुर का पुत्र भी उसके पास ही रहने लगा। उस महाशय के दो पुत्र हुये। 1 बीधू, 2 भाकू ...उस महाशय ने ठाकुर से बहुत सारी जमीन लेली और उसमे बामला गाँव बसाया। इस गाँव मे 3 पान्ने हैं। जाट पुत्रों के नाम पर क्रमश: बीधू का बीधवान और भाकू का भाकल। ठाकुर के बेटे का नौरंगाबाद पानना है।

बामला के जाटों का निकास राजली ग्राम है। बामला के गुराइण गोत्र के जाटों की वंशावली निम्नानुसार है:

गोरा की संतान में छ्ज्जू सिंह (1575 ई.) तूर संघ से जाट संघ में मिला। तूर संघ मुख्यतया जाट गोत्रों से ही बना था। धरेपाल के भतीजे की संतान अब तक भी जताई ग्राम जिला भिवानी में हैं, वे राजपूत हैं। जताई के राजपूत और बामला के जाट परस्पर भाई हैं।

यह मानकर की परशराम लेखक का समकालीन होने से वर्ष 1900 ई. से एक पीढ़ी का काल 25 वर्ष मानते हुये उपरोक्त पीढ़ियों की काल गणना की जावे तो राजा जाटू का काल लगभग 1350 ई. आता है।

Jat Gotras

Population

The Gurana village has a population of 7691, of which 4119 are males while 3572 are females (as per Population Census 2011).[7]

Notable person

External links

References

  1. Dr Ompal Singh Tugania: Jat Samuday ke Pramukh Adhar Bindu, p. 21
  2. Jat Varna Mimansa (1910), Author: Pandit Amichandra Sharma, Published by Lala Devidayaluji Khajanchi, p.11
  3. A glossary of the Tribes and Castes of the Punjab and North-West Frontier Province By H.A. Rose Vol II/J,p.378-79
  4. Jat Varna Mimansa (1910), Author: Pandit Amichandra Sharma, Published by Lala Devidayaluji Khajanchi, pp.10-11
  5. Jat Varna Mimansa (1910) by Pandit Amichandra Sharma, p.37-38
  6. Jat History Dalip Singh Ahlawat/Chapter III (Page 263)
  7. http://www.census2011.co.in/data/village/61052-gurana-haryana.html

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