Pankaj Nauhwar

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Pankaj Nauhwar

Pankaj Nauhwar became martyr in a plane crash in Badgam on 27.2.2019 during a special operation. He was posted at Shrinagar as Airman in Indian Air Force. Six Personnel of Indian Air force lost their lives in a helicopter crash in Badgam district of J&K on 27 February 2019 during a search operation against militants. Pankaj Nauhwar was one of them.

जीवन परिचय

श्रीनगर में एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात एयरमैन टेक्निकल (नायक) पंकज ने चॉपर से एक स्पेशल ऑपरेशन के लिए उड़ान भरी थी। अचानक चॉपर गिर गया है। पंकज 24 दिन पहले ही छुट्टी काटकर ड्यूटी पर गए थे। महानगर के बालाजीपुरम में रहने वाले रिटायर सूबेदार मेजर नौबत सिंह के पुत्र थे पंकज। पंकज 2012 में वायु सेना में एयरमैन तकनीकी के पद पर भर्ती हुए थे। मौजूदा समय में पंकज की तैनाती एयरफोर्स स्टेशन श्रीनगर में थी। पंकज की 26 फरवरी को रात करीब नौ बजे अपनी मां रेखा नौहवार और भाई अजय से बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि 27 फरवरी को स्पेशल ऑपरेशन के लिए रिहर्सल होना है। सुबह को उसमें व्यस्त रहेंगे। घर वालों ने बताया कि जब आज सुबह फोन किया तो बात नहीं हो पाई थी। फोन स्विच ऑफ जा रहा था। बुधवार की दोपहर को करीब ढाई बजे श्रीनगर यूनिट से फोन आया कि पंकज नहीं रहे। इतना सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। हर किसी का रो-रोकर बुरा हाल था।

घर वालों ने बताया कि 11 जनवरी को पंकज छुट्टी पर घर आए थे। 17 जनवरी को उन्होंने परिवार वालों के साथ अपना जन्मदिवस मनाया। तीन फरवरी को पंकज अपनी छुट्टी खत्म करके वापस गए थे। कहा था कि अप्रैल में दो साल पूरे हो जाएंगे तो वह घर आएंगे। लेकिन कौन जानता था कि पंकज कभी वापस नहीं लौटेंगे। पंकज के भाई अजय ने बताया कि स्पेशल ऑपरेशन के लिए वायुसेना की यूनिट का मूवमेंट होना था। उसी के लिए रिहर्सल किया जा रहा था। अब वहां क्या हुआ यह अभी जानकारी नहीं है।

पंकज कहा करते थे कि देश से बड़ा कोई नहीं। जब भी वह उड़ान भरते हैं तब लगता है कि वह देश के लिए कुछ बड़ा करेंगे। जब भी घर आते तो उनके दोस्त और परिवार वाले अक्सर वायुसेना को लेकर चर्चा किया करते थे। पंकज दूसरे नौजवानों को भी आर्मी या वायुसेना के लिए प्रेरित किया करते थे। आज हर कोई उनकी बातों को याद करते रो रहा था।

बाजना के गांव जरेलिया के मूलत: निवासी थे पंकज। पंकज के पिता ने बालाजीपुरम में अपना मकान बना लिया था लिहाजा अब परिवार के लोग यहां रहने लगे हैं। आज जब पता चला कि उनके गांव का लाल देश पर कुर्बान हो गया तो गांव में भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए थे। हर कोई उनके व्यवहार को लेकर चर्चा कर रहा था। घर वालों ने बताया कि वह हमेशा कहा करते थे कि देश से बड़ा कुछ नहीं होता।

पति को याद करके बिलख रही मेघा: पंकज की पत्नी मेघा का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के लोग उसे शांत कराने की कोशिश करते मगर उसे आंसू थम नहीं रहे थे। बताया जाता है कि पंकज की शादी 2015 को बुलंदशहर के गांव रसूलपुर निवासी मेघा चौधरी से हुई थी। इन दोनों के एक 16 महीने का बेटा भी है।

अमर उजाला, आगरा, 27.2.2019

पंकज कुमार नौहवार शहीद हुये

बडग़ांव में दुर्घटनाग्रस्त हुए मिग-17 हेलिकॉप्टर में मथुरा का लाल पंकज कुमार नौहवार शहीद हो गया। पंकज एयरमैन पद पर तैनात थे। नौहवार के शहीद होने की खबर लगते ही पूरा मथुरा शोकमग्न हो गया। बालाजीपुरम स्थित उनके आवास पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पकंज मूलत: मथुरा के बाजना के जरहेलिया गांव के रहने वाले थे। वह तीन फरवरी को छुट्टी खत्म कर ड्यूटी पर गए थे।

मूल रूप से नौहझील विकास खंड के गांव जरैलिया के रहने वाले नौहबत सिंह के पुत्र पंकज कुमार नौहवार श्रीनगर में 154 हैड क्वार्टर एयरफोर्स स्टेशन श्रीनगर पर तैनात थे। कारपोरल (एयरमैन) पंकज कुमार सुबह विमान से दूसरे विमानों की सुरक्षा के लिए निकले थे। उनका विमान बडग़ांव में क्रेश होकर गिर गया। इसमें वह शहीद हो गए। शहीद होने की खबर उनके पिता नौहबत सिंह को करीब ढाई बजे मिली। वह भी सेना से रिटायर्ड हैं और वर्तमान में वह एक अस्पताल में सिक्योरिटी का जिम्मा संभाले हुए हैं। बेटे की शहादत की खबर सुनते ही उनके कदमों के नीचे से जमीन खिसक गई। पंकज के शहीद होने की खबर आसपास के लोगों को लगी तो देखते ही देखते पूरी कॉलोनी के लोग पंकज के आवास पर पहुंच गए। बालाजीपुरम में अधिकांश सैनिक परिवार ही रहते हैं। सभी की आंखें नम थीं।

संदर्भ: दैनिक जागरण, 27.2.2019

External links

References


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