Bosana

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Location of Bosana in Sikar district

Bosana (बोसाना) is a village near Dhod in Sikar tahsil in Sikar district in Rajasthan.

Location

It is situated on west of Sikar on Sikar - Losal road at a distance of 20 km from Sikar.

History

सीकर में जागीरी दमन का दौर

7 अप्रेल 1934 को कटराथल में सीकरवाटी जाट किसान पंचायत के नेतृत्व में किसान भारी संख्या में एकत्रित हुए और एक मीटिंग की उसमें इन आतंकवादी घटनाओं पर भारी रोष व्यक्त किया गया. इसके प्रतिरोध में ठिकानेदार ने जिन किसानों ने इस मीटिंग में भाग लिया था उनको मारने पीटने और गिरफ्तार करने पर उतर आये.12 अप्रेल 1934 को रसवाड़ी के ठाकुर ने सिंगरावट तहसील में बोसाना गाँव पर हमला कर दिया. खेत खलिहान को लूटा गया. डालूसिंह, तेजसिंह, केशरसिंह, बालूसिंह और अर्जुनराम जैसे अगुआ किसानों को गिरफ्तार कर लिया जब वे अपने खेत खलिहान पर काम कर रहे थे. इसी समय इनकी स्त्रियाँ रोटी लेकर खेत में आ रही थी तो जागीरदार के कारिंदों ने उन्हें बेंतों से मारकर भगा देने का आदेश दिया. इस पर शिकारी जानवरों की तरह सिपाही बेंत लेकर स्त्रियों को पीटने लगे. जब एक बूढी स्त्री बेहोश हो गयी तो उसे चोटी पकड़कर घसीटते-घसीटते दूर ले जाकर डाल दिया. गिरफ्तार किसानों ने जब विरोध किया तो उनको और भी पीटा और रस्सों से बांधकर सिंगारावट तहसील ले जाया गया. जहाँ किसानों के पैर काठ में फंसाकर उन्हें औंधे मुंह जमीन पर डाल दिया गया. 6 घंटे की घोर अमानवीय यातना के बाद उन्हें काठ से निकाल कर बिछी हुई खाटों के दोनों तरफ टांगें करके खड़ा कर उनके सर पर एक-एक भारी पत्थर रखवा दिया और बगलों में एक-एक ईंट रखवा दी. रात को उनके खड़ी-हथकड़ी लगाई और उन्हें सोने नहीं दिया गया. जब उन्होंने खाने को माँगा तो कहा - अभी तुम्हारे सर की गर्मी नहीं उतरी है, जब उतरेगी तब रोटी मिलेगी. [1] [2]


ठाकुर देशराज[3] ने लिखा है ....कई दिनों पहले सीकर जागीर की सिंगरावट तहसील के बोसाणा गांव से वहां के किसानों पर रसवाड़ी के ठाकुर और सीकर के कर्मचारियों द्वारा अत्याचार होने की खबर सीकरवाटी जाट पंचायत को मिली। पंचायत ने उन बातों को मान्यता की जांच करने के लिए कुछ आदमी भेजें। उन्होंने जांच की और लोगों के बयान भी लिए। उनकी रिपोर्ट का सार पठित संसार की जानकारी के लिए नीचे देते हैं:

10 अप्रैल 1934 की शाम को मुंशी अहमदखान, फतेह सिंह लटावा, जूद सिंह, मूल सिंह और भंवर सिंह मय 15 सवालों के बोसाणा गांव में पहुंचे और ठहरे। दूसरे दिन उन्होंने किसानों से जमीन का लगान मांगा। किसानों ने कहा कि इस साल फसल पाला पड़ने से खराब हो गई है। हमारे यहां खाने तक को नहीं है। अतः हम कुल लगान अगली फसल पर अदा कर देंगे। अगर आपको भरोसा ना हो तो हमारे घरों की तलाशी लेकर देख सकते हैं। इस पर कर्मचारियों को पहरे में बिठा दिया, न दिन भर खाने पानी पीने को दिया और न घर पर जाने दिया गया। फिर उन्होंने किसानों से मुफ्त खुराक वगैरह मांगी जब उन्होंने खुराक देने से इनकार किया तो उनके खाने के बर्तन उठवा लिए। शाम को यह लोग छोड़ दिये गए।

Jat Gotras

Population

As per Census-2011 statistics, Bosana village has the total population of 2971 (of which 1477 are males while 1494 are females).[4]

Notable persons

External links

References

  1. [अर्जुन 21 अप्रेल 1934 , ठाकुर देशराज: जन-सेवक, पृ.231 -232 ] .
  2. डॉ पेमाराम: शेखावाटी किसान आन्दोलन का इतिहास, 1990, p.94-95
  3. Thakur Deshraj: Jat Jan Sewak, 1949, p.231
  4. http://www.census2011.co.in/data/village/81612-bosana-rajasthan.html

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