Khuma Ram Kaswan

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Khuma Ram Kaswan Statue Installed in front of Railway Station Nagaur

Khuma Ram Kaswan (b.-d.21.3.2016) was Rajasthan Police Commando who became Martyr fighting with gangsters on 21.3.2016. He was from village Gudha Bhagwandas in Nagaur district of Rajasthan. He was hit by the bullet twice while trying to intercept the fleeing criminals on Monday night dated 21.3.2016 in Nagaur after they escaped from Jaipur. He was chasing their vehicle with another QRT jawan Harendra Choudhary. He later succumbed to the bullet injuries, which had hit him below back, while being rushed to a hospital in Jodhpur.

No Holi for police as mark of respect for Khumaram Kaswan

Ref - Times of India, Jaipur, Dated Mar 27, 2016

Reserve police lines and police station premises were devoid of colours on Holi to mourn the death of a young police constable Khumaram Kaswan who was shot dead by criminals in Nagaur's Pachodi area on Monday night dated 21.3.2016. The police decided not to celebrate Holi to show solidarity with the family of the martyred constable, ADG (Law and order) N R K Reddy said.

Kaswan was hit by the bullet twice while trying to intercept the fleeing criminals on Monday night in Nagaur after they escaped from Jaipur. He was chasing their vehicle with another QRT jawan Harendra Choudhary, who also had bullet hits on his legs.

Kaswan later succumbed to the bullet injuries, which had hit him below back, while being rushed to a hospital in Jodhpur. Harendra Choudhary, however, has been recovering from injuries in the hospital.

In a gesture of respect to the jawan of Quick Response Team (QRT), Jodhpur police did not celebrate Holi on Friday.

A senior police officer said that after duty for two days on Holi, the police department celebrates its festival in police lines on the next day of the Holi, i.e., the third day, where all the officials and ranks assemble and absorb in the festive revelries.

But this time round, Jodhpur Police unanimously decided not to celebrate the festival as a gesture of tribute to one of our family member Khumaram Kaswan.

पुलिस जवान खुमाराम को शहीद का दर्जा दिलाने के प्रयास

फलोदी हाइवे पर धरना देते ग्रामीण

राजस्थान में एक गैंगस्टर को खत्म करने पहुंचे दूसरी गैंग के शार्प शूटर्स का पुलिस से एनकाउंटर हो गया। नाकेबंदी के दौरान इन गैंगस्टर्स ने एके-47 से पुलिस पर गोलियां चला दीं। इसमें एक जवान खुमाराम कसवां की मौत हो गई। पीछा कर रही थी पुलिस... गोलियां बरसा रहे थे जवान... - दरअसल, राजस्थान के गैंगस्टर आनंदपाल और उसके गुर्गों पर हमला करने की फिराक में जयपुर पहुंचे राजू ठेहट गैंग के 5 शार्प शूटरों में से एक को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। उसके चार साथी फरार हो गए। बाद में ये शार्प शूटर नागौर की सीमा में घुस गए, जहां नाकाबंदी कर रही पुलिस से उनकी मुठभेड़ हो गई। गैंगस्टर्स का पीछा कर रही पुलिस पर बदमाशों ने एके-47 से गोलियां की बौछार कर दी। इसमें घायल हुए राजस्थान पुलिस के जवान खुमाराम ने जोधपुर के एमडीएम हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। वहीं, पुलिसकर्मी हरेंद्र चौधरी को पैर और चेहरे पर गोलियां लगीं। फरार हो गए थे बदमाश - पुलिस पर हमला करने के बाद चार शार्प शूटर फॉर्च्यून में फरार हो गए। - रास्ते में बदमाशों ने कार से दो लड़कों को भी कुचलकर घायल कर दिया। - उनकी कार भी खराब हो गई। पुलिस को नजदीक आता देख बदमाश अपनी कार छोड़कर खेतों में भागे। - पुलिस रातभर तलाश में जुटी थी। पीछा कर रही पुलिस पर वे एके-47 से फायरिंग करते रहे।- पुलिस के मुताबिक, जयपुर में गिरफ्तार किया गया शार्प शूटर राजस्थान के श्रीमाधोपुर का रहने वाला शंकर है।- बताया जा रहा है कि फरार बदमाशों में आगरा का रहने वाला शार्प शूटर गोल्डी, हरियाणा का रहने वाला रोहित फौजी और ग्वालियर का रहने वाला हरेन्द्र यादव शामिल है। एक अन्य शार्प शूटर भी है।- ये चारों एसयूवी लेकर जयपुर से सीकर, नागौर और बीकानेर जिले के कच्चे रास्तों से होते हुए नागौर-बीकानेर हाईवे पर पहुंचे। - यहां इन्होंने श्रीबालाजी पुलिस की नाकाबंदी तोड़कर कार को नागौर फलौदी रोड पर दौड़ा दिया। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एक जवान को बचाया - घायल जवानों को जोधपुर लाने के लिए पुलिस कमिश्नर अशोक कुमार राठौड़ ने ग्रामीण पुलिस से कॉर्डिनेट कर खेड़ापा से जोधपुर के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनवाया।- इसके साथ ही एमडीएमएच आईसीयू ट्रोमा सेंटर के इंचार्ज डॉ. विकास राजपुरोहित ने डॉ. गोपाल माहेश्वरी और उनकी टीम को सामने भेजा।- वहीं, कमिश्नर राठौड़, डीसीपी समीरकुमार सहित अन्य अधिकारी हॉस्पिटल पहुंचे और डॉक्टरों को बुलाया।आनंदपाल जयपुर में छिपा है या नागौर में - गिरफ्तार शंकर वही आरोपी है जिसने बीकानेर जेल में आनंदपाल को मारने पहुंचे बदमाशों को हथियार पहुंचाए थे।- शंकर आठ साल से राजू ठेहट की गैंग से जुड़ा है। हत्या, लूट जैसे मामलों में वह पिछले दस साल से फरार था।- चारों शार्प शूटर आनंदपाल और उसके सदस्यों पर हमला करने की फिराक में आए। वे जयपुर पहुंचे।- पुलिस की कार्रवाई के दौरान सीधे नागौर की ओर भागे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इन दोनों जगहों में से ही कहीं आनंदपाल भी छिपा हो। एक साल में दूसरी बार पुलिस से मुठभेड़- नागौर जिले में फिर से खूनी संघर्ष हुआ है। एक साल बाद फिर पुलिस ही निशाने पर रही।- इससे पहले 14 नवंबर 2014 में कुचामन में आनंदपाल गैंग के शूटर विजेंद्र सिंह चारण ने नागौर पुलिस के हैड कांस्टेबल फैज मोहम्मद की फायरिंग कर हत्या कर दी थी।कार में मिले हथियार- बदमाश जो कार छोड़कर फरार हुए, उसमें आधा दर्जन हथियार, कारतूस, बारूद, बादाम, मिर्च, कपड़े बरामद हुए हैं।- हथियारों में कई सेमी ऑटोमैटिक हथियार होने की प्राथमिक बात सामने आई है।[1]


पुलिस जांच में सामने आया है कि बदमाश जिस कार में फरार हुए, वह बीकानेर निवासी आशाराम डूडी की लूटी हुई फॉरच्यूनर थी। आसाराम डूडी विधानसभा में विपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी के चाचा हैं। यह कार करीब एक माह पहले बीकानेर के जामसर थाना इलाके में लूट ली गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने एटीएस को बताया कि जिस कार में बदमाश भाग रहे थे, उनमें आनंदपाल जैसी शक्ल का भी कोई व्यक्ति था। सुबह घटना स्थल के आसपास पुलिस ने सर्च अभियान चलाया, जिसमें आनंदपाल का आईडी अन्य सामान मिला। पुलिस ने शंकर से पूछताछ की तो उसके फरार साथियों का हुलिया और कपड़े भी उनसे अलग पाए गए, जिन्होंने पुलिस पर फायरिंग की थी। इसके बाद आशंका जताई जा रही है कि उसमें आनंदपाल हो सकता है। मुठभेड़ में जान गंवाने वाले पुलिस कमांडो खूमाराम को शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर गुढ़ा भगवानदास गांव के पास जाम प्रदर्शन किया। इस कारण पुलिस अधिकारियों ने उनके अंतिम संस्कार करने का निर्णय बुधवार तक टाल दिया। उनकी पार्थिव देह मंगलवार शाम को पुलिस लाइन में ही रखी गई। डीजीपी मनोज भट्ट पुलिस अधिकारियों ने गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया।


इस बीच, उधर, आईजी मालिनी अग्रवाल ने बताया कि डीजीपी मनोज भट्‌ट ने खुमाराम के परिवार को 20 लाख रुपए का पैकेज, मृत आश्रित परिवार के सदस्य को नौकरी पुलिस वेलफेयर से अन्य मदद के साथ साथ गैलेंट्री मैडल दिलाने की बात कही है।

नागौरमें पुलिस पर एके-47 पर फायरिंग करने वाले शार्प शूटरों की तलाश में मंगलवार को नागौर, बीकानेर और जोधपुर जिले की सीमाओं से सटे गांव-ढाणियों और खेतों में दिनभर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस की 30 टीमें भी 36 घंटे बाद उनका कोई सुराग नहीं लगा पाईं। इस बीच, नागौर में गैंगस्टर फायरिंग और आनंदपाल की फरारी के मुद्दे पर मंगलवार को विधानसभा में विपक्ष ने गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया पर जमकर हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री ‘जीरो’ है। आनंदपाल और उसके साथी प्रदेश में ही हैं। पुलिस कुछ नहीं कर रही। इस पर कटारिया बोले- जब तक आनंदपाल और उसके गिरोह को नेस्तनाबूद नहीं कर देंगे, चैन से नहीं बैठेंगे।[[2]


गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सदन में वक्तव्य दिया कि ऐसा नहीं है कि पुलिस कुछ भी नहीं कर पा रही है। पुलिस को मोरली डाउन करके आप कुछ अर्जित नहीं कर पाओगे। यदि आप चाहते हो तो पुलिस को कुछ दिनों के लिए छुट्टी पर भेज दें तो फिर राजस्थान का क्या नक्शा होता है,आप लोग देख सकते हो। कांस्टेबल खुमाराम मर गया। वह भी तो किसी का बेटा था। कटारिया ने कहा वर्ष 2005 से वांटेड शंकर को गिरफ्तार किया, लेकिन पुलिस को इसके लिए कोई शाबासी नहीं देता। इसके खिलाफ रींगस, रानोली, लाडनूं, बीकानेर, गंगाशहर, जयपुर सीकर में आपराधिक मामले दर्ज हैं। एसओजी ने उसे मानसरोवर से दबोच लिया। फॉरच्यूनर में उसके साथी गोल्डी, हरेन्द्र यादव, रोहित सवार थे, जिनके पास एके 47 थी। उन्हें पकड़ने के लिए श्रेणी की नाकेबंदी की। थानाधिकारी नागौर ने रोका और पीछा किया। बदमाशों की ओर से हुई अंधाधुंध फायरिंग में कांस्टेबल खुमाराम के गोली लगी जिसकी बाद में अस्पताल में मौत हो गई। कांस्टेबल हरेन्द्र का इलाज अस्पताल में जारी है। इस वारदात में अपराधियों ने 30 से 35 राउंड फायरिंग की। वहीं, पुलिस ने 19 राउंड फायर किए। इस घटना में जो भी कमी रही है उसकी जांच की जाएगी। कटारिया ने माना कि पुलिस के पास उतने अच्छे हथियार नहीं थे जितने अच्छे बदमाशों के पास थे। आनंदपाल भी कितना भागेगा...मैं कहता हूं कि जब तक आनंदपाल और उसकी गैंग को नेस्तनाबूद नहीं कर दूंगा तब तक चैन से नहीं बैठूंगा। उधर, नागौर पहुंचे डीजीपी मनोज भट्ट ने कहा कि पुलिस इस मामले में गंभीरता से जुटी हुई। बदमाशों को शीघ्र ही ढूंढ़ लिया जाएगा।

गौरतलब है कि सोमवार रात जयपुर में 5 शार्प शूटर मानसरोवर इलाके में थे। पुलिस ने इनमें से एक शंकर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि चार फरार हो गए थे। ये यहां से सीधे नागौर पहुंचे और पुलिस की नाकाबंदी तोड़ते हुए भागे। इस दौरान नागौर फलौदी मार्ग पर उनकी गुढ़ा भगवानदास के पास क्यूआरटी दल से मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान दो कमांडो हरेंद्र चौधरी खुमाराम जाट घायल हुए थे। बाद में खुमाराम ने दम तोड़ दिया।

जयपुरमें गिरफ्तार राजू ठेहट गैंग के शार्प शूटर शंकरलाल उर्फ संदीप जाट को जयपुर से बीकानेर ले जाया गया। उसे बीकानेर जेल में आनंदपालसिंह को मारने के लिए हथियार पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर रिमांड पर लिया है। शंकरलाल सीकर के श्रीमाधोपुर थाना क्षेत्र में जाजोद का रहने वाला है। उसने बीकानेर जेल में आनंदपालसिंह को मारने के लिए हनुमान जाखड़ उसके साथी को हथियार उपलब्ध करवाए थे। [[3]


गैंगस्टर आनंदपाल मंगलवार को फिर विधानसभा में गरजता रहा। कानून व्यवस्था को आड़े हाथों लेते हुए निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल ने पुलिस की नाकामी पर अफसोस जाहिर किया। इसके साथ ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने हर बार की तरह इस बार कहा- जब तक यह गैंगस्टर पकड़ा नहीं जाता, वे चैन से नहीं बैठेंगे। पुलिसकर्मी को शहीद का दर्जा दो... - सदन में हनुमान बेनीवाल ने कहा- नागौर मे हुई गैंगवार घटना मे बदमाशों से मुठभेड़ मे शहीद हुए खुमाराम को शहीद का दर्जा दिया जाए।- मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी व परिजनों को एक करोड़ रुपए की राशि भी दे सरकार। - आनंदपाल और राजू ठेहट सहित पनप रही गेंगों के खात्मे के लिए विशेष अभियान चलाने की भी बात सदन में रखी। - बेनीवाल ने फ़ैज़ मोहम्मद और नोखा के पास पांचू थाने के सिपाही उमाराम की बदमाशों से हुई मुठभेड़ का भी जिक्र किया। पुलिस अपराधियों को खत्म करने में सक्षम, लेकिन गृह विभाग नहीं दे रहा उन्हें छूट बेनीवाल ने कहा की पुलिस तंत्र मे भी कुछ गंदगी है जिसे सही करना आवश्यक है क्योंकि जयपुर के मानसरोवर से अपराधी भागते हैं और 300 किलोमीटर से भी ज़्यादा का सफर तय करके नागौर मे पुलिस से मुठभेड़ करते हैं। जयपुर से नागौर के बीच पुलिस क्या कर रही थी। यूं बोले गृह मंत्री कटारिया - गृह मंत्री गुलाब चन्द कटारिया ने कहा, मानता हूं की इस तरह की घटनाओं से प्रदेश का माहौल खराब हो रहा है, मगर हम भी अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने मे कोई कसर नही रख रहे। पुलिस नियमावली मे जो भी मदद और व्यवस्था है, उसके अनुसार हम पूरा प्रयत्न करेंगे की जल्द से जल्द आर्थिक संबल मृत सिपाही के परिजनों को मिले। वर्तमान मे शहीद का दर्जा देने का प्रावधान राज्य मे नही हैं, लेकिन सदन में मांग की है। ऐसे में पुलिस का हौसला बुलंद हो इसके लिए पड़ोसी राज्यों से चर्चा करके इस दिशा मे विचार किया जाएगा।[4]


नागौर में हुई फायरिंग में मारे गए कमांडो खुमाराम के परिजन बुधवार को उसके अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। परिजन उसका अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़ गए। परिजनों ने मृतक को शहीद का दर्जा दिए जाने, मुआवजे व परिवार में से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग की। फलोदी हाइवे पर गुढा भगवानदास सहित अास-पास 12 गांव से अधिक के करीब 3000 हजार लोग जवान को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर तेज धूप में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। शार्प शूटर का नहीं लगा सुराग .... उधर, पुलिस पर एके-47 पर फायरिंग करने वाले शार्प शूटरों की तलाश में बुधवार को भी नागौर, बीकानेर और जोधपुर जिले की सीमाओं से सटे गांव-ढाणियों और खेतों में दिनभर तलाशी अभियान चला। पुलिस को उनका कोई सुराग नहीं लगा। अजमेर रेंज आईजी मालिनी अग्रवाल, कलेक्टर राजन विशाल व एसपी गौरव श्रीवास्तव गुढ़ा भगवानदास पहुंचे। उन्होंने गांव के मुख्य लोगों की 15 सदस्यीय टीम बनाकर गांव के एक निजी स्कूल में जवान खुमाराम की मौत को लेकर वार्ता की। धरने में खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल भी मौजूद थे। नागौर एसपी श्रीवास्तव ने ग्रामीणों के सामने खुमाराम को शहीद का दर्जा दिलवाने का प्रस्ताव भेजने, शहीद का पूरा पैकेज सहित 20 लाख के पैकेज देने की घोषणा, शहीद के नाम पर गांव की स्कूल का नामकण, शहीद का स्मारक बनाने, पुलिस को जल्द ही आधुनिक हथियार दिलाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हमने जो मिशन तय किया उसमें जल्दी सफल होंगे। उन्होंने कहा कि नागौर जिले में किसी भी गैंग को नहीं पनपने दिया जाएगा। इसके लिए पुलिस को जो भी करना पड़ा वह करेगी। उन्होंने जवान पर गोलियां चलाने वाले बदमाशों की गैंग को जल्द ही पकड़ने की बात कही। पुलिस अधिकारियों की मृतक के परिजनों व ग्रामीणों के साथ हुई बैठक के बाद परिजन मृतक के अंतिम संस्कार को तैयार हुए।[5]


नागौर जिले के गुढ़ा भगवानदास के पास सोमवार रात को राजू ठेहट गैंग के शॉर्प शूटरों पुलिस की मुठभेड़ में नागौर पुलिस कमांडो खुमाराम की मौत के बाद प्रदेश में एक बार फिर से बदमाशों की फायरिंग में मरने वाले पुलिसकर्मियों को शहीद का दर्जा देने की मांग ने जोर पकड़ लिया। पुलिसकर्मी खुमाराम की पार्थिव देह मंगलवार शाम को पुलिस लाइन में ही रखी गई। डीजीपी मनोज भट्ट पुलिस अधिकारियों ने गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया। मगर गुढ़ा गांव के पास ग्रामीणों का जाम प्रदर्शन दिनभर से जारी होने की वजह से पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को खुमाराम की देह का अंतिम संस्कार करने का निर्णय बुधवार तक टाल दिया।

खुमाराम की देह देर शाम तक पुलिस लाइन में ही रही। उधर विधानसभा में खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने भी प्रदेश में गैंगवार बढ़ते अपराधों का मुद्दा उठाते हुए पुलिस को खुली छूट देने तथा मुठभेड़ में मरने वाले पुलिसकर्मियों को शहीद का दर्जा देने की मांग उठाई।

नागौर फलौदी मार्ग पर सोमवार रात को नाकाबंदी तोड़कर भाग रहे राजू ठेहट गैंग के तथाकथित शॉर्प शूटरों की गुढ़ा भगवानदास के पास क्यूआरटी दल (क्विक रेस्पॉन्स टीम) से मुठभेड़ हुई थी। दोनों तरफ से फायरिंग की घटना में दो कमांडों हरेंद्र चौधरी खुमाराम जाट घायल हुए थे। कमांडो खुमाराम की देर रात को जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बदमाश देर रात तक पुलिस की पकड़ में नहीं आए। मंगलवार को भी नागौर, जोधपुर बीकानेर की पुलिस यहां बदमाशों की तलाश में जुटी रही।

ग्रामीणों का प्रदर्शन, पुलिस ने कहा खुमाराम हमारा भाई: गुढ़ा भगवानदास के मुठभेड़ में बदमाशों की गोली का शिकार हुआ कमांडो खुमाराम गुढ़ा भगवानदास के पास की ढाणियों का ही रहने वाला था। इस घटना के बाद ग्रामीणों में रोष उत्पन्न हो गया। नागौर फलौदी मार्ग को जाम कर यहां दिनभर प्रदर्शन किया गया। दोपहर में एसपी गौरव श्रीवास्तव ने मौके पर जाकर ग्रामीणों से बात की, मगर ग्रामीण शहीद का दर्जा देने की मांग पर अड़े रहे। देर शाम को अजमेर रेंज आईजी मालिनी अग्रवाल, एसपी गौरव श्रीवास्तव ने पुलिस लाइन में खुमाराम के चाचा पूसाराम परिजनों से बात की। परिजनों ने पुलिस अधिकारियों की बात पर सहमति जताई मगर ग्रामीणों के नहीं मानने की स्थिति में देर शाम तक देह पुलिस लाइन में रही। एसपी गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि खुमाराम की मौत का दुख परिजनों ग्रामीणों के जितना ही पुलिस विभाग को है। खुमाराम हमारा भाई है और उसकी मिट्टी को राजनीतिक बहस में खराब नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद शव को देर शाम तक पुलिस लाइन में ही रखे जाने का निर्णय लिया गया। देर शाम को विधायक हनुमान बेनीवाल धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता शुरू की।

डीजीपी ने जताया दुख, बोले इस घटना से दुख और रोष दोनों: मंगलवार शाम 4 बजे कमांडो खुमाराम की पार्थिव देह नागौर पुलिस लाइन पहुंची। यहां डीजीपी मनोज भट्ट, आईजी अजमेर रेंज मालिनी अग्रवाल, एसपी गौरव श्रीवास्तव, नागौर कलेक्टर राजन विशाल ने पुष्प चक्र अर्पित कर खुमाराम को गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया। डीजीपी भट्ट ने कहा कि बदमाशों और पुलिस की मुठभेड़ में कमांडो खुमाराम के निधन से पूरा पुलिस विभाग शोक में है और इस घटना से जबर्दस्त रोष भी है। उन्होंने कहा कि खुमाराम की बहादुरी और उसके शौर्य को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।

सदन में फिर गूंजा गैंगवार, पुलिस को खुली छूट देने की मांग: मंगलवार को विधानसभा में विधायक हनुमान बेनीवाल ने कार्य संचालन तथा नियमों के नियम 50 के तहत स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से नागौर मे हुई गैंगवार घटना मे बदमाशों से मुठभेड़ मे शहीद हुए खुमाराम को शहीद का दर्जा देते हुए मृत आश्रित को सरकारी नौकरी परिजनों को एक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की। विधायक ने आनंदपाल और राजू ठेहट समेत अन्य गैंग के खात्मे के लिए विशेष अभियान चलाने और पुलिस को ऐसे बदमाशों से निपटने के लिए खुली छूट देने की बात कही। बेनीवाल ने पुलिसकर्मी खुमाराम को शहीद का दर्जा देने की मांग के साथ ही कुचामन के हैड कांस्टेबल फैज मोहम्मद नोखा के पास पांचू थाने के सिपाही उमाराम की बदमाशों से हुई मुठभेड़ का भी जिक्र सदन किया।

बेनीवाल ने कहा की पुलिस तंत्र मे भी कुछ गंदगी है जिसे सही करना आवश्यक है क्योंकि जयपुर के मानसरोवर से अपराधी भागते हैं और 300 किलोमीटर से भी ज़्यादा का सफर तय करके नागौर मे पुलिस से मुठभेड़ करते हैं तो जयपुर से नागौर के बीच पुलिस क्या कर रही थी। बेनीवाल ने

विधायक ने आसन से इस मामले मे गृह मंत्री का जवाब मांगते हुए कहा की पैकेज देते हुए सरकार को जल्द से जल्द जान गंवाने वाले सिपाही को शहीद का दर्जा देने की आवश्यकता है। पुलिस को अत्याधुनिक हथियार, बुलेट प्रूफ जेकेट उच्च कोटि के वाहन देने की भी मांग की।

गृह मंत्री कटारिया : राज्य में शहीद का दर्जा देने का प्रावधान नहीं, इस दिशा में विचार करेंगे: गृह मंत्री गुलाब चन्द कटारिया ने बेनीवाल ने स्थगन प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा की मैं मानता हूं की इस तरह की घटनाओं से प्रदेश का माहौल खराब हो रहा है मगर हम भी अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने में कोई कसर नहीं रख रहे हैं। गृह मंत्री ने कहा की पुलिस नियमावली मे जो भी मदद और व्यवस्था है उसके अनुसार हम पूरा प्रय| करेंगे कि जल्द से जल्द आर्थिक संबल मृत सिपाही के परिजनों को मिले। कटारिया ने कहा की वर्तमान मे शहीद का दर्जा देने का प्रावधान राज्य में नहीं है परन्तु आपने सदन मे मांग की और पुलिस का हौसला बुलंद हो इसके लिए पड़ोसी राज्यों से चर्चा करके इस दिशा मे विचार किया जाएगा।

खुमाराम को यह पैकेज: आईजी मालिनी अग्रवाल ने बताया कि खुमाराम के परिवार को 20 लाख रुपए का पैकेज, मृत आश्रित परिवार के सदस्य को नौकरी पुलिस वेलफेयर से अन्य मदद के साथ साथ गैलेंट्री मैडल दिया जाएगा। आईजी ने बताया कि डीजीपी मनोज भट्ट ने यह निर्णय लिया कि ऐसी घटनाओं को मध्य नजर रखते हुए पुलिस विभाग एक एक दिन की सैलेरी का सहयोग देकर ऐसे मामलों में आगे से मदद की योजना बनाकर काम करेगा।

Ref - Bhaskar News Network, Mar 23, 2016

External links

References


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