Mubarak Shah Khilji

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Mubarak Shah Khilji (मुबारकशाह खिलजी) (died 1320) or Qutb-ud-din Mubarak Shah Khilji (क़ुतब उद्दीन मुबारक शाह) was the third and last ruler of the Khilji dynasty in Sultanate of Delhi, India. Qutb-ud-din Khilji was the son and successor of Alauddin Khilji.[1][2]

Qutb-ud-din, at the age of 18, was originally appointed regent to his younger six-year old brother, the king. Within two months, Qutb-ud-din blinded his brother and ascended the throne. He began his rule by releasing thousands of prisoners and abolishing all taxes and penalties imposed by his father. Qutb-ud-din was the weakest ruler of the dynasty.

Qutb-ud-din was murdered by Khusro Khan in 1320, which ended the Khilji dynasty. Khusro Khan was a former Hindu slave of the Bawariya Hindu caste in Gujarat.

मुबारकशाह खिलजी और सर्वखाप पंचायत

सन 1319 ई. में मुबारकशाह खिलजी के सेनापति जाफ़र अली ने बैशाखी की अमावश्या के दिन कोताना (बडौत के निकट) यमुना नदी में कुछ हिन्दू ललनाओं को स्नान करते देखा तो उसकी कामवासना भड़क उठी. उसने हिन्दू बालाओं को घेर कर पकड़ने का प्रयास किया तो बालाओं ने डटकर मुकाबला किया. आस-पास के लोग भी सैनिकों से जा भिडे. भारी मारकाट मची. इस बात की खबर सर्वखाप पंचायत को लगने पर पंचायती मल्लों को जाफर अली को सबक सिखाने भेजा. बताया जाता है कि इससे पहले ही एक हिन्दू ललना ने जाफ़र का सर काट दिया था. बीस कोस तक पंचायती मल्लों ने बाकी बचे कामांध सैनिकों का पीछा किया और इन्हें कत्ल कर दिया. बादशाह ने अंत में इस घटना के लिए पंचायत से लिखित में माफ़ी मांगी. [3]

References

  1. Encyclopædia Britannica, Khalji-Dynasty
  2. Sultan Qutb ud din Mubarak Shah The Muntakhabu-’rūkh by Al-Badāoni (16th century historian), Packard Humanities Institute.
  3. डॉ ओमपाल सिंह तुगानिया : जाट समाज की प्रमुख व्यवस्थाएं , आगरा , 2004, पृ . 21