Ramana

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For village see Ramana Kaithal
Author:Laxman Burdak, IFS (R)

Ramana (रमण) was a janapada mentioned in Mahabharata.

Origin

Variants

History

रमठ = रामठ = रमण

विजयेन्द्र कुमार माथुर[1] ने लेख किया है ...रमठ अथवा 'रामठ' अथवा 'रमण' (AS, p.777) नामक एक प्राचीन स्थान का उल्लेख महाभारत, भीष्मपर्व में हुआ है- 'सकृद्ग्रहाः कुलात्याश्च हूणाः पारसिकैः सह, तथैव रमठाश्चीनास्तथैव दशमालिकाः।' महाभारत, भीष्मपर्व 9, 16. 'द्वारपालं च तरसा वशे चक्रे महाद्युतिः रामठान् हारहूणांश्च प्रतीच्याश्चैव ये नृपाः।' महाभारत, सभापर्व 35, 12. द्वितीय उद्धरण में उल्लिखित 'द्वारपाल' का अभिज्ञान ख़ैबर दर्रे से ओर 'हारहूण' का दक्षिण पश्चिम अफ़ग़ानिस्तान से किया गया है। इसी आधार पर 'रमठ' या 'रामठ' को ग़ज़नी का प्रदेश माना गया है। 'रमठ' का पाठांतर 'रमण' है। संस्कृत के कवि राजशेखर ने कन्नोजाधिप महीपाल (9वीं शती ई.) द्वारा विजित प्रदेशों में रमठ की गणना की है। इनमें 'मुरल', 'मेखल', 'कलिंग', 'केरल', 'कुलूत' और 'कंतल' भी हैं।

In Mahabharata

Ramana (रमण) (I.60.21)


Adi Parva, Mahabharata/Book I Chapter 60 gives the genealogy of all the principal creatures: Ramana (रमण) is mentioned in verse (I.60.21). [2]....And Soma's son is the resplendent Varchas. And Varchas begot upon his wife Manohara three sons--Sisira, and Ramana.


External links

References

  1. Aitihasik Sthanavali by Vijayendra Kumar Mathur, p.777
  2. सॊमस्य तु सुतॊ वर्चा वर्चस्वी येन जायते, मनॊहरायाः शिशिरः पराणॊ ऽथ रमणस तथा (I.60.21)