Calcutta

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Author:Laxman Burdak, IFS (R)

Kolkata (कोलकाता), also known as Calcutta, is the capital of the Indian state of West Bengal. It is the principal commercial, cultural, and educational centre of East India, while the Port of Kolkata is India's oldest operating port and its sole major riverine port.

Location

Located on the east bank of the Hooghly River approximately 75 kms west of the border with Bangladesh,

Origin

  • कलकत्ता के स्थान पर कालीघाट नामक एक एक ग्राम स्थित था जो काली के मंदिर के कारण ही कालीघाट कहलाता था. कलकत्ता कालीघाट का ही रूपांतर है
  • कलकत्ता नाम की उत्पत्ति बांग्ला शब्द किलकिला (समतल क्षेत्र) से हुई है, जिसका उल्लेख प्राचीन ग्रंथों में मिलता है।

Variants

  • Kalakatta (कलकत्ता) (प. बंगाल) (AS, p.147)
  • Kolkata (कोलकाता)

History

In the late 17th century, the three villages that predated Calcutta were ruled by the Nawab of Bengal under Mughal suzerainty. After the Nawab granted the East India Company a trading licence in 1690,[1] the area was developed by the Company into an increasingly fortified trading post. Nawab Siraj ud-Daulah occupied Calcutta in 1756, and the East India Company retook it the following year. In 1793 the East India company was strong enough to abolish Nizamat (local rule), and assumed full sovereignty of the region. Under the company rule, and later under the British Raj, Calcutta served as the capital of British-held territories in India until 1911, when its perceived geographical disadvantages, combined with growing nationalism in Bengal, led to a shift of the capital to New Delhi. Calcutta was the centre for the Indian independence movement; it remains a hotbed of contemporary state politics. Following Indian independence in 1947, Kolkata, which was once the centre of modern Indian education, science, culture, and politics, suffered several decades of economic stagnation.

Jat clan

कलकत्ता

विजयेन्द्र कुमार माथुर[2] ने लेख किया है ...कलकत्ता (AS, p.147): अंग्रेजों की हुगली की व्यापारिक कोठी के अध्यक्ष जाब चारनाक ने अगस्त 1690 ई. में कोलकाता की नींव एक व्यापारिक स्थान के रूप में डाली थी. इससे पहले इसके स्थान पर कालीघाट नामक एक एक ग्राम स्थित था जो काली के मंदिर के कारण ही कालीघाट कहलाता था. यह प्राचीन मंदिर आज भी वर्तमान है. कलकत्ता कालीघाट का ही रूपांतर कहा जाता है. (देखें कालीघाट)

कोलकाता परिचय

कोलकाता भारत के महानगरों में से एक तथा पश्चिम बंगाल राज्य की राजधानी है और भूतपूर्व ब्रिटिश भारत (1772-1912) की राजधानी था। कोलकाता का उपनाम डायमण्ड हार्बर भी है। यह भारत का सबसे बड़ा शहर है और प्रमुख बंदरगाहों में से एक हैं। कोलकाता का पुराना नाम कलकत्ता था। 1 जनवरी, 2001 से कलकत्ता का नाम आधिकारिक तौर पर कोलकाता हुआ। कोलकाता शहर बंगाल की खाड़ी के मुहाने से 154 किलोमीटर ऊपर को हुगली नदी के पूर्वी तट पर स्थित है, जो कभी गंगा नदी की मुख्य नहर थी। यहाँ पर जल से भूमि तक और नदी से समुद्र तक जहाज़ों की आवाजाही के केन्द्र के रूप में बंदरगाह शहर विकसित हुआ। मुख्य शहर का क्षेत्रफल लगभग 104 वर्ग किलोमीटर है, हालाँकि महानगरीय क्षेत्र काफ़ी बड़ा है और लगभग 1,380 किलोमीटर में फैला है। वाणिज्य, परिवहन और निर्माण का शहर कोलकाता पूर्वी भारत का प्रमुख शहरी केन्द्र है। इस शहर का अंग्रेज़ी नाम कलकत्ता है।

कुछ लोगों के अनुसार कालीकाता की उत्पत्ति बांग्ला शब्द कालीक्षेत्र से हुई है, जिसका अर्थ है 'काली (देवी) की भूमि'। कुछ कहते हैं कि शहर का नाम एक नहर (ख़ाल) के किनारे पर उसकी मूल बस्ती होने से पड़ा। तीसरा विचार यह है कि चूना (काली) और सिकी हुई सीपी (काता) के लिए बांग्ला शब्दों से मिलकर यह नाम बना है, क्योंकि यह क्षेत्र पकी हुई सीपी से उच्च गुणवत्ता वाले चूने के निर्माण के लिए विख्यात है। एक अन्य मत यह है कि इस नाम की उत्पत्ति बांग्ला शब्द किलकिला (समतल क्षेत्र) से हुई है, जिसका उल्लेख प्राचीन ग्रंथों में मिलता है।

स्थापना: ब्रिटिश अधिकारी जॉब चार्नोक का कोलकता आज एक महानगर के रूप में तब्‍दील हो चुका है। जॉब चारनाक ने 1690 ई. में तीन गाँवों कोलिकाता, सुतानती तथा गोविन्‍दपुरी नामक जगह पर कोलकाता की नींव रखी थी। वही कोलकाता आज एक भव्‍य शहर का रूप ले चुका है। कोलकाता का भारत के इतिहास में महत्‍वपूर्ण स्‍थान है। यह कई ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है। यहाँ पर ही 1756 ई. में प्रसिद्ध कालकोठरी की घटना घटी थी। इसके अलावा 1757 ई. में यहीं प्‍लासी का प्रसिद्ध युद्ध हुआ था। इसी युद्ध ने आगे चलकर भारत के इतिहास को बदल दिया। पहले इस शहर का नाम कलकत्ता था। लेकिन 2001 ई. में इसे बदल कर कोलकाता कर दिया गया।

इतिहास: कालीकाता नाम का उल्लेख मुग़ल बादशाह अकबर (शासन काल, 1556-1605) के राजस्व खाते में और बंगाली कवि बिप्रदास (1495) द्वारा रचित 'मनसामंगल' में भी मिलता है। एक ब्रिटिश बस्ती के रूप में कोलकाता का इतिहास 1690 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी के एक अधिकारी जाब चार्नोक द्वारा यहाँ पर एक व्यापार चौकी की स्थापना से शुरू होता है। हुगली नदी के तट पर स्थित बंदरगाह को लेकर पूर्व में चार्नोक का मुग़ल साम्राज्य के अधिकारियों से विवाद हो गया था और उन्हें वह स्थान छोड़ने के लिए विवश कर दिया गया था। जिसके बाद उन्होंने नदी तट पर स्थित अन्य स्थानों पर स्वयं को स्थापित करने के कई असफल प्रयास किए। अंग्रेज़ गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स के समय में 'रेग्युलेटिंग एक्ट' के तहत 1774 ई. में कलकत्ता (कोलकाता का भूतपूर्व नाम) में एक सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना की गई, जिसका अधिकार क्षेत्र कलकत्ता तक था। कलकत्ता में रहने वाले सभी भारतीय तथा अंग्रेज़ इसकी परिधि में थे। कलकत्ता से बाहर के मामले यह तभी सुनता था, जब दोनों पक्ष सहतम हों। इस न्यायालय में न्याय अंग्रेज़ी क़ानूनों द्वारा किया जाता था।

संदर्भ: भारतकोश-कोलकाता

External links

References

  1. Dutta, K.; Desai, A. (April 2008). Calcutta: a cultural history. Northampton, Massachusetts, US: Interlink Books. pp. 9–10. ISBN 978-1-56656-721-3.
  2. Aitihasik Sthanavali by Vijayendra Kumar Mathur, p.