Kulinga

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Author:Laxman Burdak, IFS (R)

Indus and its tributaries

Kulinga (कुलिंग) was an ancient city mentioned in Ramayana with reference to journey of envoys of Ayodhya to Kekaya. It was probably located in the region between Satluj andBeas rivers.

Origin

Variants

History

कुलिंग

विजयेन्द्र कुमार माथुर[1] ने लेख किया है ... कुलिंग (AS, p.209) एक प्राचीन नगरी थी, जिसका उल्लेख वाल्मीकि रामायण, अयोध्याकाण्ड में हुआ है। वाल्मीकि रामायण में इस नगरी का उल्लेख अयोध्या के दूतों की केकय यात्रा के प्रसंग में है- ‘निकूलवृक्षमासाद्य दिव्यं सत्योपयाचनम्, अभिगम्याभिवाद्यं तं कुलिगां प्राविशंपुरीम्’। (वाल्मीकि रामायण, अयोध्याकाण्ड 68, 16.)

उपर्युक्त वर्णन में कुलिंग का उल्लेख शरदंडा नदी के पश्चात् है। ऐसा जान पड़ता है कि सतलुज तथा व्यास नदियों के बीच के प्रदेश में इस नगरी की स्थिति रही होगी। अयोध्याकाण्ड 68, 19 में विपाशा या बियास का उल्लेख है। यह भी संभव है कि इस नगरी का संबंध कुलिंदों या कुणिंदों से रहा हो, जिनका उल्लेख महाभारत, सभापर्व 26, 4. में है। रामायण में वर्णित कुलिंगा नदी, कुलिंग प्रदेश की ही कोई नदी जान पड़ती है।

In Ramayana

Ayodhya Kanda/Canto LXVIII mentions that The messengers leave immediately for the capital of Kekaya, riding their fast horses. They cross Ganga River at Hastinapura, then Saradanda River, entered the city of Kulinga (II.68.16) and reach Abhikala village. Then, they cross the holy river of Ikshumati and proceed through Bahlika kingdom in Sudama mountain range to Vishnupada and finally reach the city of Girivraja.

See also

External links

References