Babu Ram Saran

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Shahid Babu Ram Saran

Lans Hawaldar Babu Ram Jat (Saran) (15.12.1966-18.11.2003) from 2 Jat Regiment became martyr of militancy in Rajauri Sector of Jammu and Kashmir on 18 November 2003 during 'Operation Prakram'. He was from village Chamu in Shergarh tahsil of Jodhpur district in Rajasthan.

जीवन परिचय

""सन् उगणिस सासठ सन् , नोजी जायो नरेश । इण बाबु रे औज सु ,पकियो घर पदमेश ।।""

2 जाट रेजीमेंट के जबांज लांस हवलदार बाबूराम जाट 18 नवंबर 2003 को ऑपरेशन प्राक्रम के दौरान जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए। शहीद की अन्त्येष्टि उनके पैतृक गाँव चामूं में पूर्ण सैनिक सम्मान के साथ 21 नवंबर 2003 को की गई।

37 वर्षीय लांस हवलदार बाबूराम शेरगढ़ तहसील के सीमांत गाँव चामूं (केरला प्रहलादपुरा) के रहने वाले थे। इनके पिता का नाम श्री पदमाराम है। आपका जन्म 15 दिसंबर 1966 को माता श्रीमती नोजी देवी की कोख से हुआ।

सेना में भर्ती

प्रारम्भ से ही बाबुराम में देश सेवा और मातृभूमि सेवा की भावना कूट-कूट कर भरी थी। 9 दिसंबर 1987 को उनकी देशभक्ति का जज्बा काम आया जब वे सेना में भर्ती हुये। जाट रेजीमेंट बरेली से आपने युद्ध कौशल का प्रशिक्षण लिया। बाबुराम अपनी प्लाटून ही नहीं सम्पूर्ण बल्कि कंपनी के लिए अनुशासन, कार्यकुशलता और फिजिकल फिटनेस के मामले में एक मिशाल थे।

16 वर्ष की निर्बाध सेवा के दौरान इन्हें लांस नायक, नायक और फिर लांस हवलदार की पदोन्नति दी गई। 2003 में इनकी कंपनी जम्मू कश्मीर के ऑपरेशन रक्षक में सामील हुई। इसी दौरान 'ऑपरेशन प्राक्रम' शुरू हुआ जो कि भारतीय संसद पर आतंकी हमले का परिणाम था।

बाबूराम सारण शहीद स्मारक

सहादत को सलाम

18 नवंबर 2003 को गश्ती के दौरान गाँव के एक मकान की खिड़की से आतंकवादियों ने इनकी टोली पर फायर किया। एक गोली सीधी बाबू राम के बाएँ कंधे में लगी परंतू इसकी परवाह किए बिना उग्रवादियों पर गोलियों की बौछार करदी जिसमें दो आतंकी ढेर हो गए। शहीद बाबूराम द्वारा मारे गए उग्रवादियों में एक एरिया कमांडर भी थे। इसी समय एक भागते हुये उग्रवादी ने ग्रेनेड फेंका जिसके फटने पर बाबुराम घायल हो गए और वीरगति को प्राप्त हुये। शेरगढ़ का यह सपूत सवेरे 11 बजे 'जाट बलवान-जय भगवान' के नारे के साथ देश के लिए शहीद हो गए।

"दो हजारी तीन सन् , ऑपेरशन पराक्रम रे संग । बाबु सारण बिसमीयो, रंग रे सुरा रंग"

सम्मान

प्रतिमा स्थल : ग्राम केरला(प्रहलादपुरा) चामु, तहसील : शेरगढ़, जोधपुर

प्रतिमा अनावरण : 30 मई 2004

मुख्य अतिथि ; कर्नल सोना राम चौधरी (क्षेत्रीय सासद),बाबू सिंह राठोड़ (विधायक शेरगढ़)

इनके नाम पर वर्तमान में केरला (प्रहलादपुरा) स्कूल का नाम शहीद बाबुराम सारण राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं।

बाबूराम सारण का परिवार

शहीद बाबूराम सारण के पिताजी पदमाराम जी सारण भी सेना में हवलदार थे । बाबु राम सारण के पत्नी का नाम-रम्भा देवी गोत्र साई है। इनके परिवार में एक पुत्र और 2 पुत्रियाँ हैं।

1. पुत्र: देवेन्द्र सारण,
2. पुत्री : नीलम सारण,
3. पुत्री :विमला सारण

लेखक की कलम से

"अमर शहीद चिता पर तेरी, लगता रहेगा मेला,
तूने अपने खून से लिखा इतिहास अलबैला" ।।

शत् शत् नमन्

संदर्भ

Gallery


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