Sonpal Singh Tomar

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Shahid Sonpal Singh Tomar

Sonpal Singh Tomar (Sep) from village Jadaupur, tahsil Mahaban, district Mathura, Uttar Pradesh, became martyr in Indo-Pak War-1971 on 16.12.1971 fighting on the border of Jammu and Kashmir. His brother Mahendra Singh Tomar also became martyr on 22.12.1971. He was in 10 Jat Regiment.

जीवन परिचय

सिपाही सौनपाल सिंह तोमर (जाट)

No. - 3158946 Y

वीरांगना - श्रीमती कपूरी देवी

यूनिट - 10 जाट रेजिमेंट

युद्ध ऑपरेशन / भारत-पाक युद्ध 1971/ऑपरेशन - कैक्टस लिली

सिपाही सौनपाल सिंह तोमर का जन्म उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की महाबन तहसील के गाँव जादोपुर में पिता श्री मान सिंह व माता श्रीमती हरदेवी जी के परिवार में हुआ। ये पाँच भाईयों में सबसे बड़े थे। सौनपाल सिंह अपने दोस्तों और दोनों छोटे भाईयों महेंद्र सिंह व छोटे लाल सिंह के साथ भारतीय सेना की 9 जाट रेजिमेंट में शामिल हुए थे। बाद में यह 10 जाट में चले गए।

सौनपाल सिंह बहुत ही निडर और साहसी व्यक्ति थे। भारत-पाक युद्ध में 16 दिसंबर 1971 सिपाही सौनपाल वीरगति को प्राप्त हुए। इनके बलिदान के 7 दिन बाद इनके छोटे भाई महेंद्र सिंह 22 दिसम्बर 1971 बलिदान हुए। तीनों भाई एक साथ फौज में भर्ती हुए, और दो भाईयों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

भारत की एकता और अखंडता पर बलिदान हुए भारत मां के वीर सपूत सौनपाल सिंह को शत्-शत् नमन।

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References



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