Hukma Ram Godara

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हुकमाराम गोदारा (1947 - 1965) (Hukma Ram Godara) का जन्म राजस्थान के बाड़मेर जिले की बायतू तहसील के माधासर गाँव में 1 जनवरी 1947 को जगमालराम गोदारा और अनु देवी के घर हुआ.

हुकमाराम गोदारा का चयन भारतीय रेलवे में 1 फ़रवरी 1965 में बतौर गैंगमैन हुआ. इनको रेलवे में गडरारोड और बालोतरा स्टेसनों के बीच रेल पटरी की निगरानी और मरम्मत का कार्य सौंपा गया.

सन 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान गडरारोड़ पर भारत के सैनिक सप्लाई के रेल मार्ग को तोड़ दिया तो रेल पटरी ठीक करते हुए दिनांक 9 सितम्बर 1965 को वह अन्य 13 साथियों के साथ शहीद हुए. मौत की परवह किये बिना पाक की निरंतर एवं भारी बमबारी के बाद भी साथियों के साथ राष्ट्रीयता से औत-प्रोत हो कर रेल पटरी को ठीक कर दिया. इससे सिंध क्षेत्र में सीमा पर लड़ रहे सैनिकों की सैनिक सप्लाई बहाल हो पाई. आपका सम्पूर्ण सम्मान के साथ गाँव में अंतिम संस्कार किया गया.

देश के लिए अपने कर्तव्यपालन करने वाले गडरारोड़ के सभी 14 शहीदों की स्मृति में रेलवेमेन्स यूनियन के तत्वाधान में शहीद स्मारक बनाया गया है, जहाँ प्रतिवर्ष 9 सितम्बर को शहीद मेले का आयोजन होता है.


सन्दर्भ

  • जोगाराम सारण: बाड़मेर के जाट गौरव, खेमा बाबा प्रकाशन, गरल (बाड़मेर), 2009 , पृ. 80-81

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