Todaraisingh

From Jatland Wiki
Jump to: navigation, search
Location of Todaraisingh in Tonk district

Todaraisingh (टोडारायसिंह) is a city and tahsil in Tonk district in Rajasthan.

Ancient names

Its ancient names were:

Origin

Todawat Jats.

Location

टोंक जिले स्थित टोडारायसिंह पुरातात्विक महत्व का प्राचीन क़स्बा है. यह जयपुर से 125 किमी दक्षिण में है. चाकसू से इसकी दूरी 32 किमी है.

Villages in Todaraisingh tahsil

Aliyari, Bagri, Bahera, Baneriya Bujurg, Baneriya Charnan, Banka Khera, Baori, Barwas Tonk, Bas Chatra, Bas Jharana, Bas Sonwa, Bas Udda, Bhagwanpura, Basera, Bassi, Bhanwata, Bhasoo, Bhatera, Bhadu Ka Khera , Bheroopura, Bibolao, Botunda, Chandpura, Chhan Bassorya, Chooli, Dabar Doomba, Datob, Dayalpura, Dheebroo, Gadapat, Ganeshganj, Ganeshganj, Ganeta, Ganeti, Gangolaw, Ganoli, Gediya, Ghareda, Gola Hera, Gopalpura, Govindpura, Hameerpur, Harbhagatpura, Indokiya, Islampura, Jaikmabad, Jethalya, Kalyanpura, Kankalwar, Kanwarawas, Kerli, Khajooriya, Khareda, Khedoolya Kalan, Khedoolya Khurd, Khejron Ka Bas, Kishanpura, Kookar, Kotri, Kuhara Bujurg, Kuhara Khurd, Kurasya, Kyariya, Lachhmipura, Lachhmipura, Ladpura, Lamba Kalan, Lamba Khurd, Madhoganj, Manda, Mandolai, Mehroo, Modiyala, Moondiya Kalan, Mor, Mor Bhatiyan, Morda, Motipura, Nareda, Nayabas, Nayabas, Neemeda, Ojhapura, Pandrahera, Panwaliya, Pathraj Kalan, Pathraj Khurd, Radhaballabhpura, Raisinghpura, Ralawata, Ram Niwaspura, Ramchandrapura, Rameshwarpura, Rampura, Ramsinghpura, Ratwai, Ratwara, Rindalya Rampura, Salgyawas, Sandla, Sandoiya, Sawariya, Setiwas, Shri Ramnagar, Shubhdand, Sitarampura, Sukhniwaspura, Surajpura, Tharola, Tharoli, Thatha, Todaraisingh, (M) Todaraisingh, (Rural) Topa, Uniyara Khurd,

History

According to Bijolia Inscription of V.S. 1226, one Vaishravana, an ancestor of Lolaka built a temple at Tadagapattana. However there is no trace at present of any old Jain temple. [1]

ऐतिहासिक प्रमाण

शिलालेखों और साहित्यिक ग्रंथों में इसके नाम हैं - तक्षकगढ़, तक्षकपुर, टोडापत्तन, इष्टिकापुर आदि इसकी प्राचीन इतिहास उपलब्ध नहीं है. उपलब्ध साक्ष्यों से पता चलता है कि ईसा की प्रथम शताब्दी के आसपास यह क्षेत्र मालवगण के अधीन था. जिनकी राजधानी कर्कोटक नगर थी जो नगर नाम से टोंक जिले की उणियारा आज भी विद्यमान है. पौराणिक मान्यताएं इस कसबे का सम्बन्ध नागवंशियों से जोड़ती हैं जो इसके तक्षकगढ़, तक्षकपुर नाम से भी स्पस्ट होता है जिनका राज्य यहाँ तीसरी-चौथी शताब्दी ई. के लगभग जाता है. इसके अरावली पर्वत माला के जिस पर्वतांचल में यह क़स्बा बसा है वह तक्षकगिरी कहलाती है. तथा अम्बासागर के उत्तरी छोर वाली नाग के फन की आकृति वाली पर्वतीय चट्टान ताख़ाजी के नाम से लोक उपासना का केंद्र है. [2]


ऐतिहासिक प्रमाणों से ज्ञात होता है कि सातवीं-आठवीं शताब्दी ईस्वी के लगभग यहाँ पर चाटसू (चाकसू) के गुहिल शासकों का राज्य था. तदनन्तर टोडा पर विभिन्न कालों में चावड़ा, प्रतिहार, चौहान, सोलंकी, कछवाहा, सिसोदिया आदि क्षत्रियों का राज्य रहा. तथा लल्लाखां पठान, दिल्ली के मुस्लिम सुल्तानों और मुगल बादशाहों का वर्चस्व रहा. [3]

सिसोदिया सामंत शासक रायसिंह के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान के कारण टोडा के साथ उनका नाम जोड़कर टोडारायसिंह कहलाने लगा. [4]

प्राचीन धरोहरों में प्रमुख हैं - कालाकोट के भीतर बना चौहान कालीन राघोरायजी का मंदिर, सोलंकी नरेश राव किल्हण (कल्याण) की रानी सीता कुंवर द्वारा निर्मित कल्याण जी का मंदिर, गोपीनाथजी का मंदिर, चतुर्भुजजी का मंदिर, वाराहदेवी का मंदिर, भूतेश्वर मंदिर आदि [5]

650 वर्ष पूर्व टोडा नरेश राव रूपाल की हाड़ी रानी द्वारा निर्मित विशाल कुंड, जगन्नाथ कछवाह द्वारा निर्मित बावड़ी, भोपत बावड़ी, ईसर बावड़ी और सारड़ा बावड़ी मुख्य बावड़ी हैं. तालाबों में बुध सागर, खरोलाव, अम्बा सागर (आमला) मुख्य हैं. [6]

बिजोलिया शिलालेख में यहाँ श्रेष्ठि लोलक के पूर्वजों द्वारा जैन देवालय के निर्माण का उल्लेख है. [7]

Notable persons

External links

References

  1. Encyclopaedia of Jainism, Volume-1 By Indo-European Jain Research Foundation p.5543
  2. Dr. Raghavendra Singh Manohar:Rajasthan Ke Prachin Nagar Aur Kasbe, 2010,p. 59
  3. Dr. Raghavendra Singh Manohar:Rajasthan Ke Prachin Nagar Aur Kasbe, 2010,p. 59
  4. Dr. Raghavendra Singh Manohar:Rajasthan Ke Prachin Nagar Aur Kasbe, 2010,p. 60
  5. Dr. Raghavendra Singh Manohar:Rajasthan Ke Prachin Nagar Aur Kasbe, 2010,p. 60
  6. Dr. Raghavendra Singh Manohar:Rajasthan Ke Prachin Nagar Aur Kasbe, 2010,p. 60
  7. Dr. Raghavendra Singh Manohar:Rajasthan Ke Prachin Nagar Aur Kasbe, 2010,p. 60

Back to Jat Villages