Jat History Dalip Singh Ahlawat/Detailed Index

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जाट वीरों का इतिहास
लेखक - कैप्टन दलीप सिंह अहलावत
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विस्तृत विषय सूची
विषय पृष्ठ
प्रथम अध्याय: सृष्टि प्रकरण
1. सृष्टि प्रकरण, सृष्टि की रचना 1-2
2. वेद विषय विचार और रचना 3-4
3. सृष्टि की आयु, युग, मन्वन्तर, सृष्टि संवत् 4-7
4. सृष्टि की आयु और पाश्चात्य विद्वान् 7-9
5. हमारे देव और ऋषि, ब्रह्मा, विष्णु, महेश 9-15
6. आर्य कौन हैं? उनका मूलस्थान कौन सा है? 15-25
7. सृष्टि से आर्यों का चक्रवर्ती राज्य 25-30
8. ब्रह्मा की वंशावली 30-62
(क) ब्रह्मा, विराट् स्वायम्भव मनु, प्रियव्रत की वंशावली 31-33
(ख) सूर्यवंशी राजाओं की ब्रह्मा के पुत्र मरीचि से वंशावली 33-40
(ग)ब्रह्मा के पुत्र पुलस्त्य की वंशावली 40-44
(घ) ब्रह्मा के पुत्र क्रतु, अंगिरस, पुलह, भृगु और दक्ष की वंशावली 44-45
(ङ) ब्रह्मा के पुत्र अत्रि की चन्द्रवंश की वंशावली 46-62
9. वर्णाश्रम धर्म 62-66
10. वंश प्रचलन व्यक्ति, देश या स्थान, काल, उपाधि भाषा के नाम पर 66-67
द्वितीय अध्याय: जाट विषयक प्रसंग
1. जाटों की संख्या और आवास भूमि 68-74
2. पहचान, चरित्र, स्वभाव और विशेषतायें 74-77
3. धर्म, समाज, विवाह 77-79
4. पंचायत 79-80
5. भाषा 80-82
6. उपाधियां 83-85
7. जाट के भिन्न-भिन्न देशों में पुकारे जाने वाले नाम 85-87
8. जट से जाट शब्द 87-89
9. जाट वीरों की उत्पत्ति 90-109
10. जाट आर्य हैं 109-132
11. जाट भारतीय हैं 132-137
12. जाट क्षत्रिय वर्ण के हैं 138-148
13. जाटों के क्षत्रिय होने के कुछ ठोस प्रमाण 148-154
तृतीय अध्याय: आदि सृष्टि से देश-विदेश में जाट वीरों का राज्य
1. विद्या का इतिहास 155-161
2. भवन निर्माण आदि 161-163
3. अस्त्र-शस्त्र विज्ञान 163-164
4. वैदिक काल से अमेरिका में विज्ञान 164-166
5. महाभारत काल में विज्ञान आदि 166-171
6. हड़प्पा और मोहनजोदड़ो 171

जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत, पृष्ठान्त-xiii


विषय पृष्ठ
7. आदि सृष्टि से कृषि विज्ञान 171-175
8. हमारे वेद शास्त्रों के लेखों पर विदेशी इतिहासज्ञों का मण्डन व खण्डन 176-177
9. भारतवर्ष के इतिहास का पतन 177-182
वैदिक काल में जाटवंशों का निर्माण तथा राज्य
(क) चन्द्रवंशज जाट
1. अत्रि 183
2. बुधवार 183-184
3. यादववंश 184-187
महाराजा कृष्ण जी जाट थे (प्रमाण) 187-190
4. तंवर तोमर 190-192
5. पुरु-पौरव 192-194
6. नव या नौवर 194
7.8.9. कृमि, दर्व, भद्रक 194-195
10. शिवि/ शैवल/ शैव्य/ शैव 195-197
11. यौधेय या जोहिया 197-199
12. मद्र 199-201
13. अहलावत 201-211
14. दहिया 211-217
15. जाखड़ 217-219
16.17.18. अंजना, भिम्भरौलिया और कल्हन 219
19. पौनिया-पूनिया 219-221
20. चीना या चीमा 222-223
21. आन्ध्रवंश 223-225
(ख) सूर्यवंशज जाट
1. कश्यप/ काश्यप 225
2. नेहरा 225-226
3. काकुस्थ या काकवंश 226-230
4. श्री रामचन्द्र महाराज जाट थे 230-232
5. गौर वंश 232-234
6. बल/ बालान/ बालियान 234-238
(ग) नागवंश 238-242
रामायणकाल में जाटवंश तथा उनका राज्य
1. वसाति या वैस (नागवंश) 243-246
2. तक्षक (नागवंश की शाखा) 246-248
3. काला, कालीधामन-कालखण्डे (नागवंश की शाखा) 248
4. औलक (नागवंश की शाखा) 248
5. कलकल (नागवंश की शाखा) 248-249
6. लाम्बा-लोवंसी (सूर्यवंशी) 249-250
7. मोहिल-महला-माहिल (चन्द्रवंशी) 250-251
8. मांगध-महला-माहिल (चन्द्रवंशी) 251-253
9. दरद या दराल (चन्द्रवंशी) 253-254
10. मल्ल या मालव (चन्द्रवंशी) 254-255
11. क्षुद्रक या शूद्रक (सूर्यवंशी) 255
12. मत्स्य-माछर 255-256
13. वृष्णि 256-257
14. शूरसेन/ शूर 257-258
15. दशार्ण-दशपुरिया 258
16. भोज या कुन्तिभोज 258
17. पांचाल 259
18. वाल्हीक-वाहिक-वरिक 259-263
19. शक 20. बर्बर 21. पल्हव 22. विदेह 23. पुण्ड्र 24. पाण्ड्य 25. चोल 26. वंग 27. कुरु 28. विदर्भ 264-265
29. सिन्धु 265-269
30. ऋषिक-तुषार-मलिक-लल्ल गठवाला मलिक 269-279

जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत, पृष्ठान्त-xiv



विषय पृष्ठ
महाभारत काल में जाटवंश तथा उनका राज्य
1. भीष्मपर्व अध्याय 9 के अनुसार भारतवर्ष में जाटवंश के 83 जनपदों के नाम 280
2. पाण्डवों की दिग्विजय में उनका जाट वंशज नरेशों तथा जनपदों से युद्ध 280-282
3. महाराजा युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में जाटवंश राजा द्रव्य (धन) लाये 282-284
4. महाभारत वनपर्व में जाटवंश 284
5. महाभारत युद्ध में कौरव तथा पाण्डव पक्ष के जाटवंशज नरेश तथा सैनिक 284-287
6. महाभारत मौसलपर्व द्वारिकापुरी में जाटवंश आपस में लड़कर मर गये 287-289
7. महाप्रस्थानिक पर्व पाण्डवों का राज्य छोड़कर चले जाना तथा उनकी मृत्यु 289
8. महाभारत काल के जाटवंशों तथा उनके जनपदों का वर्णन
1.-12. कौसल, काशि, चेदि, काम्बोज, कुण्डल, अर्ह, पारद, तंगण-परतंगण, वल्लव-वल्लभी, केकय, सौवीर, आभीर 289-290
13. गोपाल, गौपराष्ट्र 290-292
14. गान्धार 292-293
15. गोधा 293
16. झिल्लिक-झल्ल 294
17. वत्स 294-295
18. कुन्दा-कुन्डू 294-295
19-20-21. भारद्वाज-भदौतिया, वाटधान, शिशि 295
22. लोहित-लोहर क्षत्रिय (खत्री) 295-297
23. शाल्व-शिलाहार-सालार 297
24. कुन्तल, खूंटेल 297-298
25. सुकन्द-सौकन्दे-शिवस्कन्दे 298-299
26. कंक-कन्क-कंग 299-300
27. मान (भुल्लर-हेर शाखा गोत्र) 300-303
28. सिहाग, सुहाग, सिवाग 303-304
29. जनवर 304-305
30. भरंगुर भंगु-भरंगर 305
31. जंघारा 305
32. बाना 305
33. राठ-राठी-राष्ट्रकुल 306-309
34. मौर्य-मौर 309-314
35. चट्ठा-चगता 315
चतुर्थ अध्याय: महाभारत युद्ध के बाद विदेशों में जाट राज्य
1. भौगोलिक ब्यौरा 316-320
2. मुख्य इतिहासकार 320-321
3. जाट के भिन्न-भिन्न देशों में पुकारे जाने वाले नाम 321
4. शक, सिथियन, कुषाण, तुर्किस्तान, तुर्क, यवन 321-323
I. चीन तथा मंगोलिया
1. चीन में शासक जाट गोत्र 323-326
2. श्वेत हूण या हेफताल 326
3. चीन में तांग वंश के जाट राजाओं का शासन 326-327
4. हूणों के आक्रमण तथा उनके साथ ऋषिक-तुषार गोत्र के जाटों का युद्ध 327-329
5. चंगेजखां बोगदा या बोगदावत जाट 329
6. सम्राट कनिष्क कुषाण वंशीय जाट का चीन से युद्ध 329-300

जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत, पृष्ठान्त-xv


विषय पृष्ठ
7. चीन तथा मध्य एशिया में भारतीय संस्कृति तथा धर्म के फैलाने में जाटों का योगदान 330-332
II. सीथिया तथा मध्य एशिया
1. सीथिया, मध्य एशिया, कैस्पियन सागर 332-333
2. टर्की, यूनान, ताशकन्दी 333-334
3. मुगल, समरकन्द, ईरान 334-335
4. ऐशिया माइनर 335-336
5. अरमेनिया, ऐजरबैजान, जियोर्जिया, इराक, पर्थिया 336-337
6. बल्ख, अफगानिस्तान, गजनी 337-338
7. हिन्दुकुश, कौंचवन 338-339
8. यूरोप देश 339-340
9. वैदिक संस्कृत भाषा का संसार की अन्य भाषाओं से सम्बन्ध 340-341
10. सीथिया और मध्य एशिया में जाटवंश 341-342
11. जाटों के विषय में कलविन केफर्ट तथा पी. साइकेस के लेख 342-343
12. कुरु वंश 343
13. मद्रवंश 343
14. वाल्हीक-विक-विर्क 343-344
15. दहिया 344-345
16. वेन, मान 345
17. शक वंश 345-347
18. रूस निवासियों का भारतीय जाटों से सम्बन्ध 346-350
19. शिवि और कंग/ कांग वंश 350-351
20. तोमर/तंवर हंस पूनिया डागर, पल्हव (पार्थियन) वंश 351-352
21. कश्यप, दरद, कालखन्डे, कुन्डू, गिल, खूंटेल वंश, चहल 352
22. जाट महारानी तोमरिस का सम्राट् साईरस से युद्ध 353-355
23. जाट सेना का मिश्र पर आक्रमण 355
24. डेरियस का सीथिया तथा थ्रेस राज्य के शासक जाटों से युद्ध 355-356
25. सीथिया तथा मध्य एशिया के जाटों की विशेषताएं 356-357
26. सीथियन जाटों का मिश्र सेना से युद्ध 357
27. मकदूनिया के शासकों से जाटों का युद्ध 357-358
28. सम्राट् सिकन्दर और जाट
(क) सिकन्दर का सोग्डियाना के जाटों से युद्ध 358-360
(ख) सिकन्दर और दारा 360-361
(ग) राजा आम्भी 361
(घ) राजा पुरु-पोरस 361-62
(ङ) छोटा पुरु और अगलासाई जाति 362
(च) सिकन्दर की वापिसी 363-364
29. खोतन का जाटराज्य 364-366
30. कुषाणवंशज जाटराज्य 366-371
31. श्वेत हूण या हेफताल जाटराज्य 371
32. तुर्कों का राज्य 371-373
33. इस्लाम धर्म एवं साम्राज्य 373-374
34. चंगेज खां का आक्रमण 374-376
35. तैमूरलंग और जाट 376-383
III. यूरोप तथा अफ्रीका
1. यूरोप में जाटों का प्रवेश 383-385
2. यूरोप में जाट के भिन्न-भिन्न नाम 385-387
3. स्कण्डेनेविया (नार्वे, स्वीडन, डेन्मार्क) 387-389

जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत, पृष्ठान्त-xvi


विषय पृष्ठ
4. रोमन राज्य 389-390
(क) अद्भुत जाट विजेता अलारिक 390-392
(ख) रोम व स्पेन के जाट शासक 392-393
(ग) विजेता जाट अत्तीला 393-395
(घ) जर्मनी 395-397
5. ब्रिटेन या इंग्लैंड द्वीप समूह 397-398
6. ब्रिटेन पर रोमनों का शासन 398-399
7. ब्रिटेन पर जूट्स, सेकसन्स, ऐंगल्स की विजय 399-401
8. इंग्लैंड पर डेनों के आक्रमण तथा राज्य 401-403
9. इंग्लैंड पर नॉरमन विजय 403-406
10. इंग्लैंड पर नॉरमन राज्य 406-410
मध्यपूर्व (Middle East)
1. मध्यपूर्व के वह देश जिनमें जाटों का निवास व राज्य रहा 410-413
2. मध्यपूर्व में जाट गोत्र जिनका शासन तथा निवास था 413-423
3. शक्तिशाली मांडा जाट साम्राज्य के कुछ विशेष मनुष्यों के नाम 424-426
4. मांडा सम्राट् डियोसिज/ देवका 426-428
5. जाट सम्राट् फ्रावर्ती 428
6. जाट सम्राट् साईक्षयरज या हूवाक्षत्र 428-429
7. जाट सम्राट् ईश्तवेगु 429-431
8. सम्राट् साईरस 431-434
9. सम्राट् कैम्बाइसिज 434
10. जाट सम्राट् डेरियस 434-436
11. जाट सम्राट् क्षेरक्षेज 436
12. मांडा जाट साम्राज्य का अन्त तथा मध्यपूर्व पर अन्य शासक 438-439
13. इस्लाम धर्म व जाट 438-439
14. इस्लाम शासनकाल में मध्यपूर्व में जाटों की शक्ति का स्म्क्षिप्त ब्यौरा 439-443
15. बृहत्तर भारत का क्षेत्र - दक्षिण-पूर्वी एशिया 443-444
16. जाट वीरों की वीरता पर चौ० ईश्वरसिंह गहलोत का एक श्रेष्ठ भजन 444-448
पंचम अध्याय: महाभारत युद्ध के बाद भारतवर्ष में जाटराज्य एवं शक्ति
महाराजा युधिष्ठिर से सम्राट् हर्षवर्धन तक जाटों का स्वर्णयुग

(समय 3100 वर्ष ई० पू० से सन् 647 ई० तक = 3747 वर्ष)

1. महाभारत युद्ध के बाद महाराजा युधिष्ठिर का राजतिलक, द्वारकापुरी में यादवों की कलह तथा वज्र व परीक्षित का राजसिंहासन पर बैठना 449-450
2. श्रीकृष्ण महाराज की वंशावली 450-451
3. महाराजा युधिष्ठिर से यशपाल तक जाट नरेशों का ब्यौरा 451-453
4. जाट वंशीय महाराजा हरबाहु आदि 25 नरेशों का इन्द्रप्रस्थ (दिल्ली) राजधानी पर 729 वर्ष तक शासन 453-456
5. ढिल्लों जाटों के नाम पर देहली नगर का नाम पड़ा 456-458
6. सूर्यवंशीय कुशवंशज जाट राज्य 458-459
7. चन्द्रवंशीय जाट राजा कुश 459-460
8. महाराजा जटासुर 460

जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत, पृष्ठान्त-xvii


विषय पृष्ठ
9. क्षत्रियों के समान ब्राह्मण वंश 461-462
10. भारतवर्ष में बौद्धकालीन 16 महाजनपद 462-467
11. जैन धर्म व बौद्ध धर्म की स्थापना के कारण 467-468
12. महात्मा महावीर 468-471
13. महात्मा गौतम बुद्ध 471-472
14. बौद्ध धर्म का देश-विदेश में फैलावा 472-473
15. बौद्ध धर्म के पतन के कारण 473-475
16. मगध साम्राज्य पर शासन करने वाले जाटवंश (विष्णु पुराण के अनुसार) 475-476
मगध साम्राज्य के शासकों का विस्तार से वर्णन
1. सम्राट् बिम्बसार 476-477
2. सम्राट् अजातशत्रु 477
3. नांदल या नन्द जाटवंश 477-479
मगध साम्राज्य पर मौर्य-मौर वंशज नरेशों का शासन
4. मौर्य-मौर जाट होने के प्रमाण 479-480
5. सम्राट् चन्द्रगुप्त मौर्य-मौर 480-482
6. सम्राट् बिन्दुसार 482
7. सम्राट् अशोक महान् 482-483
8. मौर्य-मौर साम्राज्य के पतन के कारण 483
9. मगध पर ब्राह्मण शुंग वंश का शासन 484
10. मगध पर ब्राह्मण कण्व वंश का शासन 484
11. सम्राट् विक्रमादित्य (विक्रम) 484-485
12. आन्ध्र वंश का मगध तथा अन्य प्रदेशों पर शासन 485-486
भारतवर्ष पर विदेशी आक्रमणकारी
1. यवन (यूनानी) 486-487
2. शक जाति (जाटवंश) 487-488
3. कुषाण वंशज जाटराज्य 488-489
4. भिवानी क्षेत्र पर कुषाणों तथा अन्य जाटों के शासन का कुछ विशेष ब्यौरा 489-491
(क) नागवंशी भारशिव (भराईच) 489-491
(ख) लिच्छवि जाट राज्य 491-492
गुप्त साम्राज्य (धारण गोत्र के जाट शासक)
1. गुप्तवंशज सम्राट धारण गोत्र के जाट थे इसके प्रमाण 492-495
2. श्रीगुप्त और घटोत्कच 495
3. चन्द्रगुप्त प्रथम 495-496
4. सम्राट् चन्द्रगुप्त 496-501
5. रामगुप्त 501
6. सम्राट् चन्द्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य 501-504
7. कुमारगुप्त प्रथम 504
8. स्कन्दगुप्त तथा बाद के गुप्त शासक 505
9. गुप्तसाम्राज्य के पतन के समय भारतवर्ष में अन्य राज्यों की स्थापना 505-507
(क) सम्राट् यशोधर्मा वरिक (जाटवंशज) 507-508
(ख) सम्राट् हर्षवर्धन वसाति या वैस जाटवंशी 508-510
(ग) विशाल हरयाणा सर्वखाप पंचायत का निर्माण 511-514

जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत, पृष्ठान्त-xviii


विषय पृष्ठ
षष्ट अध्याय: सम्राट् हर्षवर्धन के बाद से महाराजा पृथ्वीराज चौहान तक जाटराज्य एवं शक्ति

(समय 647 ई० से 1192 ई० तक = 545 वर्ष)

1. जाट, गुर्जर, राजपूत, अहीर मराठा क्षत्रिय आर्य एक ही श्रेणी इए लोग हैं 515
2. गुर्जरों की उत्पत्ति एवं राज्य 515-517
3. गुर्जरों के प्राचीन और अर्वाचीन राज्य 517-518
4. जाट गोत्र जो गुर्जर संघ में मिल गए 518
5. अहीर जाति की उत्पति तथा राज्य 518-519
6. जाट गोत्रों से मिलने वाले अहीर गोत्र 519-520
7. राजपूत जाति की उत्पत्ति तथा राज्य 520-526
8. जाट गोत्र जो राजपूत गोत्रों से मिलते हैं 526
9. मराठा जाति की उत्पत्ति एवं राज्य 526-528
10. मराठा राज्य की स्थापना और शिवाजी 528-531
11. कन्नौज राज्य 531-532
12. बिहार, बंगाल के पाल तथा सेनवंश 532-533
13. कश्मीर राज्य
कारकोट वंश व उत्पल जाटराज्य: लोहित-लोहर-क्षत्रिय 533-534
14. सिन्ध प्रदेश पर जाटराज्य
सिन्ध पर ब्राह्मण राज्य की स्थापना 534-536
मुहम्मद-बिन-कासिम का सिंध पर आक्रमण 536-537
15. बलहारा जाटवंश का राज्य 537-538
16. पंजाब में जाटराज्य
पूर्ण भगत, शालिवाहन, राजा रिसालू 538-539
17. नागवंसी भारशिव (भराईच) जाटों का पंजाब में जाटराज्य 539-540
दक्षिण में जाटराज्य
1. अहलावत जाटवंश 540
2. राष्ट्रकूट-राठी जाटवंश 540
3. पल्लव जाटवंश 540-541
4. चोल जाटवंश 541-542
5. पाण्ड्य जाटवंश 542
6. मान जाटराज्य 542
7. जनवार जाटराज्य 542
8. शौर्य-मौर जाटराज्य 543
9. काकुस्थ या काक जाटराज्य 543
10. शल्व-शिलाहार-सालार जाटराज्य 543-544
गुजरात में जाटराज्य
1. सिन्धु जाट 544
2. बल-बालान जाटवंश 544
राजस्थान में जाटराज्य
1. मौर्य-मौर जाटराज्य 544-545
2. नेहरा जाटराज्य 545-546
3. मद्रक-भादा जाट 546
4. शिवि जाट 546
5. जाखड़ जाट 546
6. गौर जाट 546
7. दहिया जाटवंश का राज्य 546
8. सिहाग या सुहाग जाटराज्य 546-547
9. काक जाटों का राज्य 547
10. मोहिल-माहिल-महला जाटराज्य 547
11. पूनिया-यौधेय या जोहिया, बेनीवाल, गोदारा, सारन, असियाग, मोहिल-माहिल, बांगर, खारा जाटों का बीकानेर क्षेत्र पर राज्य 547-550
12. कसवां जाटराज्य 550

जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत, पृष्ठान्त-xix


विषय पृष्ठ
13. टोंक रियासत पर तक्षक जाटों का राज्य 550
14. खोजा जाटवंश का राज्य 550-551
15. गौर जाटवंश का राज्य 551
16. रणथम्भोर पर जाटराज्य 551
17. सांगवाण-सांगा जाटों का राज्य 551-552
मालवा में जाटराज्य
1. पंवार का परमार गोत्र 552
2. राजा भोज पंवारवंशी जाट 552-553
3. राजा उदयादित्य 553
4 जगदेव पंवार 553-554
5. लोहचब पंवार 554-555
बुन्देलखंड के चंदेले 555-556
चेदि के कुलचुरी (जाटराज्य) 556
आल्हा, उद्दल, मलखान वत्स गोत्र के जाट 556-557
आल्हा, उद्दल, मलखान का दिल्ली के सम्राट् पृथ्वी चौहान से युद्ध 557
राजा चकवा बैन का राज्य
1. बेनीवाल/ बैन/ वैन जाट गोत्र 557-559
2 दिल्ली पर चौहानों से पूर्व तंवर-तोमर जाटों का राज्य 559
3. पृथ्वीराज चौहान 560
भारतवर्ष पर मुसलमान आक्रमणकारी और जाट
1. अलप्तगीन 560
2. सुबुक्तगीन 560-561
3. महमूद गजनवी 561
4. महमूद गजनवी और जाट 561-565
5. शहाबुद्दीन गौरी और जाट 565
6. पृथ्वीराज चौहान से युद्ध 565-567
7. गौरी का जयचन्द से युद्ध 567
8. खोखर जाटों का विद्रोह और गौरी की मृत्यु 567-568
सप्तम अध्याय: दिल्ली साम्राज्य के शासक मुसलमान बादशाह और जाट (सन् 1206 से 1857 ई० तक)
1. कुतुबुद्दीन ऐबक और जाट (सन् 1206-1210 ई०) 569-572
2. सुल्तान अल्तमश और जाट (सन् 1211 से 1235 ई०) 572
3. रजिया बेगम और जाट (सन् 1236 से 1266 ई०) 573
4. बादशाह नसीरुद्दीन और जाट (सन् 1246 से 1266 ई०) 573-574
5. बादशाह बलबन और जाट (1266 से 1286 ई०) 574
6. चाहर गोत्र की राजकुमारी सोमादेवी की अद्भुत वीरता 574-575
7. अलाउद्दीन खिलजी और जाट (सन् 1296 से 1316 ई०) 575-576
8. मुबारकशाह खिलजी के समय 262 वीरांगनाओं का बलिदान (सन् 1316 से 1320 ई०) 576
9. मुहम्मदशाह तुगलक और जाट (सन् 1325 से 1351 ई०) 577
10. फिरोजशाह तुगलक और पंचायती वीरों का बलिदान (सन् 1351 से 1388 ई०) 577-578
11. बादशाह महमूद तुगलक और जाट (सन् 1394 से 1412 ई०) 578
12. सन् 1398 में तैमूर का आक्रमण और जाट 578-579
13. बादशाह महमूद तुगलक के समय सर्वखाप पंचायत का अधिवेशन 579
14. सैयदवंश के बादशाह और जाट (सन् 1414 से 1451 ई०) 579-580
15. सिकन्दर लोदी और जाट (सन् 1488 से 1517 ई०) 580

जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत, पृष्ठान्त-xx


विषय पृष्ठ
16. इब्राहीम लोदी और जाट (सन् 1517 से 1526 ई०) 580-581
17. मुगल बादशाह बाबर और जाट (सन् 1526 से 1530 ई०) 581-582
18. हुमायूं एवं शेरशाह और जाट 582-583
19. शेरशाह सूरी और जाट (सन् 1540 से 1545 ई०) 583
20. सम्राट अकबर और जाट (सन् 1556 से 1605 ई०) 583-587
21. सम्राट जहांगीर और जाट (सन् 1605 से 1627 ई०) 588
22. सम्राट शाहजहां और जाट (सन् 1627 से 1658 ई०) 588
23. सम्राट औरंगजेब और जाट (सन् 1658 से 1707 ई०) 588-593
24. शाह आलम बहादुरशाह और जाट (सन् 1707 से 1712 ई०) 593
25. बादशाह नसीरुद्दीन मुहम्मदशाह और जाट (सन् 1719 से 1748 ई०) 593-594
26. मराठा सेनापति सदाशिवराव भाऊ और जाट 594-595
27. बहादुरशाह जफर के शासनकाल में 1857 ई० के प्रथम स्वतन्त्रता युद्ध में जाटों का योगदान
(क) स्वतन्त्रता संग्राम के मुख्य कारण 595-600
(ख) स्वतन्त्रता संग्राम के मुख्य संयोजक चार वेदज्ञ योगी सन्यासी 600-605
(ग) स्वतन्त्रता संग्राम का आरम्भ तथा घटनायें 605-610
(घ) बल्लभगढ़ के जाट राजा नाहरसिंह की वीरता एवं देशभक्ति 610-612
(ङ) सन् 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में हरयाणा के जाटों की वीरता एवं बलिदान 612-615
(च) हरयाणा प्रान्त के महान् योद्धा राव राजा तुलाराम 615-616
(छ) नानासाहब पेशवा 616
(ज) झांसी की रानी लक्ष्मीबाई 616-617
(झ) वीर तांत्या टोपे 617-618
(ञ) राजा कुंवरसिंह 618
(ट) विद्रोह के परिणाम 618-619
अष्टम अध्याय: भरतपुर जाट राज्य की स्थापना
1. ब्रजमण्डल में यादववंशी जाट सिनसिनवाल, सोगरवार जाट 620-621
2. मुशिंद कुली खां और जात 621-622
3. सिनसिनवाल गोत्री जाट मृदुसिंह एवं सिंघा की वीरता 622-624
4. ब्रजमण्डल में औरंगजेब के हिन्दुओं पर अत्याचारों का परिणाम 624
5. वीर गोकुला (गोकुलदेव/ गोकुलराम) 624-629
6. निडर वीर योद्धा राजाराम जाट 629-636
7. वीरशिरोमणि भज्जासिंह 637
8. सिनसिनी गढ़ी पर प्रथम विफल आक्रमण 637-638
9. द्वितीय आक्रमण, सिनसिनी का पतन 638
10. राजा बिशनसिंह का जाटों के साथ संघर्ष 638-639
11. राजा बिशनसिंह की विफलता 639-640
12. जाटों का सिनसिनी गढ़ी पर अधिकार तथा दूसरी बार पतन 640-641
13. युगनिर्माता ठाकुर चूड़ामन 641-654

जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत, पृष्ठान्त-xxi


विषय पृष्ठ
14. भरतपुर जाटराज्य के संस्थापक राजा बदनसिंह 655-660
15. महाराजा सूरजमल 661-704
16. सवाई महाराजा जवाहरसिंह भारतेन्द्र 704-719
17. महाराजा रतनसिंह 719-720
18. महाराजा केहरीसिंह 720-722
19. महाराजा रणजीतसिंह 722-728
20. महाराजा रणधीरसिंह 728
21. महाराजा बलदेवसिंह 728-729
22. महाराजा बलवन्तसिंह 729-730
23. महाराजा यशवन्तसिंह 730-731
24. महाराजा रामसिंह 731-732
25. महाराजा श्रीकृष्णसिंह 732-733
26. महाराजा ब्रजेन्द्रसिंह 734-736
27. भरतपुर राज्य का क्रमिक विकास 736-737
28. भरतपुर का राजवंश 738-739
29. राजा मानसिंह 739-740
धौलपुर जाट राज्य
1. शासक जाटों की उत्पत्ति एवं उनका प्रारम्भिक राज्य 741-742
2. गोहद पर राणा जाटों का राज्य 742-743
3. महाराजा राणा श्री लोकेन्द्रसिंह 743-744
4. राणा कीरतसिंह जी धौलपुर का प्रथम राजा 744
5. श्री भगवन्तसिंह जी 744
6. राजा निहालसिंह जी 745
7. राणा रामसिंह 745
8. श्री सवाई राणा उदयभानसिंह जी 745-747
9. धौलपुर राज्य की विशेष जानकारी 747-748
नवम अध्याय: पंजाब में सिक्ख जाटों का राज्य
1. सिक्खों की 12 मिसलें 749-753
2. पंजाब केसरी महाराजा रणजीतसिंह 753-769
3. प्रथम सिक्ख युद्ध 769-770
4. द्वितीय सिक्ख युद्ध 770-771
5. पंजाब का विलय 771-772
6. महाराजा दलीपसिंह 772-774
7. सिद्धू-बराड़ जाटवंश 774-775
8. कोटकपूरा तथा फरीदकोट राज्य 775-779
9. पटियाला राज्य 779-783
10. नाभा राज्य 783-784
11. जींद राज्य 784-786
12. कैथल-अरनौली राज्य 786-787
संयुक्त प्रान्त में जाट राज्य
1. रोरा-रोर वंश 787-788
2. ठेनुआं राजवंश मुरसान रियासत 788-791
3. रियासत हाथरस 791-793
4. स्वतन्त्रता सेनानी राजा महेन्द्रप्रताप 793-796
5. दलाल जाटों का राजवंश 796-798
6. राज्य साहनपुर 798-801
हरयाणा प्रान्त में जाट राज्य
1. तेवतीया/ भटौनिया जाटों का बल्लभगढ़ एवं भटौना राज्य 801-803

जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत, पृष्ठान्त-xxii



विषय पृष्ठ
दशम अध्याय: आधुनिक युग में जाटों की महत्ता (भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति में जाटों का योगदान)
1. जाट आर्य, भारतीय, क्षत्रिय होने के कुछ उदाहरण 804-805
2. अंग्रेजों के विरुद्ध तीन मोर्चों पर युद्ध 805
3. भारतवासियों में धार्मिक आन्दोलनों द्वारा जागृति 806-808
4. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का जन्म 808-809
5. बंगाल विभाजन 809-810
6. अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना 810
7. प्रथम विश्वयुद्ध और भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन 810-812
8. जलियांवाला बाग का हत्याकांड 812
9. खिलाफत तथा असहयोग आन्दोलन 812-814
10. हरयाणा प्रान्त में कांग्रेस तथा असहयोग आन्दोलन का प्रभाव 814-817
11. चौ० छोटूराम एक सच्चे देशभक्त तथा अंग्रेज सरकार के विरोधी 817-825
12. हरयाणा में असहयोग आन्दोलन 825
13. स्वराज्य पार्टी 826
14. सविनय अवज्ञा आन्दोलन 826
15. साईमन कमीशन 826-827
गैर-कांग्रेसी देशभक्त जाटों का स्वतन्त्रता प्राप्ति के लिए बलिदान
1. सरदार अजीतसिंह 827-828
2. अमर शहीद भगतसिंह 828-832
3. गदर पार्टी की स्थापना 832-833
4. कोमागातामारु जहाज की दुर्घटना 833
5. बजबज का गोली कांड 833-834
6. सरदार रामसिंह 834
7. सरदार बन्तासिंह 834
8. रंगासिंह 834
9. वीरसिंह 834
10. सरदार करतारसिंह 834-835
11. बाबा बैशाखासिंह 835
12. श्री हरीकिशनसिंह 836
13. मास्टर रामजीलाल 836-837
14. देशभक्त ऊधमसिंह 847-839
15. जाट सरदार करतारसिंह के नेतृत्व में पंजाब में क्रान्ति की योजना 839-840
16. पूर्ण स्वराज्य की घोषणा 840
17. सविनय अवज्ञा आन्दोलन 840-841
18. प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय गोलमेज कांफ्रेंस, गांधी-इरविन समझौता 841
19. हरयाणा में प्रतिक्रिया 841-842
20. इस क्रांति में प्रमुख जाट नेताओं की गिरफ्तारी 842-843
21. गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 844
22. पाकिस्तान बनाने की मांग 845-845
23. द्वितीय विश्वयुद्ध और राष्ट्रीय आन्दोलन 845-846
देश की आजादी के लिए दूसरा मोर्चा: आजाद हिन्द फौज
1. स्वतन्त्रता सेनानी राजा महेन्द्रप्रताप 847
2. सरदार अजीतसिंह 848
3. महान् क्रान्तिकारी देशभक्त नेताजी सुभाषचन्द्र बोस तथा INA युद्ध मोर्चों पर 848-855
4. आजाद हिन्द फौज के जाट सैनिकों की वीरता 855-859
5. आजाद हिन्द फौज की रंगून से वापसी 859-860
6. नेताजी की अन्तिम यात्रा 860-861

जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत, पृष्ठान्त-xxiii


विषय पृष्ठ
7. आई.एन.ए. के बन्दी सैनिकों के साथ अंग्रेजों का दुर्व्यवहार 861-862
8. दिल्ली के लाल किले में आजाद हिन्द फौज पर इतिहास प्रसिद्ध मुकदमा 862-863
देश की आजादी के लिए तीसरा मोर्चा - भारतीय सेना का सशस्त्र विद्रोह
1. ब्रिटिश सरकार की नजरों में आर्यसमाज 863-864
2. 10 नम्बर जाट पलटन का विद्रोह 864-866
3. दूसरी बटालियन छठी जाट लाइट इन्फेन्टरी का विद्रोह 866-868
4. 21 नं० रिसाले (C.I.H.) के सिक्ख स्क्वाडर्न का विद्रोह 868
5. 4/19 हैदराबाद रेजिमेंट का विद्रोह 868-870
6. 47 कैवलरी के सैनिकों द्वारा विद्रोह की योजना 870
7. देशभक्त एवं महान् क्रान्तिकारी मेजर जयपालसिंह 870-872
8. 6 नम्बर रिसाला का विद्रोह 872-873
9. 8, 9 फरवरी 1946 को भारतीय जलसेना के जवानों का जल विद्रोह 873-877
भारत को स्वतन्त्रता प्राप्ति 877-878
दानवीर सेठ चौधरी छाजूराम 878-891
दीनबन्धु चौ० सर छोटूराम 891-892
1. विशेषताएं 891-892
2. जन्म, बाल्यकाल और शिक्षा 893-895
3. नौकरी तथा वकालत (कालाकंकर में नौकरी सन् 1905 ई०) 895-896
4. लाहौर लॉ कालेज में दाखिला, पुनः कालाकंकर 896
5. आगरा लॉ कालेज में दाखिला 896-897
6. आगरा में वकालत के समय मुकदमे 897
7. आगरा से रोहतक 897-898
8. जाट हाई स्कूल रोहतक की स्थापना 898-899
9. प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918 ई०) 899-900
10. सन् 1916 ई० में पंजाब जमींदार एसोसिएशन की स्थापना 900
11. मांटेग्यू कमीशन से भेंट 900-901
12. सन् 1916 ई० में उर्दू साप्ताहिक जाट गजट 901-902
13. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्त्ता तथा कांग्रेस से त्याग-पत्र 902
राजनीति में प्रवेश
1. राष्ट्रवादी संयुक्त दल या जमींदार लीग की स्थापना 803
2. चौ० छोटूराम एक सच्चे देशभक्त तथा अंग्रेज सरकार के विरोधी थे 903-906
3. कांग्रेस छोडने पर चौ० छोटूराम का निश्चय 906
4. किसानों की दुर्दशा 906-909
5. किसान पर अन्य संकट 909-911
6. किसानों पर कर्जे का भार तथा साहूकारों द्वारा उनकी लुटाई 911-912
7. मंडियों में किसानों की लुटाई 912
8. किसानों का, अदालतों में न्याय न मिलने से शोषण 912-915
9. चौ० छोटूराम की सन् 1920 में हुए पहले चुनाव में असफलता 915-916
10. चौ० छोटूराम की सन् 1923 में दूसरे चुनाव में जीत तथा जमींदार लीग की स्थापना 916-917

जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत, पृष्ठान्त-xxiv


विषय पृष्ठ
11. चौ० छोटूराम 22 सितम्बर 1924 से 26 दिसम्बर 1926 तक मन्त्री तथा उनके कार्य 917-919
12. पंजाब में गवर्नर मालकम हेली (1924-28) के साथ संघर्ष 919
13. पं० मदनमोहन मालवीय से सम्पर्क 920
14. चौ० छोटूराम को सन् 1926 में तीसरे चुनाव में जीत, परन्तु मन्त्री नहीं बने 920-921
15. कश्मीर का प्रधानमन्त्री बनने से इन्कार 921
16. मियां सर फजले हुसैन और सर सिकन्दर हयात खां 921-923
17. चौ० छोटूराम को सर की उपाधि 923-924
18. अप्रैल सन् 1937 में छोटूराम मन्त्रीमंडल में 924
19. सुनहरी कानून 924-928
20. मजदूर हितों की रक्षा 928
21. चौ० छोटूराम की जमींदारों के लिए एक विशेष सूचना 928-929
22. स्वराज्य का अर्थ 929-930
23. चौ० छोटूराम द्वारा अछूतोद्धार का कार्य 930-931
24. चौ० छोटूराम का एक पत्र 931-932
25. हीरक जयन्ती समारोह 932-935
26. अकाली दल द्वारा पेश की गई योजना का विरोध 935
27. सर सिकन्दर हयात खां की मृत्यु 935-936
28. चौ० छोटूराम को रहबरे-आजम का सत्कार 936
29. दीनबन्धु सर छोटूराम प्रभु की गोद में 936-939
30. चौ० सर छोटूराम की यादगार में स्मारक (Memorials) 939
चौधरी चरणसिंह
1. चौ० चरणसिंह का वंश परिचय 940-941
2. चौ० चरणसिंह की शिक्षा प्राप्ति 941-942
3. चौ० चरणसिंह का विवाह व संतान 942-943
4. चौ० चरणसिंह का राजनीति में प्रवेश 943-945
5. चौ० चरणसिंह का सक्रिय राजनैतिक जीवन 945-947
चौ० चरणसिंह की सन् 1937 से 1967 तक जनता की सेवायें
(क) कृषि एवं राजस्व मन्त्रालय एवं जनता सरकार में केन्द्रीय गृहमन्त्री रहकर ग्रामीण विकास 947-952
(ख) उत्तरप्रदेश में गृहमन्त्री रहकर कार्य 953-954
(ग) अन्य विविध विभागों में रहकर कार्य 954-956
(घ) जनहित के लिए दिए गए त्यागपत्र 956
1. जनता पार्टी की उत्पत्ति 956-957
2. आपातकाल 25 जून, 1975 से 21 मार्च, 1977 तक 957-959
3. सरदार पटेल के बाद दूसरा फौलादी पुरुष चौ० चरणसिंह 959-961
4. 23 मार्च, 1977 को जनता पार्टी का शासन स्थापित होने के बाद की घटनायें 961-964
5. प्रजातन्त्र भारत का पहला किसान प्रधानमन्त्री 964-965

जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत, पृष्ठान्त-xxv


विषय पृष्ठ
6. प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम पहला भाषण 965
7. स्वतन्त्रता दिवस पर चौ० चरणसिंह का भाषण 965-966
8. चौ० चरणसिंह व उनके मन्त्रिमण्डल का त्यागपत्र 966-967
9. लोकसभा भंग होने के बाद की घटनाएं 967-968
10. चौ० चरणसिंह का देहान्त 968-969
चौधरी देवीलाल
1. विशेषताएं, जन्म, बाल्यकाल और शिक्षा 969-970
2. चौ० देवीलाल का राजनीति में प्रवेश 970-973
3. हरयाणा राज्य का निर्माण तथा राजनीति 973
4. हरयाणा प्रान्त के मुख्यमंत्री 973-976
5. चौ० देवीलाल की मुख्यमन्त्री बंसीलाल द्वारा कराई गई गिरफ्तारियां 976-977
6. चौ० देवीलाल हरयाणा मुख्यमंत्री पद पर 977-978
7. मुख्यमंत्री चौ० देवीलाल के कारनामे 978-979
8. प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई द्वारा देवीलाल सरकार को हटाने का पहला षड्यन्त्र 979
9. चौ० देवीलाल के जगह चौ० भजनलाल मुख्यमंत्री 980
10. 19 मई 1982 को हरयाणा विधानसभा के चुनाव 980-982
11. संघर्ष समिति का गठन तथा उसके आन्दोलन 982-984
12. मुख्यमन्त्री बनते ही चौ० देवीलाल द्वारा किये गये जनकल्याण कार्य 984-985
13. राष्ट्र की विपक्षी पार्टियों का संगठन 985-986
14. उपप्रधानमंत्री चौ० देवीलाल 986-988
15. चौ० देवीलाल द्वारा ग्रामीणों के उत्थान के लिए कार्य 988
चौधरी बंसीलाल
1. विशेषतायें, जन्म, शिक्षा तथा व्यवसाय 989
2. चौ० बंसीलाल का राजनीति में प्रवेश 989
3. चौ० बंसीलाल हरयाणा मुख्यमंत्री पद पर 989-992
4. मुख्यमन्त्री चौ० बंसीलाल द्वारा हरयाणा में उन्नति 992-993
5. चौ० बंसीलाल की अन्य घटनायें 993-994
एकादश अध्याय: कुछ जाट गोत्रों का संक्षिप्त वर्णन
1. उत्पल-उप्पल 995
2. कादयान-कदियान-कादू 995-996
3. शिवराण-श्योराण 996-997
4. फौगाट 997-998
5. गुलिया-गुल्या-गुलेया 998-999
6. देशवाल 999-1000
7. दलाल 1000-1003
8. डबास 1003-1004
9. हूडा-हूड्डा-हाडा 1004-1006
10. खोखर 1006-1010
11. धनखड़, धनकड़, धनकर 1010-1012
12. चाहर-चाहल 1012-1014

जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत, पृष्ठान्त-xxvi


विषय पृष्ठ
13. 1014
14. 1014
15. 1014
16. गढ़वाल 1015
17. राणा 1016
18. गुहिलोत, गुहिलावत-मुण्डतोड़ गहलावत 1017-1021
19. रघुवंशी सिकरवार 1021
20. सलकलान 1021-1022
21. भिण्ड तंवर 1022
22. तंवर आनन्द 1023
23. रावत 1023
24. राव या सराव 1024
25. सहरावत 1024
26. खिरवार या खरे 1024
27. डागर-डागुर-डीगराणा 1024-1025
28. ग्रेवाल-ग्रहवार-गहरवार 1025-1026
29. हाला 1026-1027
30. सारन 1028
31. रणधावा 1028
32. गिल-शेरगिल 1028-1030
33. हंसा 1030
34. लौरे या लौरा 1030-1031
35. भयाण एवं जागलान 1031
जाट पताका गान 1032
परिशिष्ट-1
जाटगोत्रावली 1033-1057
परिशिष्ट-2
जाट वीरों के नाम पर देश-विदेश में प्रचलित संवत्, महाद्वीप, देश, प्रांत, क्षेत्र, नगर, गांव, दुर्ग, पर्वत, सागर, झील, नदी आदि की सूची 1058-1064
संदर्भ स्रोतों की सूची 1065-1067
कुशल उद्योगपति चौ० चेतीलाल वर्मा 1068-1069
दानी वीरों की सूची 1070

जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत, पृष्ठान्त-xxvii



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