Hindol

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Hindol (हिंडोळ) Hindaul (हिंडौल)[1] Hindol (हिंडोल) Hindole (हिंडोले)[2] Hindaul (हिंडौल) Hindaul (हिंदौल)/ Hindraul (हिंद्रौल)[3]is gotra of Jats found in Uttar Pradesh, Rajasthan, and Madhya Pradesh.

Origin

The Gotra is believed to be associated with the mythology of Hiranyakashyapa (हिरण्यकश्यप) and Prahlada mentioned in Bhagavata Purana. Local tradition tells us that Hindon was the capital of Hiranyakashyapa, father of Prahlada. Due to this fact the area is known as 'Hiranakus Ki Kher'. 'Kher' in local language means capital.

History

Villages founded by Hindol clan

  • Hindaun was founded by Hindol gotra of Jats.

जगरोटी की खाप

हिंडोन करौली जिले में है। जगरोटी शब्द जटरोति शब्द का ही बिगड़ा रूप है। आज भी यहाँ पर कई गाँव के नाम के पीछे जट शब्द का उपयोग हुआ है। जैसे कलवारी जट, जटवारा ,बर्रा जट ,वाई जट , जट्स्थाना, और भी कई गाँव है। इस खाप में जाटों के 84 से अधिक गाँव है हिंडौल गोत्र के जाटो ने हिंडोन को बसाया था महाराजा सूरजमल ने वहान सिंह हिंडौल को कोसी अलीगढ में जागीर दे दी थी।

आज अलीगढ जिले में हिंडोल गोत्र के 22 गाँव है जिनमें से कुछ के नाम दिसवारा , रनसुरा हैं। वहान सिंह के चार बेटे थे उनके चार बेटों के नाम मानसिंह, विजयराम, जीवर राम, चुरामन था । मानसिंह ने मान गाँव, चुरामन ने चुहरा गाँव , विजयराम ने पिठैर गाँव व जीवरराम ने दिसवार गाँव बसाया जो अलीगढ़ जिले में है। इस तरह हिंडोल गोत्र राजस्थान छोड़ कर उत्तर प्रदेश में चला गया और हिंडोन की जागीरी बेनीवाल जाटों के पास आगयी।

कुछ सालों के बाद बेनीवालों के सरदार के केवल एक लड़की हुई। पंडित को एक अच्छा रिश्ता लाने को कहा। पंडित जी ने बताया कि एक डागर जाटों का काफिला पास ही में रुका हुआ है। उनमे एक सुन्दर लड़का है। लड़का सरदार को पसंद आ गया और उस बेनीवाल सरदार की लड़की की शादी डागुर लड़के से हो गयी | धीरे धीरे बेनीवाल जाट कोसी के इलाके में चले गये और डागुर जाट जांगल प्रदेश से आकर बसते गये बेनीवालों का दामाद होने के कारण जागीरी डागर जाटों को मिल गयी डागर जाट जांगल प्रदेश से आये थे कुछ समय बाद और डागर गोत्र के काफिले हिंडोन एरिया में बस गये और बेनीवाल गोत्र कोशी की तरफ चले गये जहा आज भी बेनीवालों के गाँव है। उन में ही लक्ष्मी नारायण चौधरी का जन्म हुआ है जो उत्तर प्रदेश में मिनिस्टर रहे हैं।

डागुर जाटों की जनसंख्या बढ गयी। यहाँ पर डागर को डागुर बोला जाता है आज डागुर जाटों के 24 गाँव है, बेनीवाल जाटों के 8 गाँव, हंस गोत्र के 3 गाँव, तंवर (तोमर ) गोत्र के 6 गाँव है। सोलंकी गोत्र के 10 गाँव हैं। सबसे बड़ा गाँव भी सोलंकी जाटो का है। देशवालों के 2 गाँव , इन्दोलिया , भाकर, बसरे , अकोदिया , जखौदिया (तंवर ), नशवारिया, और भी कई गोत्र है। खाप में करौली जिले के कुछ गाँव तथा दौसा, सवाईमाधोपुर जिलों के कुछ गाँव आते है। खाप के गाँव में शादी के अवसर पर बैंड बजाने की पाबन्दी है।

लेखक: मानवेन्द्र सिंह तोमर

Distribution in Uttar Pradesh

They live in Districts Aligarh and Mathura in Uttar Pradesh. They are in tehsil Igalas in Aligarh district of Uttar Pradesh. Moja Sāthanī, Mān, Chuhara, Diswar, Ransura, Jogpur, Konga, Bhagu, Pithair, Loriya

Distribution in Rajasthan

Hindol or Hindaul gotra Jats are found in Hindon tehsil of Jaipur district.

Distribution in Madhya Pradesh

Villages in Khargone district

Bhikangaon (tah. Khargone)

Villages in Gwalior district

Gwalior

History

The local tradition tells that prior to the rule of Maharaja Suraj Mal in tehsil Igalās in Aligarh district of Uttar Pradesh, the then Rajput Raja of Jaipur pressurized the Jats to have marital relations with Muslims. Jats opposed it but could do nothing to force the Jaipur Raja. So they left this ancestral land and moved to Hindaun area in Jaipur district. The Hindaul gotra of Jats is still found in Hindaun tehsil, which got its name after the Hindaul gotra of Jats.[4]

Later Maharaja Suraj Mal offered the jagir of nearby village Sāthanī to one warrior Vāhan Singh Hindaul. He had four sons namely, Mān Singh, Chūraman, Vijayram and Jivarām. Mān Singh founded village Mān, Chūraman founded village Chūharā, Vijayram founded village Pithair and Jivarām founded village Diswār. Man Singh had four sons namely, Bakshi Singh, Chandan Singh, Umraj Singh and Balwant Singh. [5]

Hindols migrated from Rajasthan to Uttar Pradesh during the rule of Maharaja Suraj Mal. There are 22 villages of Hindol gotra. These are Moja Sāthanī, Mān, Chuhara, Diswar, Ransura, Jogpur, Konga, Bhagu, Pithair, Loriya etc.[6]

Notable persons from Hindol gotra

  • Viri Singh - In the fourth generation of Bakshi Singh was born Viri Singh, who was a man of strenth and got closed the kattikhānā situated near the village in Jawahargaon on his own. He went alone with the sword in kattikhānā and hacked many kasāis there and handed over rest to the police. Viri Singh was the companion of revolutionary freedom fighter Chandra Shekhar Ajad. Viri Singh used to supply weapons to him. Viri Singh’s father had been the sarpanch of the village for 23 years and the Pradhan also. There is a dharmsala in his name in Iglas.
  • Badān Singh
  • Vikram Singh of Sathani,
  • Balvir Singh, his sons Jagvir Singh and Jawahar Singh[7]
  • Bhure Lal
  • GiriRaj Singh,
  • Hira Lal,
  • Khusi Ram,

References


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