Ratangarh

From Jatland Wiki
Jump to: navigation, search
Location of Ratangarh in Churu district

Ratangarh (रतनगढ) is a town and tahsil of Churu district in Rajasthan, India. Ratangarh is famous for grand havelis with frescoes, which is specialty of the Shekhawati region. Ratangarh is also famous for its handicraft work. Its old name was Kolasar, which was converted to present name by Raja Surat Singh in name of his son Kunwar Ratan Singh in 1803.[1] It was part of ancient Jangladesh region.

Contents

Demographics

As of 2001 Census India , Ratangarh had a population of 63,463. Males constitute 51% of the population and females 49%. Ratangarh has an average literacy rate of 63%, higher than the national average of 59.5%: male literacy is 72%, and female literacy is 53%. In Ratangarh, 17% of the population is under 6 years of age.

Geography

Ratangarh is located at 28.08|N|74.6|E[2]. It has an average elevation of 312 metres (1023 feet). It is midway between Jaipur and Bikaner on National Highway-11.

Ratangarh is situated in the Thar Desert. There are so many Temples in Ratangarh, That's why Ratangarh is called "Kashi" of Rajasthan. Ratangarh is not situated in planes but on the "Dhora's" (Big sand dunes). Even the colonies in town are named after these "Dhoras" like "Holi dhora".

Jat Gotras

List of Villages in Ratangarh tehsil

Location of Ratangarh in Churu district

Abadsar, Alsar, Alsar Bas, Bachharara Bara, Bachharara Chhota, Badhan Ki Dhani, Balrampura, Bandwa, Barjangsar, Biramsar, Bhanuda Bidawatan, Bhanuda Charan, Bharpalsar Bidawatan, Bharpalsar Charan, Bharpalsar Ladkhaniyan, Bhawandesar, Bhinchari, Bhojasar, Bhukhredi, Binadesar Bidawatan, Binadesar Siddhan, Budhwali, Chainpura, Chak Jaleu, Chak Ratangarh, Champawa, Charanwasi, Chhabri Khari, Chhabri Meethi, Chhajusar, Chhotriya, Dassusar, Daudsar, Dipsar, Derajsar, Devipura, Fransa, Ghumanda, Gogasar, Golsar, Gopalpuriya, Gorisar, Gusainsar, Hamusar, Hansasar, Hanumanpura, Hardesar, Haripura, Hudera Agoona, Hudera Athoona, Hudera Siddhan, Jaitsar, Jaleu Bari, Jaleu Chhoti, Jaleu Ratangarh, Jandwa, Jegniya Bidawatan, Jegniya Bikan, Jorawarpura, Kadiya, Kangar, Kanwari, Khariya, Kothdi, Khudera Beekan, Khudera Bidawatan, Khudera Charan, Kusumdesar, Lachhasar, Ladhasar, Loha, Lunsar, Lunch, Malasar, Malpur, Melusar, Manasar, Molisar Chhota, Nausariya, Nunwa, Pabusar, Parihara, Parihari, Parsneu, Payli, Prem Nagar, Raghunathpura Ratangarh, Rajaldesar, Ratangarh, Ratansara, Ratnadesar, Rukhasar, Sangasar, Sanwatiya, Sathro, Sitsar, Sehla, Sikrali, Simsiya Bidawatan, Simsiya Purohitan, Sulkhaniya, Thathawata, Tidiyasar,

History

रतनगढ़ तहसील की संस्कृति अति प्राचीन है | बीकानेर संग्रहालय में रखा हुआ रतनगढ़ क्षेत्र में प्राप्त 11 वीं सदी का प्रस्तर फलक (नृत्यलीला) एवम् संवत 1309 अंकित सती देवली जो गाँव हुडेरा में है इसके जीवन्त प्रमाण है | रतनगढ़ नगर की स्थापना संवत 1955 से 1970 (सन 1719 से 1913) को मध्य बीकनेर रियासत के तत्कालीन महाराज सुरतसिंह ने अपने पुत्र रतनसिंह के नाम पर की थी | इसके पहले यहाँ कोलासरराजीया की ढाणीयाँ थी | मठ्ठाधीश शिवालय (16 वीं शताब्दी - कोलासर) साधुओं की बगीची, माता करणी मन्दिर के पिछाड़ी की सराफों की हवेली की आज भी कोलासरराजीयों की ढा़णी की सौगात के रुप में दो शताब्दियों के बाद भी मौजूद है | क्षेत्र की भाषा डिंगलयुक्त राजस्थानी है |[3]

भूगोल

रतनगढ़ संभाग भारत गणराज्य के राजस्थान प्रान्त के चूरु मन्डल का उपमन्डल है जिसमें रतनगढ़ व सुजानगढ़ तहसीलें शामिल हैं| इसके उत्तर पूर्व में चूरु, उत्तर में सरदारशहर, दक्षिण में सुजानगढ (चूरु जिला) पश्चिम में श्री डूंगरगढ़ व दक्षिणपूर्व में फतेहपुर (लक्ष्मणगढ़) तहसील की सीमायें है| 27.5 डिग्री उत्तर अक्षांस व 34.37 डिग्री पूर्व देशान्तर में राजस्थान के उत्तरपूर्व भाग में रतनगढ़ की स्थिति समुद्रतल से औसतन उँचाई 308 मीटर है| तहसील का कुल क्षेत्रफल 169976 हेक्टर है जिसमें कृषी वा चरागाह की भूमि प्रायः 150000 हेक्टर है| पठार के नाम पर बिरमसर की डूंगरी है| भूमि बालुकामय है| सन् 2007 को जनगणना सर्देक्षण के अनुसार तहसील की जनसंख्या एकमात्रनगर रतनगढ़ के 63463, मात्र कस्बे राजलदेसर की 22736, उपकस्बा पड़िहारा व 101 गाँवों की 157030 यानि कुल जनसंख्या 244330 थी। तहसीलके मूलनिवासी बहुत बड़ी तादाद में प्रवासी बन गये है जो उपरोक्त गणना में शामिल नही है।[4]

जाट बौद्धिक मंच और प्रतिभा सम्मान समारोह रतनगढ: दिनांक 19.10.2014

जाट बौद्धिकमंच और प्रतिभा सम्मान समारोह दिनांक 19.10.2014

रतनगढ में जाट बौद्धिकमंच और प्रतिभा सम्मान समारोह दिनांक 19.10.2014 को ग्रामीण किसान छात्रावास रतनगढ में आयोजित किया गया. समारोह में 10 वीं और 12 वीं कक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया गया.

समारोह में उपस्थित मुख्य महानुभाव थे -

लक्ष्मण राम बुरड़क - मुख्य अतिथि

दूला राम सहारण - विशिष्ठ अतिथि

ताराचंद पायल - अध्यक्ष

भंवर लाल डूडी - अध्यक्ष जाट बौद्धिक मंच

मुकंदा राम नेहरा - सचिव

पूरा राम गांधी - कार्यक्रम संचालक

कार्यक्रम में सम्मानित विद्यार्थी:

हेत राम धेतरवाल - आइ आइ टी में चयन

शुभम हुड्डा - एम बी बी एस में चयन

अनिता डूडी - एम बी बी एस में चयन

भानी राम सारण - एम बी बी एस में चयन

कमलेश खीचड़ - एम बी बी एस में चयन

पूनम खीचड़ - बी वी एस में चयन

राकेश बिजारणिया - राज्य सेवा में चयन

रुकमा नंद भींचर - राज्यपाल द्वारा सम्मानित शिक्षक

Notable persons

Notable Institutions

External links

References

  1. Churu Janpad Ka Jat Itihas by Daulat Ram Saran Dalman
  2. Falling Rain Genomics, Inc - Ratangarh
  3. http://www.ratangarhnagrikparishad.com/article/article1.htm.
  4. http://www.ratangarhnagrikparishad.com/article/article1.htm.
  5. http://www.swamikeshwanand.com/Donors%20List.aspx sn 222
  6. http://www.swamikeshwanand.com/Donors%20List.aspx sn 222

Back to Jat Villages