Telangana

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Author:Laxman Burdak, IFS (R)

Telangana State

Telangana (तेलंगाना) is 29th state in India with Hyderabad as its historic permanent capital. On 2 June 2014, the area was separated from the northwestern part of Andhra Pradesh as the newly formed state. Its other major cities include Warangal, Nizamabad, Khammam and Karimnagar.

Variants

Location

Telangana is bordered by the states of Maharashtra to the north, Chhattisgarh to the east, Karnataka to the west, and Andhra Pradesh to the east and south. The terrain of Telangana region consists mostly of hills, mountain ranges, and thick dense forests. The state of Telangana is divided into 33 districts.

Etymology

A popular etymology derives the word "Telangana" from Trilinga desa ("land of three lingas"), a region so called because three important Shaivite shrines were located here: Kaleshwaram, Srisailam and Draksharama.[1]

According to Jayadhir Thirumala Rao, a former director of Andhra Pradesh Oriental Manuscripts Library and Research Centre, the name Telangana is of Gondi origin. Rao asserts that it is derived from "Telangadh", which according to him, means "south" in Gondi and has been referred to in "Gond script dating back to about 2000 years".[2]

One of the earliest uses of a word similar to Telangana can also be seen in a name of Malik Maqbul (14th century CE), who was called the Tilangani, which implies that he was from Tilangana. He was the commander of the Warangal Fort (Kataka Pāludu).[3]

A 16th-century travel writer, Firishta, recorded in his book:

During the just reign of Ibrahim Kootb Shah, Tulingana, like Egypt, became the mart of the whole world. Merchants from Toorkistan, Arabia and Persia resorted to it; and they met with such encouragement that they found in it inducements to return frequently. The greatest luxuries from foreign parts daily abounded at the king's hospitable board.[4]

The word "Telinga" changed over time to "Telangana" and the name "Telangana" was designated to distinguish the predominantly Telugu-speaking region of the erstwhile Hyderabad State from its predominantly Marathi-speaking one, Marathwada. After Asaf Jahis ceded the Seemandhra region to the British, the rest of the Telugu region retained the name Telingana and the other parts were called Madras Presidency's Circars and Ceded.[5]

History

Telangana was governed by many rulers, including the Maurya Empire (320 BCE to 180 BCE), Satavahana dynasty (180 BCE to 220 CE), Vakataka dynasty (250CE - 500CE), Chalukya dynasty (543CE - 753CE), Rashtrakuta dynasty ( 753CE - 982CE), the Kakatiya Dynasty (1083CE –1323CE), the Musunuri Nayaks (1326–1356) the Delhi Sultanate, the Bahmani Sultanate (1347–1512), Vijayanagara Empire (1336–1646), Qutb Shahi dynasty (1512–1687), Mughal Empire (1687–1724) and Asaf Jahi Dynasty (1724–1948).

Early history: The Satavahana dynasty (230 BCE to 220 CE) became the dominant power in this region. It originated from the lands between the Godavari and Krishna rivers and was based at Amaravathi and Dharanikota.[6] After the decline of the Satavahanas, various dynasties, such as the Vakataka, Vishnukundina, Chalukya, Rashtrakuta and Western Chalukya, ruled the area.[7]

Kakatiya Dynasty: Ramagiri Fort ruins at Kalvacherla in Peddapalli district is an ancient fort initially built by the Sathavahanas and modified many times by other dynasties till 16th century.

The Telangana area experienced its golden age during the reign of the Kakatiya dynasty, which ruled most parts of the present-day Andhra Pradesh and Telangana from 1083 to 1323 CE.[8] Rudrama Devi and Prataparudra II were prominent rulers from the Kakatiya dynasty. The dynasty weakened with the attack of Malik Kafur in 1309 and was dissolved after the defeat of Prataparudra by the forces of Muhammad bin Tughluq in 1323.[9]

Qutb Shahi and Asaf Jahi's: The area came under the rule of the Delhi Sultanate in the 14th century, followed by the Bahmani Sultanate. Quli Qutb Mulk, a governor of Golkonda, revolted against the Bahmani Sultanate and established the Qutb Shahi dynasty in 1518. On 21 September 1687, the Golkonda Sultanate came under the rule of the Mughal emperor Aurangzeb after a year-long siege of the Golkonda fort.[10]

In 1712, Qamar-ud-din Khan was appointed by emperor Farrukhsiyar as the viceroy of Deccan with the title Nizam-ul-Mulk (meaning "Administrator of the Realm"). He was later recalled to Delhi, with Mubariz Khan appointed as the viceroy. In 1724, Qamar-ud-din Khan defeated Mubariz Khan to reclaim the Deccan suba, establishing it as an autonomous province of the Mughal empire. He took the name Asif Jah, starting what came to be known as the Asif Jahi dynasty. He named the area Hyderabad Deccan. Subsequent rulers retained the title Nizam ul-Mulk and were called Asif Jahi Nizams or nizams of Hyderabad. The Medak and Warangal divisions of Telangana were part of their realm.[11]

When Asif Jah I died in 1748, there was political unrest due to contention for the throne among his sons, who were aided by opportunistic neighbouring states and colonial foreign forces. In 1769, Hyderabad city became the formal capital of the Nizams. The Nizam Nasir-ud-dawlah, Asaf Jah IV signed the Subsidiary Alliance with the British in 1799 and lost its control over the state's defence and foreign affairs. Hyderabad State became a princely state among the presidencies and provinces of British India.[12]

तेलंगाना

विजयेन्द्र कुमार माथुर[13] ने लेख किया है ...तेलंगाना (AS, p.411)- शायद त्रिकलिंग का रूपांतर है. मैसूर व आंध्र के तेलुगुभाषी प्रदेश को तेलंगाना कहा जाता है. ( दे. त्रिकलिंग)

तेलंगाना परिचय

तेलंगाना भारत के आन्ध्र प्रदेश राज्य से अलग होकर बनने वाला 29वाँ नवगठित राज्य है। हैदराबाद को दस साल के लिए तेलंगाना और आन्ध्र प्रदेश की संयुक्त राजधानी बनाया गया है। यह परतन्त्र भारत के हैदराबाद नामक राजवाडे के तेलुगू भाषी क्षेत्रों से मिलकर बना है। 'तेलंगाना' शब्द का अर्थ है - 'तेलुगूभाषियों की भूमि'। गौरतलब है कि 1,14,800 वर्ग किलोमीटर में फैले तेलंगाना में आंध्र प्रदेश के 23 ज़िलों में से 10 ज़िले हैदराबाद, रंगारेड्डी, मेदक, नलगोंडा, महबूबनगर, वारंगल, करीमनगर, निज़ामाबाद , आदिलाबाद और खम्मम आते हैं। आंध्र प्रदेश की 294 में से 119 विधानसभा क्षेत्र और 17 लोकसभा क्षेत्र भी इसी में आते हैं। क़रीब 3.5 करोड़ आबादी वाले तेलंगाना की भाषा तेलुगु और दक्कनी उर्दू है। तेलंगाना को एक अलग राज्य बनाने की मांग काफ़ी पहले से ही की जाती रही थी और इसके लिए आंदोलन भी किया जाता रहा।

इतिहास: तेलंगाना मूल रूप से निज़ाम की हैदराबाद रियासत का हिस्सा था। 1948 में भारत ने निज़ाम की रियासत का अंत कर दिया और हैदराबाद राज्य का गठन किया गया। 1956 में हैदराबाद का हिस्सा रहे तेलंगाना को नवगठित आंध्र प्रदेश में मिला दिया गया। निज़ाम के शासनाधीन रहे कुछ हिस्से कर्नाटक और महाराष्ट्र में मिला दिए गए। भाषा के आधार पर गठित होने वाला आंध्र प्रदेश पहला राज्य था।

तेलंगाना आंदोलन: चालीस के दशक में कामरेड वासुपुन्यया की अगुवाई में कम्‍युनिस्टों ने पृथक् तेलंगाना की मुहिम की शुरूआत की थी। उस समय इस आंदोलन का उद्देश्य था भूमिहीनों को भूपति बनाना। छह वर्षों तक यह आंदोलन चला लेकिन बाद में इसकी कमर टूट गई और इसकी कमान नक्सलवादियों के हाथ में आ गई। आज भी इस इलाक़े में नक्सलवादी सक्रिय हैं। 1969 में तेलंगाना आंदोलन फिर शुरू हुआ था। दरअसल दोनों इलाक़ों में भारी असमानता है। आंध्र मद्रास प्रेसेडेंसी का हिस्सा था और वहाँ शिक्षा और विकास का स्तर काफ़ी ऊँचा था जबकि तेलंगाना इन मामलों में पिछड़ा है। तेलंगाना क्षेत्र के लोगों ने आंध्र में विलय का विरोध किया था। उन्हें डर था कि वो नौकरियों के मामले में पिछड़ जाएंगे। अब भी दोनों क्षेत्र में ये अंतर बना हुआ है। साथ ही सांस्कृतिक रूप से भी दोनों क्षेत्रों में अंतर है। तेलंगाना पर उत्तर भारत का ख़ासा प्रभाव है।

आंदोलन का शुरुआती प्रभाव: शुरुआत में तेलंगाना को लेकर छात्रों ने आंदोलन शुरू किया था लेकिन इसमें लोगों की भागीदारी ने इसे ऐतिहासिक बना दिया। इस आंदोलन के दौरान पुलिस फ़ायरिंग और लाठी चार्ज में साढे तीन सौ से अधिक छात्र मारे गए थे। उस्मानिया विश्वविद्यालय इस आंदोलन का केंद्र था। उस दौरान एम. चेन्ना रेड्डी ने 'जय तेलंगाना' का नारा उछाला था लेकिन बाद में उन्होंने अपनी पार्टी तेलंगाना प्रजा राज्यम पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया। इससे आंदोलन को भारी झटका लगा। इसके बाद इंदिरा गांधी ने उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया था। 1971 में नरसिंह राव को भी आंध्र प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया था क्योंकि वे तेलंगाना क्षेत्र के थे।

पृथक राज्य का गठन: 7 फ़रवरी, 2014 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विधेयक पास करके और हैदराबाद को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की सीमांध्र नेताओं की मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद सीमांध्र और तेलंगाना सांसदों के बीच हंगामे और झड़प के बीच विधेयक लोकसभा में पेश किया गया। 18 फ़रवरी, 2014 को लोकसभा ने तेलंगाना विधेयक पास कर दिया और फिर अगले ही दिन किरण रेड्डी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 20 फ़रवरी, 2014 को राज्य सभा ने विधेयक पास किया। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सीमांध्र के लिए पैकेज की घोषणा कर दी। 1 मार्च, 2014 को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने तेलंगाना विधेयक पर अपनी सहमति दे दी और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ। इसके बाद 30 अप्रैल, 2014 को 119 सदस्यीय तेलंगाना विधानसभा और 17 लोकसभा सीटों पर एक साथ चुनाव हुए। 2 जून, 2014 को नए राज्य के रूप में तेलंगाना का जन्म हुआ और के. चंद्रशेखर राव ने राज्य के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

संदर्भ: भारतकोश-तेलंगाना

त्रिकलिंग

विजयेन्द्र कुमार माथुर[14] ने लेख किया है ... त्रिकलिंग (AS, p.414): त्रिकलिंग का उल्लेख कलचुरि नरेश कर्णदेव के अभिलेखों में हुआ है। अभिलेख में 'त्रिकलिंग' नाम से तेलंगाना (आंध्र और मैसूर का तेलुगू प्रदेश) देश का अभिधान किया गया है। कुछ ऐतिहासिकों के अनुसार आंध्र, अमरावती और कलिंग का संयुक्त नाम ही 'त्रिकलिंग' था। त्रिकलिंग को कर्णदेव ने जीत कर अपने राज्य में मिला लिया था। अन्य विद्वानों के अनुसार यह उड़ीसा के उत्कल, कोंगद और कलिंग का संयुक्त नाम था। कुछ लेखकों का मत यह भी है कि त्रिकलिंग उत्तरी कलिंग का नाम था। (दे. महताब हिस्ट्री ऑफ़ उड़ीसा, पृष्ठ 3)

Administrative divisions

The state is divided into 33 districts two new districts Mulugu and Narayanpet were formed on 17 Feb 2019. The districts in the state are:

District Headquarters Earlier part of
Adilabad Adilabad Adilabad
Bhadradri Kothagudem Kothagudem Khammam
Hyderabad Hyderabad Hyderabad
Jagtial Jagtial Karimnagar
Jangaon Jangaon Warangal, Nalgonda
Jayashankar Bhupalpally Bhupalpally Warangal
Jogulamba Gadwal Gadwal Mahabubnagar
Kamareddy Kamareddy Nizamabad
Karimnagar Karimnagar Karimnagar
Khammam Khammam Khammam
Kumaram Bheem Asifabad Asifabad Adilabad
Mahabubabad Mahabubabad Warangal, Khammam
Mahbubnagar Mahbubnagar Mahbubnagar
Mancherial Mancherial Adilabad
Medak Medak Medak
Medchal–Malkajgiri Shamirpet Ranga Reddy
Mulugu Mulugu Jayashankar Bhupalapally
Nagarkurnool Nagarkurnool Mahabubnagar
Nalgonda Nalgonda Nalgonda
Narayanpet Narayanpet Mahabubnagar
Nirmal Nirmal Adilabad
Nizamabad Nizamabad Nizamabad
Peddapalli Peddapalli Karimnagar
Rajanna Sircilla Sircilla Karimnagar
Ranga Reddy Shamshabad Ranga Reddy
Sangareddy Sangareddy Medak
Siddipet Siddipet Medak
Suryapet Suryapet Nalgonda
Vikarabad Vikarabad Ranga Reddy
Wanaparthy Wanaparthy Mahabubnagar
Warangal Rural Geesugonda Warangal
Warangal Urban Warangal Warangal
Yadadri Bhuvanagiri Bhongir Nalgonda

Notable persons

दुर्वासा काशीराम सिंह (जाट), 09347950868, संस्थापक और अध्यक्ष, जाट सेवा संघ तेलंगाना, मुख्य कार्यालय :म. न. 9-5-106, रामदेवगुडा, हैदराबाद- 500031, तेलंगाना।

External links

References

  1. Phillip B. Wagoner (1986). Mode and meaning in the architecture of early medieval Telangana (C. 1000-1300). University of Wisconsin-Madison.
  2. "Earliest reference to Telangana found not in Telugu, but Gond language - Times of India".
  3. Sri Marana Markandeya Puranamu, ed. [clarification needed] G. V. Subrahmanyam, 1984, Andhra Pradesh Sahitya Academy, Hyderabad.
  4. John Norman Holister (1953). The Shia of India (PDF). p. 123.
  5. "India Today • An encyclopedia of life in the Republic" • Vol. 1. Arnold P. Kaminsky and Roger D. Long, editors. ABC ‑ CLIO.
  6. The Rough Guide to India. Penguin. 2011. Rise of the south section.
  7. Ratnakar Sadasyula (4 March 2014). "A brief history of Telangana and Andhra Pradesh". DNA.
  8. Ratnakar Sadasyula (4 March 2014). "A brief history of Telangana and Andhra Pradesh". DNA.
  9. A Social History of the Deccan: 1300–1761, R. M. Eaton, 2005, Cambridge University Press, pp. 15–26, ISBN 0-521-25484-1
  10. Richards, J. F. (1975). "The Hyderabad Karnatik, 1687–1707". Modern Asian Studies. Cambridge University Press. 9 (2): 241–260. doi:10.1017/S0026749X00004996.
  11. http://mahabubnagar.tripod.com/Nizam_Dynasty.htm
  12. http://mahabubnagar.tripod.com/Nizam_Dynasty.htm
  13. Aitihasik Sthanavali by Vijayendra Kumar Mathur, p.411
  14. Aitihasik Sthanavali by Vijayendra Kumar Mathur, p.414