Kukura

From Jatland Wiki
Jump to: navigation, search
Kukara Ancestry

Kukara (कुकर) was a Chandravanshi Kingdom during Mahabharata period. It is identified with eastern Rajasthan.

As per Bhagavata Purana ancestry of Kukura was as under:

AndhakaKukuraBahniVilomanKapotaromanAnu → → AndhakaDundubhiAvidyotaPunarvasuAhukaUgrasenaKansa

Jat Gotras from Kukara

  • Kokorani (कोकोराणी) gotra of Jats were habitants of republic of Kukura during Mahabharata period. [1]

In Mahabharata

Mahabharata: At (5,103) (Matali's history)[4] the name of principal Naga chiefs were mentioned as:-

Elapatra, Kukura, Kukuna, Aryaka etc.

Kukura (कुकुर) - A very ancient northwestern Mahabharata tribe and branch of the Yadava confederacy. Mentioned in Mahabharata (geography' (VI. 10.41) and the tribute list (II.48.14). Supported Duryodhana in the war (VI. 47.7) .

संस्दानाः शूरसेनाश च वेणिकाः कुकुरास तदा
आरेवकास तरिगर्ताश च मथ्रका यवनास तदा (VI.47.7)
अम्बष्ठाः कौकुरास तार्क्ष्या वस्त्रपाः पह्लवैः सह
वसातयः समौलेयाः सह कषुद्रकमालवैः (II.48.14)
The Mahabharata Tribe - Kukura (कुकुर) may be identified with Jat Gotra - Khokhar/Kukar/Kukal which is a derivative of Kukar. Khokhars are mentioned in Vayu Purana and Visnu Purana as 'Kokarakas'. [5] [6]

मत्स्य पुराण

कृष्ण वंशावली में बभ्रु के संयोग से कंक की कन्या ने कुकुर, भजमान, शशि और कम्बलबर्हिष नामक चार पुत्रों को जन्म दिया। कुकुर का पुत्र वृष्णि,* वृष्णि का पुत्र धृति, उसका पुत्र कपोतरोमा, उसका पुत्र तैत्तिरि, उसका पुत्र सर्प, उसका पुत्र विद्वान् नल था। नल का पुत्र दरदुन्दुभि* नाम से कहा जाता था ॥51-63॥ नरश्रेष्ठ दरदुन्दुभि पुत्रप्राप्ति के लिये अश्वमेध-यज्ञ का अनुष्ठान कर रहे थे उस विशाल यज्ञ में पुनर्वसु नामक पुत्र प्रादुर्भूत हुआ। पुनर्वसु अतिरात्र के मध्य में सभा के बीच प्रकट हुआ था, इसलिये वह विदान्, शुभाशुभ कर्मों का ज्ञाता, यज्ञपरायण और दानी था।

बुद्धिमानों में श्रेष्ठ राजन्! पुनर्वसु के आहुक नामक पुत्र और आहुकी नाम की कन्या- ये जुड़वीं संतान पैदा हुई। इनमें आहुक अजेय और लोकप्रसिद्ध था।

References

  1. Dr Mahendra Singh Arya, Dharmpal Singh Dudee, Kishan Singh Faujdar & Vijendra Singh Narwar: Ādhunik Jat Itihas (The modern history of Jats), Agra 1998,p.227
  2. Elliot and Dowson, op. cit., and Tribes and Castes, Vol.II
  3. Bhim Singh Dahiya : Jats the Ancient Rulers, 1980, p. 262
  4. http://www.sacred-texts.com/hin/mbs/mbs05102.htm
  5. Elliot and Dowson, op. cit., and Tribes and Castes, Vol.II
  6. Bhim Singh Dahiya : Jats the Ancient Rulers, 1980, p. 262

Back to The Ancient Jats