Rawat

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Kanha Rawat (1640-1684)

Rawat (रावत)[1][2][3] Badrawat (बड़रावत) Barrawat (बड़रावत) Bar Rawat (बड़रावत) Badraya (बड़राया) is gotra of Jats found in Haryana, Uttar Pradesh, Punjab and Bihar. Bar Rawat have descended from branch of Jat clan. [4] Rawat (रावत) clan is found in Afghanistan. Rawat is variant of Rajwat (राजवत), a branch of Tanwars.[5] [6] They were supporters of Tomar Confederacy. [7]

Origin

History

Ram Swarup Joon[8] writes about Rawat, Sahrawat, Rae (Tanwar): Rai, Rao, Rawat and Sahrawat were only titles used by Tanwar sardars which later began to be used as gotras. The Rawat Jats have 800 villages in district Gurgaon and 8 villages in district Aligarh.

The capital of Sahrawats was Mohpalpur near Delhi where a very old house is still called a palace.

12 villages near Mehrauli belong to the Sahrawat Jats. In Haryana they are found in Kair, Dipalpur, Bhadani, Kultana and other villages, and some are found in district Meerut also.


Rawat (रावत) and Sahrawat were only titles used by Chandravanshi sardars which later began to be used as gotras. Rawat is variant of Rajwat (राजवत), a branch of Chandravanshis.[9] They are found in Haryana, Rajasthan, Madhya Pradesh, Gujrat.

Bahin (बहीन) village is the place of origin of Rawat Jats, situated 60 miles South of Delhi in Faridabad district Haryana.

Villages founded by Rawat clan

रावत गोत्र का इतिहास

ठाकुर देसराज लिखते हैं - बड़ रावत, बड़ राइया, रावत एक ही हैं। मि. ग्राउस साहब तो इनका प्रसिद्ध स्थान पुरा को ही बतलाते हैं, जो कि बहुत ही छोटी हालत मे रहा होगा। यद्यपि इन्हें ‘मथुरा मेमायर्स’ में पूर्ण स्वतन्त्र बताया गया है, किन्तु इनका विशेष हाल नहीं मिलता। पुरा गांव, मथुरा-भरतपुर सड़क के बारहवें मील के पास है। उसके पास ही एक गढ़ के निशान हैं। वह गढ़ कुन्तलों का था या रावतों का यह नहीं कहा जा सकता।

मुगल-काल से पहले तक हमारे देश में बहुत से छोटे-छोटे राज्य होते थे। एक-एक राजा के पास केवल दस गांव ही होते थे। कोई-कोई राज्य कुल-राज्य कहलाते थे। अर्थात् जितने गांव एक कुल के होते थे उन पर उनका ही राजा राज करता था। ऐसे सभी छोटे-छोटे राज्यों के इतिहास के लिये काफी समय और पृष्ठ चाहियें, किन्तु समयाभाव के कारण हम अब यू. पी. के प्रसिद्ध राज-घरानों का वर्णन करते हैं। [10]


दलीपसिंह अहलावत लिखते हैं - गुड़गांव में पलवल के पास 80 गांव और अलीगढ़ के इगलास के समीप 8 गांव और बिजनौर में जटपुरा रावत जाटों के सुप्रसिद्ध गांव हैं। रावत जाटों ने बल्लभगढ राज्य की स्थापना कराने में और भरतपुर नरेशों की युद्धों में सहायता करने में बड़ा यश उपार्जित किया था। परन्तु ये जाट स्वयं अपना स्थापित न कर सके। गुड़गांव जिले के पहाकी गांव के रावत जाट की पुत्री राजकौर भरतपुर नरेश महाराजा बलवन्तसिंह (सन् 1826-1853) की महारानी थी।[11]

Rawat Khap

Rawat Khap has 8 villages in Aligarh district, 6 villages in Agra district and 22 villages around Mahawan, Sadabad and Kosi Kalan in Uttar Pradesh. There are some villages in Gurgaon and Faridabad districts also. [12]

Badrawat Khap has two villages in Agra district. [13]

कान्हा रावत की मूर्ति का अनावरण

कान्हा रावत की मूर्ति

हरियाणा के जिले पलवल के गांव बहीन में शहीद कान्हा रावत की मूर्ति का अनावरण कार्यक्रम फरवरी 2014 में भरतपुर नरेश और डीग कुम्हेर के विधायक विश्वेंद्रसिंह ने किया। इस मौके पर सिंह ने शहीद कान्हा की शहादत को वीर गोकुला के समान बताते हुए कहा कि रावतों का भरतपुर से खून का संबंध है। इस मौके पर उन्होंने हरियाणा सरकार से गुडगांवा कैनाल के द्वारा भरतपुर व राजस्थान के हिस्से का पानी देने की मांग कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा के सीएम भूपेंद्रसिंह से की। ताकि लोगों को सिंचाई एवं जानवरों को पीने के लिए मीठा पानी मिल सके। इस पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा के सीएम भूपेंद्रसिंह ने शीघ्र ही पानी दिलाने का आश्वासन दिया। सिंह ने रावत जाट पाल की सरदारी द्वारा समाज सुधार के किए जा रहे कार्यों की सराहना की। अखिल भारतवर्षीय जाट महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री राम वीरसिंह वर्मा ने जाटों को आरक्षण दिए जाने की मांग की। कार्यक्रम में डा. बलराम जाखड़, करन सिंह दलाल, हर्ष कुमार सिंह, सांसद अवतार सिंह भड़ाना, डीएस तेवतिया, रामचंद्र बेंदा, डा. योगानंद शास्त्री, भगवान सहाय रावत आदि मौजूद थे।

Distribution

The Rawat Jats have 800 villages in district Gurgaon and 8 villages in district Aligarh. [14]

Rawat Khap in Mathura district has 12 villages.

Distribution in Uttar Pradesh

Villages in Bulandshahr district

Arronda, Jagdishpur (जगदीशपुर), Khakhunda,

Villages in Aligarh district

Balkhoda Khurd,

Villages in Mathura district

Faren, Guheta 10 Viswa, Guheta 7 Viswa, Lohaban, Paigaon, Pura,

Villages in Agra district

Bisalpur, Nainana Jat,

Villages in Firozabad district

Paliyado,

Villages in Bijnor district

Jatpura Bijnor,

Distribution in Haryana

Villages in Palwal district

Andhop, Bahin, Durgapur, Man Pur,

Villages in Gurgaon district

Pahaki, Siloni,

Distribution in Rajasthan

Villages in Bharatpur district

Rawat Khap in Bharatpur district has 11 villages:

Beelauth, Bharatpur, Dursi, Gadoli Bharatpur, Burela, Pala Gaon (100),

Distribution in Madhya Pradesh

Villages in Gwalior district

Birlanagar (Gwalior), Gwalior,

Distribution in Punjab

Villages in Ludhiana district

Distribution in Bihar

Rawat (रावत) gotra Jats found in Bihar.[15]

Notable persons from this clan

  • Mr. Puran Chand Rawat - Govt. Service Dy. Director Railway Bhawan Railways, Vasant Vihar, Near ITI Palwal, Distt. Faridabad Haryana, 011-23303906, 01275-245098 NCR (PP-679)
  • Rupa Rawat - HJS

References


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