Bamrauli Katara

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Note - Please click → Bamrauli for details of similarly named villages at other places.


Bamrauli Katara (बमरौली कटारा) is a large, historical village in Agra tahsil and Agra district in Uttar Pradesh.

Location

Origin

History

Rana is the ruling clan of Jat rulers of Gohad in Madhya Pradesh and Dholpur in Rajasthan. They were originally Bamraulias from Bamrauli village near Agra.

As per Rajputana Gazetteer, the Jagir of Bamrauli was transferred to Deshwal Jat zamindars of Bairath (near Alwar, Rajasthan) during the rule of Tomars in Delhi in 11th century. During Feroze Tughlaq's regime on Delhi, the satrap of Agra was Muneer Mohammad, who forced the Jats to leave the Bamrauli village in 1367. The Bamraulia Jats moved from Bamrauli to Gwalior region beyond Chambal River.

According to Cunningham and William Cook, Bamraulia gotra Jats from village Bamrauli founded the city Gohad near Gwalior in 1505. Later, it developed into an important Jat State.

Though Gohad was given to the Gwalior ruler the Rana of Gohad was in lieu of it given Dholpur that State continued till independence of India. The Jat rulers of Gohad were awarded the title of Rana.

कड़वास स्टेट

ठाकुर देशराज[1] ने लिखा है .... [पृ.567]: शिवि वंशी वीरभद्र की एक शाखा बमरोलिया जाटों की है। गोत्र इनका है राणाउत्तर प्रदेश के बमरोली गांव से मध्य भारत में जाने के कारण बमरोलिया गोत्र हुआ।

गोहद के राणाओं की यह एक शाखा है। गोहद मध्य भाग में मराठों के पहले एक शक्तिशाली राज्य था। महादजी सिंधिया ने जब गोहाद पर चढ़ाई की तो गोहाद को फतह करने में कुछ दिन तक नाकामयाब रहा।

आखिर महादजी सिंधिया की विजय हुई। तब उसने इस खानदान के कुछ प्रभावशाली लोगों को खुश रखने के लिए स्वतंत्र जागिरें दी। राजा अमानसिंह, अचलसिंह और ठाकुरदास जी को महादजी सिंधिया ने अकाझरी कैंप में बुलाकर अंताकी, कड़वास, अतरसोहा, छिरेटा, अंतऊआ, चित्तौड़ा आदि गांव जागीर में दिये।

अब यह स्टेट तीन हिस्सों में बटी हुई है। राजा उदयभान सिंह, श्री गणेशसिंह और दीवानसिंह इन तीनों हिस्सों के अधिपति हैं।

राजा उदयभान सिंह जी एक योग्य और शिक्षित सरदार हैं। सिंधिया हाई स्कूल में आपने शिक्षा पाई है। ग्वालियर राज्य सभा के प्रेसिडेंट रहे हैं। हिम्मत के आप बड़े धनी हैं। दुश्मन से घबराते नहीं हैं। आप


[पृ.568]: संत मत के अनुयाई हैं। आपके भतीजे भगवानसिंह जी श्री गणेशसिंह जी के सुपुत्र हैं। कौमी सेवा में भाग लेते हैं। ग्वालियर राज्य जाट सभा को उन्होंने अपनी सेवाएं दे रखी हैं। तीसरे दीवानसिंह जी का स्वर्गवास हो गया है। राजा उदयभान सिंह जी इस समय 42-43 साल के नौजवान व्यक्ति हैं और बड़े उत्साही हैं।

Jat Gotras

Population

Total population : 11489
(Males: 6131, Females: 5358)
(according to statistical data of Census 2011)[2]

Notable Persons

External Links

References


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